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रिश्वत न देने पर लेखपाल ने जीवित पत्नी की जगह दूसरी महिला को बनाया वारिस

June 11, 2026

रिश्वत न देने पर लेखपाल ने जीवित पत्नी की जगह दूसरी महिला को बनाया वारिस

लेखपाल और राजस्व निरीक्षक पर जालसाजी का आरोप

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में भ्रष्टाचार और जालसाजी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। निघासन तहसील क्षेत्र के ग्राम रकेहटी में एक लेखपाल और राजस्व निरीक्षक पर रिश्वत न मिलने पर एक मृतक की असली पत्नी को छोड़कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरी अज्ञात महिला को वारिस बनाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।रिश्वत न देने पर किया फर्जीवाड़ानिघासन थाना कोतवाली क्षेत्र के शिवपुरी नगर पंचायत की रहने वाली पीड़िता नेमा देवी पत्नी दिवंगत श्रीराम ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि उनके पति की मृत्यु 20 अक्टूबर 2023 को हो चुकी है। पति के नाम ग्राम रकेहटी में विभिन्न गाटा संख्याओं (गाटा सं0 2043, 2046, 2047, 2049) पर कृषि भूमि दर्ज है। पति की मृत्यु के बाद नेमा देवी इस जमीन की वरासत अपने और अपने पुत्रों के नाम कराना चाहती थीं।पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने वरासत के लिए हल्का लेखपाल उमेश शुक्ला से संपर्क किया, तो लेखपाल ने 60,000 रुपये रिश्वत की मांग की। पीड़िता ने जब अपनी गरीबी का हवाला दिया, तो लेखपाल ने साफ कह दिया कि “लाखों रुपये की जमीन पाओगी, बिना रुपयों के वरासत नहीं होगी। पैसा नहीं दिया तो किसी दूसरे के नाम वरासत कर देंगे।”दूसरी महिला को बना दिया ‘मृतक की पत्नी’रिश्वत की रकम न मिलने पर हल्का लेखपाल उमेश शुक्ला और राजस्व निरीक्षक चेतराम राना ने कथित तौर पर मिलीभगत की। उन्होंने फर्जी और कूटरचित (जाली) दस्तावेजों को आधार बनाकर रेशमा देवी नाम की एक अन्य महिला (निवासी ग्राम भैरमपुर, थाना सिंगाही) को मृतक श्रीराम की पत्नी दर्शा दिया। इसके बाद कागजातों में हेरफेर कर रेशमा देवी और राकेश कुमार को सह-खातेदार के रूप में दर्ज कर वरासत कर दी। पीड़िता का कहना है कि इस फर्जी महिला का उनके दिवंगत पति या परिवार से कोई संबंध नहीं है।शिकायत करने पर घर आकर दी जान से मारने की धमकीजब पीड़िता को इस धोखाधड़ी की भनक लगी और उन्होंने लेखपाल से बात की, तो लेखपाल ने उन्हें भद्दी गालियां देकर भगा दिया। इसके बाद जब मामले की शिकायत तहसीलदार से की गई, तो आरोपी भड़क गए। आरोप है कि लेखपाल उमेश शुक्ला और राजस्व निरीक्षक चेतराम राना ने पीड़िता के घर आकर उन्हें गालियां दीं और धमकी दी कि “यदि आगे कहीं भी शिकायत की, तो घर में आग लगाकर पूरे परिवार को खत्म कर देंगे।” इस धमकी के बाद से पीड़िता का पूरा परिवार गहरे खौफ और दहशत में है।पीड़िता नेमा देवी ने 14 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक महोदय से गुहार लगाते हुए इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।