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नगला बेरिया में राजमिस्त्री ने फांसी लगाकर दी जान

May 8, 2026

नगला बेरिया में राजमिस्त्री ने फांसी लगाकर दी जान

Breaking News UP Web News

Posted on 08.05.2026 Time 10.58 PM , Friday, News Source:Neeraj Chakrapani Correspondent UP Samachar Sewa Hathras

हाथरस। कोतवाली सदर क्षेत्र के नगला बेरिया में एक राजमिस्त्री द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।मृतक की पहचान 40 वर्षीय जितेंद्र पुत्र रामचरण निवासी नगला बेरिया के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, उनकी बड़ी बेटी को गांव का एक शादीशुदा युवक लंबे समय से परेशान कर रहा था और उसे धमकियां भी दी जा रही थीं। इस संबंध में पुलिस से शिकायत भी की गई थी।परिजनों का आरोप है कि आरोपी युवक और उसके परिवार के लोग लगातार जितेंद्र को धमका रहे थे, जिससे वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। बताया गया कि इसी तनाव के चलते उसने देर रात घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

चकबंदी विवाद से परेशान किसान ने कलेक्ट्रेट में आत्मदाह का किया प्रयास

Posted on 08.05.2026 Time 10.55 PM , Friday, News Source:Neeraj Chakrapani Correspondent UP Samachar Sewa Hathras
रिश्वत मांगने का आरोप, पुलिसकर्मियों की सतर्कता से टला हादसा
कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह का प्रयास करता किसान

हाथरस। जनपद में चकबंदी से जुड़ी समस्या का समाधान न होने से परेशान एक किसान ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह का प्रयास कर सनसनी फैला दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए किसान को बचा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।जानकारी के अनुसार थाना सासनी क्षेत्र के गांव नगला गढ़ू निवासी किसान देवेंद्र सिंह ने चकबंदी अधिकारी अनिल कुमार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। किसान का कहना है कि अनुपालन आदेश कराने के नाम पर उससे 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। आर्थिक तंगी के चलते उसने अपनी भैंस बेचकर 40 हजार रुपये की व्यवस्था की और रकम दे दी, लेकिन इसके बावजूद उसका काम नहीं हुआ और बाद में उसका प्रार्थना पत्र भी खारिज कर दिया गया।पीड़ित किसान ने बताया कि नगला गढ़ू की जमीन को लेकर उनके परिवार का मुकदमा वर्ष 2012 से चल रहा है। वर्ष 1994 में उसके पिता राजवीर शर्मा ने जमीन का बैनामा कराया था। मामला वर्ष 2019 में एटा बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के पास पहुंचा था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 6 अगस्त 2025 को फैसला उनके पक्ष में आया, जिसके बाद फाइल चकबंदी अधिकारी के पास पहुंची थी।घटना के बाद चकबंदी विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं चकबंदी अधिकारी अनिल कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि मामला अभी विचाराधीन है और डीडीसी कोर्ट में मुकदमा लंबित होने के कारण अंतिम आदेश नहीं हुआ है।मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम प्रकाश चंद ने जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने 24.61 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन परियोजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण  

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Posted on 08.05.2026 Time 10.48 PM, Friday, News Source: DS Tiwari Correspondent UP Samachar Sewa, Manipuri

मैनपुरी।  जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने रु. 24.61 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन बहुद्देशीय हॉल, प्रेक्षागृह, सांस्कृतिक केंद्र एवं रू. 38 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन संग्रालय के कार्य का मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए कार्यदायी संस्था सी.एन.डी.एस. के सहायक परियोजना प्रबंधक को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माणाधीन कार्यों में गुणवत्ता, मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होने निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के अभियंता से फॉल सीलिंग कार्य में प्रयुक्त जीआई शीट, रबर वॉशर एवं जीआई वॉशर की गुणवत्ता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक पॉइंट पर उच्च गुणवत्ता वाले रबर, जीआई वॉशर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, जिससे भविष्य में पानी के रिसाव एवं सीपेज की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होने कहा कि छोटे-छोटे ड्रिल होल से कुछ समय बाद पानी का रिसाव शुरू हो जाता है, जिससे पूरी फॉल सीलिंग प्रभावित होती है, निर्माण कार्य में एंटी-रस्ट कोटिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है, बिना उचित एंटी-रस्ट ट्रीटमेंट एवं प्राइमर कोटिंग के लोहे की संरचनाओं में जंग लगने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे संपूर्ण संरचना की मजबूती प्रभावित हो सकती है इसलिए लोहे के गाटर, सपोर्ट एवं फिक्सिंग पार्ट्स को पूर्ण एंटी-रस्ट ट्रीटमेंट के बाद ही स्थापित किया जाए, जिन हिस्सों में वेल्डिंग हुई है, वहां विशेष रूप से दोबारा एंटी-रस्ट कोटिंग करायी जाए।
       श्री त्रिपाठी ने निरीक्षण में कुछ स्थानों पर टाई बार की असमान स्थिति एवं टेढ़े-मेढ़े एलाइनमेंट पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यदायी संस्था के अभियंता को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी टाई बार की पुनः जांच कर आवश्यकता अनुसार सुधार कराया जाए, टाई बार ही संपूर्ण भार को संतुलित एवं वितरित करने का कार्य करते हैं, इसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी भविष्य में गंभीर संरचनात्मक समस्या उत्पन्न कर सकती है। उन्होने निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के अभियंता को आदेशित करते हुए कहा कि कार्य में केवल स्वीकृत एवं मानक गुणवत्ता की सामग्री का ही उपयोग किया जाए, किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न हो। उन्होने कहा कि निर्माण कार्य केवल वर्तमान उपयोग को ध्यान में रखकर नहीं बल्कि दीर्घकालिक स्थायित्व को ध्यान में रखते हुए किया जाए, सभागार में बैठने की क्षमता, दृश्यता को लेकर भी तकनीकी परीक्षण कराया जाये, अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को भी स्टेज स्पष्ट रूप से दिखाई दे, कुर्सियां लगाकर वास्तविक स्थिति का परीक्षण कराया जाये यदि आवश्यक हो तो स्टेज की ऊंचाई, एलीवेशन में तकनीकी संशोधन कर दर्शकों के लिए बेहतर दृश्यता सुनिश्चित की जाए।
             उन्होने कार्यदायी संस्था के अभियंता को निर्देश दिए कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मल्टीपर्पज उपयोग, वॉल पैनलिंग, ग्लास स्ट्रक्चर, पर्दा व्यवस्था एवं अन्य इंटीरियर कार्यों का समन्वित प्लान तैयार किया जाए, जिससे भवन उपयोगी, सुरक्षित एवं आकर्षक स्वरूप में विकसित हो सके। उन्होने कहा कि वीआईपी मूवमेंट एवं विशेष अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वीआईपी रूम, प्रवेश मार्ग एवं संबंधित सुविधाओं हेतु वीआईपी रूम के आसपास उपलब्ध अतिरिक्त स्थान का बेहतर उपयोग किया जाये, उक्त क्षेत्र में सुव्यवस्थित पेंट्री एवं वॉशिंग एरिया विकसित किया जाए, जिससे आगंतुकों एवं विशिष्ट अतिथियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें साथ ही ग्रीन रूम, कलाकारों के चेंजिंग रूम तथा सुरक्षा व्यवस्था को भी व्यवस्थित एवं कार्यात्मक बनाने के निर्देश दिए। उन्होने प्रेक्षागृह, बहुद्देशीय हॉल के निरीक्षण के दौरान पाया कि अनुबन्ध लागत् के सापेक्ष कार्यदायी संस्था को अब तक रू. 15 करोड़ अवमुक्त किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक रू. 14.50 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है, प्रस्तावित कार्य मुख्य भवन, ऑडिटोरियम एवं बहुद्देशीय हॉल का निर्माण कार्य प्रस्तावित है, जिसके अन्तर्गत 800 क्षमता का ऑडिटोरियम, साउण्ड सिस्टम, स्टेज लइटिंग, कर्टेन, स्टेप लाइटिंग, कार्पेट फ्लोरिंग, स्टेज पर बुडिंग फ्लोरिंग, जलापूर्ति, विद्युतीकरण एवं बहुद्देशीय हॉल सम्मिलित है, संग्रालय हेतु स्वीकृत रू. 38 करोड़ के सापेक्ष अब रू. 20 करोड़ अवमुक्त हो चुका है। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येन्द्र सिंह, कार्यदायी संस्था के अभियंता आदि उपस्थित रहे।

अवैध कब्जे के खिलाफ चला अभियान, जमीनें कब्जा मुक्त कराई

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Posted on 08.05.2026 Time 10.44 PM, Friday, News Source: DS Tiwari Correspondent UP Samachar Sewa, Manipuri

मैनपुरी/किशनी। सरकार की मंशानुसार राजस्व कर्मियों ने आधा दर्जन गांव में कब्जा मुक्त अभियान चलाया जिसमें कई चकमार्ग और तालाबों को कब्जा मुक्त किया गया अभियान से कब्जा धारीयों में खलवली मची रही एसडीएम  गोपाल शर्मा ने कहा है कि अभियान लगातार जारी रहेगा।
एसडीएम गोपाल शर्मा ने बताया कि समान में  गाटा संख्या 2710 में तालाब पर अवैध कब्जा हटवाया जटपुरा में जेके ब्रिक फील्ड भट्ठा को पॉल्यूशन परमिशन न होने के कारण हाई कोर्ट के आदेश पर बंद कराया गया।जगतपुर 119 तालाब की जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया बही होली स्थान की जमीन को खाली कराया गया। दबंग चक मार्ग को खेत में जोत रहे थे जिसे खाली कराया गया चितायन निवासी कटोरी देवी के पट्टे पर कब्जा था जिसे नाप जोख कर मुक्त कराया गया धर्मनेर में मरघट ओर चक मार्ग को कब्जा मुक्त कराया गया डडोस में गाटा संख्या 593 चक मार्ग  जो 1970 से कब्जा किया था को  मुक्त कराया गया बही गांव निवासी सुनील कुमार को कब्जा दिलाया गया।

वृन्दावन में बनेगा भव्य अक्रूर घाट, श्रद्धालुओं को मिलेगा आधुनिक सुविधाओं से युक्त दिव्य अनुभव

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Mathura Samachar

Mathura Vrandavan News
Posted on 08.05.2026 Time 10.40 PM, Friday, News Source: Atul Kumar Correspondent UP Samachar Sewa, Mathura
6.35 करोड़ की परियोजना को मंजूरी, प्रथम चरण में 3.17 करोड़ रुपये जारी
मथुरा। वृन्दावन स्थित यमुना नदी के दाहिने तट पर पौराणिक महत्व वाले अक्रूर घाट का अब भव्य निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। प्रदेश सरकार ने 6.35 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी देते हुए प्रथम चरण में 3.17 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आस्था के साथ आधुनिक सुविधाओं से युक्त दिव्य अनुभव उपलब्ध कराना है।
Mathura. The Akrur Ghat of mythological importance on the right bank of the river Yamuna at Vrindavan will now be grandly constructed and beautified. The State Government has sanctioned an ambitious project of Rs.6.35 crores and released Rs.3.17 crores in the first phase.
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मथुरा-वृन्दावन को विश्व स्तरीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृष्ण भक्तों और पर्यटकों के अनुभव को समृद्ध करना सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री ने बताया कि अक्रूर घाट का विशेष पौराणिक महत्व है। मान्यता है कि कंस के बुलावे पर जब अक्रूर जी श्रीकृष्ण और बलराम को मथुरा लेकर जा रहे थे, तब यहीं यमुना स्नान के दौरान उन्हें भगवान विष्णु के चतुर्भुज स्वरूप में श्रीकृष्ण एवं बलराम के दिव्य दर्शन हुए थे। इसी कारण यह स्थल श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र माना जाता है।
परियोजना के तहत होंगे ये प्रमुख कार्य
अक्रूर घाट परियोजना के अंतर्गत घाट के निर्माण एवं सुरक्षा के लिए 30 मीटर लंबाई में शीट पाइलिंग कराई जाएगी। दोनों ओर शीट पाइल को जोड़ने के लिए प्रत्येक तीन मीटर पर एंकर बार लगाई जाएगी। इसके अतिरिक्त पांच मीटर चौड़े स्नान प्लेटफॉर्म, घाट की सीढ़ियों एवं पटरे का निर्माण कराया जाएगा, जिन पर लाल पत्थर लगाया जाएगा।
घाट पर पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 220 मीटर लंबा चैनल भी खोदा जाएगा। साथ ही अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम हिस्सों में स्लोप पिचिंग का कार्य कराया जाएगा, जिससे घाट की संरचना सुरक्षित और मजबूत बनी रहे।
पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
जयवीर सिंह ने बताया कि धार्मिक पर्यटन के बढ़ते आकर्षण, बेहतर कनेक्टिविटी एवं सुविधाओं के विस्तार के चलते वर्ष 2025 में 10.24 करोड़ से अधिक पर्यटक मथुरा पहुंचे। उन्होंने कहा कि ब्रज में आयोजित रंगोत्सव, कृष्ण जन्माष्टमी और राधा अष्टमी जैसे आयोजनों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
उन्होंने बताया कि रंगोत्सव-2026 के मुख्य आयोजनों में 44 लाख से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक ब्रज पहुंचे, जो क्षेत्र की वैश्विक लोकप्रियता का प्रमाण है। अक्रूर घाट का निर्माण ब्रज क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नया आयाम देने के साथ श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।
रेल एवं सड़क मार्ग से आसान पहुंच
अक्रूर घाट मथुरा रेलवे स्टेशन से लगभग 16 किलोमीटर तथा नए बस स्टैंड से करीब 15 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। बेहतर सड़क एवं परिवहन सुविधाओं के चलते श्रद्धालुओं को यहां पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
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