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सड़क हादसे रोकने को तीव्र मोड़ होंगे चिन्हित

March 25, 2026

सड़क हादसे रोकने को तीव्र मोड़ होंगे चिन्हित

-प्रशासन यातायात समेत अन्य विभाग तैयार करेंगे सुरक्षा का खाका
-मंगलवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में
सड़क दुघर्टनाएं रोकने पर हुआ मंथन

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
मंगलवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुघर्टनाएं रोकने पर गहनता से मंथन हुआ। बैठक में
मौजूद डीएम अनुज कुमार सिंह व एसएसपी सतपाल अंतिल ने
ब्लैक स्पॉटों पर सुरक्षात्मक उपाय करने को कहा। जोर दिया गया कि दुर्घटना का कारण बने तीव्र मोड़ को चिन्हित करने पर जोर दिया। डीएम ने साथ ही ‘टी’ व ‘वाई’ प्वाइंट पर भी सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुईं बैठक में जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर एहतियाती कदम‌ उठाने के सभी सुरक्षात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। डीएम ने कहा कि नेशनल हाईवे- लोनिवि के मार्ग के आपस में मिलने वाले स्थानों पर सुरक्षा के नियमों का पालन करने को कहा। सड़कों के 90 डिग्री यानी तीव्र मोड़ को चिन्हित कर सुरक्षात्मक उपाय करने को कहा।
बैठक में लोनिवि के एक्सीईएन ने बताया कि संपर्क मार्गों के लिए रंबल स्ट्रिप का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी के बाद रंबल स्ट्रिप लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
डीएम ने स्कूल बसों की स्थिति जानीं। जानकारी दी कि एआरटीओ आनंद निर्मल ने बताया कि जिले में नौ सौ बसों में से चार सौ बसों का सत्यापन किया गया है। डीएम ने स्कूल बसों के मानकों का पालन करने को कहा। बैठक में जिला प्रशासन ने शहर में गुलाबबाड़ी व फव्वारा चौराहे पर रोडवेज बसों से हुईं दुर्घटनाओं के बारे में रोडवेज अधिकारियों से जानकारी ली।
एसपी ट्रैफिक सुभाषचंद्र गंगवार ने रामपुर दोराहे में रोडवेज बसें रोककर सवारी भरने से जाम लगने की समस्या का मुद्दा उठाया। डीएम ने जाम का कारण बनने वाले कारणों को तत्काल दूर करने की हिदायत दी।
*नेशनल हाईवे पर अप्रैल से सीसीटीवी कैमरें होंगे संचालित*
बैठक में एनएचएआईं के पीडी अरविंद कुमार ने जानकारी दी कि नेशनल हाईवे पर सीसीटीवी कैमरों का संचालन अप्रैल से शुरू हो जाएगा।

*जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स*

कैच की पुलिया, छजलैट तिराहा,ऊमरी चौराहा, मझोला थाने के सामने, इस्लामनगर चौराहा, किला तिराहा, हनुमान मूर्ति, प्रेम वंडरलैंड, रामगंगा नदी सेतु, दाढ़ी महमूदपुर, पंडित नगला,सुरजनपुर,अगवानपुर, महमूदपुर माफी व कोहिनूर तिराहा सहित अन्य चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर कराए गए। डीएम ने इन स्पाँट पर सुरक्षा की प्रगति जानी।
बैठक में एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह, सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह, एडीएम सिटी सुश्री ज्योति सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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March 24, 2026

चंदौसी-ऋषिकेश पैसेंजर डिरेल, निकलीं माँक ड्रिल

-रेल मंडल प्रशासन ने परखीं सतर्कता, हादसे की सूचना पर रवाना हुईं एआरटी
-ट्रेन के दो कोच गिरने की दी गई सूचना, करीब एक घंटे बाद
रेलवे ने दर्शाया माँक ड्रिल

Post on 24.3.26
Tuesday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
रेल मंडल प्रशासन ने सुरक्षा और सतर्कता को जांचा। चंदौसी -ऋषिकेश पैसेंजर ट्रेन के दो कोच के डिरेलमेंट की सूचना से मंडल मुख्यालय पर हड़कंप मचा। आनन फानन में दुर्घटना सहायता के लिए मुरादाबाद जंक्शन से एआरटी को रवाना करने की तैयारी शुरू हो गई।
रेलवे के अनुसार ऋषिकेश जा रही पैसेंजर 54463 ट्रेन लक्सर हरिद्वार के बीच एथल व पथरी के बीच पटरी से उतर गई। सूचना दी गई कि ट्रेन इंजन से नौवां जनरल कोच और दसवां एसएलआर का वैगन डिरेल हो गया। डिरेलमेंट की खबर से मंडल मुख्यालय पर हड़कंप मच गया। आनन फानन में सभी रेल अधिकारी कंट्रोल रूम में पहुंचे। दुर्घटना को लेकर राहत व बचाव के लिए रेल प्रशासन ने मेडिकल और एआरटी को घटनास्थल रवाना किया गया। हालांकि रेल प्रशासन ने दोपहर तीन बजे दुर्घटना को 55 मिनट बाद माँक ड्रिल घोषित किया। इस दौरान मुरादाबाद से रवाना एआरटी को स्योहारा में घटना के माँक ड्रिल की सूचना दी गई। रेल प्रशासन ने माँक ड्रिल के जरिए रेल कर्मियों की सतर्कता जांची।

छेड़छाड़ व अपहरण में दोषियों को चार चार साल की सजा

Moradabad Samachar

मुरादाबाद समाचार

-पाँक्सो कोर्ट ने अलग-अलग मामलों में सजा दीं, जुर्माना लगाया
-मैनाठेर व कटघर थाना क्षेत्रों के मामले, पाँक्सो कोर्ट में हुईं सुनवाई

Post on 23.3.26
Monday, Moradabad Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़, अपहरण के अलग-अलग दो मामलों में दोषियों को सजा मिली है। मुरादाबाद में विशेष न्यायाधीश पाँक्सो कोर्ट ने केसों की सुनवाई दो लोगों को दोषी ठहराया और साक्ष्य के आधार परचार‌ चार साल की सजा सुनाई और जुर्माना लगाया।

पहला मामला मैनाठेर थाना क्षेत्र में दस साल पुराना है। मैनाठेर में 22 अक्तूबर, 2016 को स्कूल जा रहीं थीं। तभी मैनाठेर का रहने वाला इन्द्रजीत वहां पहुंचा और पीड़िता को बहला – फुसलाकर अगवा कर ले गया।
केस की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाँक्सो कोर्ट घनेन्द्र कुमार की अदालत में हुईं। विशेष लोक अभियोजक मो अकरम खां व मनोज गुप्ता ने बताया कि अदालत में मामले में नौ लोगों के बयान दर्ज कराए गए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इन्द्रजीत को साक्ष्य के आधार पर दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी को चार साल की सजा और बीस हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

*छेड़छाड़ के दोषी को चार साल की सजा*

पीड़िता से छेड़छाड़ के मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाँक्सो कोर्ट-1अविनाश चंद्र मिश्रा की अदालत में हुईं। कोर्ट में विशेष लोक अभियोजक अभिषेक भटनागर व मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि मझोला थाने में 12 जुलाई, 2018 को वादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा कि मझोला में पुत्री स्कूल की छात्रा है।पुत्री घटना वाले दिन क्षेत्र में एक दुकान से सामान लेने जा रही थी। इस दौरान असमोली के मनोटा निवासी अर्जुन ने
बुरी नीयत से हाथ पकड़ लिया।और पीड़िता से छेड़छाड़ की।
केस की सुनवाई कोर्ट में हुईं। अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अर्जुन को दोषी मानते हुए चार साल की सजा और 18 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

चार अप्रैल को रूट बदलकर चलेगी रानीखेत समेत दो ट्रेनें

Moradabad Samachar

मुरादाबाद समाचार

-दौसा स्टेशन पर दो दिन चलेगा प्री व नाँन इंटरलाकिंग कार्य

Post on 24.3.26
Tuesday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
चार अप्रैल को रानीखेत समेत दो ट्रेनें रूट बदलकर संचालित होगी।
उत्तर पश्चिम रेलवे में जयपुर – बांदीकुई रेलखंड में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और दौसा स्टेशन पर प्री व नाँन इंटरलाकिंग कार्य को मंजूरी मिली है। इंटरलाकिंग कार्य दो दिन चलेगा। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता के अनुसार काठगोदाम- जैसलमेर के बीच चलने वाली रानीखेत एक्सप्रेस 15014 व वाराणसी- साबरमती एक्सप्रेस-20964 को अलवर-जयपुर-फुलेरा मार्ग की जगह रेवाड़ी-रिंगस होकर चलेगी। 4-5 अप्रैल को इंटरलाकिंग कार्य के कारण 4 अप्रैल को दोनों ट्रेनों को रूट बदलकर चलाया जाएगा।

March 23, 2026

मैनाठेर में डीआईजी पर जानलेवा हमले में 16 दोषी करार, 27 को सजा पर फैसला

Moradabad Samachar

मुरादाबाद समाचार

सोमवार को एडीजे-2 कोर्ट का फैसला
कोर्ट के दोषी मानते ही 14 लोगों को हिरासत में जेल भेजा

-मुरादाबाद में मैनाठेर थाने में डींगरपुर की 6 जुलाई, 2011 की घटना

-कोर्ट में पच्चीस आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

-हिंसक भीड़ से घिर गए थे डीआईजी अशोक कुमार सिंह
हमले से मरणासन्न अवस्था में
पहुंचे तत्कालीन डीआईजी

-उनके साथ मौजूद तत्कालीन डीएम राज शेखर व डीआईजी के हमराह भी वापस लौट गए

Post on 23.3.29
Monday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
15 साल पहले मैनाठेर क्षेत्र में डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमले, बवाल केस में 16 लोगों को दोषी ठहराया गया है। अदालत ने डीआईजी की बेदर्दी से पिटाई, आगजनी में सभी को दोषी करार दिया। अदालत 27 मार्च को सजा पर फैसला सुनाएगी। निर्णय के बाद पुलिस ने सभी चौदह लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। फैसले के दौरान दो दोषी अदालत में हाजिर नहीं हुए।

मुरादाबाद जिले में 2011 में हुआ मैनाठेर बवाल कांड खासी सुर्खियों में रहा। मैनाठेर में डींगरपुर रोड पर चल रहे बवाल को शांत कराने तत्कालीन डीएम राजशेखर और डीआईजी अशोक कुमार सिंह गए थे। पर हंगामे के बीच आक्रामक हुईं भीड़ ने बचाव के लिए आगे बढ़े डीआईजी को घेर लिया। हमला बोल दिया। भीड़ ने डीआईजी की पिस्टल भी छीनकर वर्दी भी फाड़ डाली बुरी तरह पिटाई से डीआईजी लहूलुहान होकर मरणासन्न अवस्था में पहुंच गए। शरीर पर कई जगहों पर फ्रेक्चर हुए। इस दौरान मौजूद तत्कालीन डीएम व डीआईजी के हमराह हमले से बचने को वहां से लौट गए।उत्तेजित भीड़ ने पेट्रोल पंप आदि पर आग लगाई।
पुलिस ने बवाल मामले में 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया। इस केस की सुनवाई मुरादाबाद में एडीजे-2 कृष्ण कुमार की अदालत में हुईं।
डीजीसी नितिन गुप्ता व कोर्ट में एडीजीसी ब्रजराज सिंह ने बताया कि मैनाठेर बवाल केस में आज 16 लोगों को साक्ष्य के आधार पर दोषी ठहराया गया। इनमें से कोर्ट में मौजूद 14 लोगों को न्यायालय के आदेश के बाद हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। मामले में कोर्ट 27 मार्च को सजा पर फैसला सुनाएगी।

*बवाल केस में 25 के खिलाफ आरोपपत्र*

तीन आरोपितों की सुनवाई के दौरान मौत, छह का मामला किशोर न्यायालय में पेश
मुरादाबाद।
बवाल केस में पुलिस ने परवेज आलम समेत 25 के खिलाफ आरोपपत्र पत्र दाखिल किया गया। एडीजीसी ब्रजराज सिंह का कहना है कि सोमवार को केस की सुनवाई के बाद अदालत ने 16 लोगों को दोषी करार दिया। हालांकि इनमें तीन आरोपियों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। जबकि बाकी छह की कम उम्र के चलते किशोर न्यायालय बोर्ड(Juvenile Justice Board) में रखा गया। सोमवार को अदालत ने 16 को दोषी करार दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान हाजिर 14 को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। जेल जाने से पहले पुलिस ने उनका मेडिकल भी कराया।

*बवाल कांड में ये दोषी*
-परवेज आलम पुत्र आसिफ
-मंजूर अहमद पुत्र मो युनूस
-मो अली पुत्र अफसर
-हाशिम पुत्र हाजी भोलू
-मो कमरूल पुत्र बाबू
-मो नाजिम पुत्र मो हुसैन
-मो मुजीफ पुत्र नन्हें
-मो युनूस पुत्र मो युसुफ
अंबरीष पुत्र अनवार मिस्त्री
-कासिम पुत्र इकबाल
-मो मोबीन उर्फ मो मोहसिन पुत्र शौकत
-मो मुजीब पुत्र बाबू जमील उर्फ जमीर अहमद
-तहजीब आलम पुत्र हाजी जमील
-जाने आलम पुत्र जुम्मा

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
धारा – 147,148,307, 149,336,353,436,427
395,397
आपराधिक विधि संशोधन, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम

*तत्कालीन डीआईजी, डीएम समेत 24 के हुए बयान*
मुरादाबाद।
15 साल पहले मुरादाबाद के इतिहास में सनसनी मचाने वाले मैनाठेर प्रकरण में कोर्ट में 24 गवाहों ने बयान दर्ज कराएं। 51 लोगों को बयान के लिए लिस्ट बनाईं गई थी। पर जरुरत के हिसाब से कोर्ट में कम के बयान हुए।
एडीजीसी ब्रजराज सिंह का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट में ज्यादा लोगों को बुलाया जाना था पर साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में तत्कालीन डीएम और अब जल निगम ग्रामीण के प्रबंध निदेशक राज शेखर, डीआईजी कोर्ट में पेश हुए और बयान दर्ज कराएं।
बवाल केस में डीआईजी की पिस्टल बरामद करने वाले एसएसआई जसवीर सिंह के अलावा हिंसक भीड़ के निशाने पर आया पेट्रोल पंप में तब सेल्समैन संतराम सिंह ने भी बयान दिए। एडीजीसी का कहना है कि भीड़ द्वारा छीनी गई डीआईजी की पिस्टल जंगल में एक गड्ढे में दबी मिलीं।आरोपियों की पूछताछ के बाद पिस्टल को तलाशा गया। कोर्ट में केस में वादी एसआई रवि कुमार के बयान अहम रहें।
इसके अलावा पुलिस की ओर से सिपाही राकेश कुमार, मो हुसैन, कौशलेंद्र , सुनील कुमार, सतीश चंद्र, राम निवास के बयान भी दर्ज हुए।

यह था मामला।
जिले में इतिहास बनी घटना 6 जुलाई वर्ष 2011 की है।मैनाठेर पुलिस ने छेड़छाड़ के एक केस में आरोपी की गिरफ्तारी को क्षेत्र के ही गांव में दबिश दी थी। पर अभियुक्त के परिजनों ने दबिश के दौरान पुलिस पर धार्मिक पुस्तक के अपमान का आरोप लगाया था। पुस्तक के अपमान से लोगों में गुस्सा भड़क गया। एक वर्ग के लोगों ने मुरादाबाद -संभल रोड को तीन जगहों पर जाम कर मैनाठेर थाने पर आग लगा दी। डींगरपुर में हिंसक भीड़ ने पुलिस चौकी व पीएसी के वाहनों में आगजनी की। बवाल पर काबू पाने के तब डीएम राजशेखर व डीआईजी अशोक कुमार सिंह संग मय फोर्स के मौके पर रवाना हुए थे। दोनों अफसर एक ही कार में सवार थे। डींगरपुर तिराहे पर भीड़ के पीएसी वाहन को फूंकता देख दोनों अधिकारी भीड़ को समझाने के लिए रुके थे। पर हिंसक भीड़ ने उनपर हमला बोल दिया। बताते हैं कि
तत्कालीन डीएम राजशेखर व डीआईजी के हमराह पुलिस कर्मी वाले भी हिंसक भीड़ के बीच डीआईजी को अकेला छोड़कर वापस लौट गए। भीड़ ने डीआईजी को बुरी तरह से पीटकर मरणासन्न हालत में छोड़ दिया। भीड़ ने डीआईजी पर फायर झोंके थे। और उनकी पिस्टल छीन ली। बुरी तरह से घायल डीआईजी को तीन महीने तक बिस्तर पर रहना पड़ा था।

*प्रकरण में आईपीएस अधिकारियों ने की थीं सीएम से शिकायत*

मैनाठेर कांड में डीआईजी को हिंसक भीड़ में अकेला छोड़ने से आईपीएस अधिकारी भी खुश नहीं थे। प्रकरण लंबे समय तक लगातार सुर्खियों में बना रहा।

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