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*98.75 लाख से बनेगा वजीरपुर का पैंटून पुल

March 16, 2026

*98.75 लाख से बनेगा वजीरपुर का पैंटून पुल

किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार आवश्यक कदम उठा रही योगी सरकार: हरि प्रकाश*
(. संजीव गुप्त द्वारा )
*जनपद में जल्द मिलेगी कई विकास कार्यों की मंजूरी: डीएम*

शाहजहांपुर 14/मार्च/2026

जनपद के जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र के वजीरपुर में पैंटून पुल की मांग को लेकर किसानों द्वारा लगातार मांग की जा रही थी। जिसको संज्ञान लेते हुए जलालाबाद विधायक हरि प्रकाश वर्मा पूर्व विधायक शरदवीर सिंह और जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों की समस्याओं को अवगत कराते हुए पैंटून पुल बनाए जाने की मांग की । माननीय मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विधायक हरि प्रकाश वर्मा की मांग पर 100 वर्ष पुराने घाट वजीरपुर और मनिहार घाट पर पैंटून पुल की स्वीकृति के बाद शनिवार को मुख्य अतिथि जलालाबाद विधायक हरि प्रकाश वर्मा पूर्व विधायक शरदवीर सिंह और जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह के द्वारा विधि विधान पूर्वक भूमि पूजन किया गया। इस दौरान विधायक हरि प्रकाश वर्मा ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार लगातार किसानों नौजवानों और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर है पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में शिक्षा सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग को लेकर काफी कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर संकल्पबद्ध है साथ ही जो कार्य बिना किसी मांग के ही पूरे हो रहे हैं।

किसान नेता नरेंद्र सिंह सोमवंशी ने सर्व प्रथम पैंटून पुल बनाए जाने के लिए बीजेपी विधायक हरि प्रकाश वर्मा पूर्व विधायक शरदवीर सिंह और जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह का आभार व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने पैंटून पुल के साथ दोनों ओर सड़क निर्माण कराए जाने की मांग की और छुट्टा गौ वंशों से निजात दिलाने के लिए गौ शाला के निर्माण की मांग की।

जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि गौ शाला के निर्माण के लिए जब भी सैलाफ मुक्त एरिया में जगह मिल जाएगी तो किसानों की समस्या को देखते हुए स्थाई गौ शाला का निर्माण अवश्य कराया जाएगा।

March 15, 2026

जलालाबाद में भव्य सामूहिक विवाह: 150 जोड़ों का बंधन पवित्र बंधन में बंधा

( संजीव कुमार गुप्त की _ रपट )
शाहजहाँपुर, माँ वैष्णोधाम मैरिज लॉन, जलालाबाद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि विधायक हरिप्रकाश वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में 150 जोड़ों (144 हिंदू और 6 मुस्लिम) का विवाह संपन्न कराया गया।कार्यक्रम में क्षेत्र पंचायत मिर्जापुर, कलान एवं जलालाबाद की अध्यक्षें, नगर पालिका जलालाबाद, अल्हागंज एवं कलान के अध्यक्ष, जिला पंचायत राज अधिकारी, संबंधित बीडीओ, ईओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। मंच संचालन इंदु अजनबी ने किया। सभी अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को सुखमय दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी जलालाबाद, मिर्जापुर, कलान, नगर पालिकाओं एवं जिला समाज कल्याण कार्यालय के कर्मचारियों ने सहयोग किया। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

March 12, 2026

रवी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ खरीद तैयारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न

( संजीव गुप्ता द्वारा )
शाहजहाँपुर, 11 मार्च। रवी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जनपद में गेहूँ खरीद एवं भण्डारण व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी/जिला खरीद अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, समस्त मंडी सचिव तथा संबंधित सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधक उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम, बरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी क्रय संस्थाओं के जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में स्वीकृत 158 गेहूँ क्रय केन्द्रों को शीघ्र सक्रिय किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित संस्थाएं अपने क्षेत्रीय मंडी सचिवों से समन्वय स्थापित करते हुए सभी क्रय केन्द्रों पर आवश्यक उपकरण, अभिलेख एवं किसानों की सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि सभी केन्द्रों को 17 मार्च 2026 से पूर्व पूर्ण रूप से क्रियाशील किया जा सके।
खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल https://fcs.up.gov.in/ पर गेहूँ विक्रय के लिए किसानों का पंजीकरण कार्य प्रारम्भ हो चुका है। किसानों से अपील की गई कि वे अपनी उपज का लाभकारी मूल्य प्राप्त करने के लिए शीघ्र अपने मोबाइल फोन अथवा जनसुविधा केन्द्र के माध्यम से पंजीकरण कराएं, जिससे समय से सत्यापन होने के बाद उन्हें अपनी उपज के विक्रय में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। फसल की कटाई के पश्चात किसान अपनी सुविधा के अनुसार पंजीकरण प्रपत्रों सहित निकटतम गेहूँ क्रय केन्द्र से संपर्क कर टोकन प्राप्त करें तथा निर्धारित तिथि पर ही अपना गुणवत्तापरक गेहूँ विक्रय हेतु लेकर आएं।
सभी क्रय संस्थाओं को यह भी निर्देशित किया गया कि उनके केन्द्र प्रभारी 17 मार्च 2026 से प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक क्रय केन्द्रों पर उपस्थित रहकर गेहूँ खरीद का कार्य सुनिश्चित करेंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि केन्द्रों पर आने वाले किसानों के साथ सौम्य एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
गेहूँ खरीद से संबंधित शिकायतों एवं सुझावों के लिए नियंत्रण कक्ष/हेल्प डेस्क नंबर 05842-221986 तथा व्हाट्सएप नंबर 95190-63411 जारी किए गए हैं, जिन पर किसान संपर्क कर सकते हैं। शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप गेहूँ न होने की स्थिति में उसकी नीलामी प्रतिदिन मंडी में व्यापारियों और केन्द्र प्रभारियों की उपस्थिति में दो बार बोली लगवाकर कराई जाएगी, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
जनपद के किसानों से यह भी अपील की गई कि वे शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार गेहूँ को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके ही क्रय केन्द्रों पर लाएं, जिससे सरकारी गेहूँ खरीद केन्द्रों पर विक्रय के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

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शाहजहांपुर में कानून व्यवस्था को लेकर डीएम ने की बैठक

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में आगामी अलविदा व ईद पर्व को लेकर शांति एवं कानून व्यवस्था संबंधी बैठक आयोजित
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर 11 मार्च, 2026। आगामी अलविदा तथा ईद के त्योहारों को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ईदगाह कमेटी के सदस्य, धर्मगुरु तथा शहर के संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान बताया गया कि 13 मार्च, शुक्रवार को जनपद की विभिन्न मस्जिदों सहित ईदगाहों में अलविदा की नमाज अदा की जाएगी तथा इसके उपरांत आगामी दिनों में ईद के अवसर पर ईद की नमाज का आयोजन जनपद की सभी मस्जिदों में किया जाएगा। अलविदा की नमाज रमज़ान माह के अंतिम शुक्रवार को अदा की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में नमाजी शामिल होते हैं। इसको दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में ईदगाह कमेटी के सदस्यों एवं धर्मगुरुओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने मस्जिदों एवं ईदगाहों के आसपास साफ-सफाई की व्यवस्था, छुट्टा पशुओं को नियंत्रित करने, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल की समुचित व्यवस्था तथा नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त जिन स्थानों पर सड़कें खुदी हुई हैं, वहां धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव कराए जाने की भी मांग रखी गई।

जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि जनपद की प्रमुख मस्जिदों तथा ईदगाह, जामा मस्जिद के पहुंच मार्गों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा आसपास साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चुना छिड़काव कराने के भी निर्देश दिए । जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि अलविदा के दिन सड़कों पर छुट्टा पशु न घूमने पाए इसके लिए नगर निगम आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही डेयरी संचालकों को भी निर्देशित किया जाए कि अलविदा के दिन अपने पशुओं को सड़कों पर न निकालें, जिससे आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि नमाज के समय किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए साथ ही शहर पेश इमाम हुजूर अहमद मंजरी से कहा कि किसी भी स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कॉल करके समस्या से अवगत करा सकते हैं। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे रमज़ान अलविदा एवं ईद का त्योहार जनपद में आपसी सौहार्द, शांति एवं भाईचारे के वातावरण में संपन्न हो सके।

बैठक के दौरान नगर आयुक्त डॉ विपिन कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र , अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार, एसपी ग्रामीण सहित संबंधित अधिकारियों मौजूद रहे।
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March 10, 2026

भूगर्भजल विभाग प्रदेश की भूजल सम्पदा का कर रहा है संरक्षण

भूगर्भ जल विभाग

( संजीवगुप्त की रिपोर्ट )
शाहजहांपुर: 10 मार्च, 2026
राज्य में भूगर्भ जल संसाधनों के निरन्तर बढ़ते महत्व एवं इसके प्रभावी प्रबंधन के दृष्टिगत भूगर्भ जल विभाग को प्रदेश की भूजल सम्पदा के सर्वेक्षण, अनुसंधान, नियोजन, विकास व प्रबन्धन तथा भूगर्भ जल दोहन के नियंत्रण एवं भूगर्भ जल संरक्षण, संचयन व विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही रिचार्ज योजनाओं के समन्वय तथा अनुश्रवण हेतु वर्ष 2004 में नोडल एजेंसी घोषित किया गया। प्रदेश के भूगर्भ जल विभाग के मुख्य कार्य व दायित्वों के अन्तर्गत प्रदेश की भूजल सम्पदा का सर्वेक्षण, आकलन, प्रबंधन व नियोजन तथा उससे जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक अध्ययन, भूगर्भ जल दोहन पर नियंत्रण, भूजल संरक्षण, संचयन तथा रिचार्ज योजनाओं का तकनीकी समन्वय व अनुश्रवण करना है।
भूजल संसाधन का विकास, आकलन एवं सुदृढ़ीकरणः-
प्रदेश के समस्त 75 जनपदों के 826 विकासखण्ड दिनांक 31-03-2025 के आंकड़ो पर आधारित नवीनतम भूजल संसाधनों के आंकलन के अनुसार 44 विकास खण्ड अतिदोहित श्रेणी, 48 विकास खण्ड क्रिटिकल श्रेणी, 171 विकास खण्ड सेमी क्रिटिकल श्रेणी तथा 563 विकास खण्ड को सुरक्षित श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
इस योजना के अन्तर्गत वितीय वर्ष 2024-25 में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भूजल स्तर मापन कार्य के अन्तर्गत प्री-मानसून तथा पोस्ट-मानसून का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा निर्धारित लक्ष्यों के क्रम में 184 नं0 अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना एवं 200 नं० पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण का कार्य भी शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना के निर्धारित लक्ष्य 233 नं० का कार्य के सापेक्ष 233 नं0 का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 200 नं० पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण के सापेक्ष शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

लेख
भूगर्भ जल विभाग

भूगर्भजल विभाग प्रदेश की भूजल सम्पदा का कर रहा है संरक्षण

शाहजहांपुर: 10 मार्च, 2026
राज्य में भूगर्भ जल संसाधनों के निरन्तर बढ़ते महत्व एवं इसके प्रभावी प्रबंधन के दृष्टिगत भूगर्भ जल विभाग को प्रदेश की भूजल सम्पदा के सर्वेक्षण, अनुसंधान, नियोजन, विकास व प्रबन्धन तथा भूगर्भ जल दोहन के नियंत्रण एवं भूगर्भ जल संरक्षण, संचयन व विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही रिचार्ज योजनाओं के समन्वय तथा अनुश्रवण हेतु वर्ष 2004 में नोडल एजेंसी घोषित किया गया। प्रदेश के भूगर्भ जल विभाग के मुख्य कार्य व दायित्वों के अन्तर्गत प्रदेश की भूजल सम्पदा का सर्वेक्षण, आकलन, प्रबंधन व नियोजन तथा उससे जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक अध्ययन, भूगर्भ जल दोहन पर नियंत्रण, भूजल संरक्षण, संचयन तथा रिचार्ज योजनाओं का तकनीकी समन्वय व अनुश्रवण करना है।
भूजल संसाधन का विकास, आकलन एवं सुदृढ़ीकरणः-
प्रदेश के समस्त 75 जनपदों के 826 विकासखण्ड दिनांक 31-03-2025 के आंकड़ो पर आधारित नवीनतम भूजल संसाधनों के आंकलन के अनुसार 44 विकास खण्ड अतिदोहित श्रेणी, 48 विकास खण्ड क्रिटिकल श्रेणी, 171 विकास खण्ड सेमी क्रिटिकल श्रेणी तथा 563 विकास खण्ड को सुरक्षित श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
इस योजना के अन्तर्गत वितीय वर्ष 2024-25 में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भूजल स्तर मापन कार्य के अन्तर्गत प्री-मानसून तथा पोस्ट-मानसून का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा निर्धारित लक्ष्यों के क्रम में 184 नं0 अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना एवं 200 नं० पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण का कार्य भी शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना के निर्धारित लक्ष्य 233 नं० का कार्य के सापेक्ष 233 नं0 का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 200 नं० पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण के सापेक्ष शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 15 से 22 जुलाई के मध्य ‘‘भूजल सप्ताह’’ का सफल आयोजन करायज्ञ जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2025 के मध्य ष्भूजल सप्ताहष् का सफल आयोजन कराते हुए जन जागरूकता लाई गई है।
इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट –
उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में जल संसाधन के प्रबन्धन की परियोजना हेतु दिनांक 20 अगस्त, 2020 को उत्तर प्रदेश सरकार तथा जल संसाधन मंत्रालय, इजराइल के मध्य ‘‘प्लान ऑफ को-आपरेशन’’ हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके अन्तर्गत बुन्देलखण्ड में जल प्रबन्धन के क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार किये जाने हेतु इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट योजना लागू की गई है। इस परियोजना के अन्तर्गत उन्नत कृषि उपायों, इन्टीग्रेटेड ड्रिप इरीगेशन के द्वारा क्षेत्र में जल संवर्धन के कार्य किया जा रहा है। योजना में बुन्देलखण्ड परिक्षेत्र के 26 ग्रार्मा को सम्मिलित करते हुए हाइड्रोजियोलाजिकल परिस्थितियों के आधार पर डिमान्ड साइड मैनेजमेंट के कार्यों को मुख्य रूप से इजराइल सरकार द्वारा सुझाई गयी नवीनतम तकनीकों के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस योजना के प्रथम चरण में चयनित इजराइली कम्पनी द्वारा फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित की गयी, जिस पर अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। साथ ही इजराइली फर्म द्वारा जनपद-झांसी के विकास खण्ड-बडागांव के अन्तर्गत ग्राम-गंगावली में मिनी पायलेट प्रोजेक्ट तैयार कर उपलब्ध कराया गया है, जिस पर च्थ्।क् से अनुमोदन के उपरान्त नियमानुसार ई-निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर अनुबन्ध गठन किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना
प्रदेश में अटल भूजल योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 88 अतिदोहित/क्रिटिकल विकास खण्डों में वाटर सिक्योरिटी प्लान का विकास तथा 88 मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष 04 नं० मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष कार्य प्रगति पर है। साथ ही प्रदेश के इन 88 विकास खण्डों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग की स्थापना किये जाने हेतु कुल 56000 वर्ग मीटर का लक्ष्य निर्धारित है, जिस हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
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प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 15 से 22 जुलाई के मध्य ‘‘भूजल सप्ताह’’ का सफल आयोजन करायज्ञ जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2025 के मध्य ष्भूजल सप्ताहष् का सफल आयोजन कराते हुए जन जागरूकता लाई गई है।
इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट –
उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में जल संसाधन के प्रबन्धन की परियोजना हेतु दिनांक 20 अगस्त, 2020 को उत्तर प्रदेश सरकार तथा जल संसाधन मंत्रालय, इजराइल के मध्य ‘‘प्लान ऑफ को-आपरेशन’’ हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके अन्तर्गत बुन्देलखण्ड में जल प्रबन्धन के क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार किये जाने हेतु इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट योजना लागू की गई है। इस परियोजना के अन्तर्गत उन्नत कृषि उपायों, इन्टीग्रेटेड ड्रिप इरीगेशन के द्वारा क्षेत्र में जल संवर्धन के कार्य किया जा रहा है। योजना में बुन्देलखण्ड परिक्षेत्र के 26 ग्रार्मा को सम्मिलित करते हुए हाइड्रोजियोलाजिकल परिस्थितियों के आधार पर डिमान्ड साइड मैनेजमेंट के कार्यों को मुख्य रूप से इजराइल सरकार द्वारा सुझाई गयी नवीनतम तकनीकों के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस योजना के प्रथम चरण में चयनित इजराइली कम्पनी द्वारा फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित की गयी, जिस पर अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। साथ ही इजराइली फर्म द्वारा जनपद-झांसी के विकास खण्ड-बडागांव के अन्तर्गत ग्राम-गंगावली में मिनी पायलेट प्रोजेक्ट तैयार कर उपलब्ध कराया गया है, जिस पर च्थ्।क् से अनुमोदन के उपरान्त नियमानुसार ई-निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर अनुबन्ध गठन किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना
प्रदेश में अटल भूजल योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 88 अतिदोहित/क्रिटिकल विकास खण्डों में वाटर सिक्योरिटी प्लान का विकास तथा 88 मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष 04 नं० मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष कार्य प्रगति पर है। साथ ही प्रदेश के इन 88 विकास खण्डों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग की स्थापना किये जाने हेतु कुल 56000 वर्ग मीटर का लक्ष्य निर्धारित है, जिस हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
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