एटा 01 अगस्त उप्रससे। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने शनिवार को सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड को एक ज्ञापन दिया। इसमें प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की गई। संघ ने विधायक से इन मांगों को मुख्यमंत्री और विधानसभा में प्रमुखता से उठाने का अनुरोध किया, ताकि शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। जिला अध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि शिक्षामित्र पिछले 26 वर्षों से बेसिक शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित कर रहे हैं। अधिकांश शिक्षामित्र स्नातक और बीटीसी प्रशिक्षित हैं, तथा शिक्षक बनने की आवश्यक योग्यता रखते हैं। हालांकि, उन्हें अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है।
शिक्षामित्रों की प्रमुख मांगों में विभागीय टीईटी परीक्षा में उन्हें शामिल करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, टीईटी उत्तीर्ण लगभग 60 हजार शिक्षामित्रों का शिक्षक पद पर समायोजन करने की मांग की गई है। वर्ष 2017 के आंदोलन के दौरान एटा में 17 शिक्षामित्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की भी अपील की गई है।
अन्य मांगों में समायोजन होने तक 12 माह का मानदेय और 62 वर्ष तक सेवा का लाभ देना शामिल है। शिक्षामित्रों ने शिक्षकों की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा और बीमारी की स्थिति में बिना मानदेय कटौती के चिकित्सकीय अवकाश की भी मांग की है। साथ ही, मूल विद्यालय वापसी संबंधी शासनादेश को जल्द प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की गई है, जिससे दूरदराज में तैनात शिक्षामित्रों को राहत मिल सके।
शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों ने विधायक से इन लंबित मुद्दों पर सरकार के समक्ष मजबूती से हस्तक्षेप करने और न्याय दिलाने का प्रयास करने की अपेक्षा व्यक्त की। ज्ञापन सौंपने बालों में सुनहरी सिंह, किशन सिंह, सुनील चौहान, प्रशांत तिवारी, भील। यादव, भूपेंद्र यादव शामिल रहे हैं।
