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राष्ट्रीय गौरव: पीएम मोदी को 12 वर्ष में विश्व के 39 सर्वोच्च सम्मान

June 16, 2026

राष्ट्रीय गौरव: पीएम मोदी को 12 वर्ष में विश्व के 39 सर्वोच्च सम्मान

Posted on 16.06.2026 Time 06.30 PM Tuesday, Narendra Modiनई दिल्ली 16 जून 2026, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कई देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया है। ये सभी सम्मान पीएम मोदी के नेतृत्व और दूरदृष्टि का प्रतिबिंब हैं जिसने वैश्विक मंच पर भारत के उदय को मजबूत किया है। यह दुनिया भर के देशों के साथ भारत के बढ़ते संबंधों को भी दर्शाता है।आइए, एक नजर डालते हैं पिछले 7 वर्षों में पीएम मोदी को दिए गए पुरस्कारों पर।

विभिन्न देशों द्वारा प्रदान किए जाने वाले पुरस्कार:

1.अप्रैल 2016 में सऊदी अरब की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सऊदी अरब के सर्वोच्च नागरिक सम्मान- ‘किंग अब्दुलअजीज सैश‘ से सम्मानित किया गया था। किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से पीएम मोदी को सम्मानित किया।

2. उसी वर्ष, प्रधानमंत्री मोदी को अफगानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘अमीर अमानुल्लाह खान पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

3. वर्ष 2018 में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिलिस्तीन की ऐतिहासिक यात्रा की, तो उन्हें ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाने वाला फिलिस्तीन का सर्वोच्च सम्मान है।

4. प्रधानमंत्री मोदी को 2019 में ‘ऑर्डर ऑफ जायद‘ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह संयुक्त अरब अमीरात का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।

5. रूस ने 2019 में प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित करने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने यह सम्मान जुलाई 2024 में अपनी मॉस्को यात्रा के दौरान प्राप्त किया।

6. 2019 में मालदीव ने विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाने वाला अपना सर्वोच्च सम्मान ‘निशान इज्जुद्दीन‘ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सम्मानित किया।

7. पीएम मोदी को 2019 में ‘द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां‘ अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बहरीन द्वारा प्रदान किया गया था।

8. 2020 में पीएम मोदी को यूनाइटेड स्टेट आर्म्ड फोर्सेस अवार्ड ‘लीजन ऑफ मेरिट‘ से सम्मानित किया गया, जो उत्कृष्ट सेवाओं और उपलब्धियों के प्रदर्शन में असाधारण मेधावी आचरण के लिए अमेरिकी सरकार द्वारा दिया जाता है।

9. भूटान ने दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री मोदी को, सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ से सम्मानित किया। पीएम मोदी ने मार्च 2024 में, भूटान यात्रा के दौरान यह पुरस्कार ग्रहण किया।

10. 2023 में पापुआ न्यू गिनी की यात्रा के दौरान पीएम मोदी को पलाऊ गणराज्य के राष्ट्रपति सुरंगेल एस व्हिप्स जूनियर द्वारा एबाक्ल अवॉर्ड (Ebakl Award) से सम्मानित किया गया।

11. पीएम नरेन्द्र मोदी को उनके वैश्विक नेतृत्व के लिए फिजी के सर्वोच्च सम्मान, कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी से भी सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार फिजी के प्रधानमंत्री सित्विनी राबुका द्वारा प्रदान किया गया।

12. पापुआ न्यू गिनी के गवर्नर-जनरल सर बॉब डाडे ने पीएम मोदी को ग्रैंड कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू से सम्मानित किया। यह पापुआ न्यू गिनी का सर्वोच्च सम्मान है।

13. मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने जून 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिस्र के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ नाइल’ से सम्मानित किया।

14. 13 जुलाई 2023 को पीएम मोदी को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा फ्रांस के सर्वोच्च पुरस्कार ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया।

15. 25 अगस्त 2023 को ग्रीस की राष्ट्रपति कतेरीना सकेलारोपोलू ने पीएम मोदी को ‘द ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया।

16. डोमिनिका ने पीएम मोदी को ‘डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया। यह सम्मान पीएम मोदी को नवंबर 2024 में उनकी गुयाना यात्रा के दौरान डोमिनिका की राष्ट्रपति सिल्वेनी बर्टन द्वारा प्रदान किया गया।

17. नाइजीरिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नवंबर 2024 में उनकी यात्रा के दौरान ‘द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर’ से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू द्वारा प्रदान किया गया।

18. गुयाना ने पीएम मोदी को नवंबर 2024 में उनकी यात्रा के दौरान ‘ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली ने प्रदान किया।

19. बारबाडोस की पीएम मिया अमोर मोटली ने नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री की गुयाना यात्रा के दौरान पीएम मोदी को ‘ऑनररी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस अवॉर्ड’ से सम्मानित करने के अपने सरकार के निर्णय की घोषणा की।

20. दिसंबर 2024 में, पीएम मोदी को कुवैत के महामहिम अमीर, शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल सबा द्वारा ‘मुबारक अल-कबीर ऑर्डर’ से सम्मानित किया गया।

21. मार्च 2025 में पीएम मोदी की मॉरीशस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति धरमबीर गोकुल ने पीएम मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन‘ से सम्मानित किया।

22अप्रैल 2025 में पीएम मोदी की श्रीलंका यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पीएम मोदी को श्रीलंका के सर्वोच्च सम्मान ‘श्रीलंका मित्र विभूषण‘ अवार्ड से सम्मानित किया।

23) पीएम मोदी को जून 2025 में उनकी साइप्रस यात्रा के दौरान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III‘ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस द्वारा प्रदान किया गया।

24) पीएम मोदी को जुलाई 2025 के दौरे पर ‘द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा ने पीएम मोदी को यह सम्मान प्रदान किया।

25) पीएम मोदी को जुलाई 2025 में अपनी यात्रा के दौरान ‘द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू ने पीएम मोदी को यह सम्मान प्रदान किया।

26) पीएम मोदी को जुलाई 2025 में ब्राजील दौरे पर, ‘द ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति लूला ने पीएम मोदी को यह सम्मान प्रदान किया।

27) पीएम मोदी को जुलाई 2025 में उनकी नामीबिया यात्रा के दौरान ‘The Order of the Most Ancient Welwitschia Mirabilis’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान पीएम मोदी को प्रेसिडेंट Dr. Netumbo Nandi-Ndaitwah ने प्रदान किया।

28) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ से सम्मानित किया गया। यह इथियोपिया का सबसे बड़ा सम्मान है। दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान यह सम्मान उन्हें इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा प्रदान किया गया।

29) दिसंबर 2025 में मस्कट की अपनी यात्रा के दौरान, पीएम नरेन्द्र मोदी को ओमान के सुल्तान ने ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ का प्रथम श्रेणी सम्मान प्रदान किया।

30) फरवरी 2026 में इजराइल यात्रा के दौरान, पीएम मोदी को ‘मेडल ऑफ द नेसेट‘ से सम्मानित किया गया।

31)पीएम मोदी मई 2026 को यूरोप दौरे के दूसरे चरण में स्वीडन के शहर गोथेनबर्ग पहुंचे, जहां पीएम मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मानों में से एक ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार, कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी को प्राप्त यह 31वां वैश्विक सम्मान है।

32)ओस्लो यात्रा के दौरान, पीएम नरेन्द्र मोदी को नॉर्वे के प्रतिष्ठित सम्मान, ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया। यह रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का सर्वोच्च स्तर का सम्मान है। यह पीएम मोदी को प्राप्त 32वां वैश्विक सम्मान है।

33)जून 2026 में स्लोवाकिया की अपनी यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति पेलेग्रिनी ने पीएम मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से सम्मानित किया।

सर्वोच्च नागरिक सम्मानों के अलावा, पीएम मोदी को दुनिया भर के प्रतिष्ठित संगठनों द्वारा कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है।

1. सियोल शांति पुरस्कार : यह सियोल पीस प्राइज कल्चरल फाउंडेशन द्वारा उन व्यक्तियों को द्विवार्षिक रूप से सम्मानित किया जाता है जिन्होंने मानव जाति के सदभाव, राष्ट्रों के बीच सुलह और विश्व शांति में योगदान के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी को 2018 में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

2. संयुक्त राष्ट्र चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड : यह संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान है। 2018 में संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक मंच पर साहसिक पर्यावरण नेतृत्व के लिए पीएम मोदी सम्मानित किया।

3. 2019 में प्रथम फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल अवार्ड से प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष किसी राष्ट्र के नेता को दिया जाता है। पुरस्कार के प्रशस्ति पत्र में कहा गया कि पीएम मोदी को उनके “राष्ट्र के लिए उत्कृष्ट नेतृत्व” के लिए चुना गया।

4. पीएम मोदी को स्वच्छ भारत अभियान के लिए 2019 में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा ‘ग्लोबल गोलकीपर‘ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने यह पुरस्कार उन भारतीयों को समर्पित किया जिन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को ‘जन-आंदोलन’ में बदल दिया और अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

5. 2021 में कैम्ब्रिज एनर्जी रिसर्च एसोसिएट्स CERA द्वारा ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरनमेंट लीडरशिप अवार्ड पीएम मोदी को दिया गया था। यह पुरस्कार वैश्विक ऊर्जा और पर्यावरण के भविष्य के प्रति नेतृत्व की प्रतिबद्धता को मान्यता देता है।

6. मई 2026 में इटली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रोम स्थित FAO मुख्यालय में आयोजित समारोह में FAO एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने यह सम्मान मेहनती किसानों, पशुपालन और फिशरीज सेक्टर्स से जुड़े लोगों तथा कृषि वैज्ञानिकों को समर्पित किया।

June 5, 2026

राष्ट्र के लिए समर्पित व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला है संघ शिविर :निंबाराम

मूसलाधार वर्षा के बीच संघ शिक्षा वर्ग का समापन

प्रकट समारोह में दिखा अद्भुत उत्साह, हुआ समरसता भोज

उदयपुर 04 जून 2926, । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (महाविद्यालय विद्यार्थी, चित्तौड़ प्रान्त) का समापन समारोह विद्या निकेतन विद्यालय, फतहनगर में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूज्या आई मां कंकू केसर ने की।

समारोह में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजस्थान के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग केवल प्रशिक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए समर्पित व्यक्तित्वों के निर्माण की कार्यशाला है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए चरित्रवान, अनुशासित एवं संगठित व्यक्तियों की आवश्यकता है और संघ इसी दिशा में सतत कार्य कर रहा है।

उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में संघ के प्रसिद्ध गीत “आंधी मिले, तूफान मिले, चाहे जितने व्यवधान मिले” का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वयंसेवकों का जीवन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए भी अपने ध्येय के प्रति अडिग रहने का प्रतीक है। आज समापन समारोह में हो रही तेज वर्षा के बीच स्वयंसेवकों एवं समाजजनों की उपस्थिति इस गीत की भावना को साकार करती हुई दिखाई दी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रकार्य में आने वाली कठिनाइयाँ स्वयंसेवकों के उत्साह को कम नहीं कर सकतीं, बल्कि उन्हें और अधिक दृढ़ बनाती हैं। भारत की शक्ति उसकी सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं पारिवारिक मूल्यों में निहित है। संघ का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए एक संगठित, सक्षम एवं आत्मविश्वासी राष्ट्र का निर्माण करना है। वर्ग में प्राप्त संस्कारों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उतारना ही प्रशिक्षण की वास्तविक सार्थकता है।

निंबाराम ने मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा का स्मरण करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और अदम्य साहस का प्रेरक आदर्श है। इस वर्ष हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, जो सम्पूर्ण राष्ट्र और विशेष रूप से मेवाड़ के लिए गौरव का विषय है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मेवाड़ में एक विशाल एवं भव्य कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उन्होंने उपस्थित सभी स्वयंसेवकों, अभिभावकों एवं समाजजनों से इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।

अध्यक्षीय उद्बोधन पूज्या आई मां कंकू केसर ने कहा कि राष्ट्र और समाज के लिए कार्य करने वाले युवाओं का निर्माण ही किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने स्वयंसेवकों को सदैव सेवा, संस्कार और समर्पण के मार्ग पर अग्रसर रहने का आशीर्वाद प्रदान किया तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया।

*स्वयंसेवकों की एकरूपता, अनुशासन का जन मानस पर पड़ा*
कार्यक्रम मे वर्गार्थियों ने दंड, योग, समता, नियुद्ध, व्यायाम योग तथा अन्य शारीरिक कार्यक्रमों का प्रभावी प्रदर्शन किया। स्वयंसेवकों की एकरूपता, अनुशासन, दक्षता एवं आत्मविश्वास ने उपस्थित नागरिकों को अत्यंत प्रभावित किया। वर्ग के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण की झलक इन प्रस्तुतियों में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

*तेज बारिश के बीच स्वयंसेवकों ने किया प्रदर्शन*
समापन समारोह के दौरान हुई मूसलाधार वर्षा भी स्वयंसेवकों एवं समाजजनों के उत्साह को डिगा नहीं सकी। तेज बारिश के बावजूद सभी स्वयंसेवक पूरे अनुशासन एवं एकाग्रता के साथ कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे तथा बड़ी संख्या में उपस्थित समाजजनों ने भी अंत तक कार्यक्रम में सहभागिता निभाकर राष्ट्रकार्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

*स्वावलंबन एवं पर्यावरण अनुकूल दिनचर्या*
शिक्षार्थियों ने स्वावलंबन एवं सामूहिकता की भावना के साथ निवास, भोजन, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं का संचालन स्वयं करते हुए आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। वर्ग में सिंगल यूज प्लास्टिक का निषेध रहा और जल संरक्षण आधारित दिनचर्या रही। शिक्षार्थी तय सत्र में 05 मिनट पहले पहुंचने का स्वभाव रहा।

*संविधान व पाथेय कण प्रदर्शनी*
संविधान के चित्रों एवं संबंधित अध्यायों के साथ संदेश देती संविधान की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही पिछले 30 वर्षों के पाथेय कण विशेषांक को स्वाध्याय के लिए शिक्षार्थियों को उपलब्ध करवाये गये।

*98 शिक्षार्थी, 25 शिक्षक, 29 प्रबंधक*
फतहनगर में 17 मई दोपहर से प्रारंभ होकर 15 दिवसीय यह वर्ग 2 जून प्रातः दीक्षांत समारोह के पश्चात पूर्ण हुआ। इस वर्ग में चित्तौड़ प्रांत के 15 प्रशासनिक एवं संघ दृष्टि से 27 जिलों के 83 स्थानों से 98 शिक्षार्थी देश सेवा की साधना को तीव्र करने के लिए उपस्थित हुए हैं। सभी 98 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया। इन शिक्षार्थियों में 17 वर्ष से 28 वर्ष की आयु वर्ग के महाविद्यालयीन विद्यार्थी के प्रशिक्षणार्थी सम्मिलित हैं। संघ कार्य की दृष्टि से इनमें 44 कार्यकर्ता शाखा स्तर तथा 54 स्वयंसेवक प्रवासी कार्यकर्ता के रूप में अपने अपने क्षेत्र में कार्यरत है। इन शिक्षार्थियों के सुचारू एवं सघन प्रशिक्षण हेतु अपने अपने विषय में 25 निपुण शिक्षक तथा इनकी सभी सामान्य आवश्यकताओं के व्यवस्थित प्रबंधन के लिए 29 प्रबंधक दिन रात लगे हुए थे।

*वर्गाधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन* वर्गाधिकारी ने प्रतिवेदन मे बताया कि 15 दिवसीय इस शिक्षा वर्ग में विभिन्न नगरों एवं ग्रामों से आए स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। वर्ग के दौरान शारीरिक प्रशिक्षण, बौद्धिक सत्र, योग, गीत, समूह चर्चा, सेवा गतिविधियाँ, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रीय विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। संघ शिक्षा वर्ग फतहनगर नगर में स्थित विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुआ।

सांस्कृतिक गौरव की रक्षा हेतु निरंतर कार्य करने का संकल्प
समापन अवसर पर स्वयंसेवकों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सांस्कृतिक गौरव की रक्षा हेतु निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। संघ प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

May 22, 2026

नैनीताल: खाई में गिरी तेज रफ्तार कार, 5 की मृत्यु

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Posted on 22.05.2026 Time 01.26 PM Friday, Nainital car accident

नैनीताल , 22 मई 2026, भवाली मार्ग पर हुये एक हादसे में कार सवार पांच लोगों की मौत हो गई है। ये सभी खटीमा से नैनीताल घूमने आए थे।
हादसा भवाली खैरना बाईपास मोड़ पर हुआ। अनियंत्रित कार तीन सौ मीटर गहरी खाई गिरी। पुलिस और राहत टीम ने बचाव अभियान चलाया। सभी घायलों को भवाली अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस ने ब्रेक की जगह एक्सीलेटर दबने की आशंका जताई है। खटीमा निवासी परिवार घूमने के लिए जा रहा था, लेकिन मार्ग में दुर्घटना हो गई और 5 लोगों की जान चली गई।

May 20, 2026

महाराष्ट्र में निजी क्षेत्र के परमाणु बिजली घर लगेंगे

मुंबई, 20 मई 2026, महाराष्ट्र सरकार ने साढे़ 6 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाली परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज मुंबई स्थित राज्य सचिवालय में हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता की। श्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को ऊर्जा-समृद्ध राष्ट्र बनाने और कार्बन उत्सर्जन को शून्य तक सीमित करने के लक्ष्य को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परमाणु ऊर्जा स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह निवेश न केवल राज्य में बिजली उत्पादन को बढ़ावा देगा बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।

रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अडानी पावर लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन-एनटीपीसी लिमिटेड के साथ समझौते किए गए। इन परियोजनाओं से 25 हजार 400 मेगावाट बिजली उत्पन्न होने और राज्य में एक लाख 23 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

 

May 19, 2026

पांच साल में बस्तर की आय 6 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य है:अमित शाह

Amit Shah Home Minister

Posted on 19.05.2026 Time 10.55 PM

  • केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित किया
  • केंद्रीय गृह मंत्री ने सरेंडर नक्सलियों की साइकोलॉजिकल मैपिंग, स्किलिंग और शिक्षा पर जोर दिया; कहा जो विक्टिम थे, उनका सिस्टम में सम्मान के साथ जीने का पूरा हक है
  • बस्तर आने वाले 6 महीनों में सहकारी डेयरी के विशाल नेटवर्क के रूप में उभरेगा, प्रत्येक आदिवासी महिला को एक गाय एवं एक भैंस प्रदान की जाएगी
  • बस्तर में नक्सलवाद के उन्मूलन हेतु 200 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए थे, इनमें से एक-तिहाई कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर डेरा में परिवर्तित किया जाएगा
  • “सेवा डेरा” मॉडल के जरिए गांव के दरवाजे तक सरकार पहुंचाने की तैयारी, एक-एक सरकारी योजना का 100% सैचुरेशन ही विकसित बस्तर बनाएगा
  • नक्सलवाद की समाप्ति के बाद माओवादी भेष और नाम बदलकर पुनः प्रकट होंगे – किसी के बहकावे में न आएँ

रायपुर, 19 मई 2016, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में हमारी पार्टी की सरकार श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में बनी उस वक्त केन्द्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी पार्टी की सरकार थी। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2023 में यहां हमारी पार्टी की सरकार बनने के तुरंत बाद हमने बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए फिर से कवायद शुरू की। श्री शाह ने कहा कि 24 अगस्त, 2024 को सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक के बाद घोषणा की गई कि 31 मार्च 2026 को देश को हम नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों के पराक्रम, साहस और बलिदान के कारण 31 मार्च, 2026 की जो तिथि तय हुई थी, उससे पहले ही देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन हो चुका है।

उन्होंने कहा कि 19 मई 2026 की तिथि का भी बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि जब से नक्सलबाड़ी से नक्सलवाद फैलना शुरू हुआ, इसके पक्षधर बुद्धिजीवी लोग यह कहते थे कि नक्सलवाद इसलिए अस्तित्व में आया है कि कुछ क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि यह वास्तविकता नहीं थी क्योंकि देश के कई हिस्से ऐसे थे जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र से भी ज्यादा पिछड़े हुए थे, लेकिन वहां नक्सलवाद नहीं फैला और वो सभी क्षेत्र धीरे-धीरे विकास की ओर बढ़ गए। उन्होंने कहा कि लेकिन हमारा बस्तर और कई नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र विकसित नहीं हो सके।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 19 मई 2026 को उसी पूर्ववर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संपूर्ण विकास की परिकल्पना को लॉन्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कल ही ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ का उद्घाटन किया गया है। बस्तर के सात जिलों को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा यहां लगभग 200 सुरक्षा कैंप बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि आज जब बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है, तब हमने तय किया है कि प्रथम चरण में इन 200 कैंपों में से 70 कैंप (लगभग एक-तिहाई) को हम ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ में बदल देंगे। सरकार को गांव और सरकारी सुविधाओं को बस्तर के हर आदिवासी भाई-बहन के घर तक ले जाना ही वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा का काम है।

इस सेवा डेरा में बैंकिंग सुविधा होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, सारी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ भी जनता को मिलेगा। एक ही सेवा डेरे में विकास के सारे काम उपलब्ध हो जाएंगे और इसका उद्देश्य है कि 50 साल से विकास के महरूम रह गए नागरिकों को सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ मिले। श्री शाह ने कहा कि इस सेवा डेरा में प्राथमिक कृषि ऋण समिति (PACS) भी बनेगा, डेयरी भी बनेगी और यहां तक हर आदिवासी महिला अपने पशुओं का दूध पहुंचा सकेंगी। श्री शाह ने कहा कि इसी सेवा डेरा के माध्यम से हम बस्तर के हर आदिवासी को एक गाय और एक भैंस देने वाले हैं जिनके माध्यम से सहकारिता के तरीके से वह दूध की पूरे भारत में मार्केटिंग कर पाएंगे। आने वाले 6 माह में हम बस्तर संभाग में डेयरी का एक बड़ा नेटवर्क बनाने जा रहे हैं

श्री शाह ने कहा कि पहले यहां बंदूक के संगीन के साए थे, वहां अब विकास पहुंच जाएगा। अब तक नक्सलवादियों के कारण ये पूरा क्षेत्र विकास से महरूम रह गया था। न उन्हें राशन कार्ड मिला, न मुफ्त अनाज की योजना का फायदा मिला, न 5 लाख तक का स्वास्थ्य का बीमा मिला, न उनकी उपज को ₹3100 क्विंटल की दर से खरीदने की व्यवस्था की गई। रोजगार का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं था, न गांव में बिजली पहुंची, न पानी पहुंचा और न स्कूल बने। उन्होंने कहा कि ये सारी व्यवस्था सेवा डेरा के माध्यम से हम पूरे बस्तर में करने जा रहे हैं और शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा नक्सल प्रभावित बस्तर को नक्सल मुक्त विकसित बस्तर बनाने का एक बहुत बड़ा जरिया बनेगा। उन्होंने कहा कि यहां की वन उपज को कोऑपरेटिव तरीके से प्रोसेस कर इसका पूरा मुनाफा भी हम आदिवासियों तक पहुंचाएंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बस्तर के विकास के लिए कई काम किए हैं। हमने 20557 करोड़ रूपए की लागत से 12211 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा कर दिया है, कुल 13000 मोबाइल टावर की प्लानिंग की है, जिनमें से 5000 मोबाइल टावर देशभर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लग भी चुके हैं। 1804 बैंक शाखाएं खुली हैं, 1321 एटीएम खुल चुके हैं और 890 पोस्ट ऑफिस खोलने का काम भी समाप्त हो चुका है। 259 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले हैं, 46 आईटीआई और 49 स्किल डेवलपमेंट सेंटर खुल चुके हैं और 90000 से ज्यादा युवाओं और महिलाओं की स्किलिंग का काम हो चुका है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में नक्सल मुक्त हुए बस्तर सहित पूरे देश के आदिवासी क्षेत्रों के विकास की एक कार्ययोजना भारत सरकार ने बनाई है। इस योजना के तहत विकास की योजनाओं का संपूर्ण सैचुरेशन और सुरक्षा की संपूर्ण व्यवस्था, युवा और महिलाओं के भविष्योन्मुखी सशक्तिकरण का वैज्ञानिक कार्यक्रम और जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को बचाते हुए और आगे बढ़ाते हुए यहां की संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि हमने यहां बस्तर पंडुम की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने प्रेरणा दी थी कि आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए भी पुरुषार्थ किया जाए और योजना बनाई जाए। बस्तर पंडुम के अंतर्गत आदिवासी नृत्य, गीत, भाषा, वेशभूषा, व्यंजन आदि को एक बड़ा मंच दिया गया है। एक साल पहले 45000 लोगों ने बस्तर पंडुम में हिस्सा लेकर इन सभी गतिविधियों को आगे बढ़ाया है। इसी प्रकार दो बस्तर ओलंपिक आयोजित किए जा चुके हैं। पिछले बस्तर ओलंपिक में 3 लाख 94 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था जिसमें से एक दल पुनर्वास स्वीकार करने वाले हमारे पूर्व नक्सल भाइयों बहनों का भी था और सबसे अच्छा परफॉर्मेंस भी उन्होंने ही किया था। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी पूरे नक्सल मुक्त क्षेत्र के लिए संदेश देना चाहते हैं कि हिंसा किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकती। लोकतांत्रिक मूल्य, परस्पर सहयोग और विकास की अवधारणा ही व्यक्ति के विकास का आधार बन सकते हैं। हिंसा से किसी का विकास नहीं हो सकता, न व्यक्ति का, न गांव का और न क्षेत्र का। नक्सलवाद गरीबी के कारण फैला था, उस भ्रांति को दूर करने का काम शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा करेगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब ये क्षेत्र पूरा विकसित हो जाएगा, तब यहां से दुनियाभर में संदेश जाएगा कि यहां स्कूल इसलिए नहीं बने क्योंकि नक्सलियों ने स्कूल तोड़े थे, सड़कें इसलिए नहीं बनी क्योंकि नक्सलियों ने विघ्न डाला था, अस्पताल इसलिए नहीं चले क्योंकि नक्सलियों ने अस्पताल के कर्मियों को मार डाला था और और यहां बैंक इसलिए नहीं आए क्योंकि नक्सलियों ने बैंकों को लूटकर बंद कराने का काम किया था। श्री शाह ने कहा कि बस्तर का शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा का प्रयोग देशभर में हथियार लेकर विकास का रास्ता तराश रहे लोगों के सामने विकास का लोकतांत्रिक मॉडल प्रस्तुत करेगा।

श्री अमित शाह ने बस्तर के सभी नागरिकों को भारत सरकार और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से विश्वास दिलाते हुए कहा कि अब भय से जीने की जरूरत नहीं है, यहां नया सूर्योदय हो चुका है। उन्होंने कहा कि यहां के आदिवासी युवा और महिलाएं विश्वास के साथ आगे बढ़ें, भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि आज पूर्ववर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर विकसित क्षेत्र बनने जा रहा है तब बस्तर की जनता को आगाह रहना चाहिए क्योंकि बंदूक लेकर बस्तर को बर्बाद करने वाले माओवादी विचारधारा से प्रेरित लोग भेष बदलकर आएंगे, लेकिन आपको किसी के बहकावे में नहीं आना है। श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार दोनों जनता की चुनी हुई सरकार हैं और लोकतांत्रिक तरीके से पूरे बस्तर का विकास करेंगी।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर इस क्षेत्र को पूरे देश के सभी आदिवासी संभागों में सबसे विकसित संभाग बनाने के लिए कटिबद्ध है और आने वाले 5 साल में ही बस्तर पूरे देश के सभी आदिवासी संभागों में सबसे विकसित संभाग बनेगा और बस्तर की आय में 6 गुना वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि नक्सल मुक्त भारत का संपूर्ण यश अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सुरक्षाबलों के जवानों और उनके परिजनों को जाता है।

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