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जर्जर बिजली लाइन और कर्मचारियों की कमी से गुस्साए उपभोक्ताओं ने घेरा पावर हाउस, आंदोलन की चेतावनी

June 7, 2026

जर्जर बिजली लाइन और कर्मचारियों की कमी से गुस्साए उपभोक्ताओं ने घेरा पावर हाउस, आंदोलन की चेतावनी

एस पी सिंह /रामचंद्र मंगलेश
मितौली खीरी।मितौली विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत रामनगर फीडर से जुड़े सैकड़ों उपभोक्ताओं का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। मानकों के अनुरूप बिजली न मिलने से नाराज ग्रामीण उपभोक्ताओं ने पावर हाउस परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उपभोक्ताओं ने अधिशासी अभियंता (विद्युत वितरण खंड प्रथम) को संबोधित एक ज्ञापन अवर अभियंता (जेई) मितौली को सौंपकर व्यवस्था सुधारने की मांग की।
सौंपे गए ज्ञापन में उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि रामनगर फीडर की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से जर्जर तारों के सहारे चल रही है। कई जगहों पर हाईटेंशन और लो-टेंशन लाइनें बबूल और नीम के घने पेड़ों के बीच से गुजर रही हैं। इसके चलते हल्की हवा चलने या मौसम में मामूली बदलाव होते ही तार आपस में टकरा जाते हैं और घंटों के लिए आपूर्ति ठप हो जाती है। क्षेत्र में अघोषित कटौती और आए दिन होने वाले फाल्ट से आम जनजीवन बेपटरी हो गया है।
उपभोक्ताओं ने विभागीय लापरवाही को उजागर करते हुए बताया कि रामनगर फीडर से लगभग 80 गांवों को बिजली सप्लाई की जाती है। फीडर की लंबाई अत्यधिक होने और इंफ्रास्ट्रक्चर जर्जर होने के कारण हर दिन कहीं न कहीं बड़ा फाल्ट होता है। हैरान करने वाली बात यह है कि इतने बड़े और संवेदनशील फीडर को दुरुस्त करने के लिए विभाग ने महज एक लाइनमैन तैनात कर रखा है। कर्मचारियों की भारी कमी के कारण शिकायतों के निस्तारण में कई-कई दिन लग जाते हैं।
प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग के खिलाफ उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। मौके पर मौजूद क्षेत्र के कुछ संभ्रांत और सम्मानित नागरिकों ने बीच-बचाव कर आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद उपभोक्ताओं ने अपनी मांगों का पत्र अधिकारियों को सौंपा।क्षेत्रीय जनता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करते हुए रामनगर फीडर की विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
उपभोक्ताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि बिजली लाइनों की मरम्मत, पेड़ों की छंटाई और लाइनमैनों की संख्या में जल्द बढ़ोतरी नहीं की गई, तो वे मितौली उपकेंद्र पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे। उपभोक्ताओं का कहना है कि इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।

बलिया में दिन दहाड़े डकैती, नकाबपोशों ने घर में घुसकर महिलाओं को बनाया बंधक और नकदी जेवरात लेकर हुए फरार

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 07/06/2026

बलिया, 07 जून 2026,   खेज़ुरी थाना अंतर्गत खड़सरा गाँव में दिन दहाड़े आधा दर्जन नकाबपोशों ने असलहे के बल पर एक अल्पसंख्यक परिवार के घर मे डकैती की। विरोध करने पर घर की महिलाओ को बंधक बनाकर जमकर पीटा। घर के सारे जेवरात और नगदी लेकर हुए फरार। मौके पर पहुंची पुलिस ने FIR दर्ज कर डकैतों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें की गठित।

घर के बाहर पुलिस की मौजूदगी की यह तस्वीरे बलिया के खेजुरी थाना क्षेत्र के खडसरा गांव की है जहाँ एक अल्पसंख्यक परिवार के घर मे दिन दहाड़े आधा दर्जन डकैतों ने धावा बोल दिया। पीड़ित परिवार की माने तो उस वक्त घर मे सिर्फ महिलाएं ही थी । डकैतों ने असलहे के बल पर घर का सारा सामान और जेवरात लूट लिया और ले गए विरोध करने पर उन्हें जमकर पीटा। जाते जाते डकैतों ने पुलिस में शिकायत करने पर उनके पति को हत्या करने की धमकी देते गए। पीड़ित परिवार पुलिस से सुरक्षा की मांग कर रहा है।

पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है वही अपराधियो की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमे गठित कर जांच शुरू कर दिया है।

Moradabad रेलवे स्टेशन पर अनाधिकृत ड्रिंकिंग वाँटर के उन्तीस कार्टन जब्त

कलकत्ता जाने वाली गुरुमुखी एक्सप्रेस के कोचों में छिपाकर रखे गए
रेल नीर की बजाय अन्य ब्रांड पानी बेचा जा रहा

Post on 7.6.26
Sunday Moradabad
Rajesh Bhatia,11.00 Am

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा।
ट्रेनों में रेल नीर की जगह अन्य पानी के ब्रांड की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है।शनिवार को गुरुमुखी एक्सप्रेस ट्रेन -12326 ट्रेन में अनाधिकृत ब्रांड का पानी पकड़ा गया।मुरादाबाद स्टेशन पर वाणिज्य विभाग सक्रिय हुआ। सीआईटी भावेश शर्मा, टीटीई अतुल सिंह आदि स्टाफ ने ट्रेन के कोचों को औखंगाला। टीम ने ट्रेन से पानी के 29 कार्टन बरामद किए।विक्रेता के पास दस्तावेज व होने से सभी कार्टन को जब्त कर लिया गया।

सीनियर डीसीएम का कहना है कि मैसर्स वृंदावन केटरिंग कंपनीके विक्रेता पर अनाधिकृत ब्रांड बेचने पर लगा जुर्माना लगाया गया है ।विक्रेता के पास ब्रांड का पानी बेचने का प्रमाण पत्र नहीं था। रेल प्रशासन ने ड्रिंकिंग वाँटर के कार्टन को जब्त कर लिया गया। पेयजल की पेटियों को लॉस्ट प्रापर्टी में जमा कराया गया है।

June 6, 2026

सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति के समन्वय से ही विश्वगुरु बनेगा भारत : जगद्गुरु रामभद्राचार्य

– अखिल भारतीय संस्कृत परिषद् के विकास के लिए रामभद्राचार्य ने दिए एक लाख रुपये
– सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति का सामंजस्य विषय पर विशिष्ट व्याख्यान
लखनऊ, 06 जून । पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति भारत की अक्षुण्ण धरोहर हैं, जिनमें मानव कल्याण, नैतिक मूल्यों और विश्वबंधुत्व की भावना निहित है। नई पीढ़ी को वैदिक परंपराओं और सनातन मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। यही सांस्कृतिक सामंजस्य भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में अग्रसर करेगा। इस अवसर पर उन्हाेंने अखिल भारतीय संस्कृत परिषद के विकास के लिए एक लाख रुपये का योगदान देने की घोषणा की। वहीं लखनऊ उत्तर से विधायक नीरज बोरा ने पुस्तकालय एवं अन्य विकास कार्यों के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की।
अखिल भारतीय संस्कृत परिषद लखनऊ के तत्वावधान में शनिवार को परिषद सभागार में सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति का सामंजस्य विषय पर आयोजित विशिष्ट व्याख्यान एवं जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के अभिनंदन समारोह में देशभर के विद्वानों, शिक्षाविदों, संस्कृत प्रेमियों और शोधार्थियों ने सहभागिता की। ज्ञानपीठ, पद्मविभूषण सहित अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत जगद्गुरु ने कहा कि प्रकृति संरक्षण, सामाजिक समरसता और वैश्विक शांति का संदेश भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो मानव सभ्यता का अस्तित्व भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने भारतवर्ष और भक्ति की व्याख्या करते हुए कहा कि भारत के प्रति समर्पण ही सच्ची भक्ति और भारतीयता का आधार है। जगद्गुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास ने भी अपने विचार रखे। राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के पूर्व कुलपति प्रो. रामसेवक दुबे ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा रचित भाष्यों की विशिष्टताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
परिषद के मंत्री प्रो. प्रयाग नारायण मिश्र ने संस्था का परिचय प्रस्तुत किया, जबकि अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभूषण त्रिपाठी ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अशोक कुमार शतपथी ने किया। वैदिक मंगलाचरण एवं शांति पाठ कुलवंत और उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
समारोह में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पाण्डेय, डॉ. रविकिशोर त्रिवेदी, डॉ. युग्गीलाल दीक्षित, डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी, आईएएस डॉ. नीरज शुक्ल, डॉ. आशुतोष द्विवेदी, प्रो. हरिशंकर मिश्र, प्रो. रामसुमेर यादव, प्रो. अनिल प्रताप गिरि सहित अनेक विद्वान, शोधार्थी और संस्कृत प्रेमी उपस्थित थे।

रील बनाने का जुनून बना जानलेवा, राप्ती नदी में डूबे दो युवक; घंटों चले रेस्क्यू के बाद मिले शव

Posted on 06/06/2026
Time 18:00 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर : 6 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) पीपीगंज थाना क्षेत्र के करतहरी घाट पर शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। राप्ती नदी में रील (Reel) बनाने के चक्कर में नहाने गए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है।

मिली जानकारी के अनुसार, जगदीशपुर गाही गांव के सात युवक शनिवार को राप्ती नदी के करतहरी घाट पर नहाने और वीडियो बनाने गए थे। सभी युवक नदी में मस्ती करते हुए मोबाइल से रील बना रहे थे। इसी दौरान, दो युवक नदी के उस हिस्से में चले गए जहाँ पानी गहरा था और बहाव भी काफी तेज था। अचानक संतुलन बिगड़ने से वे नदी में डूबने लगे। उनके साथियों ने बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन नदी की प्रबल धाराओं के आगे वे बेबस नजर आए।

घटना की सूचना पाकर पीपीगंज पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की गई, जिसके बाद पहले युवक शिवम कुमार का शव बरामद हुआ। दूसरे युवक, 19 वर्षीय गोलू कुमार की तलाश के लिए पीएसी की 26वीं वाहिनी के प्रशिक्षित गोताखोरों को बुलाया गया। कई घंटों के गहन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दूसरे युवक का शव भी बरामद कर लिया गया।

दोनों युवकों के शव मिलने की खबर सुनते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और हर किसी की आंखें नम थीं। सदर तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्यों की निगरानी की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। प्रारंभिक जांच में नदी की गहराई और तेज बहाव को हादसे का मुख्य कारण माना गया है। प्रशासन ने लोगों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के लिए कभी भी नदी या जलाशय के पास जोखिम न उठाएं। सुरक्षित रहें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

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