सांसद पशुपति गेस्ट हाउस व विधायक आवास पर नजरबंद
गांव नारायणपुर छंगा पुलिस छावनी बना,थ्री लेयर सुरक्षा
जिलाध्यक्ष समेत तमाम प्रमुख नेता भी बीच रास्ते रोकें गए
सख्ती से गांव नहीं जा सका सपा का प्रतिनिधि मंडल
-गांव नारायणपुर छंगा में जाने पर सख्ती से पाबन्दी, प्रशासन ने हालात देख लगाई निषेधाज्ञा
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
जिले में अंबेडकर प्रतिमा खंडित विवाद गुरुवार को फिर गरमा गया। सपा का रुख भांपकर जिला प्रशासन ने गांव जाने पर पाबन्दी लगा दीं।हालात यह कि सुबह तड़के पशुपति एक्रीलोन पहुंचीं सांसद रुचि वीरा की गेस्ट-हाउस पर ही प्रशासन ने घेराबंदी करली। विधायक नवाब जान को भी आवास पर ही नजरबंद हुए।सांसद के गांव जाने की जिद देख पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर मुरादाबाद ले आईं। मुरादाबाद में भी उनके आवास पर सिविल लाइंस पुलिस डटी रही। कड़ी घेराबंदी के चलते जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह समेत नेता ठाकुरद्वारा पहुंचने से पहले रोक लिए गए।
16 अप्रैल को ठाकुरद्वारा के गांव नारायणपुर छंगा में अंबेडकर प्रतिमा को खंडित किए जाने पर तनातनी थम नहीं रही। बवाल पीड़ितों का हाल जानने के सपा का प्रतिनिधि मंडल जाने की खबर से गुरुवार को माहौल गर्माया रहा।गांव पहुंचने के लिए सपा सांसद रुचि वीरा ने तेजी दिखाई। और तड़के तीन बजे ठाकुरद्वारा में पशुपति एक्रीलोन पहुंच गई।सपा नेताओं के गांव के रुख को देखते हुए प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ठाकुरद्वारा को लेकर सतर्क हो गया।
सांसद के ठाकुरद्वारा पहुंचने की खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन ने गेस्ट हाउस की घेराबंदी कर ली। और दोपहर तक गांव जाने से रोके रखा। सांसद गांव की ओर बढ़ी तो पुलिस हिरासत में मुरादाबाद ले आईं।
ठाकुरद्वारा विधायक नवाब जान घर से बाहर नहीं निकल सकें। आवास पर नजरबंद रहे। इसी तरह जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, राहुल सिंह, समेत तमाम प्रमुख नेता ठाकुरद्वारा में तिकोनिया
चौराहे पर रोक लिए गए। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल के 11 सदस्यीय टीम को गांव भेजने के ऐलान से जिले में प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई।
*पुलिस की सख्ती,ठिठके सपाई*
ठाकुरद्वारा के रास्ते में जगह जगह पुलिस बेरीकेडिंग से सपाई के कदम ठिठककर रह गए।हालांकि पुलिस की कड़ी नाकाबंदी के बावजूद सपा नेता रात में ही गांव पहुंचने में सफल रहे। इनमें जिलाध्यक्ष के अलावा अमित प्रजापति,राहुल सिंह आदि को तिकोनिया,बरेली से आते कांठ विधायक कमाल अख्तर,विधायक मनोज पारस को नगीना,मेरठके पूर्व विधायक को किठौर में रोका गया। हर सीमा पर पुलिस सपाईयों को तलाशती रही। रोके जाने वाले पूर्व विधायक योगेश वर्मा,जुगल किशोर,विधानसभा अध्यक्ष नवीन यादव, ब्रजलाल जाटव, वदूद खां, तालिब अंसारी समेत अन्य नेता रहें।
मुरादाबाद में आवास पर सपा सांसद रुचि वीरा ने घटना की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने घटना के वीडियो होने के बावजूद गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाए।घटना को लोकतंत्र की हत्या ठहराया। कहा कि अंबेडकर जी की प्रतिमा से छेड़छाड़ दुर्भाग्यपूर्ण है।
जबकि जिलाध्यक्ष ने कहा कि पीडीए का उत्पीड़न न रुका तो सपा सड़कों पर उतर आंदोलन करेगी।
प्रिया ने 469 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल की
एटा 23 अप्रैल उप्रससे। जनपद में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित होते ही मेधावी छात्रों की उपलब्धियों ने उत्साह का माहौल बना दिया। एम.जी.एच.एम. इंटर कॉलेज, मारहरा के छात्र विशेष राजपूत ने 470 अंक (94%) प्राप्त कर जिला टॉप किया। मारहरा क्षेत्र स्थित एम.जी.एच.एम. इंटर कॉलेज के छात्र विशेष राजपूत ने 500 में से 470 अंक हासिल कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया। उनकी इस सफलता से परिवार और विद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई। विशेष ने अपनी उपलब्धि का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास को दिया।
जनपद की मेरिट सूची में अन्य छात्रों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। आरडी इंटर कॉलेज की प्रिया राठौर ने 469 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया। जबकि एसएसडी इंटर कॉलेज, किला रोड, अलीगंज की करिश्मा 468 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। एम.जी.एच.एम. इंटर कॉलेज के दीपक कुमार ने 458 अंक और ब्रह्म संत यादव ने 456 अंक प्राप्त किए। इसी कॉलेज की शालिनी राजपूत ने 454 अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
454 अंक प्राप्त करने वाले अन्य छात्रों में के. आर. मनोहर सिंह इंटर कॉलेज, पुराव आसपुर की ज्योति यादव और आर.डी. इंटर कॉलेज, अलीगंज की प्रियांशी राजपूत शामिल हैं।
श्री राम बाल भारती इंटर कॉलेज के विवेक और एस.डी. इंटर कॉलेज, मोर्चा नहर के युवराज सिंह ने 453 अंक प्राप्त किए। वहीं एस.सी.एस. इंटर कॉलेज, हरचंदपुर कलां के लक्ष्मण सिंह को 452 अंक मिले, जबकि प्रियांशी चौहान ने 451 अंक और कान्हा ने 450 अंक प्राप्त किए।
परिणाम घोषित होने के बाद जिले भर में सफल विद्यार्थियों को बधाई देने का सिलसिला जारी है। शिक्षकों का कहना है कि यह सफलता छात्रों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है।