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ग्रीन काॅरिडोरः बैकुण्ठ धाम ब्रिज पर नवम्बर 2026 से फर्राटा भरेंगे वाहन

August 12, 2026

ग्रीन काॅरिडोरः बैकुण्ठ धाम ब्रिज पर नवम्बर 2026 से फर्राटा भरेंगे वाहन

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने परियोजना का निरीक्षण कर कार्य में तेजी लाने के दिये निर्देश

– *बैकुण्ठ धाम से क्रिकेट स्टेडियम तक बनेगा 2.3 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर, अगले माह से शुरू होगा कार्य*

ग्रीन काॅरिडोर परियोजना के अंतर्गत गोमती नदी पर निर्मित किये जा रहे बैकुण्ठ धाम ब्रिज पर जल्द ही वाहन फर्राटा भरेंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बुधवार को परियोजना का निरीक्षण करके नवम्बर, 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। इस ब्रिज के बनने से निशातगंज से डालीबाग व हजरतगंज के मध्य सफर काफी आसान हो जाएगा और बड़ी आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि बैकुण्ठ धाम के पास गोमती नदी पर लगभग 70 करोड़ रूपये की लागत से 330 मीटर लंबा 6-लेन ब्रिज निर्मित किया जा रहा है। इसके बनने से समतामूलक और 1090 चौराहे पर ट्रैफिक का लोड काफी कम हो जाएगा। निशातगंज से डालीबाग व हजरतगंज की ओर जाने वाले लोग ब्रिज के माध्यम से सीधे सफर तय कर सकेंगे। बुधवार को स्थल निरीक्षण करके कार्य की प्रगति की समीक्षा की गयी, जिसमें पाया गया कि लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। उपाध्यक्ष ने बताया कि सम्बंधित अधिकारियों को कार्य की गति बढ़ाकर नवम्बर, 2026 तक ब्रिज तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। काम पूरा होते ही आवागमन के लिए ब्रिज खोल दिया जाएगा।

*1090 चौराहे पर बनेगा 2.3 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर*
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि ग्रीन काॅरिडोर परियोजना के अंतर्गत बैकुण्ठ धाम से रिवर फ्रंट, क्रिकेट स्टेडियम के मध्य लगभग 2.3 किलोमीटर लंबा 4-लेन फ्लाईओवर निर्मित किया जाना है। लगभग 293 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले इस फ्लाईओवर के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गयी है। सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कार्यदायी संस्था से अनुबंध करके अगले माह से फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाए।

*बैकुण्ठ धाम से कनेक्ट होगा फ्लाईओवर*
उपाध्यक्ष ने बताया कि फ्लाईओवर का निर्माण कार्य बैकुण्ठ धाम ब्रिज के एप्रोच प्वाइंट से ही शुरू कराया जाएगा। भविष्य में फ्लाईओवर बनने पर इसे बैकुण्ठ धाम ब्रिज से सीधा कनेक्ट कर दिया जाएगा, जिससे कि ग्रीन काॅरिडोर पर ट्रैफिक को बिना अवरोध गति प्रदान की जा सकेगी। निरीक्षण में एलडीए के मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, पीआईयू के प्रभारी ए0के0 सिंह सेंगर, अधिशासी अभियंता अजीत कुमार एवं मनोज सागर समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।

मुंबई में भू स्खलन से 7 लोगों की मृत्यु

मुंबई, 12 अगस्त 26, आज सुबह घाटकोपर पश्चिम के चिराग नगर स्थित एक चॉल में भूस्खलन होने से सात लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। यह घटना सुबह लगभग 3 बजकर 48 मिनट पर हुई, जब एक छोटी पहाड़ी से मिट्टी और मलबा चॉल के दो से तीन कमरों पर गिर गया।

भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्य चलाया गया, जिसमें बृहन्मुंबई नगर निगम, दमकल विभाग, पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया के लगभग 50 कर्मी शामिल थे। घायलों का इलाज कुर्ला भाभा अस्पताल और राजावाड़ी अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने घटनास्थल का दौरा किया और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये और प्रत्येक घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि मानसून से पहले ही संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क किया गया था और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई थी।

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित

संसद

नई दिल्ली, 12 अगस्त 26, संसद ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज इसे मंजूरी दे दी। लोकसभा पहले ही इस विधेयक को पारित कर चुकी है। सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने यह विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 में और संशोधन करना है। यह विधेयक राज्य सरकारों को सहकारी विकास में लगी किसी भी संस्था को निगम से निधि प्रदान करने की भी अनुमति देता है। निगम किसी भी सहकारी समिति या सहकारी विकास में लगी संस्था को सीधे ऋण और अनुदान भी प्रदान कर सकता है।

चर्चा का उत्तर देते हुए श्री मोहोल ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से देश भर के करोड़ों किसानों के कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम- एन.सी.डी.सी की स्थापना देश में सहकारी क्षेत्र के संगठित और सतत विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। श्री मोहोल ने कहा कि 1963 में एन.सी.डी.सी की स्थापना से लेकर 2014 तक, पिछली सरकार ने केवल लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की थी। हालांकि, 2014 से लेकर पिछले 12 वर्षों में वित्तीय सहायता बढ़कर लगभग चार लाख करोड़ रुपये हो गई है।

श्री मोहोल ने कहा कि आज देश में आठ लाख से अधिक सहकारी समितियां हैं, जिनसे लगभग 3 करोड़ सदस्य जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि 80 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है और उन्हें लगभग 25 विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों को संचालित करने में सक्षम बनाया गया है। श्री मोहोल ने बताया कि सहकारी क्षेत्र को प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन प्रदान करने के लिए त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। श्री मोहोल ने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से अगले पांच वर्षों में लगभग 17 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल पांच वर्षों में सहकारी क्षेत्र में 163 से अधिक प्रमुख पहलें की गई हैं।

भाजपा के डॉ. रामराव वाडकुटे ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने सहकारी समितियों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके परिणामस्वरूप लाखों लोगों का आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से सशक्त बनाया गया है।

विधेयक का समर्थन करते हुए, वाईएसआरसीपी के गोल्ला बाबूराव ने कहा कि एन.सी.डी.सी का विस्तार एक स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से डेयरी और मत्स्य पालन सहित कई क्षेत्रों को अधिक पूंजी और आधुनिक अवसंरचना मिलेगी।

जनता दल (यूनाइटेड) के संजय कुमार झा ने विधेयक का समर्थन किया। श्री झा ने कहा कि विधेयक से न केवल उत्पादों को बल्कि भंडारण और मूल्य श्रृंखला को भी समर्थन मिलेगा।

तेलुगु देशम पार्टी के विजय चिंतकयाला और शिवसेना की ज्योति वाघमारे ने भी विधेयक के समर्थन में बात की।

यूपी में रंग दे बसंती अभियान शुरू, छात्रों ने बनाए चित्र

लखनऊ, 12 अगस्त 26, स्वतंत्रता दिवस से पहले आज उत्तर प्रदेश में युवाओं की रचनात्मकता को अभिव्यक्ति देने के लिए ‘रंग दे बसंती’ अभियान शुरू किया गया। इसके अंतर्गत लखनऊ विश्वविद्यालय के पास भित्तिचित्र कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर के कलाकारों ने माफिया मुक्त और बदलते उत्तर प्रदेश की थीम पर सार्वजनिक भित्तिचित्र बनाए। इन चित्रों के माध्यम से वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश और उसके बाद   हुए बदलावों को दर्शाया गया।

कलाकारों ने राज्य में कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और युवाओं के लिए अवसरों के संदर्भ में बदले हुए सकारात्मक वातावरण को चित्रित किया।

अभियान के अंतर्गत कल मुजफ्फरनगर में एक कॉमिक वितरण और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सांप्रदायिक सद्भाव पर आधारित एक मौलिक कॉमिक वितरित की जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों में युवाओं के साथ संवाद भी आयोजित किए जाएंगे। 14 अगस्त को ‘रंग दे बसंती’ अभियान का गीत ‘आज़ादी फ्रॉम फियर’ लॉन्च किया जाएगा।

दहेज में तीन लाख की मांग, विवाहिता ने ससुरालियों पर लगाया गर्भपात कराने का आरोप

हाथरस। दहेज की अतिरिक्त मांग पूरी न होने पर विवाहिता को कथित रूप से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। विवाहिता ने पति समेत ससुराल पक्ष के छह लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और जबरन गर्भपात कराने सहित गंभीर आरोप लगाते हुए थाना हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।थाना हाथरस गेट क्षेत्र के रमनपुर के जोगिया मार्ग निवासी लवली शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी शादी 9 दिसंबर 2022 को सासनी स्थित मां कैला देवी गेस्ट हाउस में छोटा बिर्रा निवासी विशाल शर्मा के साथ हुई थी। विवाह में मायके पक्ष द्वारा करीब नौ लाख रुपये खर्च किए गए थे। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति और अन्य ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे परेशान करने लगे।विवाहिता का आरोप है कि ससुरालीजन मायके से तीन लाख रुपये लाने का दबाव बनाते थे। मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाती थी। पति पर शराब और भांग के नशे में मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गर्भवती होने के बाद ससुराल पक्ष ने कथित रूप से दो बार उसका जबरन गर्भपात करा दिया। फरवरी में पति ने आईवीएफ उपचार के लिए मायके पक्ष से 1.50 लाख रुपये लिए और मार्च में उपचार शुरू कराया, लेकिन आरोप है कि बाद में इलाज बीच में ही छोड़ दिया गया।विवाहिता के मुताबिक अप्रैल में उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। आरोप है कि 13 मई को उसका देवर सोनू शर्मा उसे मायके छोड़ गया। इसके बाद परिजनों ने स्थानीय अस्पतालों में उसका उपचार कराया और हालत बिगड़ने पर नोएडा के अस्पताल में भी इलाज कराया गया, जहां उसका उपचार जारी बताया गया है।महिला ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौते के कई प्रयास किए गए और उसे तीन बार ससुराल भी ले जाया गया, लेकिन हर बार कथित उत्पीड़न दोबारा शुरू हो गया। इसके बाद उसने पुलिस से ससुराल पक्ष के आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपों की जांच की जा रही है।

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