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देश में होगी तीन आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना

February 1, 2026

देश में होगी तीन आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना

नई दिल्ली, 01 फरवरी 2026, सरकार ने नए केन्द्रीय बजट में तीन आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना की घोषणा की है। ये देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित किये् जाएंगे। इससे आयुष चिकित्सा के क्षेत्र मे क्रांतिकारी परिवर्तन होगा।

Central Budget हस्तिनापुर और सारनाथ राष्ट्रीय पुरातात्विक और सांस्कृतिक विरासत के रूप में होंगे विकसित

FINANCE MINISTER NIRMALA SEETHARAMAN PRESENTED UNION BUDGET 2026-27 IN LOKSABHA

केन्द्री वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण लोकसभा में केन्द्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए

Posted on : 01.02.2026 Sunday, Time: 12.45 PM, Central Budget 2026-27, Finance Minister Nirmala Seetharaman

नई दिल्ली, 01 फरवरी 2026, केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत बजट में देश के सांस्कृतिक और पूरात्विक महत्व के पौराणिक और प्राचीन स्थलों के विकास के लिए योजना की घोषणा की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख स्थल हस्तिनापुर और सारनाथ को शामिल किया गया है।

विकास के लिए कुल 15 स्थलों की घोषणा की गई है, इसमें लोथाल, थोलावीरा, राखीगढ़ी, आदिचलनाल्लुर, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह भी शामिल हैं। घोषणा के अनुसार सांस्कृतिक, पौराणिक, विरासत वाले इन प्रमुख स्थानों के डिजिटल दस्तावेजीकरण के लिए नेशनल डेस्टिनेशनल डिजिटल नालेज ग्रिड की स्थापना की जाएगी।

केन्द्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को मिला दिल्ली-वाराणसी फास्ट रेल कारिडोर

Posted on 01.02.2026 Sunday , time 12.27

NIRMALA SEETHARAMAN

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली, 01 फरवरी 2026, वर्ष 2026-27 के केन्द्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को एक नया रेल कारिडोर मिला है। केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा घोषित देश के सात रेल कारिडोर में से एक उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा। यह कारीडोर दिल्ली से वाराणसी होगा।

वित्त मंत्री सीतारमण ने आज पूर्वान्ह 11 बजे से लोकसभा में बजट पढ़ना शुरु किया है।

January 31, 2026

भारत सरकार ने लगाया विंगो एप पर प्रतिबंध

wingo

विंगो गेमिंग एप

Posted on: 31.01.2026 Saturday Time: 13.30 PM, New Delhi
नई दिल्ली, 30 जनवरी 2026, भारत सरकार ने WINGO GAMING APP विंगो एन्डरायड एप पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह एप एन्डरायड फोन उपयोगकर्ताओं के नम्बर को उपयोग धोखाधड़ी वाले संदेश भेजने के लिए कर रहा था। इसकी जानकारी उपयोगकर्ताओं को नहीं होती थी।
एंडरायड फोन उपयोगकर्ताओं को जल्दी और अधिक पैसा कमाने का लालच दिया जाता था। फिर उनकी जानकारी के बगैर उनके फोन नम्बर का उपयोग इस एप द्वारा किया जाता था। उन्हीं के नम्बरों से लोगों को धोखाधड़ी के लिए मैसेज भेजे जाते थ। DIGITAL FRAUD डिजीटल धोखाधड़ी करने वाले इस एप के साथ ही भारत सरकार ने 1.53 लाख उपयोगकर्ताओं वाले टेलीग्राम चेनल TELLIGRAM CHANNAL और इस एप को बढ़ावा देने वाले 50 से अधिक यूट्यूब YOUTUBE भी ब्लाक कर दिये गए हैं।
गृह मंत्रालय और उसकी साइबर अपराध निरोधक एजेंसी – इंडियन साइबर क्राइम को आर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) INDIAN CYBER CRIME COORDINATION CENTER (I4C) ने विंगो के खिलाफ शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की है। इसके तहत एप के कमांड और कंट्रोल सेंटर को जिओ ब्लाक कर दिया गया है।
कैसे देते थे झांसा
कम समय मं ज्यादा कमाई और अधिक रिटर्न का झांसा फोन उपयोगकर्ताओं को दिया जाता था। फिर उनके फोन से एसएमएस भेजे जाते थे। उनके फोन का उपयोग किया जाता था। निवेश के नाम पर रकम जमा करा ली जाती थी। रकम जमा होते ही एप बंद हो जाता था और यूजर को ब्लाक कर दिया जाता था। भुगतान और धन जमा कराने के लिए यूपीआई और निजी वालेट का उपयोग किया जाता था। सुरक्षित बैंकिंग माध्यम नहीं अपनाया जाता था।
एप की सेटिंग इस तरह की गई थी कि जैसे ही कोई उपयोगकर्ता इसे डाउनलोड करता था, उसके फोन में टेलीकाम म्यूल सचार सिस्टम चालू हो जाता था। और एसएमएस भेजने शुरु हो जाते थे। प्रतिदिन 1.53 करोड़ लोगों के पास मेसेज भेजे जाते थे। एंडरायड उपयोगकर्ता अनजाने में ही इस धोखाधड़ी का हिस्सा बन जाते थे।
Indian Government bans Wingo app
government has taken action against the Wingo gaming app after  found a scam  sending fak & fraude messages from users’ phones without their consent and knowledge

January 30, 2026

Economic Survey: कृषि विकास दर पांच वर्षों के दौरान औसत वार्षिक विकास दर 4.4 प्रतिशत

कृषि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के केंद्र में होगी : आर्थिक समीक्षा

ECONOMIC SURVEY

आर्थिक सर्वे प्रस्तुत करते हुए मुख्य आर्थिक सलाहकार डा वी अनन्त नागेश्वर

  • वित्तीय वर्ष 2016 से लेकर वित्तीय वर्ष 2025 के दौरान दशकीय वृद्धि दर 4.45 प्रतिशत रही, जो पिछले दशकों की तुलना में सर्वाधिक है
  • वित्तीय वर्ष 2024-25 में खाद्यानों का उत्पादन 3,577.3 लाख मिलियन टन (एलएमटी) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
  • कृषि मूल्य वर्धन (जीवीए) में लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बागवानी क्षेत्र सबसे उज्ज्वल पक्ष के रूप में उभरा; इसका उत्पादन वित्तीय वर्ष 2013-14 में 280.70 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 367.72 मिलियन टन पहुंचा

Published on 30 JAN 2026 Time: 07.48 AM, Source: PIB

नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026 (पीआईबी) .केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आर्थिक समीक्षा 2025-26  पेश करते हुए कहा कि भारतीय कृषि की स्थिति निरंतर सुदृढ़ हुई है और मुख्य रूप से इसके सहयोगी क्षेत्रों में विकास होने से इसमें लगातार प्रगति हुई है।
आर्थिक समीक्षा में यह भी कहा गया है कि हाल के वर्षों में खाद्यान्नों के उत्पादन में वृद्धि हुई है और मवेशी, मत्स्य पालन तथा बागवानी जैसे उच्च मूल्य वाले सहयोगी क्षेत्र आय के अवसरों को बेहतर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका को मज़बूत करने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
आर्थिक समीक्षा में इस तथ्य को भी दर्ज किया गया है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान कृषि एवं सहयोगी क्षेत्रों में औसत वार्षिक विकास दर स्थिर मूल्य पर 4.4 प्रतिशत रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के दौरान कृषि क्षेत्र की विकास दर 3.5 प्रतिशत रही। दशकीय वृद्धि दर (वित्तीय वर्ष 2016-वित्तीय वर्ष 2025) 4.45 प्रतिशत रही, जो कि पिछले दशकों की तुलना में सर्वाधिक है। यह वृद्धि दर मुख्य रूप से मवेशी (7.1 प्रतिशत) और मछली पकड़ने एवं उसके पालन (8.8 प्रतिशत) के मामले में सशक्त प्रदर्शन के परिणामस्वरूप संभव हुई है। इसके बाद फसल क्षेत्र का स्थान रहा, जिसमें 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई।
वित्तीय वर्ष 2015 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024 के दौरान पशुधन क्षेत्र में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गयी। इसके सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में लगभग 195 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस क्षेत्र ने वर्तमान मूल्य पर 12.77 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक विकास दर (सीएजीआर) दर्ज की। मत्स्य पालन क्षेत्र ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। वर्ष 2004-14 की तुलना में 2014-2025 के दौरान मछली के उत्पादन में 140 प्रतिशत से भी अधिक (88.14 लाख टन) की वृद्धि हुई। इस प्रकार, सहयोगी क्षेत्र निरंतर विकास के एक मुख्य वाहक के रूप में उभर रहे हैं और कृषि से होने वाली आय को बढ़ाने में अहम योगदान दे रहे हैं।
भारत के खाद्यान्न उत्पादन में भी निरंतर वृद्धि हुई है और इसके कृषि वर्ष (एवाई) 2024-25 के दौरान 3,577.3 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) तक पहुंच जाने का अनुमान है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 254.3 एलएमटी अधिक है। खाद्यान्न उत्पादन में यह बढ़ोतरी चावल, गेहूं, मक्का एवं मोटे अनाजों (श्री अन्न) की अधिक उपज के कारण संभव हुई है।
बागवानी क्षेत्र, जिसकी कृषि मूल्य वर्धन (जीवीए) में 33 प्रतिशत की हिस्सेदारी है, देश की कृषि विकास यात्रा में एक उज्ज्वल पक्ष के रूप में उभरी है। वर्ष 2024-25 के दौरान, बागवानी क्षेत्र का उत्पादन 362.08 एमटी तक पहुंच गया और इसने खाद्यानों के 329.68 एमटी के अनुमानित उत्पादन को पीछे छोड़ दिया। अगस्त 2025 तक, बागवानी क्षेत्र का उत्पादन 2013-14 में 280.70 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 367.72 मिलियन टन तक जा पहुंचा।
खाद्यान्नों के उत्पादन में यह वृद्धि बेहद व्यापक रही है। फलों का उत्पादन 114.51 मिलियन टन, सब्जियों का उत्पादन 219.67 मिलियन टन तथा अन्य बागवानी आधारित फसलों का उत्पादन 33.54 मिलियन टन रहा, जो कि कृषिगत उत्पादन एवं मूल्य में इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
इसके अलावा, भारत विश्व का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश बन गया है और प्याज के वैश्विक उत्पादन में 25 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। सब्जियों, फलों एवं आलू के उत्पादन के मामले में भी भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन गया है और वह प्रत्येक श्रेणी के वैश्विक उत्पादन में 12-13 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। ये उपलब्धियां बागवानी क्षेत्र में भारत की मजबूत स्थिति, खाद्य पदार्थों की वैश्विक मांग को पूरा करने में इसकी बढ़ती भूमिका और उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन में उपलब्ध अवसरों को दर्शाती हैं।
अंत में, आर्थिक समीक्षा में यह भी कहा गया है कि कृषि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के केंद्र में होगी, समावेशी विकास को बढ़ावा देगी और करोड़ों लोगों की आजीविका को बेहतर बनाएगी। भारत ने कृषिगत उत्पादन, खासकर देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण योगदान देने वाले डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन एवं बागवानी क्षेत्र को आगे बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।
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