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सूने मकान से नकदी, जेवर, लैपटॉप और स्कूटी चोरी

June 2, 2026

सूने मकान से नकदी, जेवर, लैपटॉप और स्कूटी चोरी

हाथरस। थाना हाथरस गेट क्षेत्र की ग्रीन वैली रमनपुर कॉलोनी में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाकर नकदी, जेवरात, लैपटॉप और स्कूटी चोरी कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।जानकारी के अनुसार ग्रीन वैली रमनपुर निवासी लक्ष्मण कुमार का परिवार किसी कार्य से बाहर गया हुआ था। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने मकान के ताले काटकर घर में प्रवेश किया और अलमारी में रखे करीब 20 हजार रुपये नकद, चांदी के आभूषण, दो लैपटॉप तथा घर के बाहर खड़ी स्कूटी चोरी कर ली।घटना का पता तब चला जब परिवार वापस लौटा और घर का सामान बिखरा मिला। सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। पीड़ित ने थाना हाथरस गेट में तहरीर देकर चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि चोरों का सुराग लगाया जा सके।

वन स्टॉप सेंटर में बड़ा झोल: बिना आदेश रह रही थी आंध्र प्रदेश की महिला

, निरीक्षण में खुली अव्यवस्थाओं की पोल
मैनपुरी 2 जून उप्रससे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की निरीक्षण टीम ने वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण कर कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है, जिससे सरकारी दावों की पोल खुलती दिखाई दे रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आंध्र प्रदेश की एक महिला अपने शिशु के साथ बिना किसी लिखित आदेश के वन स्टॉप सेंटर में आश्रय लिए हुए मिली, जिसे समिति ने जांच का विषय बताते हुए गंभीर चिंता जताई है।
जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर गठित समिति के अध्यक्ष अपर जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार मिश्रा, सदस्य अपर जनपद न्यायाधीश कुलदीप सिंह तृतीय तथा सचिव नूतन चौहान ने मंगलवार को वन स्टॉप सेंटर का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सेंटर की व्यवस्थाओं में कई खामियां उजागर हुईं निरीक्षण में सेंटर पर गैस चूल्हा तो मिला, लेकिन सिलेंडर नहीं था। वहीं फ्रिज भी खाली पाया गया। समिति ने इसे घोर आपत्तिजनक बताते हुए नाराजगी जताई। बताया गया कि आश्रित महिलाओं के भोजन के लिए बाहर से टिफिन मंगाया जाता है, लेकिन संबंधित रजिस्टर में यह तक दर्ज नहीं था कि टिफिन में क्या भोजन आता है और उसकी गुणवत्ता की जांच कौन करता है।
सेंटर प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में यहां कोई काउंसलर नियुक्त नहीं है। पूर्व में तैनात काउंसलर को जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। समिति ने इसे भी गंभीर कमी माना। निरीक्षण के समय पीएलवी सुमन गुप्ता अनुपस्थित मिलीं और बाद में पहुंचीं। समिति ने पाया कि उन्हें सेंटर में रह रही आंध्र प्रदेश की महिला और अन्य अव्यवस्थाओं की कोई जानकारी नहीं थी। इस पर उनसे स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए हैं।

निजी अस्पताल में गर्भवती महिला से अभद्रता, पीटने का आरोप

मैनपुरी 2 जून उप्रससे। नगर के कचहरी रोड स्थित सतीश नर्सिंग होम में हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, वहां मौजूद गर्भवती महिला ने चिकित्सक व उनके स्टाफ पर अभद्रता करने का आरोप लगाया, कहा कि उन्हें अस्पताल में पीटा गया है, पति से भी हाथापाई की गई है।पुलिस पीड़िता को साथ ले गई, वहां तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
कोतवाली क्षेत्र के नगला पजाबा निवासी पूजा ने बताया कि उनके पेट में दर्द था, जिसका इलाज कराने के लिए वह कचहरी रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम आई थीं। वह ढाई महीने की गर्भवती हैं। चिकित्सक ने उन्हें देखा और कोई दवा नहीं लिखी। तो उन्होंने फीस वापस करने के लिए कहा, इसी बात पर चिकित्सक भड़क गया। जब आराम से बात करने के लिए कहा तो पूरे स्टाफ ने उन्हें घेर लिया। इस बीच चिकित्सक की मां जो खुद एक चिकित्सक हैं। उन्होंने आकर पीटना शुरू कर दिया, जब वीडियो बनाने का प्रयास किया तो फोन छीन लिया गया। पूजा ने पति के साथ अभद्रता करने का भी आरोप लगाया। मारपीट की सूचना पर मौके पर आई पुलिस को कमरे का सीसीटीवी भी नहीं दिखाया। पीड़िता ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने पीड़िता की तरफ से चिकित्सक और उसकी चिकित्सक माँ के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हुआ था।

एटा में अहिल्याबाई होल्कर के बोर्ड पर कालिख पोतने से तनाव

ग्रामीणों और बघेल समाज में भारी रोष

एटा 02 जून उप्रससे। जनपद की जलेसर तहसील क्षेत्र के सकरौली थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत इसौली के गांव मोहनपुर में अराजक तत्वों द्वारा अहिल्याबाई होल्कर के बोर्ड पर कालिख पोते जाने की घटना से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों और बघेल समाज के लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार गांव मोहनपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास लगे अहिल्याबाई होल्कर के बोर्ड पर किसी अज्ञात व्यक्ति अथवा अराजक तत्वों ने कालिख पोत दी। मंगलवार को जब ग्रामीणों की नजर बोर्ड पर पड़ी तो उन्होंने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर सकरौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी।

थाना प्रभारी नित्यानंद पांडे ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और घटना की गहनता से जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद गांव के मनीराम बघेल, जीवाराम बघेल, शैतान सिंह बघेल, नूर सिंह बघेल, श्याम सिंह बघेल, रामशंकर बघेल सहित बघेल समाज के कई लोगों ने प्रशासन से शीघ्र जांच कर घटना का खुलासा करने और जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी हुई है। समाचार लिखे जाने तक किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस स्वयं संज्ञान के आधार पर कार्रवाई कर रही है।

सिकंदरा, आगरा में पुलिसकर्मी द्वारा कथित मारपीट का वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर लोगों में आक्रोश

आगरा, उत्तर प्रदेश | 2 जून 2026

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पुलिस के एक पुलिसकर्मी द्वारा सड़क पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट की गई। पोस्ट में पुलिस वाहन का नंबर “UP32 DG 4866” भी उल्लेखित किया गया है।

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। अनेक यूजर्स ने पुलिस के कथित व्यवहार पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है। कुछ लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए, जबकि कई यूजर्स ने संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

कई टिप्पणियों में आम नागरिकों और वाहन चालकों के प्रति पुलिस के व्यवहार को लेकर चिंता जताई गई। कुछ यूजर्स का कहना है कि यदि कानून लागू करने वाले ही कानून का पालन नहीं करेंगे, तो आम जनता का भरोसा प्रभावित होगा।

हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिख रही घटना का पूरा संदर्भ क्या है तथा घटना से पहले या बाद में क्या परिस्थितियाँ थीं। संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियाँ सामने आ सकें।
यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है।

(अस्वीकरण: यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री और सार्वजनिक टिप्पणियों के आधार पर तैयार किया गया है। वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।)

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