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अकाउंट गिरोह का पर्दाफाश, डमी कंपनी बनाकर 60 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन, एक गिरफ्तार

April 3, 2026

अकाउंट गिरोह का पर्दाफाश, डमी कंपनी बनाकर 60 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन, एक गिरफ्तार

फर्जी कंपनी के नाम पर करोड़ों का खेल, साइबर टीम की बड़ी कार्रवाई

देवरिया, 3 अप्रैल। जनपद में साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम पुलिस टीम ने म्यूल अकाउंट के जरिए ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। देवरिया पुलिस ने इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनंद कुमार पाण्डेय व क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम टीम ने 2 अप्रैल 2026 को थाना बरहज क्षेत्र के बेलडाड़ मोड़ के पास से माखन लाल गुप्ता को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि अभियुक्त द्वारा “लेक्सी रूफ सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड” नाम से डमी कंपनी बनाकर विभिन्न लोगों के कुल 9 बैंक खातों का संचालन किया जा रहा था। इन खातों के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों से ऑनलाइन ठगी के धन का ट्रांजैक्शन किया जाता था। एनसीआरपी पोर्टल पर इन खातों के खिलाफ 46 शिकायतें दर्ज हैं। अब तक करीब 60 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने अभियुक्त के पास से 11 चेकबुक, 9 एटीएम कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड, कई कंपनियों के एपीआई एग्रीमेंट, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, बोर्ड रिजोल्यूशन, शेयर होल्डिंग पैटर्न समेत बड़ी संख्या में दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा एक एप्पल मोबाइल फोन और दो डेल लैपटॉप भी जब्त किए गए हैं।
इस मामले में थाना साइबर क्राइम देवरिया पर विभिन्न धाराओं सहित आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में शामिल अधिकारी: प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक विनायक सिंह, उपनिरीक्षक शिवांग तोमर, हेड कांस्टेबल शशि शंकर राय समेत साइबर क्राइम टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।

मकान की दीवार गिरने से दो मजदूरों की मौत, तीन गंभीर घायल

देवरिया कार्यालय

घटना की गंभीरता को देख नायब तसीलदार स्वयं ईट हटाने में जुटे
देवरिया, 3 अप्रैल। शहर के सदर तहसील रोड स्थित नगर पालिका कार्यालय के समीप शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। एक पुराने मकान की जर्जर दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिका कार्यालय से सटे एक पुराने मकान में पिछले कुछ समय से मरम्मत कार्य चल रहा था। शुक्रवार को भी सुबह से आधा दर्जन से अधिक मजदूर काम में जुटे थे। करीब 11 बजे अचानक मकान की एक कमजोर दीवार गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग मलबे में दब गए।
हादसे में योगेंद्र (55) पुत्र जंगली निवासी बढ़या तिवारी थाना गौरीबाजार तथा गोविंद (25) पुत्र रामजी निवासी जेठौसी थाना बरियारपुर मलबे में दब गए, जिनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं रामदयाल मणि (50) पुत्र गोविंद मणि निवासी सेमरहीं बसडीला, हरिहर (51) पुत्र राजबली निवासी टड़वा खुखुन्दू और शारदा (45) निवासी अहिलवार थाना बरियारपुर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए मलबा हटाना शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार शिवेंद्र कुमार कौटिल्य, नगर पालिका के ईओ संजय तिवारी, कानूनगो अश्वनी श्रीवास्तव और लेखपाल मानवेंद्र प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्वयं राहत कार्य में हिस्सा लेते हुए मलबा हटाने का कार्य कराया। अन्य मजदूरों के दबे होने की आशंका के चलते काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन राहत की बात रही कि और कोई मजदूर मलबे में नहीं मिला।
पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने जर्जर भवनों की समय पर जांच और मरम्मत को लेकर प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है।

सपा सांसद ने लोकसभा में उठाया गुलदार के आतंक का मुद्दा

SP MP MORADABAD RUCHI VEERA

मुरादाबाद: गुलदार के आतंक पर लोकसभा में गूंजा मुद्दा, सपा सांसद ने 25 लाख मुआवजे और विशेष टास्क फोर्स की मांग उठाई। मुरादाबाद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते गुलदार (तेंदुआ) के हमलों का मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने लोकसभा में इस गंभीर समस्या को जोरदार तरीके से उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने क्षेत्र में लगातार हो रही जनहानि और लोगों में व्याप्त भय का मुद्दा उठाते हुए ठोस कदम उठाने की मांग की।

लोकसभा में बोलते हुए रुचि वीरा ने कहा कि मुरादाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि आम लोगों का जीवन संकट में पड़ गया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में तेंदुए के हमलों में दर्जनों किसानों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन घटनाओं के चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग खेतों में जाने तक से डर रहे हैं।

सांसद ने कहा कि यह केवल वन्यजीवों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे-सीधे लोगों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि तेंदुए के हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद हो सके।
इसके साथ ही रुचि वीरा ने प्रभावित क्षेत्रों में एक विशेष टास्क फोर्स तैनात करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की मौजूदा व्यवस्था इस समस्या से निपटने में पर्याप्त साबित नहीं हो रही है, इसलिए एक समर्पित और प्रशिक्षित टीम की जरूरत है, जो तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखे और समय रहते कार्रवाई कर सके।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि लोग वन्यजीवों से बचाव के उपायों को समझ सकें और किसी भी आपात स्थिति में सही कदम उठा सकें। साथ ही, तेंदुओं को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की व्यवस्था को भी और मजबूत करने पर जोर दिया।

इस मुद्दे के लोकसभा में उठने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र और राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगी। मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी इस पहल को लेकर आशान्वित हैं और चाहते हैं कि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकले।

गौरतलब है कि बीते कुछ समय से मुरादाबाद मंडल के कई गांवों में गुलदार की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। ऐसे में इस मुद्दे का संसद तक पहुंचना इसे और गंभीर बनाता है और अब सभी की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

एटा में कांस्टेबल का आन ड्यूटी तबियत बिगड़ने से निधन

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

एटा 03 अप्रैल उप्रससे। जनपद के निधौली कला कोतवाली में तैनात हेड कॉन्स्टेबल रविंद कुमार (52) की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। गुरुवार देर शाम अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

रविंद कुमार, पुत्र लाल सिंह, मूल रूप से इटावा जनपद के नगला दुजू थाना बकेवर के निवासी थे। उनके निधन की खबर से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही परिजन भी एटा पहुंच गए।
पोस्टमार्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन लाया गया, जहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलामारन सहित वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान राजकीय सम्मान के साथ अंतिम शोक सलामी गार्ड ऑफ ऑनर दी गई।

अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे और योगेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को कंधा देकर परिजनों को सौंपा। अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
बताया गया कि रविंद कुमार वर्ष 1995 में कॉन्स्टेबल के पद पर पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे और लंबे समय तक उन्होंने ईमानदारी से अपनी सेवाएं दीं। उनके निधन से विभाग ने एक कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित पुलिसकर्मी को खो दिया है।

अनुज हत्याकांड: पुलिस मुठभेड़ में आरोपी शूटर को कोर्ट से जमानत

MORADABAD DISTRICT COURT

 

-मुरादाबाद में विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट ने शूटर सूर्यकांत की जमानत प्रार्थना पत्र को दीं मंजूरी

Post on 3.4.26
Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
महानगर के चर्चित अनुज कुमार चौधरी हत्याकांड में आरोपी शूटर की पुलिस मुठभेड़ मामले में जमानत अर्जी मंजूर हो गई। जमानत अर्जी की स्वीकृति का आधार मेडिकल प्रमाणपत्र बना।
मुरादाबाद में भाजपा नेता अनुज चौधरी की 10 अगस्त, 2023 को गोली मारकर हत्या कर दी गई। केस में पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक समेत करीब चौदह लोगों को गिरफ्तार किया गया। केस में आरोपी शूटर सूर्यकांत को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। 22 अगस्त, 23 को सिविल लाइंस में अगवानपुर के पास पुलिस ने मुठभेड़ के बाद शूटर सूर्यकांत को पकड़ा। शूटर के जानलेवा हमले में पुलिस कर्मी संदीप नागर भी घायल हुआ। पुलिस ने शूटर के खिलाफ आर्म्स एक्ट और पुलिस पार्टी पर हमले के आरोप में जेल भेजा गया।
आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कहा गया कि मुठभेड़ में बरामदगी सही नहीं है। अभियुक्त से कोई हथियार या अवैध वस्तु बरामद नहीं हुई। जबकि अभियोजक पक्ष का कहना है कि उसने व अन्य ने पुलिस पर फायरिंग की।घटना में पुलिसकर्मी संदीप नागर को चोटिल होना बताया गया।पर
इसके लिए अदालत में पुलिस कर्मी का मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं किया।

बचाव पक्ष अधिवक्ता अभिषेक शर्मा का कहना है कि विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट रेशमा चौधरी की अदालत में शूटर की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुईं। अदालत में संदीप नागर का मेडिकल प्रपत्र न होने पर विशेष न्यायाधीश ने शूटर सूर्यकांत की जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।

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