एटा 14 फरवरी उप्रससे। जनपद के जैथरा थाना क्षेत्र में अंगरईया के पास शनिवार को एक युवक का शव देसी शराब के ठेके के पास मिला। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना मिली कि अंगरिया स्थित देसी शराब के ठेके के पास एक व्यक्ति मृत पड़ा है। सूचना मिलते ही जैथरा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।
युवक कचहरी पर स्टांप बेचने का करता था काम
हेमंत शर्मा उर्फ करु (45 वर्ष) पुत्र विष्णु दयाल निवासी बिछंद जैथरा वर्तमान में एटा आवास विकास कॉलोनी में रहता था। मृतक कचहरी पर स्टांप बेचने का काम करता था।
पुलिस ने बताया कि शव पर किसी भारी चोट के निशान नहीं मिले हैं। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराया।
अलीगंज क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही जैथरा और अलीगंज पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिजनों ने सड़क जाम करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है।
क्षेत्राधिकारी सिंह ने बताया कि युवक की मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, परिजनों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है और किसी प्रकार की समस्या नहीं है।
Posted on 13.02.2026 Time 09.13 PM Friday, Firozabad News
फिरोजाबाद। थाना उत्तर क्षेत्र अन्तर्गत शुक्रवार शाम एक निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिर पड़ा। उसके नीचे मजदूर व परिवार के लोग दब गए। हादसे में एक बच्ची की मौत हुई है। जबकि कई लोग घायल है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल के भर्ती कराया है।
थाना उत्तर क्षेत्र के ककरऊ इलाके में अशोक कुमार के निर्माणाधीन मकान में पहली मंजिल पर लिंटर डल रहा था। शुक्रवार शाम अचानक लिंटर भरभराकर गिर गया। हादसे के समय मौके पर काम कर रहे मजदूर व परिवार के लोग के दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई। मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी, दमकल विभाग और राहत बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं हैं। राहत टीम ने मलबा हटाकर उसमें दबे लोगों को तत्काल बाहर निकालकर उपचार के लिए सरकारी ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी भिजवाया। जहां सभी घायलों को उपचार दिया गया। घायलों में सात मजदूर जबकि पांच घर के लोग हैं। इनमें एक बच्ची सृष्टि (4)को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया है। बाकी घायलों का उपचार हो रहा है। एसएसपी सौरभ दीक्षित, अपर पुलिस अधीक्षक शहर रविशंकर प्रसाद, अपर जिलाधिकारी विशु राजा, एसडीएम सदर सत्येंद्र सिंह, महापौर कामिनी राठौर भी मौके पर पहुंचीं और घटना के कारणों के बारे में जानकारी ली है।
घायलों में गौरव (26) पुत्र राजवीर सिंह निवासी दलेलपुर, थाना एका, प्रवीण (40) पुत्र रामजी लाल निवासी नगला रामकुंवर, थाना नारखी, श्याम सुंदर (39) पुत्र रमेश निवासी चनौरा, थाना रामगढ़, राजवीर (40) पुत्र पूरन सिंह निवासी चनौरा, थाना रामगढ़, चमन प्रकाश (40 वर्ष) पुत्र रमेश चन्द्र निवासी रैपुरा, थाना रामगढ़, महेन्द सिंह (45) पुत्र लटूरी सिंह निवासी न्यू रामगढ़ जलेसर रोड, थाना उत्तर, शीलू यादव (28) पुत्री अशोक यादव निवासी भिवाड़ी (हरियाणा), शीलेन्द्र यादव (26) पुत्र अशोक यादव निवासी ककरऊ, थानाक्षेत्र उत्तर, मुन्नी (50) पत्नी अशोक यादव निवासी ककरऊ, थाना क्षेत्र उत्तर, किशन मोहन कुशवाह (36) पुत्र अमर सिंह निवासी चनौरा, थाना क्षेत्र रामगढ़, अनीकेत (05) पुत्र विजय यादव निवासी ककरऊ, थाना क्षेत्र उत्तर एवं मकान मालिक अशोक यादव (56), मोनू यादव पुत्र अशोक यादव है।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर रवि शंकर प्रसाद का कहना है कि एक निर्माणाधीन मकान का लेटर गिरा है। इसमें परिवार के लोग व काम कर रहे मजदूर दबे है। इन्हें तत्काल राहत बचाव कार्य करते हुए उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। हादसे में एक बच्ची की मौत हुई है। बाकी घायलों का उपचार हो रहा है।
लखनऊ, 07 फरवरी 2026. प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण- 2026 के अंतर्गत 6 मार्च, 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएगी। उन्होंने बताया आपत्तियों के संबंध में फार्म 7 के माध्यम से मृत, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि, अनुपस्थित आदि मतदाताओं के संबंध में नियमानुसार प्रक्रिया अपनाते हुए कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित तैयार किये जाने हेतु विलोपन कार्यवाही की जाती है। फॉर्म-7 में प्रस्तुत आवेदन के आधार पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा मतदाता सूची से किसी मतदाता का नाम विलोपित किए जाने की कार्यवाही की जाती है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1960 के नियम 13(2) के अनुसार विद्यमान नामावली में नाम के प्रस्तावित समावेश के लिए प्रत्येक आपत्ति या नाम को हटाये जाने के लिए आवेदन प्ररूप-7 में होगा और केवल ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाएगा, जिसका नाम पहले से ही उस मतदाता सूची में सम्मिलित है। साथ ही आपत्तिकर्ता को फार्म-7 में स्वयं का विवरण यथा-नाम, मतदाता फोटो पहचान पत्र संख्या, स्वयं का एवं संबंधी का मोबाइल नम्बर इत्यादि देना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि फॉर्म-7 में प्राप्त आपत्तियों की सूची निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा फार्म-10 में तैयार की जाती है। दावे एवं आपत्तियों की अवधि में प्राप्त आपत्तियों की सूची फार्म-10 में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के नोटिस बोर्ड पर प्रतिदिन प्रदर्शित की जाती है तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को साप्ताहिक रूप से उपलब्ध करायी जाती है। साथ ही राजनैतिक दलों एवं जन सामान्य की सुविधा हेतु फार्म-7 में प्राप्त आवेदनों की उक्त सूची (फार्म-10) जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रतिदिन अपलोड की जाती है, जिसका लिंक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहता है।
उन्होंने बताया कि फार्म-7 में प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार प्रक्रिया अपनाते हुए निस्तारण किया जाता है, जिसके अन्तर्गत नोटिस निर्गत करना, बूथ लेवल अधिकारी द्वारा स्थलीय सत्यापन की कार्यवाही करते हुए रिपोर्ट लगाया जाना तथा न्यूनतम 7 दिन की अवधि के पश्चात् निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा यथावश्यक सुनवाई की प्रक्रिया करते हुए प्रस्तुत आवेदन पर निर्णय लिया जाना सम्मिलित है। किसी व्यक्ति के नाम को मतदाता सूची में सम्मिलित करने के विरूद्ध आपत्ति के प्रकरण में आपत्तिकर्ता को फार्म-13 में नोटिस निर्गत की जाती है। जिस व्यक्ति का नाम सम्मिलित करने के विरूद्ध आपत्ति की गयी है उस व्यक्ति को फार्म-14 में नोटिस निर्गत की जाती है।
उन्होंने बताया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1960 के नियम 19 के अनुसार निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आपत्ति के संबंध में सुनवाई की तारीख, समय और स्थान निर्धारित कर उसकी सूचना अपने नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करेगा और सुनवाई की सूचना/नोटिस जारी करेगा। नियम 19 के अनुसार सूचना/निर्गत नोटिस के अन्तर्गत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा ऐसी हर आपत्ति की संक्षिप्त जाँच की जाएगी। इस हेतु निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा आपत्तिकर्ता/व्यक्ति को अपने समक्ष उपस्थित होने तथा समुचित साक्ष्य प्रस्तुत करने हेतु कहा जा सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा आवेदन थोक में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। केवल व्यक्तिगत आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। यही सिद्धांत डाक से प्राप्त आवेदनों पर भी लागू होगा। थोक आवेदन का आशय उन आवेदनों से है जिन्हें अनेक व्यक्तियों की ओर से एक व्यक्ति द्वारा जमा किया जाता है। हालांकि परिवार के सदस्यों से जुडे़ एक साथ प्रस्तुत व्यक्तिगत आवेदनों को स्वीकार किया जा सकता है।