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हाथरस में कॉल सेंटरों की आड़ में ठगी का खेल?

June 23, 2026

हाथरस में कॉल सेंटरों की आड़ में ठगी का खेल?

News Posted on 23.06.2026 Tuesday, Hathras News, Neeraj Chakrapani

नामी कंपनियों के ऑफर बताकर उपभोक्ताओं को बनाया जा रहा शिकार, अवैध कॉल सेंटरों की गतिविधियों पर उठे सवाल

नीरज चक्रपाणि

हाथरस। यदि किसी अनजान नंबर से कॉल कर कोई युवती आपको महंगे मोबाइल, आकर्षक गिफ्ट या नामी कंपनियों के उत्पादों पर विशेष ऑफर देने का दावा करे तो सावधान हो जाइए। जनपद में कथित रूप से संचालित हो रहे कई कॉल सेंटरों की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों से उपभोक्ताओं को बड़े-बड़े ऑफर और इनाम का लालच देकर सामान बेचा जा रहा है, जबकि कई मामलों में ग्राहकों को अपेक्षित वस्तु नहीं मिलती।जानकारों के अनुसार कॉल करने वाले पहले ग्राहकों का विश्वास जीतते हैं और फिर उन्हें विशेष ऑफर, उपहार या महंगे मोबाइल फोन मुफ्त देने का झांसा देते हैं। इसके बाद उपभोक्ता से पार्सल स्वीकार करवाकर भुगतान करा लिया जाता है। कई लोगों का आरोप है कि पार्सल खोलने पर उसमें अपेक्षा से कम गुणवत्ता वाला सामान निकलता है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनपद में कई स्थानों पर बड़ी संख्या में कॉल सेंटर संचालित होने की चर्चाएं हैं। आरोप है कि इनमें से कुछ के पास आवश्यक पंजीकरण और वैधानिक अनुमतियां भी नहीं हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

नामी ब्रांड और मुफ्त मोबाइल का लालच

शिकायतकर्ताओं के अनुसार कॉल करने वाले खुद को किसी प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताते हैं। उपभोक्ताओं को जूते, बेल्ट, घड़ी, टी-शर्ट, चश्मा, पर्स और अन्य उत्पादों के साथ महंगा स्मार्टफोन मुफ्त देने का दावा किया जाता है। बताया जाता है कि “विशेष ऑफर” सीमित समय के लिए है, जिससे ग्राहक जल्दबाजी में निर्णय ले लेता है। उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे किसी भी ऑफर की पहले आधिकारिक वेबसाइट या कंपनी से पुष्टि करनी चाहिए।

कार्यवाही क्यों नहीं?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कथित अवैध कॉल सेंटरों को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन बड़े स्तर पर कार्रवाई दिखाई नहीं देती। सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि प्रशासन सभी कॉल सेंटरों का सत्यापन कराए और बिना अनुमति संचालित होने वाले प्रतिष्ठानों की जांच कराए। हालांकि संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।

डाकघरों के माध्यम से भेजे जाते हैं पार्सल

सूत्रों के अनुसार ऐसे कारोबार में पार्सल सेवा का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में पार्सल विभिन्न स्थानों पर भेजे जाने की बात कही जाती है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसी माध्यम से ग्राहकों तक उत्पाद पहुंचाए जाते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

इन क्षेत्रों में गतिविधियों की चर्चा

स्थानीय स्तर पर मैंडूगेट, विनोद विहार कॉलोनी, नहर के पास, चौबे वाले महादेव क्षेत्र, अनमोल वाटिका, विष्णुपुरी, गौशाला क्षेत्र, मुरसान गेट, लेबर कॉलोनी, साकेत कॉलोनी, जलेसर रोड, अशोका टॉकीज क्षेत्र तथा गांधी पार्क तिराहे के आसपास कुछ स्थानों पर कॉल सेंटर गतिविधियों की चर्चा की जा रही है। प्रशासन से मांग की गई है कि इन क्षेत्रों में सत्यापन अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।

उपभोक्ताओं के लिए सलाह

  • किसी भी अनजान कॉल पर तुरंत भरोसा न करें।
  • मुफ्त मोबाइल, कार, लैपटॉप या बड़े इनाम के दावों की स्वतंत्र पुष्टि करें।
  • पार्सल लेने से पहले उसकी शर्तें और विवरण अवश्य जानें।
  • संदिग्ध कॉल या ठगी की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।
  • किसी भी ऑफर के बदले अग्रिम भुगतान करने से बचें.

राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, भोजपुर के भारत तिवारी मुठभेड़ की न्यायिक जांच की मांग

हाथरस। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) ने राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राष्ट्रपति के नाम संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन कलेक्ट्रेट में सौंपकर बिहार के भोजपुर में हुई भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की।प्रदेश अध्यक्ष विश्वदीप अवस्थी (एडवोकेट) के निर्देशन में जिलाध्यक्ष विजय कुमार शर्मा और जिला महासचिव निशांत उपाध्याय के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि घटना से समाज में आक्रोश है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।ज्ञापन में मांग की गई कि प्रकरण की तत्काल उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, जांच पूरी होने तक संबंधित पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों को निलंबित किया जाए तथा यदि मुठभेड़ फर्जी पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके अलावा पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।मोर्चा ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर बिहार सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया।इस दौरान जिलाध्यक्ष विजय कुमार शर्मा, जिला महासचिव निशांत उपाध्याय, जिला मंत्री प्रदीप शर्मा, अतुल शर्मा, दीनदयाल शर्मा (दीनू पंडित), मधुकर गौड़, गजेंद्र, महिला मोर्चा की सासनी नगर अध्यक्ष प्राची, ललित और दीनदयाल उपाध्याय सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एबीआरएसएम आंदोलन का द्वितीय चरण – “सांसद संपर्क एवं सांसद समर्थन अभियान” शुरू

टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने हेतु एबीआरएसएम के राष्ट्रव्यापी आंदोलन का द्वितीय चरण – “सांसद संपर्क एवं सांसद समर्थन अभियान” शुरू


5 जुलाई तक देश के सभी राज्य सभा व लोकसभा सांसदों से संपर्क कर उन्हें ज्ञापन सौंपकर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने हेतु समर्थन करने का किया जाएगा आग्रह

लखनऊ : 22 जून।  टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने हेतु देश के सभी राज्य सभा व लोकसभा सांसदों से 5 जुलाई 2026 तक सम्पर्क कर टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत लाखों शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने का आग्रह किया जाएगा।

उक्त निर्णय सोमवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा आभासी पटल पर आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता ने की एवं संचालन राष्ट्रीय महामंत्री प्रोफेसर गीता भट्ट जी द्वारा किया गया। बैठक में अखिल भारतीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार, राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री मोहन राजपुरोहित सहित सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं सभी राज्यों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं संगठन मंत्री उपस्थित रहे।

प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए एबीआरएसएम के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत प्रथम चरण में 18 जून 2026 को उत्तर प्रदेश सहित देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर विशाल धरना-प्रदर्शन एवं जिला अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन दिए गए। इससे शिक्षक समाज की भावनाएं एवं अपेक्षाएं सरकार और समाज के समक्ष प्रभावी रूप से पहुंची है।

प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर संजय मेधावी ने बताया कि एबीआरएसएम के देशव्यापी अभियान के तहत अब आंदोलन के द्वितीय चरण में “सांसद संपर्क एवं सांसद समर्थन अभियान” चलाया जाएगा जिसमें 5 जुलाई 2026 तक उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में संगठन की जिला इकाइयों द्वारा राज्य सभा व लोकसभा सांसदों से संपर्क कर उन्हें ज्ञापन सौंपकर टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत लाखों शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त कराने हेतु उनका समर्थन प्राप्त किया जाएगा।
प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने की दिनांक 27 जुलाई 2011 से पहले से सेवारत 2 लाख से अधिक शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवम् आजीविका पर संकट खड़ा हो गया। शिक्षकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। संगठन किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय नहीं होने देगा।

प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश महामंत्री प्रदीप तिवारी ने कहा कि संगठन पूरी शक्ति और गंभीरता के साथ प्रत्येक लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद से संपर्क कर उन्हें अवगत कराएगा कि टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत लाखों शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपना शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, मानवीय गरिमा, शिक्षक हित व नैसर्गिक न्याय के खिलाफ है।

      प्रदेश कोषाध्यक्ष नीलमणि शुक्ला ने कहा कि लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवम् गौरव गरिमा से जुड़ी इस गंभीर समस्या समाधान हेतु सभी सांसदों का समर्थन जरूरी है ताकि संसद के मानसून सत्र में इस समस्या पर व्यापक चर्चा हो व इस समस्या के समाधान का विधायी मार्ग प्रशस्त हो सके।

         उपरोक्त जानकारी प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

भीषण गर्मी में बिजली कटौती से उड़ी रात की नींद और दिन का चैन

मैनपुरी। शहर की बिजली व्यवस्था एक बार फिर प्रभावित होने लगी है। शनिवार की रात और रविवार को दिन में शहर के अलग-अलग फीडर क्षेत्रों में फॉल्ट हुए इससे कहीं पांच घंटे तो कहीं छह घंटे की कटौती हुई। 40 डिग्री तापमान में बिजली कटौती से लोग परेशान रहे। लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की रात की नींद और दिन का चैन छीन लिया है।
         शनिवार की रात सिविल लाइन क्षेत्र में नगरिया चौराहा, सौतियाना, हिंदपुरम आदि क्षेत्रों में केबल में आग लगने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। यहां शनिवार की रात करीब तीन घंटे और रविवार को दिन में करीब तीन घंटे कुल छह घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसी प्रकार शहर के पावर हाउस उपकेंद्र क्षेत्र में शनिवार की रात वंशीगोहरा, छपट्टी आदि मोहल्लों का ट्रांसफार्मर खराब हो गया इससे करीब पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। ज्योंती रोड क्षेत्र में भी दो से तीन घंटे की कटौती रविवार को हुई। 40 डिग्री तापमान में दिन ही नहीं रात भी गर्म हो रही है। ऐसे में बिजली कटौती लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। लोगों के साथ ही बिजली विभाग के कर्मचारी भी परेशान हैं। रात भर कर्मचारी फाल्ट ठीक करने में जुटे रहे।
मुकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता मैनपुरी का कहना है कि ओवरलोड के कारण कुछ क्षेत्रों में केबल आदि जली हैं। इससे आपूर्ति कुछ समय के लिए बाधित हुई थी। जिसे कर्मचारियों को भेजकर रात में सही करा दिया दिया। कुछ जगह ट्रांसफॉर्मरों में खराबी आई थी वहां आपूर्ति सुचारू करने में समय लगा।

एटा में तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर कार पर पलटा, 5 लोग घायल, मेडिकल कॉलेज रेफर

एटा 23 जून उप्रससे। जनपद के सकीट थाना क्षेत्र में बाबली नहर के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक अनियंत्रित होकर कार के ऊपर पलट गया, जिससे कार सवार पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को मुख्यालय स्थित वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

घायलों ने बताया कि वे एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जो भारतीय जनता पार्टी का सहयोगी दल है। सभी लोग हाथरस से सकीट में आयोजित एक बैठक में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को कट मार दिया और नियंत्रण खो बैठा, जिससे ट्रक कार के ऊपर पलट गया।

हादसे में गगन ठाकुर पुत्र राजेश कुमार निवासी आदर्श नगर, हाथरस, धर्मवती पत्नी राजेश कुमार एवं प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा, संतोष वर्मा पुत्र नारायणपुर निवासी हाथरस (44), अंकित पुत्र मदन मोहन निवासी हाथरस (35) तथा चालक पवन कुमार (25) गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाया और यातायात बहाल कराया।

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