संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने रेल मंत्री को भेजा ज्ञापन
हाथरस। संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा संबंधित रेलवे ज़ोन के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को ज्ञापन भेजकर ट्रेनों में बेडरोल ,चादर, कंबल, तकिया और तौलिया के नुकसान को यात्रियों द्वारा चोरी बताया जाने का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने इसे आम रेल यात्रियों की छवि धूमिल करने वाला कदम बताते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।व्यापार मंडल का कहना है कि हाल ही में विभिन्न माध्यमों से यह प्रचारित किया गया कि यात्रियों द्वारा ₹104 करोड़ से अधिक मूल्य के बेडरोल गायब कर दिए गए हैं। संगठन का आरोप है कि रेलवे की आंतरिक प्रबंधन संबंधी कमियों, डिपो की अनियमितताओं तथा निजी ठेकेदारी व्यवस्था की खामियों को छिपाने के लिए आम जनता को दोषी ठहराया जा रहा है।संगठन के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय, विपिन वार्ष्णेय और कन्हैया वार्ष्णेय ने कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में लिनन गायब हो रहा है तो इसकी जिम्मेदारी रेलवे की निगरानी व्यवस्था, ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की तय होनी चाहिए, न कि करोड़ों यात्रियों पर चोरी का आरोप लगाया जाए। जिला अध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र वार्ष्णेय, जिला महामंत्री रविंद्र सिंह तथा जिला कोषाध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने भी इस मामले में स्वतंत्र जांच, डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करने और लिनन खरीद व धुलाई प्रक्रिया का पारदर्शी ऑडिट कराने की मांग की।व्यापार मंडल ने ज्ञापन में मांग की है कि पूरे मामले की सीएजी अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, यात्रियों को बदनाम करने वाले भ्रामक प्रचार पर रोक लगाई जाए, बेडरोल प्रबंधन में बारकोड या डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली लागू की जाए तथा खरीद, धुलाई और स्टॉक प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
