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महंत पीर गणेश नाथ के स्मृति समारोह में शामिल हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ

March 15, 2026

महंत पीर गणेश नाथ के स्मृति समारोह में शामिल हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ

कैथल (हरियाणा) : 14 मार्च, 2026 , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज ब्रह्मलीन श्री मंहत पीर गणेश नाथ जी के आठ मान भण्डारा, देशमेल एवं शंखाढाल कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह कार्यक्रम पूज्य श्री महंत पीर गणेश नाथ जी महाराज के शिष्य महंत देवनाथ जी महाराज द्वारा अपने गुरु की स्मृति में आयोजित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीते जी सम्मान प्रदान करने के साथ ही भौतिक रूप से अपने मध्य न रहने के बाद भी अपने गुरुओं और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का भाव व्यक्त करना सनातन परम्परा का हिस्सा है। इसी भाव के तहत हम सब यहां एकत्रित हैं। ‘कृते च प्रति कर्तव्यम् एष धर्मः सनातनः’ अर्थात यदि किसी ने हमारे प्रति कोई योगदान दिया है, तो उस योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना वास्तविक सनातन धर्म की पहचान है। हम सनातनी इसलिए हैं, क्योंकि हम बड़ों का सम्मान करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की भूमि वीरता  और भक्ति की भूमि रही है। इसके रज-रज में सिक्खों का प्रभाव देखने को मिलता है। कहा जाता है कि जब सिकन्दर विश्व विजेता बनने का सपना लेकर भारत पर हमला करने आया, उस समय उसके मन में यह अहंकार था कि वह विश्व विजेता बन जाएगा। वह जिस देश में जाता था, उस देश का शासक उसके समक्ष नत्मस्तक हो जाता था। इसी गलत फहमी में उसने भारत पर हमला करने का दुस्साहस किया।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि जब सिकन्दर के सैनिक हमला करने के लिए भारत में घुसे तो उसको बताया गया कि यहां एक चमत्कारिक सिद्ध योगी है। वह जो बोल देता है, वह सिद्ध हो जाता है। सिकन्दर ने कहा कि उस योगी को बुलाकर लाओ। उसके सिपहसालारों ने योगी के समक्ष जाकर कहा कि आपको विश्व विजेता सिकन्दर ने बुलाया है। उस योगी ने कहा कि कौन सिकन्दर। विश्व विजेता मनुष्य नहीं हो सकता है। गलत फहमी मत पालो। हम किसी सिकन्दर को नहीं मानते। सिकन्दर के सिपहसालारों ने वापस जाकर बताया कि यह योगी चमत्कारिक है, लेकिन कहते हैं कि वह सिकन्दर को नहीं मानते। यदि आपका आदेश हो तो बल प्रयोग से उस योगी को लाया जाए। सिकन्दर ने मना किया और कहा कि वह स्वयं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकन्दर यह मानता था कि जिस प्रकार अनेक राजाओं ने उसके समक्ष नतमस्तक होकर उसकी अधीनता स्वीकार की, उसी प्रकार यह योगी भी करेगा। सिकन्दर के उस योगी के सामने आने पर सिपहसालार उस योगी को बताते हैं कि सिकन्दर आए हैं। उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। योगेश्वर अपने आसन पर जमे रहे। सिकन्दर को लगा कि वह योगी उनका अपमान कर रहा है। तो उन्होंने पूछा कि मैं सिकन्दर हूं, क्या आप मुझे नहीं पहचानते। योगेश्वर ने जवाब दिया कि वह केवल मनुष्य को पहचानते हैं। ईश्वर के अलावा वह किसी को नहीं मानते हैं। ईश्वर सबसे महान है। वह अपनी कृपा सब पर समान रूप से बरसाता है। आप ईश्वर से बड़े नहीं हो सकते हैं और जो ईश्वर से बड़ा नहीं हो सकता उसे मैं महान नहीं मानता। सिकन्दर को पूरी सेना के सामने उस योगी के समक्ष नत्मस्तक होना पड़ा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सन्यासी ने सिकन्दर से कहा कि यह भारत भूमि है। अभी तो यह पहला मुकाबला है, आगे बढ़ोगे, तो वापस नहीं जा पाओगे। अच्छा होगा कि वापस चले जाओ, नहीं तो वापस जाने का मौका भी नहीं मिलेगा। यह भारत के संतो व सन्यासियों की वह परम्परा है, जिसने सदैव सदाचार व कर्तव्य को राष्ट्र के प्रति समर्पण के भाव को सर्वोच्च मान्यता दी तथा स्वयं के अहंकार से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लिए अपने आपको समर्पित किया है। इसीलिए गांव या शहर में रहने वाला भारत का प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी आज भी  सन्यासियों के प्रति आदर का भाव रखता है। यही आदर का भाव उसकी ताकत व संस्कार बनता है। यही संस्कार हम सभी को आगे बढ़ने तथा फलने-फूलने का अवसर उपलब्ध कराता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी चाहता था कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मन्दिर का निर्माण हो तथा गुलामी की बेड़ियां टूटें। करोड़ों लोग अयोध्या नहीं गये होंगे, लेकिन उनके मन में भाव था कि भगवान श्रीराम भारत के सनातन के प्रतीक व आधार स्तम्भ हैं। 500 वर्ष पूर्व एक विदेशी आक्रांता ने श्रीराम जन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम मन्दिर को अपवित्र करते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया था। दिन व वर्ष बीतते रहे तथा हिन्दू संघर्ष करता रहा। कोई भी हिन्दू की बात को सुनने वाला नहीं था।
भगवान श्रीराम के भव्य मन्दिर के निर्माण की पहल को उस समय नई ऊंचाइयां प्राप्त हुईं, जब श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने। आज उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान श्रीराम मन्दिर मुक्त ही नहीं हुआ, बल्कि दुनिया का सबसे भव्यतम मन्दिर बनकर तैयार हो गया तथा रामलला विराजमान हो गये।
आजादी के उपरान्त अनेक सरकारें आयीं और गयीं। लेकिन किसी ने लोगों की आस्था के बारे में नहीं सोचा। उनके पास तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति से फुर्सत नहीं थी। केन्द्र व प्रदेश में एक जैसी सरकार होने से राम मन्दिर का निर्माण हुआ। आज उत्तर प्रदेशवासियों को सुरक्षा की गारण्टी मिली है तथा अयोध्या ने देशवासियों को आस्था की गारण्टी दी है। इसी प्रकार काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम तथा महाकाल में महालोक का निर्माण हुआ है। उत्तराखण्ड के बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में भव्य मन्दिर का निर्माण हो चुका है। यह तब सम्भव होता है, जब उसके बारे में सोचने वाली सरकारें होती हैं। सनातन विरोधी सरकारें रहेंगी, तो वह तुष्टीकरण करेंगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत का दुश्मन हमेशा इस फिराक में रहता है कि कैसे हम इस देश को कमजोर करें। दुश्मन पाकिस्तान भारत में नशे कारोबार को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। हम अपनी युवा पीढ़ी व समाज को जागरूक करें। नशे के खिलाफ अभियान चलायें, क्योंकि नशा नाश का कारण है। नशे के खिलाफ हमारे द्वारा किये गये प्रयास, देश की सेवा है। हमें नशे के खिलाफ एक आन्दोलन को आगे बढ़ाना होगा। नशे के सौदागर देश के दुश्मन हैं, इन्हें किसी भी परिस्थिति में प्रश्रय नहीं देना चाहिये। यह मौत के सौदागर देश की सुरक्षा से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी ऊर्जा और क्षमता से भरपूर है। अवसर मिलने पर युवा पीढ़ी ने देश व दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस युवा पीढ़ी से किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने देना चाहिये। धर्मसभाओं के माध्यम से हमें आम जनमानस को जागरूक करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिये। प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी को सनातन धर्म स्थलां पर जाकर बिना भेद-भाव के दर्शन-पूजन व अन्य अनुष्ठान करने चाहिये। भारत को नयी ऊंचाईयां तक पहुंचाने में योगदान देने के लिये सभी को एक साथ मिलकर इन स्थलों पर आना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे धर्म स्थल पूजा मात्र के स्थल नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र की चेतना के भी केन्द्र होते हैं। यह केन्द्र आस्था के साथ-साथ समरसता के प्रतिनिधि भी बनने चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को बिना भेद-भाव अपनी आस्था व्यक्त करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिये। यह देश उस समय कमजोर हो गया था, जब यह जातियों के नाम पर बंटा हुआ था। आपसी मतभेदों में उलझा हुआ था। एक-दूसरे को नीचा दिखाने की दुष्प्रवृत्ति हावी हो रही थी। जब यह देश कमजोर हुआ, तो विदेशी आक्रान्ताओं ने यहा आकर धर्म स्थलों को नष्ट किया। बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में आज किसी प्रकार की अराजकता नहीं है। हम सभी को नये भारत का दर्शन हो रहा है। वर्तमान भारत पर हम सभी को गौरव की अनुभूति करनी चाहिये। यह देश दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर है। आज यहां इतना बड़ा आयोजन चल रहा है। दुनिया में अन्यत्र इतना बड़ा आयोजन सम्भव नहीं है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आप सभी को पता होगा कि खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है। दुनिया में अराजकता है, लेकिन भारत अन्नदाता किसानों के पुरुषार्थ व देश के यशस्वी नेतृत्व के मार्ग-दर्शन में विकास की यात्रा में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। यह समय है, जब 145 करोड़ देशवासी अपने नेतृत्व पर विश्वास जताकर मजबूती से देश के साथ खड़े हों। देश के नेतृत्व का जो भी आदेश हो, उसका पालन करें। कुछ लोग अफवाह के नाम पर अराजकता फैला रहे हैं। जनता जिन लोगों पर अपना विश्वास खो चुकी है, वह लोग अफवाह का सहारा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें मिलकर कार्य करना होगा। अव्यवस्था व अफवाह पर अंकुश लगाना होगा। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में हम सबको मजबूती के साथ कार्य करना होगा। देश सुरक्षित रहेगा, तो सनातन भी सुरक्षित रहेगा। यदि सनातन सुरक्षित रहेगा, देश भी सुरक्षित रहेगा। यह दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।
इस अवसर पर सन्तगण तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे

March 14, 2026

विकास नहीं तो वोट नहीं ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार का एलान

मैनपुरी, 14 मार्च 26, जनपद की तहसील भोगांव के अंतर्गत आने वाले ग्राम जमथरी में विकास कार्यों की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव और प्रशासन की उदासीनता के विरोध में ग्रामीणों ने एकजुट होकर आगामी चुनाव के पूर्ण बहिष्कार का संकल्प लिया है।
​”नल नहीं तो वोट नहीं” के नारों से गूँजा गांव
​ग्रामीणों ने गांव की गलियों में जमकर विरोध प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का मुख्य मुद्दा गांव में नल (पेयजल व्यवस्था) का न होना है। प्रदर्शन के दौरान “नल नहीं तो वोट नहीं” जैसे नारों के साथ ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे इस बार मतदान प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेंगे।
​भेदभाव का आरोप यादव बाहुल्य होने की मिल रही सजा
​नाराज ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र यादव बाहुल्य है, जिसके चलते गांव के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उनका आरोप है कि राजनीतिक कारणों से न तो गांव में नल लगाए जा रहे हैं और न ही अन्य कोई विकास कार्य कराए जा रहे हैं। बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे ग्रामीणों ने प्रशासन पर जानबूझकर उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया है।

March 13, 2026

डीएम के निर्देश पर गैस एजेंसियों पर छापा, ओवररेटिंग मिली तो सस्पेंड होगा लाइसेंस

बरेली में 91 गैस एजेंसियां, 193 पेट्रोल पंप फुल स्टॉक में, कालाबाजारी पर होगा कड़ा एक्शन

सर्वर डाउन से बुकिंग अटकी, सप्लाई नहीं, गैस-पेट्रोल की अफवाहों पर प्रशासन का खुलासा*

गैस के लिए एजेंसी के चक्कर नहीं, हेल्पलाइन और ऐप से घर बैठे करायें बुकिंग

बरेली, 13 मार्च। एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल की किल्लत की चर्चाओं के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति साफ कर दी है। जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने कहा कि बरेली में कहीं भी गैस या पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है। जनपद में 91 इंडेन, एचपी और भारत गैस एजेंसियां तथा 193 पेट्रोल पंप पूरी तरह से पर्याप्त स्टॉक के साथ संचालित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इंडियन ऑयल का सर्वर डाउन होने के कारण कुछ उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग में दिक्कत आ रही है, लेकिन शुक्रवार शाम तक सर्वर ठीक होने की उम्मीद है। आपूर्ति विभाग के मुताबिक गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। इंडियन ऑयल के तकनीकी सर्वर में आई समस्या की वजह से बुकिंग सिस्टम प्रभावित हुआ है। इस संबंध में इंडियन ऑयल के अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान पर चर्चा की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वर बहाल होते ही गैस बुकिंग और वितरण की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू हो जाएगी।

*कालाबाजारी पर सख्त नजर, एजेंसियों का निरीक्षण*

डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर एलपीजी गैस की कालाबाजारी और ओवररेटिंग रोकने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी ने शहर की कई गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान राजेंद्र नगर स्थित योगेश एंटरप्राइजेज, आईवीआरआई रोड की वीना इंडियन गैस सर्विस, हार्टमैन कॉलेज रोड की गोयल एंटरप्राइजेज और स्वाले नगर की बरेली गैस सर्विस के गोदामों का स्टॉक ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान कर जांचा गया। जांच में सभी एजेंसियों का स्टॉक सही पाया गया और मौके पर किसी प्रकार की अनियमितता नहीं मिली।

*ओवर रेटिंग पर सीधे होगी कार्रवाई*

निरीक्षण के दौरान एजेंसी संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि उपभोक्ताओं में गैस की कमी या भ्रम की स्थिति पैदा न होने दी जाए। गैस रिफिल की बुकिंग मिलने पर जल्द से जल्द उपभोक्ताओं के घर तक सिलेंडर पहुंचाया जाए। यदि किसी एजेंसी के खिलाफ ओवर रेटिंग या अनियमितता की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में तेल कंपनियों और आपूर्ति विभाग की बैठक में भी स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही कालाबाजारी रोकने के लिए ओटीपी आधारित वितरण प्रणाली लागू की गई है और एजेंसियों के दैनिक स्टॉक की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

*शिकायत के लिए हेल्पलाइन जारी*

उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए जिला पूर्ति कार्यालय की हेल्पलाइन संख्या 9456667774 जारी की गई है। गैस से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत को इस नंबर पर दर्ज कराया जा सकता है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि गैस एजेंसियों या गोदामों पर भीड़ न लगाएं। गैस सिलेंडर की बुकिंग फोन कॉल, मिस्ड कॉल, व्हाट्सएप, मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से घर बैठे कराई जा सकती है। प्रशासन ने साफ कहा है कि जिले में गैस और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, इसलिए आम लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की कालाबाजारी की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

एटा में पिता का अधूरा सपना बेटा बेटी ने किया पूरा, एक साथ दोनों बने लेफ्टिनेंट

एटा 13 मार्च उप्रससे। जिले की कोतवाली देहात क्षेत्र का छोटा सा गांव नगला जगरूप इन दिनों चर्चा में है। यहां के दो सगे भाई-बहन सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद घर लौटने पर जोरदार स्वागत किया गया।

पूरे क्षेत्र के लोगों की ओर से बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। शनिवार को गांव में दोनों भाई-बहन का सम्मान समारोह भी आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रमाकांत उपाध्याय और विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी इन्हें सम्मानित करेंगे।

गांव नगला जगरूप निवासी मानसी दीक्षित और उनके भाई प्रियांशु दीक्षित का चयन होने के बाद चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में 26 मार्च 2025 से ट्रेनिंग शुरू हुई। इसके बाद एक साल तक कठिन प्रशिक्षण चला। इसके बाद अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान भारतीय सेना में 7 मार्च 2026 को लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन मिला। दोनों अधिकारियों के गांव पहुंचने पर परिवार और ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक तरीके से जोरदार स्वागत किया। घर पहुंचते ही परिजनों ने उनके माथे पर रोली-चावल से तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया और मिठाई खिलाकर खुशी व्यक्त की। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

वहीं अपनी सफलता पर लेफ्टिनेंट प्रियांशु दीक्षित ने कहा कि अपने पैतृक गांव आकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। गांव वालों और परिवार से मिल रहा प्यार उनके लिए गर्व की बात है। पहले मुझे प्रियांशु दीक्षित के नाम से जाना जाता था लेकिन अब मेरे नाम के आगे लेफ्टिनेंट प्रियांशु दीक्षित लग गया है, जिससे उनकी जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। अब केवल अपने परिवार ही नहीं बल्कि पूरे देश के प्रति जिम्मेदार महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बहन भी उनके साथ ही लेफ्टिनेंट बनी हैं, जिससे यह खुशी दोगुनी हो गई है। प्रियांशु ने कहा कि सेना में जाना उनके पिता का सपना था, जो मेडिकल कारणों से पूरा नहीं हो सका, लेकिन आज लेफ्टिनेंट बनकर उन्होंने अपने पिता का सपना साकार कर दिया है। वहीं अपनी इस सफलता पर लेफ्टिनेंट मानसी ने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि मुझे बहुत खुशी हो रही है कि मेरा और मेरे छोटे भाई का एकसाथ चयन हुआ। मेरे लिए ये बहुत गर्व की बात है कि अकादमी में भी हम साथ में रहे और सारे कॉम्पिटिशन हमने साथ में जीते। मानसी ने आगे कहा कि मुझे बिल्कुल भी ये एहसास नहीं हुआ की मैं घर से अलग हूं क्योंकी मेरा छोटा भाई प्रियांशु मेरे साथ था। अब जब हम दोनों एक साथ गांव आए तो मुझे बहुत खुशी हुई।

बच्चों की सफलता पर भावुक हुई मां

बातचीत के दौरान दोनों अधिकारियों की मां विनीता दीक्षित भावुक हो गईं और उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। उन्होंने बताया कि उनके पति का सपना था कि वह भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करें, लेकिन सेना में भर्ती प्रक्रिया के दौरान उन्हें स्थायी रूप से मेडिकल अनफिट घोषित कर दिया गया था, जिसके कारण उनका सपना अधूरा रह गया।

मां ने आगे कहा कि आज बेटे और बेटी ने सपना पूरा कर दिया है। मां ने बताया कि बच्चों ने हमेशा मेहनत और अनुशासन को प्राथमिकता दी। दोनों बचपन से ही सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करते थे और अपने लक्ष्य को लेकर हमेशा गंभीर रहते थे।
परिवार में पहले से ही कई सदस्य सरकारी सेवाओं में रह चुके हैं, जिससे बच्चों को प्रेरणा मिलती रही। बच्चों के ताऊजी राघवेंद्र बहादुर दीक्षित मध्य प्रदेश सरकार में रतलाम जनपद में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

वहीं दूसरे ताऊजी नागेंद्र बहादुर दीक्षित मध्य प्रदेश सरकार में एडीओ पंचायत के पद पर कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा परिवार के सदस्य देवेंद्र बहादुर दीक्षित एटा नगर पालिका में क्लेरिकल पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। परिवार के ही सदस्य हर्षेद्र बहादुर दीक्षित मध्य प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं, जबकि धर्मेंद्र बहादुर दीक्षित अपने पैतृक गांव नगला जगरूप में खेती-बाड़ी का कार्य संभालते हैं।

राज्य मंत्री करेंगे सम्मानित

ग्रामीणों द्वारा शनिवार को दोनों भाई-बहन के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रमाकांत उपाध्याय, मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी तथा भाजपा के एटा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

ग्रामीणों का कहना है कि नगला जगरूप जैसे छोटे गांव से निकलकर भाई-बहन का एक साथ भारतीय सेना में अधिकारी बनना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है और इससे गांव-देहात के बच्चों में भी देश सेवा के प्रति नई ऊर्जा पैदा हुई है।

March 12, 2026

फैमिली आईडी योजना की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

एक परिवार एक पहचान’ के तहत सभी परिवारों का पंजीकरण कराने के निर्देश*

गोरखपुर। जिले में गोरखपुर फैमिली आईडी (परिवार पहचान पत्र) योजना की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने नगर निगम गोरखपुर के सदन हाल में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनपद के प्रत्येक परिवार को विशिष्ट परिवार पहचान दिलाने के लिए अभियान चलाकर पंजीकरण कार्य में तेजी लाई जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “एक परिवार एक पहचान” का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट पहचान उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस योजना के तहत जिले के अधिक से अधिक परिवारों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को एक विशेष फैमिली आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे उस परिवार की पहचान सुनिश्चित होगी और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ सीधे संबंधित परिवार तक पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि फैमिली आईडी के माध्यम से परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना, पेंशन योजनाएं, छात्रवृत्ति, शिक्षा से जुड़ी योजनाएं सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी यह व्यवस्था उपयोगी साबित होगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत परिवार के पति-पत्नी, बच्चों तथा अन्य आश्रित सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि पूरे परिवार का एकीकृत डाटा तैयार हो सके। इससे सरकार को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जरूरतमंदों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गोरखपुर के सभी निवासियों से अपील की कि वे अपने परिवार की विशिष्ट पहचान प्राप्त करने के लिए जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं। उन्होंने बताया कि इसके लिए नजदीकी जन सेवा केंद्रों (CSC) पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है, जहां जाकर परिवार के सदस्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं।
बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि फैमिली आईडी योजना के तहत पंजीकरण कार्य को तेजी से पूरा कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि जिले के सभी परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके।

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