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वाराणसी महिला सम्मेलन के लिए भाजपा की बैठक

April 24, 2026

वाराणसी महिला सम्मेलन के लिए भाजपा की बैठक

वाराणसी 24 अप्रैल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 28 अप्रैल को प्रस्तावित वाराणसी आगमन पर आयोजित होने वाले विशाल महिला सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में सर्किट हाउस में भाजपा महिला मोर्चा, जिला व महानगर पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों की अलग-अलग बैठकें आयोजित की गईं, जिन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी एवं प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने संबोधित किया।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि “ प्रत्येक दायित्व महत्वपूर्ण है, जिसे जो जिम्मेदारी मिली है उसे पूरी निष्ठा से निभाना है ।” उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के साथ ही विकसित भारत का संकल्प लिया, इस संकल्प को साकार करने के लिए देश की आधी आबादी की भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री के विचारों को दोहराते हुए कहा—“जब नारी सशक्त होती है, तो समाज सशक्त होता है और जब समाज सशक्त होता है, तो राष्ट्र मजबूत होता है।” उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा व विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से बिल लाया गया, लेकिन विपक्ष के कारण यह पारित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर महिलाओं में आक्रोश है। साथ ही उन्होंने तीन तलाक बिल और पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने जैसे फैसलों का उल्लेख करते हुए महिलाओं, पिछड़ों और अनुसूचित जाति वर्ग की आर्थिक उन्नति, सामाजिक व राजनैतिक भागीदारी तथा उनके अधिकारों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर चर्चा की।

बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने अब तक की तैयारियों की समीक्षा की और कहा कि सम्मेलन की सफलता के लिए बूथ स्तर तक संपर्क अभियान चलाया जाए। प्रत्येक महिला मतदाता तक पहुंचकर उन्हें कार्यक्रम में शामिल करने का लक्ष्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल स्वागत का अवसर नहीं, बल्कि महिलाओं के साथ संवाद और उनके सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी है। उन्होंने कहा की इस कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं की है। इस सम्मेलन से यह संदेश भी जाएगा कि महिलायें हर जिम्मेदारी का निर्वहन करने में सक्षम है।

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रस्तावना भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने किया। महिला मोर्चा की बैठक में धन्यवाद ज्ञापन महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने किया, जबकि जिला व महानगर पदाधिकारियों की बैठक में धन्यवाद ज्ञापन जिलाध्यक्ष व एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने किया। संचालन अनिल श्रीवास्तव ने किया।

जातिवाद के नाम पर देश को लूटने वाले राष्ट्रद्रोहियों से सावधान रहें: योगी

तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को सीएम ने किया संबोधित

*राष्ट्रकवि दिनकर की कृति आज भी राष्ट्र चेतना की मशाल, साहित्य समाज का दर्पण: मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री ने देखा रश्मिरथी का मंचन, कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की सराहना की*

*तीन दिवसीय आयोजन में स्वामी विवेकानंद, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अटल जी पर भी होंगे विशेष नाट्य कार्यक्रम*

*लखनऊ, 24 अप्रैल।* “राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ आज भी समाज और राष्ट्र को दिशा देने वाली प्रेरणा है। यदि भारत को मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित बनाना है तो जातिवाद के नाम पर समाज को बांटने वाली शक्तियों से सावधान रहना होगा।” ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर की कालजयी काव्यकृति ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। साहित्य के ऐसे सशक्त साधक के प्रति हम सब अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रदेश की राजधानी में एकत्र हैं। यहां हम उनकी कालजयी काव्यकृति पर आधारित नाट्य-श्रृंखला का मंचन देखेंगे। हम देखेंगे कि किस प्रकार मां सरस्वती दिनकर जी की जिह्वा पर विराजती थीं और उनकी लेखनी शब्दों को पिरोती थी। यह सब ‘रश्मिरथी’ के इस मंचन के माध्यम से हम सभी को देखने-सुनने को मिलेगा। इस अवसर पर दिनकर जी की स्मृतियों को नमन करते हुए मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

*दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं*
सीएम योगी ने कहा कि जब इस कार्यक्रम का पत्र मिला, तो सबसे पहले मैंने कहा कि यह कार्यक्रम उसी दिन रखिए, जिस दिन मैं भी इसका भागीदार बन सकूं, क्योंकि मैं अक्सर दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं। भारत धन-धान्य से परिपूर्ण रहा है, दुनिया की बड़ी ताकत रहा है, लेकिन भारत ने सैकड़ों वर्षों की गुलामी भी सही है। बल और बुद्धि में भारत का कोई मुकाबला नहीं कर सकता था, लेकिन हमारी कुछ कमियां भी थीं। दिनकर जी ने इन कमियों पर जिस प्रकार प्रहार किया है, उसे देखकर मुझे अच्छा लगता है। आप इस नाट्य मंचन के माध्यम से भी देखेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने ‘रश्मिरथी’ में लिखा है-
“ऊंच-नीच का भेद न जाने, वही श्रेष्ठ ज्ञानी है,
दया-धर्म जिसमें हो, सबसे वही पूज्य प्राणी है।”
जातिवाद पर भी उन्होंने कितना सशक्त प्रहार किया है-
“मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का,
धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का।
पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर,
जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर क्रूर।”

सीएम योगी ने कहा कि यदि हमें अपनी आजादी को लंबे समय तक अक्षुण्ण बनाए रखना है और विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना है, तो जातिवाद के नाम पर देश को लूटने और समाज को कमजोर करने वाले राष्ट्रदोहियों से सावधान रहना होगा। युवा वर्ग के लिए दिनकर जी इस बात की प्रेरणा इन पंक्तियों के माध्यम से दशकों पहले ही दे चुके हैं-
“सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
सूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों को गले लगाते हैं,
कांटों में राह बनाते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने समाज की चेतना को जिस रूप में जागरूक किया और पूरे समाज को एकजुट किया, वह अद्वितीय है। अपनी कृतियों के माध्यम से वह अलग-अलग स्तरों पर लोगों को जागृत करते रहे और देश की चेतना को निरंतर सशक्त करते रहे। जब भारत के लोकतंत्र को दबाने का प्रयास हुआ, तब भी दिनकर जी ने आह्वान किया- “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।” शब्द किस प्रकार मंत्र बन जाएं और हर व्यक्ति के मन में राष्ट्र के लिए त्याग, चेतना और समर्पण की भावना को जागृत करें, यह गुण महान कवि में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रश्मिरथी’ ऐसे पात्र के बारे में है, जो अपनी पहचान के लिए मोहताज रहा। उसकी गाथा को दिनकर जी ने जिस प्रकार प्रस्तुत किया और उसके गुणों की व्याख्या की, उसने हर व्यक्ति को सोचने के लिए मजबूर किया कि कौन किस स्थान पर हो सकता है और हमें किसी की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ में उन्होंने लिखा है-
“जब किसी जाति का अहम चोट खाता है,
पावक प्रचण्ड हो कर बाहर आता है।
यह वही चोट खाये स्वदेश का बल है,
आहत भुजंग है, सुलगा हुआ अनल है।”

*स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद लखनऊ, अयोध्या, काशी की यात्राएं की*
सीएम ने बताया कि उन्होंने संस्कृति विभाग से कहा है कि ऐसी साहित्यिक कृतियों पर आधारित कार्यक्रम आज की पीढ़ी के लिए नई प्रेरणा हैं। इस प्रेरणा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। कल यहीं पर स्वामी विवेकानंद पर आधारित एक नाट्य मंचन का कार्यक्रम है। स्वामी विवेकानंद हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं। वह एक संन्यासी थे, लेकिन हर युवा के लिए मार्गदर्शक बने। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की वैदिक और सनातन परंपरा को सम्मान दिलाया। उन्होंने ज्ञान को विज्ञान के साथ जोड़कर तत्कालीन समाज को उसके अनुरूप तैयार करने का कार्य किया और भारत की चेतना को जागरूक करने के लिए पूरी शक्ति के साथ समर्पित रहे। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद भारत में जो यात्राएं कीं, उनमें लखनऊ, अयोध्या, काशी सहित उत्तर प्रदेश के कई स्थान शामिल थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 अप्रैल को यहां लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक पर आधारित कार्यक्रम होगा। तिलक जी ने भारत की स्वाधीनता के लिए “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” का उद्घोष इसी लखनऊ में किया था, जो भारत की आजादी का एक प्रमुख केंद्र बना। इसी दिन ‘अटल स्वरांजलि’ कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसमें भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविताओं पर आधारित एक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। अटल जी का शताब्दी वर्ष हाल में संपन्न हुआ है, और इस अवसर पर लखनऊ में राष्ट्रप्रेरणा स्थल का निर्माण भी किया गया है। लखनऊ लंबे समय तक अटल जी की कर्मभूमि रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थानों के युवाओं को भी इस कार्यक्रम में सहभागी बनाया जाए। जिनकी परीक्षाएं नहीं हैं, वे आएं और इस कार्यक्रम को देखें। उनके आने-जाने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए और इसके लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। वे साहित्य के बारे में जानें, क्योंकि साहित्य वास्तव में समाज का दर्पण होता है। दर्पण जैसा होता है, वैसा ही चित्र दिखाई देता है। हम राष्ट्र को कैसा बनाना चाहते हैं, ये साहित्यिक कृतियां उसका आधार बनती हैं और उनसे हम प्रेरणा प्राप्त करते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि मैं स्वामी विवेकानंद की स्मृतियों को नमन करता हूं और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने महाराष्ट्र में गणपति महोत्सव के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्रीय चेतना से जोड़कर उसे नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। यही चेतना 1916 में लखनऊ में भी गूंजी, जब तिलक जी ने “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” का उद्घोष किया। उनकी स्मृति में वर्ष 2017 में लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसके लिए तत्कालीन राज्यपाल ने प्रेरणा दी थी। उस अवसर पर तिलक जी के परिवार के सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया था।

*मुख्यमंत्री ने देखा रश्मिरथी का मंचन*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रश्मिरथी का मंचन भी देखा। उन्होंने कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया कि आमजन को ऐसी कृतियों से अवगत कराएं।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे, डॉ. सत्यपाल सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, कार्यक्रम संयोजक प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, संस्कृति/पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, भाजपा नेता नीरज सिंह, दिनकर स्मृति न्यास के अध्यक्ष नीरज कुमार, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के सुपौत्र ऋत्विक उदयन आदि मौजूद रहे।

एटा में बारिश की मार से मंडी में गेहूं की आवक घटी

दामों में आया उछाल, सरकारी केंद्रों पर नहीं हो रही गेंहू की खरीद

एटा 24 अप्रैल उप्रससे। जनपद में मार्च माह में हुई लगातार बारिश व ओलावृष्टि का असर अब गेहूं की फसल के साथ-साथ मंडियों में साफ दिखाई देने लगा है। फसल में हुए नुकसान के कारण जिले की जिला कृषि उत्पादन मंडी समिति में गेहूं की आवक में करीब 25 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर बाजार भाव पर पड़ा है जिससे कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। सरकारी औपचारिकताओं से बचने के लिए किसान आढ़तियों को सीधा माल बेच रहे हैं।
करीब एक सप्ताह पहले तक गेहूं का भाव मंडी में लगभग 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा था जो अब बढ़कर 2550 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। व्यापारी राजीव गुप्ता का कहना है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हुए हैं। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि के कारण गेहूं की बालियां झड़ गईं जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा और मंडी में कम मात्रा में अनाज नहीं पहुंच पा रहा है। बताया कि आवक कम होने के चलते बाजार में गेहूं की उपलब्धता घटी है जबकि मांग बनी हुई है। यही कारण है कि दामों में तेजी आई है। अगर आवक में सुधार नहीं हुआ तो कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

वहीं सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके चलते किसान अब मंडियों में भी लगभग 2550 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर अपनी उपज बेचने लगे हैं। कई किसान बेहतर दाम मिलने की उम्मीद में अपने गेंहू को रोककर बैठे हैं। फिलहाल मंडियों में कम आवक और बढ़ते दामों का सिलसिला जारी है जिस पर किसानों और व्यापारियों दोनों की नजर बनी हुई है।
जिन्हैरा निवासी किसान पंकज कुमार ने बताया कि वह अपनी फसल क्रय क्रेंद्र पर बिक्री के लिए आए थे जहां समय लग रहा था। बताया कि आढ़तियों से बात की तो गेहूं का भाव 2550 बताया कहा कि जब यहां भाव अच्छा मिल रहा है तो केंद्र पर इंतजार करने से क्या फायदा है। वहीं प्रेमपाल ने बातया कि भाव बढ़ने की जानकारी नहीं थी क्रय केंद्र पर उपज न देकर आढ़तियों को बिक्री कर दी है कहा कि पैसों की आवश्यकता थी क्रय क्रेंद्र पर इंतजार करना पड़ता यहां पैसे नकद मिल गए। अब गेहूं के भाव बढ़ने से क्रय केंद्रों पर लक्ष्य पूरा कैसे होगा।

एटा में गर्मी से बचाव हेतु गोवंश की देखभाल को लेकर प्रशासन सतर्क

भ्रामक खबरों पर दिया जवाब

गौ आश्रय स्थलों पर चारा, पानी और कूलिंग की पूरी व्यवस्था- सीवीओ

एटा 24 अप्रैल उप्रससे। जनपद में संचालित गौ आश्रय स्थलों की स्थिति को लेकर प्रकाशित समाचारों के संदर्भ में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आर. पी. शर्मा ने स्पष्ट किया है कि गोवंश के संरक्षण और देखभाल के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और गोवंश को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आर पी शर्मा ने बताया कि जनपद में कुल 25 गौ आश्रय स्थल संचालित हैं, जहां संरक्षित गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा, साइलोज, पशु आहार तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। गर्मी से राहत दिलाने के लिए आश्रय स्थलों में कूलर, पंखे एवं शेड पर पर्दे लगाए गए हैं, जिससे गोवंश को लू और तेज धूप से बचाया जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि अलीगंज क्षेत्र के अस्थायी गौ आश्रय स्थल आलम नगर में 194 गोवंश संरक्षित हैं। यहां गोवंश के लिए हरे चारे की नियमित आपूर्ति की जा रही है। साथ ही चार कूलर और 12 पंखे लगाए गए हैं। सुरक्षा और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित हैं। साफ-सफाई, पानी और चारे की समुचित व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या समाचार पत्रों में दिखाई जा रही कुछ तस्वीरें पुरानी हैं और वर्तमान स्थिति को सही रूप में प्रस्तुत नहीं करतीं। इसी प्रकार जैनपुरा गौ आश्रय स्थल में 98 गोवंश संरक्षित हैं। यहां भी हरे चारे की व्यवस्था के तहत बरसीम की बुवाई कराई गई है, जिसे प्रतिदिन काटकर गोवंश को खिलाया जा रहा है। पानी के टैंकों में नियमित रूप से स्वच्छ पानी भरा जा रहा है। गर्मी से बचाव के लिए यहां चार कूलर और 20 पंखे लगाए गए हैं। इसके अलावा शेड पर पर्दे लगाकर लू से सुरक्षा की गई है तथा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी सक्रिय हैं। बीमार गोवंश के उपचार की भी समुचित व्यवस्था है और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। हाल ही में किए गए निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इसके अलावा उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शासन के निर्देशानुसार 100 से कम गोवंश वाले छोटे आश्रय स्थलों को बंद कर वहां के गोवंश को बड़े और बेहतर सुविधायुक्त आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जा रहा है, ताकि उनकी देखभाल और अधिक प्रभावी ढंग से हो सके। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आर पी शर्मा ने आमजन से अपील की है कि अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें तथा किसी भी समस्या की सूचना प्रशासन को दें, जिससे तत्काल समाधान किया जा सके।

एंबुलेंस को डीजल नहीं मिलने के कारण दर्द से तड़प तड़प अधेड़ की मौत,

एसडीएम को डीएम ने भेजा नोटिस, जांच के दिए आदेश।

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 24/04/2026

बलिया । बैरिया थाना क्षेत्र के पांडेपुर निवासी छट्ठू शर्मा 50 वर्ष के सीने में दर्द हो रहा था। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस में मरीज को लेकर बलिया जा रही थी कि अचानक एंबुलेंस डीजल की की कमी हो गई वही एंबुलेंस चालक ने पेट्रोल पम्प पर जाकर डीजल की मांग की। मरीज के साथ ग्राम प्रधान सत्येंद्र यादव प्राइवेट एंबुलेंस से उन्हें इलाज के लिए बलिया लेकर जा रहे थे, किंतु एंबुलेंस में डीजल नहीं था। वह टेंगरही के निकट के पेट्रोल पंप पर डीजल के लिए आए और आग्रह किया कि रोगी की हालत गंभीर है। 5 लीटर डीजल दे दीजिए। ताकि मरीज को हम ले जाकर बलिया इलाज करा सके। किंतु डीजल पंप संचालक ने यह कहते हुए डीजल देने से मना कर दिया कि डीजल खत्म हो गया है।तब ग्राम प्रधान ने बताया कि तब मैंने मदद के लिए उप जिलाधिकारी बैरिया संजय कुशवाहा को फोन लगाकर पेट्रोल दिलवाने का आग्रह किया था, किंतु उन्होंने प्राइवेट एंबुलेंस को पेट्रोल दिलाने से यह कहते हुए मना कर दिया कि मैं किसी प्राइवेट वाहन के लिए किसी से कुछ नहीं कह सकता। फिर ग्राम प्रधान ने तीन-चार मोटरसाइकिलों से लगभग 5 लीटर पेट्रोल निकालकर एंबुलेंस में डाला और वह छट्ठू शर्मा को लेकर सदर अस्पताल के लिए निकले। अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बहुत देर हो चुकी थी। क्योंकि रास्ते में ही छट्ठू शर्मा की मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पेट्रोल मिल गया होता तो शायद छट्ठू शर्मा की जान बच जाती।घटना बुधवार की रात की है। वही जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि एंबुलेंस से मरीज को बलिया इलाज के लिए ले जाया जा रहा था कि और एंबुलेंस में तेल की कमी थी और एंबुलेश सीसी टीवी में पेट्रोल पम्प पर खड़ी दिखी है पेट्रोल पम्प वालों ने डीजल नही दिया यह प्रमाणित हो रही है और स्वीकार कर रहा है उन्होंने किसी को पेट्रोल पम्प पर तेल नही दिए था जब पेट्रोल पंप की जांच कराई गई तो वहां साढ़े आठ हजार लीटर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त था एंबुलेंस वाले को तेल देना चाहिए था उनकी यह कमी है इंडियन आयल कंपनी के अधिकारियों को बुलाया है जांच हो रही है अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया है तो उनके खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित कराएंगे।विभिन्न कंपनियों के 157 पेट्रोल पम्प है जिसको लेकर सभी का बैठक बुलाया है जो आवश्यक गाडियां है उनको निश्चित ही पेट्रोल और डीजल देना चाहिए सभी पेट्रोल पंप पर डीजल और पेट्रोल है कि आवश्यक सेवाओं को तत्काल दे सकें।पेट्रोल पम्प में अपने अधिकारियों को यह सूचना दी है और नही अपने कंपनी को सूचना दी है यह गलत है उनके खिलाफ उनकी जिम्मेदारी तय करेंगे। एसडीएम बैरिया को ग्राम प्रधान ने फोन किया था लेकिन एसडीएम साहब को समझ नही पाया कि एंबुलेंस के लिए तेल मांगा जा रहा है या किसी और के लिए मांगा जा रहा है यह ठीक नही है मैं एसडीएम की लापरवाही मानूंगा।और एसडीएम को सुबह नोटिस दिया हूं और एसडीएम को फटकार भी लगाई है उनकी जिम्मेदारी थी कि एंबुलेंस के लिए पेट्रोल पम्प वाले को फोन करते।क्योंकि की जनपद में कही पेट्रोल और डीजल की किल्लत नही थी एसडीएम को भविष्य के लिए चेतावनी भी दी ह

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