Web News

www.upwebnews.com

गैंगस्टर में ललित कौशिक समेत तीन को 8-8 साल की सजा*

March 26, 2026

गैंगस्टर में ललित कौशिक समेत तीन को 8-8 साल की सजा*

Breaking News UP Web News
अदालत ने दोषियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया
-पूर्व ब्लॉक प्रमुख को गैंगस्टर में भी सजा, ललित कौशिक को तीसरी बार अदालत ने सुनाई सजा

-गैंगस्टर एक्ट एडीजे कोर्ट-5 रेशमा चौधरी का फैसला, बुधवार को गैंगस्टर कोर्ट ने दोषी ठहराया था

Post on 26.3.26
Thursday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
मूंढापांडे के पूर्व ब्लाक प्रमुख ललित कौशिक को अब गैंगस्टर कोर्ट से भी सजा मिलीं। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत ने गुरुवार को ललित कौशिक और दो अन्य दोषियों को 8-8 साल का सश्रम कारावास की सजा दीं। दोषियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगा। अदालत से फैसला होने के कारण कचहरी परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहीं। सिविल लाइंस पुलिस और सीओ समेत पुलिस अलर्ट रही।

शहर में चर्चित कुशांक व अन्य सनसनीखेज हत्या के बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक का नाम चर्चा में आया। पुलिस की विवेचना में ललित कौशिक की भूमिका नजर आईं। जघन्य घटनाओं में आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख पर दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

12 जनवरी, 22 स्पोर्ट्स सामान व्यापारी कुशांक गुप्ता की हत्या में नाम खुला तो वह फरार हो गया। एक साल बाद मझोला में फरवरी, 23 चर्चित सीए हत्याकांड के बाद पुलिस ने ललित कौशिक के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए। पुलिस ने ललित कौशिक, पाकबड़ा के गिंदौड़ा निवासी केशव सरन शर्मा व भोजपुर के गांव हुमायूंपुर के खुशवंत उर्फ भीम को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया कि ललित कौशिक ने सुपारी देकर शूटर भीम और केशव से कुशांक की हत्या कराई। पुलिस ने सिविल लाइंस थाने में तीनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की। ललित कौशिक व अन्य के खिलाफ एक अन्य मामले में भी गैंगस्टर एक्ट कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद बुधवार को फैसले की तारीख निर्धारित की गई। ललित कौशिक अभी कई मामलों के चलते बलरामपुर जेल में बंद है। बुधवार को बलरामपुर से ललित कौशिक को कड़ी सुरक्षा में मुरादाबाद कोर्ट लाया गया।
केस में विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) एडीजे-5 रेशमा चौधरी ने ललित कौशिक व दो अन्य को दोषी गैंगस्टर एक्ट में दोषी ठहराया। कोर्ट में सजा पर आज सुनवाई रखीं।
गुरुवार को गैंगस्टर एक्ट कोर्ट एडीजे पांच रेशमा चौधरी ने ललित कौशिक, खुशवंत सिंह उर्फ भीम और केशव शरण शर्मा को गैंगस्टर एक्ट में आठ आठ साल की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक राजीव कुमार त्यागी ने बताया कि अदालत में दोनों पक्षों को सुनने के बाद निर्णय दिया। दोषियों को गैंगस्टर एक्ट में 8-8 साल का सश्रम कारावास और 25 – 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

*कोर्ट में पेश हुए सात गवाह*

विशेष लोक अभियोजक का कहना है कि सिविल लाइंस पुलिस ने ललित व अन्य के खिलाफ संगठित गिरोह बनाकर भौतिक व आर्थिक लाभ के तहत गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की थी। पुलिस ने कुशांक हत्याकांड व पाँक्सो मामले में गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध किया था। कोर्ट में इस केस में सुनवाई हुई। मामले में सात लोगों के बयान दर्ज हुए।

ललित कौशिक को दो केसों में पहले भी हो चुकीं सजाएं
मुरादाबाद।

ब्लॉक प्रमुख रहे ललित कौशिक को 23 फरवरी 2024 को मूंढापांडे में अपहरण के मामले में एडीजे कोर्ट ने दस साल और 56 हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई।
मूंढापांडे के ओमप्रकाश ने अपहरण व जबरन बंधक बनाकर रखने का मुकदमा दर्ज कराया था।
जबकि सिविल लाइंस में घर में अवैध मैगजीन मिलने पर आर्म्स एक्ट में भी ललित कौशिक को सात साल और 50 हजार रुपये का जुर्माने की सजा मिली। थाना सिविल लाइंस निरीक्षक ने इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह ने 26 मार्च 23 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

गरीब रथ में पकड़ा अनाधिकृत 23 कार्टन पीने का पानी

मुरादाबाद में बुधवार को किलाबंदी टिकट चेकिंग अभियान,
-ट्रेन से अवैध रूप से संचालित पानी मिला, रेलवे ने जब्त किए पानी के कार्टन
-मौके से गायब हुए अवैध संचालक

किलाबंदी अभियान में पकड़े 149 बेटिकट यात्री
245 केसों में 1.22 लाख रुपए का राजस्व

Post on 25.3.26
Wednesday, Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद स्टेशन पर विशेष टिकट चेकिंग अभियान में बेटिकट यात्रियों के अलावा बड़े पैमाने पर ट्रेन से ले जाया जा रहा पानी पकड़ा गया। गरीब रथ एक्सप्रेस में अनाधिकृत पानी के 23 कार्टन जब्त किए गए। चेकिंग स्टाफ को ट्रेन में मौके से कोई नहीं मिला। पानी को जब्त कर लिया गया।
डीआरएम व सीनियर डीसीएम के निर्देश के बाद बुधवार को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर किलाबंदी अभियान चला। इस अभियान में चेकिंग टीमों ने रेलवे पुलिस के संग दिन भर में 38 ट्रेनों को खंगाली।
चेकिंग में 149 यात्रियों को मुफ्त यात्रा करते हुए पकड़ा गया। जबकि कुल 245 मामले पकड़े गए। इन सभी से एक लाख 22 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। सीआईटी
भावेश शर्मा व विजयंत शर्मा के नेतृत्व में 19 चेकिंग व चार रेलवे सुरक्षा बल की मदद से अप व डाउन की ट्रेनों में यात्रियों की चेकिंग की गई।
इसमें 149 बेटिकट व 93 केस अनियमित यात्रा करते यात्री पकड़े गए। कुल 1.22 लाख रुपए का राजस्व वसूला गया।
चेकिंग टीमों ने आला, गरीब नवाज, सियालदह, राज्यरानी, श्रमजीवी, अमरनाथ समेत 38 गाड़ियों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

फर्जी ई बिल से करोड़ों की जीएसटी चोरी के सरगना समेत दो गिरफ्तार

फर्जी 33 फर्म के जरिए ई बिल से फैलाया काला धंधा, पांच राज्यों में नेटवर्क
मुख्य आरोपी मथुरा और साथी हरदोई जिले का

Post on 26.3.26
Thursday,Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
यूपी समेत कई राज्यों में फैले फर्जी ई बिल से जीएसटी की चोरी में लगातार खुलासे हो रहे हैं। अब जीएसटी विभाग व पुलिस ने करोड़ों की जीएसटी चोरी के मास्टर माइंड मथुरा के भगवान सिंह उर्फ भूरा व उसके साथी रविंद्र को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को मथुरा से पकड़ा गया। जीएसटी चोरी के सरगना का काला कारोबार उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और पंजाब तक नेटवर्क फैला था।आरोप है कि सरगना ने 33 फर्जी फर्म बनाकर राज्यों में फर्जी ई बिल बेचे। नए खुलासे से अब तक 989 करोड़ रुपए की चोरी का मामला सामने आ चुका है।

जीएसटी की टीमों ने फर्जी बिल से करोड़ों की जीएसटी चोरी के मास्टरमाइंड माने जाने वाले भगवान सिंह उर्फ भूरा को उसके जिले मथुरा से पकड़ा।
एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि बुधवार को एसआईटी ने मथुरा से भगवान सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी मथुरा के कोसीकलां का निवासी है। उसके साथ ही हरदोई निवासी रविंद्र की भी फर्जीवाड़े में गिरफ्तारी कीगई है। फर्जी ई-वे बिल से स्क्रैप से भरे ट्रकों को ‘ठिकाने’ तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इन लोगों की थीं। ये ट्रक पकड़े जाने के बाद भी अफसरों का हवाला देकर ट्रक छुड़वा लेते।‌ आरोपी अब तक 33 बोगम फर्म बना चुका है। पुलिस ने गिरफ्तार लोगों से आरोपी तीन फोन व एक लैपटाप बरामद किया है।

*स्क्रैप से भरे ट्रकों को ठिकाने तक पहुंचाने की सरगना की थीं जिम्मेदारी*

पुलिस हिरासत में पकड़े गए आरोपी भगवान सिंह व साथी पर स्क्रैप से भरे ट्रक को ठिकाने तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी।
एसपी क्राइम ने बताया कि भगवान सिंह का उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, राजस्थान समेत पांच राज्यों में नेटवर्क फैला था। उसकी एक कॉल पर ट्रक छोड़ दिया जाता। आरोपी को कुछ फर्म गुरुग्राम निवासी राहुल ने भी उपलब्ध कराई। आरोपी मुनि जी ट्रांसपोर्ट नाम की संचालित फर्म की बिल्टी का प्रयोग कर रहा था। एसपी के अनुसार अंत तक जांच में संकेत मिल रहे हैं कि फर्जीवाड़े में कुछ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।आरोपी ने जानकारी दी कि
ट्रक पकड़ने पर वह अधिकारियों से फोन कर ट्रक छुड़वा देता। राज्यों में स्क्रैप की गाड़ियों को मुजफ्फरनगर व पंजाब तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लेता। रविंद्र के द्वारा ही कंप्यूटराइज बिल्टी,ई-वे बिल, फर्मों के दस्तावेज बनाकर लंदन से खरीदे गए मोबाइल नंबर पर चल रहे हैं।

*फर्जी ई बिल से अब तक 989 करोड़ की चोरी का खुलासा*
24 अक्टूबर,2025 को जिले में मुजफ्फरपुर ले जाते लोहे का स्क्रैप से भरे दो ट्रक जीएसटी के सचल दल ने ऊमरी चौराहे से पकड़े थे। जांच में सामने आया कि एक मोबाइल नंबर से 60 और दूसरे से 62 फर्म संचालित मिलीं। अब तक जांच में 535 बोगस फर्मों के जरिए से 5473 करोड़ के टर्नओवर पर 989 करोड़ की जीएसटी चोरी सामने आई है। आरोपी की गिरफ्तारी से पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोविंदगढ़ के हेमंत व राहुल के नामों का खुलासा हुआ है। अब एसआइटी टीमों को दोनों की सरगर्मी से तलाशी में जुटी है।

March 25, 2026

मुरादाबाद से कोलकत्ता भेजीं कंटेनर ट्रेन से 2160 टन चीनी

बुधवार को डीआरएम ने कंटेनर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, किया रवाना

Post on 25.6.26
Wednesday, Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद मंडल में चीनी के लदान के लिए कंटेनर रैक को रवाना किया गया। मुरादाबाद से कोलकता के लिए चीनी के लदान के लिए कंटेनर ट्रेन को डीआरएम विनीता श्रीवास्तव समेत अन्य रेल अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाई। कंटेनर में 2160 टन चीनी भेजीं गई है।
रेल मंडल में गुड्स कारोबार को रफ्तार देने के लिए चीनी की लोडिंग को बढ़ावा दिया गया है।
पिछले दिनों डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने चीनी लदान को बढ़ावा देने की पहल की। डीआरएम व सीनियर डीसीएम फ्रेट ऋचा शर्मा के द्वारा चीनी उद्योग से जुड़े मिल कारोबारियों के संग बैठक आयोजित की गई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डीआरएम व्यापारियों से रुबरु हुईं। बैठक में 2026-27 के वित्तीय वर्ष में मंडल में चीनी लदान की संभावनाओं पर विचार विमर्श किया गया। साथ ही व्यापारियों से सुझाव भी लिए गए।
गुरुवार को स्योहारा की अवध शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड, त्रिवेणी इंजीनियरिंग लिमिटेड व प्रकाश भलोटिया एंड ब्रदर्स की ओर से चीनी रवाना की गई
सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता का कहना है कि मुरादाबाद से कोलकता के लिए कंटेनर ट्रेन भेजीं गई। कंटेनर में 2160 टन चीनी का लदान किया गया।
बुधवार को काँनकोर ने अवध शुगर मिल, त्रिवेणी व मैसर्स प्रकाश भलोटिया एंड ब्रदर्स की पहली “शुगर एक्सप्रेस” ट्रेन को रवाना किया है। रेलवे का मानना है कि इस कदम से उन कंटेनरों का भी बेहतर उपयोग होगा।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक समेत तीन गैंगस्टर में दोषी करार

मुरादाबाद में गैंगस्टर कोर्ट का फैसला
गैंगस्टर में आरोपी खुशवंत सिंह उर्फ भीम और केशव शर्मा भी गैंगस्टर में दोषी माना गया
-सजा पर गुरुवार को फैसला

-2022 मे स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक हत्याकांड व एक अन्य घटना में पुलिस ने की थी गैंगस्टर की कार्रवाई

Post on 25.3.26
Wednesday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र ‌‌समाचार सेवा)।
कुशांक हत्याकांड से संबंधित गैंगस्टर में पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक को दोषी करार दिया गया है। कोर्ट ने ललित कौशिक के अलावा भीमसेन उर्फ भीम व केशव शरण शर्मा को भी दोषी ठहराया है। गुरुवार को अदालत में सजा पर फैसला होगा।
मूंढापांडे के पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक पर कुशांक के अलावा बहुचर्चित सीए हत्याकांड, अनुज कुमार चौधरी हत्याकांड समेत अन्य कोर्ट में विचाराधीन हैं। दो अन्य मामलों में कोर्ट से ललित कौशिक को सजा भी सुनाई गई हैं। गैंगस्टर एक्ट में भी दोषी करार दिए जाने के बाद अब फिर सजा पर निर्णय होगा।
विशेष लोक अभियोजक राजीव कुमार त्यागी का कहना है कि कोर्ट में तीनों पर दो मामलों में निरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में सुनवाई चल रही थी।कोर्ट में दोनों और से सुनवाई करते हुए पक्षों को सुना।
बुधवार को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट एडीजे -पांच रेशमा चौधरी ने तीनों को साक्ष्य के आधार पर दोषी ठहराया। सुनवाई के चलते बुधवार को ललित कौशिक को अदालत में पेश भी किया गया।अदालत में गुरुवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई होगी। सजा पर सुनवाई के चलते दोषियों को मुरादाबाद जेल में भेजा गया है।

*हत्याकांड के बाद पुलिस ने ललित कौशिक गैंगस्टर में किया था निरुद्ध*
मुरादाबाद।
मूंढापांडे के पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक के खिलाफ कई अपराधिक मामले चल रहे हैं। पाँश कालोनी राम गंगा विहार में स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक गुप्ता की 12 जनवरी, 22 को हत्या हुई। मार्च,2023 को मझोला में सीए हत्याकांड हुआ। कुशांक मामले की जांच के दौरान करीब एक साल बाद ललित कौशिक की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने अपराधिक घटनाओं में आरोपी की भूमिका मानते हुए एक जून, 2023 को ललित कौशिक को गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध किया। पाँक्सो के एक अन्य मामले में भी गैंगस्टर कोर्ट में सुनवाई चली।
दरअसल पुलिस ने हत्याकांड में पूर्व प्रमुख ललित कौशिक, भोजपुर के हिमायूंपुर निवासी खुशवंत सिंह उर्फ भीम और पाकबड़ा के गिंदौड़ा निवासी केशव शरण शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। फरार चल रहे ललित कौशिक को एक साल बाद गिरफ्तार किया गया।
बाद में पुलिस ने मामलों में तीनों को गैंगस्टर एक्ट में भी निरुद्ध किया।
गैंगस्टर मामले की यहां विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट मामले में सुनवाई चली।विशेष लोक अभियोजक का कहना है कि बुधवार को अदालत ने गैंगस्टर एक्ट में दोनों पक्षों को सुनने के बाद ललित कौशिक समेत तीन को गैंगस्टर में दोषी माना।

*मूंढापांडे में मजदूर अपहरण
और आर्म्स एक्ट में भी मिल चुकीं सजा*
मुरादाबाद।
कई मामलों में आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक को अब तक दो मामलों में कोर्ट से सजा मिली है। इनमें मूंढापांडे में मजदूर अपहरण केस में दस साल और आर्म्स एक्ट में भी सजा सुनाई गई थी।
पूर्व ब्लाक प्रमुख पर बहुचर्चित सीए हत्याकांड, कुशांक गुप्ता मर्डर केस और भाजपा नेता अनुज चौधरी हत्याकांड में भी आरोपी है।
भाजपा नेता और पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक को एडीजे-पांच ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में मूंढापांडे में ईंट भट्ठा मजदूर ओमप्रकाश के अपहरण और बंधक बनाकर फैक्ट्री में रखने के मामले में दोषी करार दिया था। कोर्ट ने हिस्ट्रीशीटर ललित कौशिक को दस साल की कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के मामले में भी अदालत ने दोषी करार देते हुए ललित कौशिक को सजा सुनाई गई थी।

« Newer PostsOlder Posts »