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शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में देवरिया BSA शालिनी श्रीवास्तव निलंबित

February 28, 2026

शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में देवरिया BSA शालिनी श्रीवास्तव निलंबित

देवरिया, शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में विभागीय लापरवाही पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव को  निलंबित कर दिया गया है।

संयुक्त शिक्षा निदेशक गोरखपुर को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्हें मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। उन्होंने कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं किया था अनुपालन।

February 24, 2026

विश्वविद्यालयों में आरक्षण के लिए UGC की नई गाइडलाइन

Posted on 24.02.2026 Tuesday Time 12.02 PM, UGC University Grants commission, Guidelines, Reservations

नई दिल्ली, 24 फरवरी 2026, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने अस्थाई और संविदा नियुक्तियों में कड़ाई से आरक्षण लागू करने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इनमें शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के उस निर्देश का जिक्र किया गया है जिसमें कहा है कि ओबीसी, एस सी, एस टी के लिए शिक्षण, गैर शिक्षण सभी वर्गों में 45 दिन तक की नौकरी में कड़ाई से इन वर्गों को आरक्षण प्रदान किया जाए।

यूजीसी के प्रमुख मनीष जोशी ने 16 फरवरी को नया सर्कुलर जारी कर कहा है कि आयोग ने 15.05.2018 के सर्कुलर का सभी केंद्रीय, राज्य, डीम्ड विश्विद्यालय, इनसे संबद्ध कॉलेज, सभी विधि विश्वविद्यालय अंशकालिक नियुक्तियों में भी आरक्षण को कड़ाई से लागू करें।

AI के दौर में ‘विरासत’ और ‘विकास’ का संतुलन अनिवार्य: अर्जुन राम मेघवाल    

अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के शिक्षाविदो ने किया प्रतिभाग    

नई दिल्ली , 23 फरवरी | डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी “डिजिटल समाज और मानवीय मूल्य: एआई युग में एकात्म मानव दर्शन का पुनरुद्धार” का रविवार को समापन हुआ। इस अवसर पर भारत की सभ्यतागत विकास तथा सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीक के बीच समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया। 800 से अधिक शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों की उपस्थिति में भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस Artificial intelligence के क्षेत्र में नैतिक मानकों को तय करने वाले वैश्विक मार्गदर्शक के रूप में अपनी भूमिका स्पष्ट की।

समापन सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। प्रो. हेम चंद जैन, प्राचार्य, दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने दो दिवसीय कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की और कार्यक्रम का संचालन प्रो. शैलेश मिश्रा ने किया।

मानव-केंद्रित हो डिजिटल क्रांति (more…)

February 11, 2026

Moradabad university ko बजट me 50 करोड़

मुरादाबाद में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय( Guru Jambheshver University) को बजट में 50 करोड़
बजट राशि से मिलेगी विवि को रफ्तार

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

Posted on 11.02.2026, Wednesday, Time 09.46 PM, Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,11 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
इस साल अस्तित्व में आई मुरादाबाद में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (University) को अब विस्तार मिलेगा। बुधवार को जारी यूपी सरकार के बजट में यूनिवर्सिटी (University)के लिए 50 करोड़ रुपए मिले है। आवंटन से विवि का स्थाई परिसर विकसित हो सकेगा। अभी यूनिवर्सिटी पाँलिटेक्निक कालेज भवन से संचालित की जा रहीं है।
मुरादाबाद में विवि के लिए जमीन पहले ही हरदासपुर में ली गई है। हरदासपुर में विवि के भवन की चारदीवारी व निर्माण कार्य चल रहा है। शासन ने विवि
(University) का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए इस साल जुलाई की मियाद निर्धारित की है। निर्माण में बाधा न आएं इसके लिए बजट में धनराशि पर ध्यान दिया गया है।

January 31, 2026

जॉब्स के लिए केवल डिग्री इंपोर्टेंट नहींः कॉर्पोरेट एक्सपर्ट दीप्ति वर्मा

  • तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी Teerthankar Mahveer University (TMU) के सीटीएलडी CTLD की ओर से करियर टॉक्स- पाथवेज़ टु सक्सेस Career talks : pathwayes to success में एवीपीएन AVPN  की टैलेंट एक्विज़िशन लीडर सुश्री दीप्ति वर्मा ने स्टुडेंट्स को साझा किए तमाम टिप्स
Career talks in TMU Moradabad by Deepti Verma

स्टूडेंट्स के साथ कैरियर टाक के बाद सुश्री दीप्ति वर्मा का टीएमयू में हुआ सम्मान

Posted & Published on 31.01.2026, Saturday Time: 18.39, TMU Moradabad

मुरादाबाद, 31 जनवरी 2026, एवीपीएन की टैलेंट एक्विज़िशन लीडर सुश्री दीप्ति वर्मा ने कॉ कॉर्पोरेट भर्ती प्रक्रिया की वास्तविकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, चयन केवल अंकों या डिग्री पर आधारित नहीं होता, बल्कि अभ्यर्थी के व्यावहारिक कौशल, सोचने की क्षमता, संवाद शैली और संगठनात्मक संस्कृति के साथ सामंजस्य पर भी निर्भर करता है। एचआर प्रोफेशनल्स उम्मीदवार को केवल डिग्री होल्डर के रूप में नहीं, बल्कि एक सम्भावनाशील पेशेवर के रूप में देखते हैं। उन्होंने स्टुडेंट्स से कहा, प्रारंभिक स्क्रीनिंग से लेकर अंतिम चयन तक, रिज़्यूमे प्रस्तुति, इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास, बॉडी लैंग्वेज, और प्रश्नों के प्रति दृष्टिकोण का विशेष महत्व होता है।  सुश्री दीप्ति वर्मा ने छात्रों को सलाह दी कि वे कॉलेज जीवन के दौरान ही इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, स्वयंसेवी कार्य, टीमवर्क और लीडरशिप अवसरों को गंभीरता से लें, क्योंकि ये अनुभव साक्षात्कार के समय उम्मीदवार को दूसरों से अलग पहचान दिलाते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज के कॉर्पाेरेट जगत में एडैप्टेबिलिटी, डिजिटल अवेयरनेस और निरंतर सीखने की इच्छा सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। अंत में सुश्री दीप्ति वर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि करियर एक दौड़ नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक यात्रा है, जिसमें सही दिशा, धैर्य और निरंतर प्रयास से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। एक्सपर्ट सेशन में सीसीएसआईटी, टिमिट, लॉ, एग्रीकल्चर, फार्मेसी आदि कॉलेजों के छात्रों की मौजूदगी में सवाल-जबाव का दौर भी चला।

 

 

सुश्री वर्मा तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डवलपमेंट- सीटीएलडी की ओर से करियर टॉक्स- पाथवेज़ टु सक्सेस पर आयोजित विशेषज्ञ सत्र में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहीं थीं। विशेषज्ञ सत्र का विषय कॉर्पोरेट रेडिनेस और शीर्षक हाउ एचआर एक्चुली हायर्सः द सिक्रेट सेलेक्शन टिप्स रहा। इससे पूर्व मुख्य वक्ता सुश्री दीप्ति वर्मा, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी, सीटीएलडी के डायरेक्टर प्रो. पंकज कुमार सिंह आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके एक्सपर्ट सेशन का शुभारम्भ किया। डीन प्रो. द्विवेदी ने स्टुडेंट्स से कहा, जॉब्स के लिए वर्तमान समय में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। स्टुडेंट्स को संचार कौशल, सकारात्मक दृष्टिकोण, कार्यस्थल पर अनुकूलन क्षमता तथा नैतिक मूल्यों की समझ विद्यार्थियों को कॉर्पाेरेट जगत में सफल बनाती है। सीटीएलडी केे प्रो. पंकज कुमार सिंह बोले, कैरियर टॉक्स श्रृंखला का मकसद कक्षा में अर्जित ज्ञान और उद्योग की व्यावहारिक अपेक्षाओं के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने सीटीएलडी की ओर से भविष्य में भी ऐसे उद्योग-संवाद आधारित कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई। डॉ. जैस्मिन स्टीफन ने संयोजक, जबकि श्री प्रदीप पंवार ने सह-समन्वयक की भूमिका निभाई। संचालन सुश्री अन्वेषा सिसोदिया ने किया। कार्यक्रम में श्रीमती मणि सारस्वत आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। अंत में डॉ. दिलीप दत्त वार्ष्णेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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