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घाघरा नदी के रौद्र रूप को देख कटान पीड़ित अपना आशियाना उजड़ने को हुए मजबूर

July 30, 2026

घाघरा नदी के रौद्र रूप को देख कटान पीड़ित अपना आशियाना उजड़ने को हुए मजबूर

बलिया – बलिया में सरयू नदी के कटान का भयावह मंजर जारी है।गुरूवार को नदी का रौद्ररूप को देख लोग सहमें हुए है।नदी द्वारा निरंतर कटान किया जा रहा है।बैरिया तहसील क्षेत्र अन्तर्गत गोपालनगर टाड़ी गांव में नदी कहर बरपा रही है।नदी न केवल कृषि योग्य भूमि को तेजी से अपने में समाहित कर रही है।बल्कि लोगों के आशियाने को भी तेजी से निगल रही है। जिसकी वजह से लोग अपनी गाढ़ी कमाई तथा अपने हाथों से बनाये गये आशियाने को खुद उजाड़ कर अन्यत्र पलायन कर रहे हैं।लोग अपने सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को विवश हैं।सिर पर टोकरी में सामान लेकर जा रहे काशीनाथ यादव ने कहा कि अपने खेत में सामान लेकर जा रहा हूं‌। यहां ढ़ह रहा है।सरयू नदी का कटान लग गया है और मकान ढ़हा रहा है।एक अन्य बुजुर्ग ने परिचय पूछने पर कहा कि परिचय क्या बताएं,सब कुछ गिर गया है।अब कहां जायेंगे पता नहीं।सरकार की तरफ से भी कुछ सहायता नहीं मिला रहा है।यहां कोई आ भी नहीं रहा है।दीपक ने कहा कि अपना लें जा रहे हैं।अपना घर उजाड़कर ट्रैक्टर पर ईंट आदि लाद रहे रोशन यादव ने गुस्से से कहा कि सरकार जहां घर है,वहां जियो बैग नहीं डलवा रही है बल्कि जहां कुछ नहीं है वहां जियो बैग डलवा दिया।जिसका कुछ मायने नहीं है।घर से बेघर तो हम हो रहे हैं।सरकार को इससे क्या मतलब है।

नदी की कटान की वजह से ये हुए बेघर

गोपाल नगर टाड़ी में प्राथमिक विद्यालय, मन्तोष यादव,मुनिराज यादव,दूधराज यादव,रमेश यादव,शैलेष यादव,दिनेश यादव का घर नदी विलीन हो चुका है।उक्त परिवारों के लोग अपने घरों का सामान आदि बंधे पर रखे हुए हैं।

इनके मकान नदी के मुहाने पर

विनोद यादव,मुसाफिर यादव,जवाहर यादव,शुकुल यादव,परशुराम यादव,रजिन्द्र यादव,राजबली यादव, शिवकुमार यादव,सुदर्शन यादव, उमाशंकर यादव,राजेन्द्र यादव, बद्रीनारायण यादव,नन्हकी देवी,निशु यादव,जनार्दन,जितेन्द्र,शकुन्तला देवी,शम्भू नाथ यादव,गीता देवी,सोना देवी,रूबी यादव,श्याम बिहारी यादव,पशुपति यादव,दीपक यादव,अनिल यादव,सोनू यादव,लाल बिहारी यादव,श्रवण यादव, पप्पू यादव,काशीनाथ यादव,रोशन यादव,सोमारू यादव,चन्दन यादव,सुभाष यादव,रंजन यादव,झलकू यादव,शिवजी यादव,चन्द्रमा यादव,उदय यादव आदि का मकान नदी के मुहाने पर है।