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पसगवां ब्लॉक में पोषाहार वितरण ठप, 1076 पर शिकायत के बाद भी अधिकारी मौन

June 18, 2026

पसगवां ब्लॉक में पोषाहार वितरण ठप, 1076 पर शिकायत के बाद भी अधिकारी मौन

पसगवां-खीरी।लखीमपुर खीरी जिले की मोहम्मदी तहसील के अंतर्गत आने वाले पसगवां ब्लॉक में गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले सरकारी पोषाहार वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली और लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ब्लॉक क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं को महीनों से पोषाहार सामग्री नहीं मिल रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।मामले को लेकर स्थानीय पीड़ितों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत संख्या 92615300056844 भी दर्ज कराई थी। शिकायत दर्ज हुए आज आठ दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे अधिकारी 1076 हेल्पलाइन का भी मज़ाक बना रहे हैं। व्यवस्था देखकर लगता है कि यहाँ सब कुछ केवल कागजों तक ही सीमित है।
ग्रामीणों का सवाल- कहाँ जा रहा है पोषाहार
स्थानीय निवासियों ने बताया कि नियमानुसार हर महीने गर्भवती महिलाओं को पोषाहार मिलना अनिवार्य है। मगर पसगवां ब्लॉक में स्थिति बिल्कुल उलट है। पीड़ितों का कहना है कि जब पोषाहार का वितरण यहाँ नहीं किया जा रहा है, तो आखिर यह सरकारी राशन जा कहाँ रहा है? शिकायत करने पर अधिकारी केवल खानापूर्ति करके मामले को रफा-दफा कर देते हैं।
इस संबंध में जब ब्लॉक के उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया, तो उनका रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना रहा। अधिकारियों की तरफ से ‘हाँ ठीक है, मिल जाएगा’ कहकर बात को टाल दिया जाता है। हद तो तब हो गई जब इस गंभीर अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों की जानकारी लेने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझा। शासन की इस अनदेखी से स्थानीय जनता और गर्भवती महिलाओं के परिवारों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

विकसित भारत सम्मेलन’ में बोले अजय मिश्रा – मोदी सरकार के 12 साल विकास

लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत सभागार में रविवार को ‘विकसित भारत सम्मेलन’ आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा और विशिष्ट अतिथि प्रदेश मंत्री अर्चना मिश्रा ने शिरकत की।अजय मिश्रा ने कहा पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकास, विश्वास और जनकल्याण के 12 स्वर्णिम वर्ष पूरे किए हैं। इन वर्षों में देश ने आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक प्रतिष्ठा में नई उपलब्धियां हासिल कीं। सेवा, सुशासन और जन भागीदारी के संकल्प से भारत आज विश्व मंच पर सशक्त और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में पहचान बना रहा है।अर्चना मिश्रा ने कहा 12 साल की विकास यात्रा में हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई। महिला सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार, किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों से आम जनजीवन को सरकार की सुविधाएं मिलीं। चौड़ी सड़कें, पीएम आवास, उज्ज्वला योजना,डीवीटी मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, कौशल विकास, मुफ्त राशन, आयुष्मान योजना जैसी योजनाओं से हर वर्ग को लाभ मिला है।इससे पहले भाजपा जिला अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने प्रस्तावना में मोदी सरकार की योजनाओं और 12 साल के विकास कार्यों का विस्तार से जिक्र किया। सम्मेलन का संचालन रामजी मौर्य व जितेंद्र साहनी ने किया।कार्यक्रम में मौजूद अधिवक्ता संघ से ओमप्रकाश पटेल, डॉ. रमन मिश्रा, डॉ. डी.एन. मालपानी, ब्लॉक प्रमुख पवन गुप्ता, जितेन साहनी, डॉ. अखिलेश वर्मा, मनोज वर्मा, राजेश सिंह, किरण अग्रवाल, संगीता पुरी, जिला मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र मिश्र सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर, वकील व समाजसेवी उपस्थित रहे। इससे पहले फरिहा मैदान पर ‘मोदी सरकार के 12 साल – विकास के, विश्वास के, जनकल्याण के’ विषय पर लगी प्रदर्शनी का उद्घाटन अरविंद गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।

आगरा-ग्वालियर हाईवे पर भीषण सड़क हादसाः तीन की मौत, 12 घायल

आगरा। आगरा-ग्वालियर रोड पर थाना सैंया क्षेत्र के सिकंदरपुर के निकट (कुनाल कॊलेज के पास) आज सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। बताया जा रहा है कि आगरा की ओर से तेज रफ्तार से जा रही एक कार का अचानक टायर फट गया। टायर फटते ही चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और कार डिवाइडर पार करते हुए दूसरी लेन में पहुंच गई। इसी दौरान सामने से आ रही दूसरी कार से उसकी आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत हो गई। यह हादसा सुबह साढ़े सात बजे हुआ।

टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में दोनों कारों के चालक समेत एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना के बाद दोनों वाहनों में सवार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों की भीड़ जुट गई।

सूचना मिलते ही थाना सैंया पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे घायलों को बाहर निकलवाकर तत्काल अस्पताल भिजवाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि हादसे में कुल आठ लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

मृतकों के नाम रिंकू (35 वर्ष) निवासी तसीमा-धौलपुर, विवेक (30 वर्ष) और मीना (55 वर्ष) निवासी दतिया (एमपी) बताये गये हैं जबकि घायलों में सुमित (18), साहिल (19), मनमोहन (21), राहुल (23), जितेंद्र (22), रोहित (20), अभिषेक (23 साल) (सभी निवासी तसीमा, धौलपुर) हैं। इसके अलावा राखी (38), शिव (18), मनी (छह), राघव (तीन), सुमित (35) निवासी दतिया (मध्य प्रदेश) भी घायलों में शामिल हैं।

बताया गया है कि धौलपुर की ओर से आगरा की ओर आ रही कार में सात लोग सवार थे जो आगरा में कोई परीक्षा देने आ रहे थे। दूसरी ओर आगरा से धौलपुर की ओर जा रही कार में दो व्यक्ति, महिलाएं व बच्चे सवार थे।

पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतकों और घायलों की पहचान तथा हादसे के अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। दुर्घटना के बाद कुछ समय तक आगरा-ग्वालियर रोड पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने वाहनों को हटवाकर सामान्य कराया।

युवक की पत्थरों से कुचलकर हत्या, खेत में मिला शव, लोगों में गुस्सा

आगरा। थाना सदर क्षेत्र के सुल्तानपुरा में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। छोटी बस्ती निवासी 24 वर्षीय शोरू की अज्ञात हमलावरों ने बेरहमी से हत्या कर दी। युवक का शव घर से कुछ दूरी पर स्थित एक खेत में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए और शव देखकर बदहवास हो गए। वहीं, क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल है।

परिजनों के मुताबिक शोरू रोज की तरह बुधवार सुबह करीब सात बजे काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। काफी समय बीतने के बाद जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान गांव के बाहर एक खेत में उसका शव पड़ा मिला। सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।

—चेहरे पर किए गए कई वार

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार मृतक का चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत था। चेहरे और सिर पर गहरे चोट के निशान मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने किसी भारी पत्थर या ठोस वस्तु से कई वार कर उसकी हत्या की। शव के आसपास खून के निशान भी मिले हैं, जिससे संभावना है कि हत्या घटनास्थल पर ही की गई।

घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस, फोरेंसिक टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। मृतक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और हाल के संपर्कों की भी जांच की जा रही है। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों तक पहुंचा जा सके।

पुलिस हत्या के पीछे की वजह जानने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद और अन्य संभावित कारणों को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

June 17, 2026

पाक अधिकृत कश्मीर में हस्तक्षेप की जरूरत

Editorial 17.06.2026 Sunday by Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News 

एक पखवाड़े से पाकिस्तान के बलात कब्जे वाला कश्मीर अशांत है। पुलिस और पाकिसनी रेंजरों की क्रूर और दमनात्मक कार्रवाई से अब तक 53 नागरिक मरे जा चुके है। दमन चक्र इसके बाद भी जारी है। कश्मीर के इस हिस्से के लोग जम्मू कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएसी) के नेतृत्व में आंदोलनरत है। हम भारतवासी और हमारी सरकार का स्पष्ट मत है और यह तथ्यात्मक सच्चाई भी है कि संपूर्ण जम्मू कश्मीर, लद्दाख क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग है। हम संयुक्त राष्ट्र महासभा में अनेक बार पाकिस्तान को इस विषय पर लताड़ चुके है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के स्थाई प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान को फिर इस मुद्दे पर लताड़ा था। जब पाकिस्तान ने कश्मीर का राग अलाप दिया था।  भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पीओके में हो रहीं घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने हिंसा और दमन की निंदा की तथा खा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ये सब देख रहा है।  ये बयान मात्र औपचारिकता है। वास्तव में पाक अधिकृत कश्मीर के नागरिकों को भारत से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा है। उनकी उम्मीद की किरण सिर्फ भारत है। आखिर जब समूचा जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है तो वहां के नागरिक भी भारतीय है। उनकी रक्षा करना हमारा धर्म है। इस धर्म को निभाने के लिए हमें सक्रिय हस्तक्षेप करना चाहिए। 

पाकिस्तान इस क्षेत्र की शासन व्यवस्था बदलना चाहता है। वह इस इलाके की सरकार को हटाकर सीधे इस्लामाबाद का नियंत्रण चाहता है। एक तरह से पूरा शासन सैन्य सरकार के रूप में स्थापित करने के प्रयास में है। पाक अधिकृत कश्मीर बेहद गरीबी,बेरोजगारी की मार झेल रहा है। मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव है। पाकिस्तान ने इस 78 हजार वर्ग किमी के क्षेत्र पर कब्जा तो कर लिया पर इसका विकास नहीं किया। शिक्षा,सड़क,उद्योग सभी का अभाव है। इन मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर और जुलाई के चुनाव के विरोध में ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी आंदोलनरत है। पाकिस्तान के कब्जे के बाद इस क्षेत्र के लिए ऐसा कानून बनाया गया, जिससे विधान सभा में बाहरी हस्तक्षेप बना रहे। यहां की विधानसभा में 45 सीटे है इन्हें 12 शरणार्थियों के लिए आरक्षित है। इन सीटों पर मनोनयन करके पाकिस्तान सरकार अन्य प्रांतों और गैर कश्मीरियों को घुसा देती है। इससे यहां के लोगों में भारी आक्रोश है। आंदोलन का एक मुख्य मुद्दा ये भी है। 

जम्मू कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी पर पाकिस्तान ने प्रतिबंध लगा दिया है। इसे आतंकवाद विरोधी कानून में प्रतिबंधित किया है। इस संगठन ने गत मंगलवार को लॉक डाउन का आह्वान किया था। इसके एक दिन पहले 8 जून को ही पुलिस ने रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग कर दी, जिससे 11 लोग मौके पर ही मारे गए और 50 लोग घायल हुए। अभी तक एक सप्ताह में 53 निर्दोष लोग पुलिस ने मार दिए हैं। पिछले साल अक्टूबर 2025 में प्रदर्शन में 6 लोग मारे गए। मई 2924 में लांग मार्च के दौरान भी पुलिस ने गोली चलाई इसमें 3 लोगों की मृत्यु हुई। पाकिस्तान के सुरक्षा बल कश्मीरियों को विदेशी मानकर उनका जनसंहार कर रहे है। उन्हें उनके जान मॉल से कोई सहानुभूति नहीं है। क्योंकि वे मानते है कि ये सब भारतीय ही है।

ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है। अत: पाक अधिकृत कश्मीर के भारतीय नागरिकों को नैतिक समर्थन के साथ साथ, प्रत्यक्ष और सार्थक समर्थन भी दिया जाय। आवश्यकता सीधे हस्तक्षेप कर अपना कश्मीर वापस लेने की है। 

 

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