किरतपुर 29 अप्रैल।साक्षर भारत मिशन के तहत संविदा पर प्रत्येक ग्राम सभा में रखे गए जनपद बिजनौर के शिक्षा प्रेरकों ने बकाया मानदेय के भुगतान के लिए आज खंड शिक्षा अधिकारी किरतपुर के कार्यलय में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। धरना स्थल पर पहुंचे उप सचिव – साक्षर भारत मिशन /खंड शिक्षा अधिकारी किरतपुर एवं खंड विकास अधिकारी किरतपुर को अपने बकाया मानदेय भुगतान संबंधित दो सूत्रीय मांग पत्र दिया।
धरना स्थल पर एकत्र हुए विकास खंड किरतपुर के शिक्षा प्रेरको ने सरकार पर प्रेरकों को बेरोजगार करने और उनका लगभग 18 महीने का मानदेय न देने का आरोप लगाते हुए शिक्षा प्रेरकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। तथा कहा कि साक्षरता, वैकल्पिक शिक्षा, उर्दू एवं प्राच्य भाषा विभाग भारत सरकार द्वारा वर्ष 2009 -10 में पूरे प्रदेश में साक्षर भारत मिशन योजना लागू करके प्रत्येक ग्राम सभा पर एक महिला एवं एक पुरुष प्रेरक को तैनात करके 15 वर्ष से ऊपर की उम्र के लोगों को साक्षर बनाने के लिए प्रेरित करने का कार्य दिया था। लेकिन सरकार ने जनपद बिजनौर के लगभग 2250 प्रेरको के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए साक्षर भारत मिशन योजना को 31 मार्च 2018 को बंद कर दिया था। सरकार द्वारा प्रेरकों से बीएलओ से लेकर हाउसहोल्ड सर्वे और अन्य सरकारी योजनाओं में भी काम लिया गया था। इन सब के बावजूद भी अकेले जनपद बिजनौर के लगभग 2250 प्रेरकों को उनका 18 माह का मानदेय आठ वर्ष बाद भी नहीं दिया गया। जिसके कारण बेरोजगारी का दंश झेल रहे प्रेरकों के परिवार में रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस अवसर पर प्रेरक एकता कल्याण समिति (पंजीकृत) के जिला अध्यक्ष पुखराज सिंह मलिक ने बताया कि बकाया मानदेय के संबंध में भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 को साक्षरता विभाग की ऑडिट कराई गई थी। ऑडिट टीम द्वारा धनराशि के सापेक्ष वांछित साक्षरता कर्मियों का सत्यापन/ प्रमाणित विवरण निर्धारित प्रपत्र पर उपलब्ध करा कर साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत रहे साक्षरता कर्मियों का अवशेष मानदेय का भुगतान करने का अनुरोध किया गया था। लेकिन भारत सरकार ने बेरोजगार हो चुके साक्षरता कर्मियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए उनके अवशेष मानदेय 8 वर्ष बाद भी निर्गत नहीं किया। जिसके चलते बेरोजगार हो चुके शिक्षा प्रेरकों के परिवार में आर्थिक संकट पैदा हो गया है। धरना स्थल पर पहुंचे प्रेरक एकता कल्याण समिति के जिला अध्यक्ष श्री पुखराज सिंह मलिक ने भारत सरकार से मांग की कि साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्य कर चुके और बेरोजगार हो चुके साक्षरता कर्मियों को उनका बकाया मानदेय एक मुफ्त दिलाया जाए तथा साक्षरता कर्मियों को अनुभव के आधार पर किसी भी विभाग में समायोजित किया जाए। अथवा बेरोजगार हो चुके साक्षरता कर्मियों को बेरोजगारी भत्ता दिलाया जाए। साक्षरता कर्मियों ने इस अवसर पर उप बेसिक शिक्षा अधिकारी किरतपुर एवं खंड विकास अधिकारी किरतपुर को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम दो सूत्रीय मांग पत्र देकर प्रेरकों का मानदेय एकमुश्त दिलाने एवं साक्षरता कर्मियों को किसी भी विभाग में समायोजित करने की मांग की। ब्लॉक अध्यक्ष बाबूराम सिंह की अध्यक्षता एवं महिपाल सिंह के संचालन में संपन्न सांकेतिक धरना प्रदर्शन में सर्वश्री चौधरी ईशम सिंह (जिला महामंत्री), रविंद्र सिंह, अंजार अहमद, बाबूराम सिंह, महिपाल सिंह, मनीराम सिंह, तारा सिंह, दिलशाद आलम, कनक देवी, मनोहरी देवी, शबनम परवीन, नाजिया परवीन, भीम सिंह, भूपेंद्र सिंह आदि सैकड़ो प्रेरक उपस्थित रहे।
महात्मा रामचन्द्र जी महाराज की 127 वीं जयंती समारोह में गूंजी आध्यात्मिक चेतना
हजारों अभ्यासियों ने ध्यान साधना कर की विश्व कल्याण की कामना
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के मार्गदर्शन में राम चन्द्र मिशन आश्रम में महात्मा रामचन्द्र जी महाराज बाबूजी की 127 वीं जयंती समारोह का शुभारंभ ध्यान-साधना से हुआ।
हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से सामूहिक ध्यान कर मानव कल्याण एवं विश्व शांति के लिए मंगल की कामना कीं। संपूर्ण आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना की दिव्य तरंगों से आलोकित हो उठा।
इस अवसर पर पूज्य दाजी ने वर्चुअल माध्यम से दिये अपने संदेश में कहा कि
हर वह स्वप्न जो बिना प्रयास किए ही मर जाता हैै, वह स्वप्न देेखनेे वालेे को उस
स्वप्न की तुुलना मेंं कहींं अधिक निरंंतरता सेे सताता हैै जिसेे पूूरा करनेे की कोोशिश
की गई और वह नाकाम रहीी। यही वह ज्ञान हैै, जिसेे परंंपरााएँँ सदा सेे सिखाती आई
हैंं – अपूूर्णता केे संंस्कार, असफलता केे संंस्कारोंं सेे अधिक गहरेे घाव देेतेे हैंं। एक
पूूर्ण किया गया कार्य, चाहेे उसका अंंत दुु:खद ही क्योंं न हो, उसमेंं ऐसी सच्चाई
होती हैै जो शांंति प्रदान करती हैै जबकि छोड़ेे गए स्वप्न मेंं ऐसी कोई सच्चाई नहींं
होती। वह चेेतनाा मेंं जीवित रहता हैै, अनसुुलझा जोो निरंंतर वही प्रश्न पूूछता रहता
हैै, जिसका उत्तर देेनेे सेे भय हमेंं रोकता हैै। सहज मार्ग साधना पद्धति और हार्टफुुलनेेस केे अभ्यास मेंं जब हम शाम की सफ़ाई करतेे हैंं तब हम बैैठकर दिन भर केे संंस्कारोंं को पीछेे सेे बाहर निकल जानेे देेतेे हैंं। हमनेे जो किया, जो कहा, जो अनुुभव किया, उसेे हम अपनेे तंंत्र सेे निकाल देेतेे हैंं। लेेकिन उन संंस्कारोंं का क्या जो न किए गए कर्मोंं सेे
बनतेे हैंं? वह संंवाद, जिसेे हमनेे टाल दिया, वह सत्य जिसेे हमनेे कहा नहींं, वह
कदम जिसेे हमनेे उठाया नहींं, वह प्रेेम जिसेे हमनेे व्यक्त नहींं किया येे सभी
अकर्म भीअपनेे पीछेे छापेंं छोड़तेे हैंं। उन्होंने बताया कि दिव्य प्राणाहुति की जीवंत धारा अल्प समय में ही निष्ठापूर्ण दैनिक अभ्यास द्वारा साधक को समाधि की अवस्थाओं तक पहुँचा देती है। यह अमूल्य विद्या कालांतर में लुप्तप्राय हो गई थी, जिसे मिशन के आदि गुरु लाला जी महाराज ने पुनः खोजकर मानवता को प्रदान किया। इस पावन परंपरा को पूज्य बाबूजी महाराज ने जन–जन तक पहुँचाकर हृदय से हृदय तक आध्यात्मिक चेतना का वास्तविक संप्रेषण किया।
पूज्य दाजी ने अभ्यासियों का आवाहन किया कि वे अपने भीतर की जड़ताओं को त्यागकर प्रेम, करुणा और शांति के पथ पर अग्रसर हों तथा अपने जीवन को साधना का सजीव माध्यम बनाएं।

सायंकालीन ध्यान सत्र में भी साधकों ने ध्यान साधना कर वातावरण और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया। आयोजन में उत्तर प्रदेश प्रभारी अनुपम अग्रवाल, केंद्र प्रभारी सर्वेश चंद्रा, ए के गर्ग, आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह, राजगोपाल अग्रवाल,श्री गोपाल अग्रवाल, ममता सिंह, सुयश सिन्हा, कृष्णा भारद्वाज, हर्षवर्धन अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, राजीव श्रीवास्तव, सुरेंद्र मोहन सिन्हा, माया सिंह, अभिषेक आदि का विशेष सहयोग रहा।
Santosh Kumar Singh Gorakhpur
29/04/2026
1239 आरक्षियों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित
गोरखपुर। जनपद गोरखपुर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में शामिल हुए 1239 नए महिला एवं पुरुष आरक्षियों के लिए बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से नवागत पुलिसकर्मियों को न केवल उनके कर्तव्यों का बोध कराया गया, बल्कि उन्हें संवेदनशील और आधुनिक पुलिसिंग के गुर भी सिखाए गए।
”वर्दी अधिकार नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक है”: एसएसपी डॉ. कौस्तुभ
कार्यशाला को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ ने नए आरक्षियों में ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की वर्दी पहनना समाज की सेवा का संकल्प है।
संवेदनशीलता: एसएसपी ने जोर देकर कहा कि हर पीड़ित पुलिस से उम्मीद लेकर आता है, इसलिए जनता के साथ व्यवहार में धैर्य और निष्पक्षता अनिवार्य है।
अनुशासन और तकनीक: उन्होंने अनुशासन को विभाग की रीढ़ बताते हुए नए आरक्षियों को साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष होने की सलाह दी।
विश्वास की पूंजी: डॉ. कौस्तुभ के अनुसार, जनता का भरोसा ही पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
नींव की ईंट की तरह मजबूत बनें आरक्षी: एसपी नॉर्थ
पुलिस अधीक्षक (नॉर्थ) ज्ञानेंद्र ने एक मार्मिक उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह एक-एक मजबूत ईंट से विशाल इमारत खड़ी होती है, उसी तरह हर एक आरक्षी पुलिस विभाग की नींव को मजबूती देता है। उन्होंने आरक्षियों को अपने ‘बीट’ क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक जानकारी रखने पर विशेष जोर दिया।
व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा
कार्यशाला में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए:
एसपी सिटी निमिष पाटिल: उन्होंने मौके पर त्वरित निर्णय लेने और कानून के दायरे में रहकर धैर्य के साथ काम करने की महत्ता समझाई।
एएसपी अरुण कुमार एस: उन्होंने शारीरिक फिटनेस और जनता के साथ बेहतर संवाद को सफल पुलिसिंग का आधार बताया।
एएसपी दिनेश गोदारा: उन्होंने कानून की स्पष्ट जानकारी रखने पर बल दिया, ताकि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और निर्दोषों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु
इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान आरक्षियों को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई:
अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग: स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करना।
आपातकालीन प्रतिक्रिया: संकट के समय त्वरित और प्रभावी कार्यवाही।
डिजिटल पुलिसिंग: साइबर अपराध और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग।
मानवीय व्यवहार: जनता के प्रति संवेदनशीलता और बेहतर छवि निर्माण।
निष्कर्ष:
यह कार्यशाला केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर नए आरक्षियों को समाज सेवा के प्रति समर्पित करने का एक सशक्त माध्यम बनी। कार्यक्रम के समापन पर सभी नवागत आरक्षियों ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ गोरखपुर पुलिस के गौरव को बढ़ाने का संकल्प लिया।