Web News

www.upwebnews.com

रवी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ खरीद तैयारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न

March 12, 2026

रवी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ खरीद तैयारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न

( संजीव गुप्ता द्वारा )
शाहजहाँपुर, 11 मार्च। रवी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जनपद में गेहूँ खरीद एवं भण्डारण व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी/जिला खरीद अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, समस्त मंडी सचिव तथा संबंधित सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधक उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम, बरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी क्रय संस्थाओं के जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में स्वीकृत 158 गेहूँ क्रय केन्द्रों को शीघ्र सक्रिय किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित संस्थाएं अपने क्षेत्रीय मंडी सचिवों से समन्वय स्थापित करते हुए सभी क्रय केन्द्रों पर आवश्यक उपकरण, अभिलेख एवं किसानों की सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि सभी केन्द्रों को 17 मार्च 2026 से पूर्व पूर्ण रूप से क्रियाशील किया जा सके।
खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल https://fcs.up.gov.in/ पर गेहूँ विक्रय के लिए किसानों का पंजीकरण कार्य प्रारम्भ हो चुका है। किसानों से अपील की गई कि वे अपनी उपज का लाभकारी मूल्य प्राप्त करने के लिए शीघ्र अपने मोबाइल फोन अथवा जनसुविधा केन्द्र के माध्यम से पंजीकरण कराएं, जिससे समय से सत्यापन होने के बाद उन्हें अपनी उपज के विक्रय में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। फसल की कटाई के पश्चात किसान अपनी सुविधा के अनुसार पंजीकरण प्रपत्रों सहित निकटतम गेहूँ क्रय केन्द्र से संपर्क कर टोकन प्राप्त करें तथा निर्धारित तिथि पर ही अपना गुणवत्तापरक गेहूँ विक्रय हेतु लेकर आएं।
सभी क्रय संस्थाओं को यह भी निर्देशित किया गया कि उनके केन्द्र प्रभारी 17 मार्च 2026 से प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक क्रय केन्द्रों पर उपस्थित रहकर गेहूँ खरीद का कार्य सुनिश्चित करेंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि केन्द्रों पर आने वाले किसानों के साथ सौम्य एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
गेहूँ खरीद से संबंधित शिकायतों एवं सुझावों के लिए नियंत्रण कक्ष/हेल्प डेस्क नंबर 05842-221986 तथा व्हाट्सएप नंबर 95190-63411 जारी किए गए हैं, जिन पर किसान संपर्क कर सकते हैं। शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप गेहूँ न होने की स्थिति में उसकी नीलामी प्रतिदिन मंडी में व्यापारियों और केन्द्र प्रभारियों की उपस्थिति में दो बार बोली लगवाकर कराई जाएगी, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
जनपद के किसानों से यह भी अपील की गई कि वे शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार गेहूँ को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके ही क्रय केन्द्रों पर लाएं, जिससे सरकारी गेहूँ खरीद केन्द्रों पर विक्रय के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

____________

शाहजहांपुर में कानून व्यवस्था को लेकर डीएम ने की बैठक

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में आगामी अलविदा व ईद पर्व को लेकर शांति एवं कानून व्यवस्था संबंधी बैठक आयोजित
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर 11 मार्च, 2026। आगामी अलविदा तथा ईद के त्योहारों को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ईदगाह कमेटी के सदस्य, धर्मगुरु तथा शहर के संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान बताया गया कि 13 मार्च, शुक्रवार को जनपद की विभिन्न मस्जिदों सहित ईदगाहों में अलविदा की नमाज अदा की जाएगी तथा इसके उपरांत आगामी दिनों में ईद के अवसर पर ईद की नमाज का आयोजन जनपद की सभी मस्जिदों में किया जाएगा। अलविदा की नमाज रमज़ान माह के अंतिम शुक्रवार को अदा की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में नमाजी शामिल होते हैं। इसको दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में ईदगाह कमेटी के सदस्यों एवं धर्मगुरुओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने मस्जिदों एवं ईदगाहों के आसपास साफ-सफाई की व्यवस्था, छुट्टा पशुओं को नियंत्रित करने, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल की समुचित व्यवस्था तथा नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त जिन स्थानों पर सड़कें खुदी हुई हैं, वहां धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव कराए जाने की भी मांग रखी गई।

जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि जनपद की प्रमुख मस्जिदों तथा ईदगाह, जामा मस्जिद के पहुंच मार्गों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा आसपास साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चुना छिड़काव कराने के भी निर्देश दिए । जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि अलविदा के दिन सड़कों पर छुट्टा पशु न घूमने पाए इसके लिए नगर निगम आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही डेयरी संचालकों को भी निर्देशित किया जाए कि अलविदा के दिन अपने पशुओं को सड़कों पर न निकालें, जिससे आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि नमाज के समय किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए साथ ही शहर पेश इमाम हुजूर अहमद मंजरी से कहा कि किसी भी स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कॉल करके समस्या से अवगत करा सकते हैं। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे रमज़ान अलविदा एवं ईद का त्योहार जनपद में आपसी सौहार्द, शांति एवं भाईचारे के वातावरण में संपन्न हो सके।

बैठक के दौरान नगर आयुक्त डॉ विपिन कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र , अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार, एसपी ग्रामीण सहित संबंधित अधिकारियों मौजूद रहे।
_____________

March 10, 2026

भूगर्भजल विभाग प्रदेश की भूजल सम्पदा का कर रहा है संरक्षण

भूगर्भ जल विभाग

( संजीवगुप्त की रिपोर्ट )
शाहजहांपुर: 10 मार्च, 2026
राज्य में भूगर्भ जल संसाधनों के निरन्तर बढ़ते महत्व एवं इसके प्रभावी प्रबंधन के दृष्टिगत भूगर्भ जल विभाग को प्रदेश की भूजल सम्पदा के सर्वेक्षण, अनुसंधान, नियोजन, विकास व प्रबन्धन तथा भूगर्भ जल दोहन के नियंत्रण एवं भूगर्भ जल संरक्षण, संचयन व विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही रिचार्ज योजनाओं के समन्वय तथा अनुश्रवण हेतु वर्ष 2004 में नोडल एजेंसी घोषित किया गया। प्रदेश के भूगर्भ जल विभाग के मुख्य कार्य व दायित्वों के अन्तर्गत प्रदेश की भूजल सम्पदा का सर्वेक्षण, आकलन, प्रबंधन व नियोजन तथा उससे जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक अध्ययन, भूगर्भ जल दोहन पर नियंत्रण, भूजल संरक्षण, संचयन तथा रिचार्ज योजनाओं का तकनीकी समन्वय व अनुश्रवण करना है।
भूजल संसाधन का विकास, आकलन एवं सुदृढ़ीकरणः-
प्रदेश के समस्त 75 जनपदों के 826 विकासखण्ड दिनांक 31-03-2025 के आंकड़ो पर आधारित नवीनतम भूजल संसाधनों के आंकलन के अनुसार 44 विकास खण्ड अतिदोहित श्रेणी, 48 विकास खण्ड क्रिटिकल श्रेणी, 171 विकास खण्ड सेमी क्रिटिकल श्रेणी तथा 563 विकास खण्ड को सुरक्षित श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
इस योजना के अन्तर्गत वितीय वर्ष 2024-25 में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भूजल स्तर मापन कार्य के अन्तर्गत प्री-मानसून तथा पोस्ट-मानसून का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा निर्धारित लक्ष्यों के क्रम में 184 नं0 अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना एवं 200 नं० पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण का कार्य भी शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना के निर्धारित लक्ष्य 233 नं० का कार्य के सापेक्ष 233 नं0 का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 200 नं० पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण के सापेक्ष शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

लेख
भूगर्भ जल विभाग

भूगर्भजल विभाग प्रदेश की भूजल सम्पदा का कर रहा है संरक्षण

शाहजहांपुर: 10 मार्च, 2026
राज्य में भूगर्भ जल संसाधनों के निरन्तर बढ़ते महत्व एवं इसके प्रभावी प्रबंधन के दृष्टिगत भूगर्भ जल विभाग को प्रदेश की भूजल सम्पदा के सर्वेक्षण, अनुसंधान, नियोजन, विकास व प्रबन्धन तथा भूगर्भ जल दोहन के नियंत्रण एवं भूगर्भ जल संरक्षण, संचयन व विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही रिचार्ज योजनाओं के समन्वय तथा अनुश्रवण हेतु वर्ष 2004 में नोडल एजेंसी घोषित किया गया। प्रदेश के भूगर्भ जल विभाग के मुख्य कार्य व दायित्वों के अन्तर्गत प्रदेश की भूजल सम्पदा का सर्वेक्षण, आकलन, प्रबंधन व नियोजन तथा उससे जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक अध्ययन, भूगर्भ जल दोहन पर नियंत्रण, भूजल संरक्षण, संचयन तथा रिचार्ज योजनाओं का तकनीकी समन्वय व अनुश्रवण करना है।
भूजल संसाधन का विकास, आकलन एवं सुदृढ़ीकरणः-
प्रदेश के समस्त 75 जनपदों के 826 विकासखण्ड दिनांक 31-03-2025 के आंकड़ो पर आधारित नवीनतम भूजल संसाधनों के आंकलन के अनुसार 44 विकास खण्ड अतिदोहित श्रेणी, 48 विकास खण्ड क्रिटिकल श्रेणी, 171 विकास खण्ड सेमी क्रिटिकल श्रेणी तथा 563 विकास खण्ड को सुरक्षित श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
इस योजना के अन्तर्गत वितीय वर्ष 2024-25 में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भूजल स्तर मापन कार्य के अन्तर्गत प्री-मानसून तथा पोस्ट-मानसून का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा निर्धारित लक्ष्यों के क्रम में 184 नं0 अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना एवं 200 नं० पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण का कार्य भी शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना के निर्धारित लक्ष्य 233 नं० का कार्य के सापेक्ष 233 नं0 का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 200 नं० पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण के सापेक्ष शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 15 से 22 जुलाई के मध्य ‘‘भूजल सप्ताह’’ का सफल आयोजन करायज्ञ जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2025 के मध्य ष्भूजल सप्ताहष् का सफल आयोजन कराते हुए जन जागरूकता लाई गई है।
इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट –
उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में जल संसाधन के प्रबन्धन की परियोजना हेतु दिनांक 20 अगस्त, 2020 को उत्तर प्रदेश सरकार तथा जल संसाधन मंत्रालय, इजराइल के मध्य ‘‘प्लान ऑफ को-आपरेशन’’ हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके अन्तर्गत बुन्देलखण्ड में जल प्रबन्धन के क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार किये जाने हेतु इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट योजना लागू की गई है। इस परियोजना के अन्तर्गत उन्नत कृषि उपायों, इन्टीग्रेटेड ड्रिप इरीगेशन के द्वारा क्षेत्र में जल संवर्धन के कार्य किया जा रहा है। योजना में बुन्देलखण्ड परिक्षेत्र के 26 ग्रार्मा को सम्मिलित करते हुए हाइड्रोजियोलाजिकल परिस्थितियों के आधार पर डिमान्ड साइड मैनेजमेंट के कार्यों को मुख्य रूप से इजराइल सरकार द्वारा सुझाई गयी नवीनतम तकनीकों के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस योजना के प्रथम चरण में चयनित इजराइली कम्पनी द्वारा फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित की गयी, जिस पर अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। साथ ही इजराइली फर्म द्वारा जनपद-झांसी के विकास खण्ड-बडागांव के अन्तर्गत ग्राम-गंगावली में मिनी पायलेट प्रोजेक्ट तैयार कर उपलब्ध कराया गया है, जिस पर च्थ्।क् से अनुमोदन के उपरान्त नियमानुसार ई-निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर अनुबन्ध गठन किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना
प्रदेश में अटल भूजल योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 88 अतिदोहित/क्रिटिकल विकास खण्डों में वाटर सिक्योरिटी प्लान का विकास तथा 88 मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष 04 नं० मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष कार्य प्रगति पर है। साथ ही प्रदेश के इन 88 विकास खण्डों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग की स्थापना किये जाने हेतु कुल 56000 वर्ग मीटर का लक्ष्य निर्धारित है, जिस हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
———————————–
प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 15 से 22 जुलाई के मध्य ‘‘भूजल सप्ताह’’ का सफल आयोजन करायज्ञ जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2025 के मध्य ष्भूजल सप्ताहष् का सफल आयोजन कराते हुए जन जागरूकता लाई गई है।
इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट –
उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में जल संसाधन के प्रबन्धन की परियोजना हेतु दिनांक 20 अगस्त, 2020 को उत्तर प्रदेश सरकार तथा जल संसाधन मंत्रालय, इजराइल के मध्य ‘‘प्लान ऑफ को-आपरेशन’’ हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके अन्तर्गत बुन्देलखण्ड में जल प्रबन्धन के क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार किये जाने हेतु इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट योजना लागू की गई है। इस परियोजना के अन्तर्गत उन्नत कृषि उपायों, इन्टीग्रेटेड ड्रिप इरीगेशन के द्वारा क्षेत्र में जल संवर्धन के कार्य किया जा रहा है। योजना में बुन्देलखण्ड परिक्षेत्र के 26 ग्रार्मा को सम्मिलित करते हुए हाइड्रोजियोलाजिकल परिस्थितियों के आधार पर डिमान्ड साइड मैनेजमेंट के कार्यों को मुख्य रूप से इजराइल सरकार द्वारा सुझाई गयी नवीनतम तकनीकों के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस योजना के प्रथम चरण में चयनित इजराइली कम्पनी द्वारा फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित की गयी, जिस पर अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। साथ ही इजराइली फर्म द्वारा जनपद-झांसी के विकास खण्ड-बडागांव के अन्तर्गत ग्राम-गंगावली में मिनी पायलेट प्रोजेक्ट तैयार कर उपलब्ध कराया गया है, जिस पर च्थ्।क् से अनुमोदन के उपरान्त नियमानुसार ई-निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर अनुबन्ध गठन किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना
प्रदेश में अटल भूजल योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 88 अतिदोहित/क्रिटिकल विकास खण्डों में वाटर सिक्योरिटी प्लान का विकास तथा 88 मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष 04 नं० मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष कार्य प्रगति पर है। साथ ही प्रदेश के इन 88 विकास खण्डों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग की स्थापना किये जाने हेतु कुल 56000 वर्ग मीटर का लक्ष्य निर्धारित है, जिस हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
———————————–

March 8, 2026

बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान हेतु ‘हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग’ का सहारा लेगा प्रशासन

शाहजहाँपुर में गर्रा एवं खन्नौत नदियां
( संजीव गुप्त द्वारा )
राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के वैज्ञानिकों ने जिलाधिकारी के साथ की बैठक; बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का शुरू हुआ 02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण।

शाहजहाँपुर 06 मार्च। जनपद के शहरी क्षेत्र में गर्रा एवं खन्नौत नदियों से आने वाली बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने और भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक वैज्ञानिक डेटा तैयार करने हेतु जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में NIH रुड़की से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एल. एन. ठकुराल एवं डॉ. पी. सी. नायक द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि: शहरी क्षेत्र में हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग (Hydrodynamic Flow Modeling) के माध्यम से नदियों के जल स्तर, प्रवाह की गति और जल भराव वाले क्षेत्रों का सटीक मानचित्रण किया जाएगा।
डॉ. ठकुराल ने हरिद्वार में की गई सफल केस स्टडी का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक मॉडलिंग से वहाँ बाढ़ प्रबंधन में व्यापक सुधार हुआ है। इसी तर्ज पर शाहजहाँपुर की बाढ़ की समस्या का विश्लेषण कर समाधान निकाला जाएगा।
जिलाधिकारी के निर्देश दिए कि वर्ष 2024 की बाढ़ के कारणों पर विशेष फोकस रहे।
जिलाधिकारी ने बैठक में वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि: बदले हुए पैटर्न का अध्ययन: वर्ष 2024 से पहले स्थिति सामान्य थी, लेकिन 2024 के बाद बाढ़ की प्रवृत्ति में आए बदलावों का गहन अध्ययन किया जाए।

क्षेत्र विस्तार: अध्ययन का दायरा केवल शहर तक सीमित न रहकर जनपद पीलीभीत के दियूनी डैम से लेकर शाहजहाँपुर के अंतिम छोर तक रखा जाए, ताकि पानी के डिस्चार्ज और रास्ते का सटीक आकलन हो सके।

नदी का सुदृढ़ीकरण: वैज्ञानिक यह भी जांचें कि क्या नदियों में चैनल इक्विपमेंट लगाने या ड्रेजिंग (नदी की खुदाई/सफाई) की तत्काल आवश्यकता है।

विभागीय समन्वय और तत्काल कार्रवाई
सिंचाई विभाग: जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि हाइड्रोडायनामिक मॉडलिंग के लिए आवश्यक समस्त तकनीकी डेटा वैज्ञानिकों को तत्काल उपलब्ध कराया जाए।

नगर निगम: काशीराम कॉलोनी और मनफूल कॉलोनी के नालों पर बाढ़ आने से पूर्व गेट (Sluice Gates) लगवाने के निर्देश दिए गए, ताकि नदियों का बढ़ा हुआ पानी बस्तियों में वापस (Backflow) न आ सके।

विकास प्राधिकरण: शाहजहाँपुर विकास प्राधिकरण (SDA) के पुराने मास्टर प्लान का भी अध्ययन करने को कहा गया ताकि शहरी ड्रेनेज और निर्माण कार्यों का तालमेल बिठाया जा सके।

02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण
NIH रुड़की के वैज्ञानिकों की यह टीम 06 से 07 मार्च तक जनपद के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। इस दौरान वे नदियों के तटबंधों, शहरी ड्रेनेज आउटलेट्स और संवेदनशील इलाकों का जायजा लेंगे।

बैठक में उपस्थिति:
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), बरेली से आए सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट, NIH रुड़की के वैज्ञानिकगण एवं सिंचाई व राजस्व विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
—-

कार्यशील पूंजी ने छुआ 1000 करोड़ का ऐतिहासिक आंकड़ा: जितिन प्रसाद

जिला सहकारी बैंक शाहजहांपुर की 87वीं वार्षिक बैठक संपन्न,
शाहजहांपुर।( संजीव गुप्त की रिपोर्ट ), 07 मार्च 26,
जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, शाहजहांपुर की 87वीं वार्षिक सामान्य निकाय बैठक शनिवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भारत सरकार के राज्यमंत्री श्री जितिन प्रसाद ने बैंक की शानदार वित्तीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए किसानों से कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीक अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री और सहकारिता मंत्री के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार सहकारिता आंदोलन को पारदर्शी, जवाबदेह और जीवित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैंक के 87 वर्षों के लंबे और सफल सफर को जनता के प्रति अटूट निष्ठा का प्रमाण बताते हुए श्री प्रसाद ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के शानदार आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि यह बैंक और जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है कि बैंक की कार्यशील पूंजी ने पहली बार 1000 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है और यह 1004.36 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। किसानों और जमाकर्ताओं के बढ़ते विश्वास के चलते बैंक की अंशपूंजी 27.95 करोड़ रुपये से भारी उछाल के साथ 41.48 करोड़ रुपये हो गई है। लाभप्रदता के मोर्चे पर भी बैंक ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है; बैंक का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष के 1.02 करोड़ रुपये से सीधे दोगुना होकर 2.07 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा, 75.03% के सुधरे हुए रिकवरी रेट और मात्र 0.84% के नेट एनपीए (NPA) के सुरक्षित स्तर के साथ बैंक ने अपना ‘A’ श्रेणी का ऑडिट वर्गीकरण बरकरार रखा है। वर्तमान में बैंक की 22 में से 20 शाखाएं मुनाफे में संचालित हो रही हैं।
किसानों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने खेती में आधुनिक तकनीक, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती उपयोगिता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में कृषि को केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। AI तकनीक के माध्यम से मौसम का सटीक पूर्वानुमान, मिट्टी की गुणवत्ता का वैज्ञानिक विश्लेषण, सही समय पर बुवाई और फसल में लगने वाले रोगों की पहले से पहचान करना अब संभव हो गया है। उन्होंने अन्नदाताओं से अपील की कि वे उपज बढ़ाने, लागत कम करने और अपनी आय दोगुनी करने के लिए खेती में इन उन्नत AI तकनीकों और स्मार्ट समाधानों को तेजी से अपनाएं।
उत्तर प्रदेश सहकारिता विभाग की अभिनव पहलों का जिक्र करते हुए राज्यमंत्री ने बताया कि राज्य में समितियों को बहुउद्देशीय (B-PACS) बनाकर उन्हें ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ (CSC) के रूप में विकसित किया जा रहा है। अब तक पूरे प्रदेश में 3000 से अधिक बी-पैक्स का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है ताकि किसानों को गांव में ही बैंकिंग और सरकारी सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही, खाद वितरण में पारदर्शिता लाने और चोरी रोकने के लिए सरकार ने बेहद सख्त नियम लागू किए हैं, जिसके तहत वितरण में खाद की फटी बोरी मिलने पर सीधे ट्रांसपोर्ट फर्म का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान किया गया है।
अपने संबोधन के अंत में श्री प्रसाद ने ऋण की समय पर वापसी को एक ‘संस्कार’ बताते हुए कहा कि इससे बैंक की ऋण देने की क्षमता (Lending Capacity) और बढ़ती है, जिसका सीधा लाभ नए किसानों को मिलता है। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी संचालक मंडल के सदस्यों, पैक्स प्रतिनिधियों, अधिकारियों और किसानों से आह्वान किया कि वे सब मिलकर संकल्प लें कि जिला सहकारी बैंक शाहजहांपुर को पूरे देश में सहकारिता का एक बेहतरीन मॉडल बनाकर उभारेंगे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद मिथलेश कुमार ने कहा कि यह प्रगति शाहजहांपुर के किसानों के सशक्तिकरण का प्रमाण है। लोकसभा सांसद अरुण कुमार सागर ने कहा कि ‘बी-पैक्स’ के कंप्यूटरीकरण से किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिली है।

जिला सहकारी बैंक के सभापति श्री डी.पी.एस. राठौर ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संचालक मंडल और बैंक के अधिकारी किसानों की सेवा के लिए सदैव तत्पर हैं।
गुरगवाँ पैक्स सभापति आयुष सिंह एवं नियामतपुर पैक्स सभापति तनु यादव ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया ।
आकाशवाणी लखनऊ में कार्यरत बिंदु जैन के संचालन में हुए कार्यक्रम में कटरा विधायक वीर विक्रम सिंह ‘प्रिंस’, तिलहर विधायक सलोना कुशवाहा, ददरौल विधायक अरविंद सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव, महापौर अर्चना वर्मा, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा, भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, पैक्सफ़ेड उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, जिला सहकारी संघ अध्यक्ष रमाकांत मिश्रा, केंद्रीय उपभोक्ता भंडार अध्यक्ष मुकेश राठौर, पूर्व उपाध्यक्ष कैंट बोर्ड अवधेश दीक्षित,विनीत मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष डीसीबी भूपेन्द्र सिंह भन्नू, सिंधौली ब्लॉक प्रमुख मुनेश्वर सिंह, ब्लॉक प्रमुख कांट श्रीदत्त शुक्ला, खुटार ब्लॉक प्रमुख नामित दीक्षित, मिर्जापुर ब्लॉक प्रमुख प्रियांशु रघुवंशी, ज़लालाबाद ब्लॉक प्रमुख लता सिंह, एआर कोआपरेटिव अखिलेश प्रताप सिंह , मुख्य कार्यपालक अधिकारी डीसीबी सौरभ द्विवेदी आदि उपस्थित रहे ।

« Newer PostsOlder Posts »