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ब्लादिमीर पुतिन चीन यात्रा पर बीजिंग पहुंचे

May 20, 2026

ब्लादिमीर पुतिन चीन यात्रा पर बीजिंग पहुंचे

बीजिंग, 20 मई 2026, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन की दो दिन की यात्रा पर कल रात बीजिंग पहुंचे। इस दौरान श्री पुतिन चीन के राष्‍ट्रपति षी चिनफिंग के साथ वार्ता करेंगे। श्री पुतिन की यह यात्रा अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की चीन यात्रा सम्पन्‍न होने के एक सप्ताह से भी कम समय में हो रही है। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। श्री पुतिन की यह यात्रा वर्ष 2001 में हस्ताक्षरित चीन-रूस मैत्री संधि की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है।

May 18, 2026

नार्वे के ओसला पहुंचे पीएम मोदी

Narendra Modi Prime Minister

ओसला 18 मई 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कई देशों के दौरे के तहत नॉर्वे के ओस्लो पहुँच गए हैं। इस दौरे में भारत और नॉर्वे के बीच द्विपक्षीय बातचीत और तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन शामिल है। यह दौरा नॉर्डिक देशों के साथ भारत के संबंधों को नई गति देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे की अपनी पहली यात्रा के लिए ओस्लो पहुँचे हैं। 43 सालों में भारत की ओर से यह किसी प्रधानमंत्री का पहला दौरा है।ओसला

पीएम मोदी ने स्वीडन की कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता दिया

Narendra Modi Prime Minister

गोथेनबर्ग, 18 मई 2026, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोथेनबर्ग में चुनिंदा स्वीडिश कम्पनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के दौरान, स्वीडिश कंपनियों से विनिर्माण, हरित हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का आग्रह किया।

लोकतंत्र, पारदर्शिता, नवाचार और स्थिरता के साझा मूल्यों से भारत और स्वीडन के जुड़ाव पर जोर देते हुए, श्री मोदी ने स्वीडन की नवाचार और स्थिरता की क्षमताओं को भारत के विशाल आकार, प्रतिभा और विकास की गति के साथ जोड़ने का आह्वान किया। भारत के तीव्र आर्थिक परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए, श्री मोदी ने भारत में मजबूत घरेलू मांग, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, विनिर्माण विस्तार और अगली पीढ़ी के अवसंरचना विकास का उल्लेख किया।

चर्चा में लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, हरित परिवर्तन, सतत गतिशीलता, जीवन विज्ञान और डिजिटल प्रौद्योगिकियों में सहयोग को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के लिए समाधान सह-निर्माण हेतु स्वीडन की नवाचार और स्थिरता की क्षमताओं को भारत के विशाल आकार, प्रतिभा और विकास की गति के साथ जोड़ने के महत्व पर बल दिया।

भारत-स्वीडन संबंधों के बारे में श्री मोदी ने कहा कि दोनों देश खरीदार-विक्रेता संबंध से परे दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी विकसित करने पर काम कर रहे हैं। जनवरी में, भारत और यूरोपीय संघ – ईयू ने मुक्त व्यापार समझौता – एफटीए संपन्न किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि एफटीए “उद्योग, निवेशकों और नवप्रवर्तकों” के लिए अवसर प्रदान करेगा और उन्होंने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायेन की पूर्व टिप्पणियों का हवाला दिया, जिन्होंने इस समझौते को “सभी समझौतों की जननी” बताया था।

स्वीडन में पीएम क्रिस्टरसन से मोदी की मुलाकात

Posted on18.05.2026 Time 09.15 AM

गवनबर्ग (स्वीडन), 18 मई 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल रात गोथेनबर्ग में स्‍वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन से बातचीत की। श्री मोदी दो दिन के स्वीडन दौरे पर कल गोथेनबर्ग पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी को दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों में असाधारण योगदान और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान, ‘रॉयल ​​ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार किसी राष्ट्राध्यक्ष को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह प्रधानमंत्री मोदी का 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।

प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान, दोनों नेताओं ने भारत-स्वीडन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई। उन्होंने व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार, हरित परिवर्तन, अंतरिक्ष, उभरती प्रौद्योगिकियों, रक्षा और सुरक्षा, लघु एवं मध्यम उद्यम, अनुसंधान तथा लोगों के बीच आपसी संबंधों में प्रगाढ़ करने के बारे में चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीय संगठनों में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। बहुपक्षीय मंचों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की गई।

प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन ने डिजिटल परिवर्तन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में भारत की प्रगति की प्रशंसा की। उन्होंने स्वीडन में भारतीय समुदाय के सकारात्मक योगदान की भी सराहना की। बैठक में राजकुमारी विक्टोरिया ने स्वीडन के सम्राट और महारानी की ओर से शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए सम्राट कार्ल सोलहवें गुस्ताव के 80वें जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।इससे पहले, स्‍वीडन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते समय प्रधानमंत्री के विमान को स्वीडन की वायु सेना के जेट विमानों ने सुरक्षा प्रदान की। हवाई अड्डे पर स्‍वीडन के प्रधानमंत्री ने श्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।

गोथेनबर्ग पहुंचने के तुरंत बाद, श्री मोदी ने प्रवासी भारतीय समुदाय से मुलाकात की। प्रवासी भारतीय समुदाय ने श्री मोदी का स्वागत संगीतमय प्रस्तुतियों से किया। इस दौरान स्वीडन की ओपेरा गायिका चार्लोटा हुल्ड्ट ने ‘वैष्णव जन तो’ भजन की प्रस्तुति दी। लिला अकादमी के विदयार्थियों ने मंत्रमुग्ध कर देने वाला भरतनाट्यम प्रस्तुत किया।

May 16, 2026

भारत यूएई के बीच समझौता, रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व में होगा इजाफा

Posted on 16.05.2026 Time 07.15 PM,

  • Abu Dhbi, PM Narendra Modi

अबू धाबी, 16 मई 2026, भारत और यूएई ने पेट्रोलियम भंडार, दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति और रक्षा सहयोग से संबंधित कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच अबू धाबी में उच्च स्तरीय वार्ता के बाद हुए।

यूएई ने भारत में 5 अरब अमरीकी डॉलर के निवेश का भी वादा किया है। प्रधानमंत्री मोदी कल पांच देशों के दौरे के पहले चरण के लिए यूएई गए थे।

इन समझौतों में इंडियन स्‍ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्वस लिमिटेड और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हस्ताक्षरित रणनीतिक सहयोग समझौता शामिल हैं।

इसमें पेट्रोलियम भंडार में सहयोग और तरल प्राकृतिक गैस और एलपीजी भंडारण सुविधाओं पर सहयोग शामिल है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस समझौते से भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में यूएई की हिस्सेदारी बढ़कर 3 करोड़ बैरल हो जाएगी और भारत में रणनीतिक गैस भंडार स्थापित किए जाएंगे।

दोनों पक्षों ने एलपीजी पर एक अलग रणनीतिक सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए, जिससे भारत में व्यापक रूप से ईंधन की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी के ढांचे पर भी हस्ताक्षर किए, जो रक्षा औद्योगिक सहयोग, प्रौद्योगिकी साझाकरण, नवाचार और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग पर केंद्रित है।

वार्ता के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जायद अल नाहयान ने पश्चिम एशिया संकट पर भी चर्चा की। अपने संबोधन में, श्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात पर हाल ही में हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने अमीरात के नेतृत्व और लोगों के साथ भारत की एकजुटता की पुष्टि की।

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