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शाहजहाँपुर में गूँजा नदियों को बचाने का संकल्प

May 22, 2026

शाहजहाँपुर में गूँजा नदियों को बचाने का संकल्प

‘जल चौपाल’ में भैंसी नदी के पुनरुद्धार की हुई चर्चा
( संजीव गुप्त द्वारा )
​बंडा (शाहजहाँपुर)। नदियों और जल स्रोतों के अस्तित्व को बचाने तथा आने वाली पीढ़ी को जल संकट से उबारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देशन में जिला गंगा समिति शाहजहाँपुर के बैनर तले विकास खंड बंडा के ग्राम देवकली स्थित सुभाष चंद्र बोस कॉलेज में जल संरक्षण हेतु विभिन्न प्रतियोगिताओं और ‘जल चौपाल’ का भव्य आयोजन किया गया। जिला परियोजना अधिकारी डॉ. विनय कुमार सक्सेना के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर युवाओं और आम जनमानस को जल एवं नदी संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
​इस अवसर पर लोक भारती के महानगर संयोजक आलोक मिश्रा ने ‘एक जनपद, एक नदी’ की तर्ज पर जिले में पुनर्जीवित हो रही भैंसी नदी के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भैंसी नदी का पुनरुद्धार पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल है और पर्यावरण संतुलन के लिए हमारी नदियों का निर्मल व अविरल होना बेहद जरूरी है। विद्यालय के प्रबंधक डॉ. संजय अवस्थी ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नमामि गंगे’ परियोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने जिला प्रशासन और लोक भारती के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि तालाबों और नदियों का संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
​जागरूकता अभियान के तहत कॉलेज में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पोस्टर बनाकर पर जल की महत्ता को उकेरा, जिसमें शीतल ने प्रथम, सेजल ने द्वितीय एवं साक्षी देवी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, जल सामान्य ज्ञान पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में दर्शिका, राधिका और यश रस्तोगी विजयी रहे। सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रधानाचार्या श्रीमती कुसुम मिश्रा एवं सम्मानित मंच द्वारा पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
​कार्यक्रम के समापन पर छात्र-छात्राओं द्वारा एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें “जल है तो कल है” और “नदी बचाओ-जीवन बचाओ” जैसे गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकगण, आशीष मिश्रा, हिमांशु सक्सेना सहित समस्त स्टाफ और जिला गंगा समिति के सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।