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मिशन 2027: बसपा की बड़ी बैठक आज

February 7, 2026

मिशन 2027: बसपा की बड़ी बैठक आज

लखनऊ में आज मायावती की बड़ी बैठक, ‘घूसखोर पंडत’ और पंचायत चुनाव पर आर-पार के मूड में बसपा

Mayawati BSP Supreemo

बसपा अध्यक्ष मायावती

Posted on 07.02.2026, Saturday, Time 08.25 AM

लखनऊ, 07 फरवरी 2026, बसपा प्रदेश कार्यालय में आज (7 फरवरी) मायावती पार्टी के बड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगी। इस बैठक में न केवल आगामी पंचायत चुनावों के लिए ‘गांव चलो’ अभियान को हरी झंडी दी जाएगी, बल्कि वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ के जरिए ब्राह्मण समाज के अपमान के मुद्दे को भुनाने की रणनीति भी बनेगी। विपक्षी दलों के रुख पर भी मायावती की पैनी नजर रहेगी।

आज की बैठक को विधान सभा चुनाव 2027 की रणनीति के मद्देनजर अहम माना जा रहा है। इस बैठक में मायावती जहां पंचायत चुनाव के बारे में रणनीति बनाएंगी, वहीं अपने पुराने एजेंडे पर लौटते हुए ब्राह्मण वोट पर फोकस करेंगी। इसके लिए वे वेब सीरीज घूसखोर पंडत पर बयान जारी करेंगी और कड़ा रुख अपना कर ब्राह्मण स्वाभिमान के साथ कोई समझौता नहीं करने की घोषणा करेंगी ।

BSP अध्यक्ष मायावती करेंगी समीक्षा बैठक

  • 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक
  • आज प्रदेश भर से पदाधिकारी बुलाए गए हैं
  • जोनल से लेकर विधानसभा के पदाधिकारी आएंगे
  • विधानसभा प्रभारी, जिला अध्यक्ष बुलाए गए
  • भाईचारा कमेटी के पदाधिकारी भी रहेंगे मौजूद
  • आज सुबह 11 बजे BSP कार्यालय में मीटिंग.

(more…)

February 6, 2026

रामभक्तों का अपमान विरासत का अपमान: योगी आदित्यनाथ

 

Haridwar Samachar

हरिद्वार समाचार सेवा

  • आध्यात्मिक मूल्यों के क्षरण से प्रदेश बना था अराजकता का अड्डा
  • आज दंगा-दंगाई दोनों गायब, अब बेटी सुरक्षित और व्यापारी भी
  • एक संन्यासी ने आश्रम पद्धति से सीखा, कैसे चलाना है प्रशासन
  • हरिद्वार में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की श्री विग्रह मूर्ति के स्थापना समारोह को संबोधित किया सीएम योगी ने

Posted on 06.02.2026 Friday, Time: 08.51 PM, Haridwar 

हरिद्वार, 06 फरवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक समय था, जब विरासत को कोसा जाता था, अपमानित किया जाता था, लांछित किया जाता था। राम भक्तों पर गोलियां चलती थीं, उनका अपमान किया जाता था। लेकिन, यह रामभक्तों का नहीं, भारत की विरासत का अपमान होता था, भारत के आध्यात्मिक मूल्यों का अपमान होता था। इसका परिणाम यह निकला कि उत्तर प्रदेश अराजकता का अड्डा बन गया, लूट का अड्डा बन गया और दंगों की आग में झुलसने लगा। गुंडागर्दी भी चरम पर, ना बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी। हमारी सरकार में विरासत का सम्मान हुआ तो बेटी सुरक्षित हो गई और व्यापारी भी। आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था के रूप में भी आगे बढ़ रहा है।
सीएम योगी शुक्रवार को हरिद्वार में आयोजित स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की श्री विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में न अराजकता है, न फसाद है, न गुंडागर्दी है। न कर्फ्यू है, न दंगा है – यूपी में अब सब चंगा है। दंगा और दंगाई, दोनों गायब हो गए हैं। कर्फ्यू दंगाइयों पर लग गया है। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि नीति स्पष्ट थी, नीयत साफ थी। कोई सोचता था कि 500 वर्षों के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा? लेकिन, आज भव्य राम मंदिर बन गया।

आश्रम से मिला एमबीए का वास्तविक ज्ञान
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि बिना किसी औपचारिक प्रशासनिक अनुभव के आप उत्तर प्रदेश कैसे चला रहे हैं, तो मेरा उत्तर होता है कि आश्रम व्यवस्था से जुड़ा हूं। प्रशासन कैसे चलाना है, प्रबंधन कैसे करना है, भारत का संन्यासी आश्रम पद्धति से सीखता है। प्रशासन हमारे संस्कारों व जींस का हिस्सा है। एमबीए की वास्तविक शिक्षा तो भारतीय आश्रम पद्धति से ही मिलती है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश आज अराजकता से निकलकर विकास और सुशासन का मॉडल बनकर उभरा है। भारत की प्रशासनिक, आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति की जड़ें, आश्रम व गुरुकुल परंपरा में हैं। जहां कृषि, खगोल विज्ञान, आयुर्वेद, शिल्प व प्रशासन जैसे विषयों का केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है। जीवन से जुड़े हर प्रश्न का उत्तर मिलता है।

माघ मेले में अब तक 21 करोड़ श्रद्धालुओं का स्नान
सीएम योगी ने बताया कि माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा चुके हैं। यहां पहले केवल अव्यवस्था देखने को मिलती थी, लेकिन आज अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, हरिद्वार, बदरीनाथ धाम व केदारनाथ धाम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्र बने हैं। भारत राष्ट्र यहीं से शक्ति प्राप्त करता है, और जब हमने इन आस्था केंद्रों को सम्मान के साथ आगे बढ़ाया, संरक्षित करने का काम किया, परिणाम भी सामने आया है। लंबे समय तक बीमारू रहा उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर लगातार प्रगति पथ पर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा जन्म इसी देवभूमि उत्तराखंड में हुआ है। वर्ष 1982 में भारत माता मंदिर के भव्य लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व सर संघचालक बालासाहब देवरस, दोनों की उपस्थिति रही। यह स्पष्ट करता था कि राष्ट्राध्यक्ष के प्रति हमारा सम्मान सदैव रहेगा, लेकिन मूल्यों के साथ कभी कोई समझौता नहीं होगा। जब देश विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहा था, तब पूज्य स्वामी जी महाराज ने भारत माता मंदिर के भव्य निर्माण और उसके लोकार्पण के माध्यम से पूरे देश के सामने आध्यात्मिक नेतृत्व का चिरस्थायी स्मारक समर्पित किया।

न जाति का भेद और न धर्म का अंतर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड के चार धाम भारत की चेतना के आधार हैं। जब हम लोग बचपन में हरिद्वार आते थे, तो सबके मन में यह भाव रहता था कि हरि की पैड़ी में स्नान करना है और भारत माता मंदिर के दर्शन भी करने हैं। यहां न जाति भेद था और न धर्म का कोई अंतर। भारत माता मंदिर में पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक, पूरे भारत का स्वरूप प्रतिबिंबित किया गया। यह उस समय की सबसे ऊंची (हाई-राइज) इमारत भी थी। मेरा सौभाग्य है कि देश के भीतर पिछले 11 वर्षों में हमने व्यापक परिवर्तन देखा है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज से लेकर केदारपुरी और बदरीनाथ से हरिद्वार तक, विकास की एक लंबी गाथा विरासत को संजोते हुए बढ़ रही है। यह नए भारत निर्माण की वही गाथा है, जिसका सैकड़ों वर्षों से वर्तमान पीढ़ी को इंतजार था। यह पीढ़ी यह सोच रही थी कि क्या हमारी भावनाओं के अनुरूप भारत का निर्माण हो पा रहा है या नहीं। एक प्रकार की असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। उस असमंजस से उबरने का कार्य पिछले 11 वर्षों में हमने स्पष्ट देखा है।

भारत ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब हम भारत की बात करते हैं, तो भारत केवल एक भौगोलिक टुकड़ा मात्र नहीं है। भारत ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र है। यह किसी सत्ता की उपज नहीं है, बल्कि ऋषि परंपरा की तपस्या से निकली शाश्वत चेतना का केंद्र बिंदु है। भारत का उच्चतम न्यायालय भी इस मंत्र को अंगीकार करता है कि जहां धर्म है, वहीं विजय है। धर्म और विजय का यह शाश्वत स्वरूप हमें यह आभास कराता है कि धर्म कभी कमजोर नहीं होता, बल्कि उसे जानबूझकर कमजोर किया जाता है। इतिहास साक्षी है कि जो राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह न तो वर्तमान को सुधार पाता है और न ही भविष्य को सुरक्षित रख पाता है। वैदिक भारत आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक रहा है। आक्रांताओं के आने से पहले भारत कोई अविकसित या उपेक्षित भूभाग नहीं था, बल्कि एक पूर्ण विकसित सभ्यता और समृद्ध संस्कृति था। यह राष्ट्र हमारे ऋषियों की तपस्या, किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से खड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2000 वर्ष पहले, जिसे हम भारत का स्वर्ण युग कहते हैं, उस समय विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत थी। इसी प्रकार आज से करीब 400 वर्ष पहले भी विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत थी। यह सामर्थ्य इन्हीं ऋषि-मुनियों की तपस्या के बल पर, अन्नदाता किसानों की सृजनशीलता के बल पर और कारीगरों के परिश्रम के बल पर था। जैसे ही हमने इन मूल्यों से मुंह मोड़ा, पतन की प्रक्रिया शुरू हो गई। लेकिन, आज फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरकर सामने आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत गांव आधारित राष्ट्र था। गांव आत्मनिर्भर इकाइयां थे। यहां कृषि थी, पशुपालन था, हस्तशिल्प था, चाहे वस्त्र निर्माण हो या धातु का कार्य, सब कुछ गांवों के भीतर ही होता था। यहां बाहरी सत्ता का हस्तक्षेप नहीं था, न ही किसी अनुदान पर निर्भरता थी। स्वरोजगार भारत की मूल शक्ति था। हमारा किसान उत्पादक था, कारीगर उद्यमी था, और व्यापारी राष्ट्र को जोड़ने का सेतु। यह पूरा ढांचा ग्राम स्वराज आधारित शासन का एक सशक्त मॉडल था। भारतीय नारी की अर्थव्यवस्था में समान सहभागिता थी। उसे कभी पराधीन नहीं बनाया गया, बल्कि वह समाज और अर्थव्यवस्था की सक्रिय शक्ति रही है। लेकिन आक्रांताओं के साथ-साथ लाभ आधारित अर्थतंत्र ने स्थानीय उत्पादन व्यवस्था को नष्ट किया। स्वरोजगार की जगह टैक्स आधारित व्यवस्था ने ले ली। इस व्यवस्था में कारीगर को गुलाम बना दिया गया और किसान को करदाता बना दिया गया। जैसे ही हम आश्रम पद्धति से विमुख हुए और गुरुकुलों की परंपरा से मुंह मोड़ा, वैसे ही कारीगर गुलामी की स्थिति में पहुंच गया और किसान पर निर्भरता का बोझ बढ़ता चला गया, यहां तक कि वह आत्महत्या के लिए मजबूर हो गया। हमें याद रखना होगा कि ग्राम स्वराज की अवधारणा क्या है, जब एक गांव टूटता है, तो उसे केवल एक घटना नहीं माना जाना चाहिए। एक गांव का टूटना, उस राष्ट्र की नींव को हिला देता है।
समारोह को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद भारती जी महाराज ने भी संबोधित किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी मौजूद थे।

संत बोले, उत्तर प्रदेश के शेर हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
हरिद्वार में आयोजित स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की श्री विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह में संत समाज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘उत्तर प्रदेश का शेर’ बताते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ सबके प्रिय हैं और सबके हितकारी हैं। इनको संभाल कर रखना है। जब से योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभाली, तब से यूपी में रामराज्य जैसा माहौल दिखाई देता है। आज उत्तर प्रदेश में कहीं भय, अराजकता और उन्माद नहीं दिखाई देता। जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि जब पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जैसे नेता नेतृत्व कर रहे हैं, तो हमें कोई संदेह नहीं कि भारत को फिर उसी वैभव के साथ देखेंगे, जैसा हर्षवर्धन के कार्यकाल में, विक्रमादित्य के काल में देखने को मिला था।

घूसखोर पंडत’ फिल्म के निर्देशक व टीम के खिलाफ एफआईआर

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सामाजिक सौहार्द व कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
  • जातिगत भावनाएं आहत करने, वैमनस्य फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से प्रसारण का आरोप
  • ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के आपत्तिजनक कंटेंट पर लखनऊ पुलिस की कार्रवाई

Posted on:06.02.2026 Friday, Time: 08.30 PM
लखनऊ, 6 फरवरी।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समाज में सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को आहत करने वालों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति और ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देशों के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रचारित-प्रसारित की जा रही आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के निर्देशक के खिलाफ राजधानी लखनऊ के थाना हजरतगंज में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई समाज में वैमनस्य फैलाने, धार्मिक एवं जातिगत भावनाओं को आहत करने और शांति व्यवस्था को भंग करने के प्रयास के आरोप में की गई है।

*प्रथम दृश्टया आपत्तिजनक पाया गया फिल्म का कंटेंट*
थाना हजरतगंज के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रचारित हो रही उक्त आगामी फिल्म तथा सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इसके कंटेंट पर संज्ञान लिया। उनके अनुसार, ‘घूसखोर पंडत’ नामक आगामी फिल्म का शीर्षक और उसकी प्रचारित सामग्री प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक पाई गई है। एफआईआर में जातिगत अपमान के बिंदु पर स्पष्ट किया गया है कि फिल्म का शीर्षक एक समुदाय/जाति विशेष (ब्राह्मण) को लक्षित कर अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया प्रतीत होता है। इस नामकरण तथा नेटफिल्क्स व सोशल मीडिया पर प्रचारित इसके संवादों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली है।

*सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रसारण*
फिल्म के नाम और उसकी सामग्री को लेकर ब्राह्मण समाज तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश है। कई संगठनों ने इसके विरोध में उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कदम उठाया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम द्वारा समाज में वैमनस्य फैलाने, शांति व्यवस्था भंग करने और सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रचार-प्रसार किया गया। इस तरह की सामग्री से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उपरोक्त तथ्यों और संवेदनशील परिस्थितियों के दृष्टिगत, थाना हजरतगंज पुलिस द्वारा फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई तथा विवेचना प्रचलित है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, प्रचारित-प्रसारित सामग्री और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा विधायक को ‘लुटेरा’ कहने पर अजय राय पर FIR, लखनऊ में दर्ज हुआ मुकदमा

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यूपी वेब न्यूज

Posted on 06.02.2926 Friday, Time: 08.26 PM

लखनऊ। सरोजनी नगर से भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह को ‘लुटेरा’ कहने के मामले में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ लखनऊ में FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई भाजपा नेता शिवशंकर सिंह उर्फ शंकरी की शिकायत पर सरोजनी नगर थाने में की गई। शिकायत के अनुसार, 1 फरवरी 2026 को सरोजनी नगर के गौरी-बिजनौर रोड स्थित नटकुर तिराहा पर आयोजित एक राजनीतिक सभा में अजय राय ने भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा था कि राजेश्वर सिंह देश और प्रदेश को लूटने का काम कर रहे हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में रहते हुए भी लूट-खसोट जारी थी।
यह टिप्पणी सरोजनी नगर में आयोजित ‘संविधान संवाद महापंचायत’ कार्यक्रम के दौरान की गई थी। आरोप है कि अजय राय का यह बयान असत्य, मानहानिकारक और भड़काऊ था।
*सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल :-
भाजपा नेता शिवशंकर सिंह ने तहरीर में बताया कि अजय राय के भाषण को योजनाबद्ध तरीके से रिकॉर्ड कर फेसबुक पर अपलोड किया गया। यह वीडियो ‘रुद्रदमन सिंह’ नामक फेसबुक अकाउंट से साझा किया गया, जिसे अब तक 25 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है।
शिकायत में कहा गया है कि इस वीडियो के वायरल होने से लोक शांति भंग होने, राजनीतिक तनाव बढ़ने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका है। साथ ही भाषण देने, उसे रिकॉर्ड करने और सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के बीच आपराधिक साजिश रचने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अजय राय के खिलाफ मानहानि, जानबूझकर भड़काऊ भाषण देने और अपमानित करने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

February 5, 2026

भारत-नेपाल सीमावर्ती ग्रामीणों के लिए रवाना हुई गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0

Guru Gorakhnath Swasthya Sewa Yatra

गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6 का शुभारंभ करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन जी

Posted on : 05.02.2026 Time: 08.24 PM

लखनऊ, 05 फरवरी । डॉ० राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन अवध एवं गोरक्ष प्रान्त तथा श्रीगुरु गोरखनाथ सेवा न्यास द्वारा आयोजित “गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0” का उद्घाटन कर अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख श्री स्वान्तरंजन जी एवं उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने रवाना किया। कार्यक्रम में चिकित्सकों को विश्व की सबसे छोटी ईसीजी मशीन “स्पन्दन ईसीजी मशीन” का वितरण किया गया। बिना बैटरी और इंटरनेट के भी कार्य करने में सक्षम यह अत्याधुनिक मशीन रिमोट एरिया में त्वरित व सटीक जांच को सम्भव बनाकर जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाएगी। सेवा, समर्पण और नवाचार से जुड़ी यह पहल “अन्तिम पंक्ति तक स्वास्थ्य” के संकल्प को सशक्त करती है।

इस बार की यात्रा में लगभग 70 मेडिकल संस्थानों से 700 चिकित्सक एवं मेडिकल छात्र भाग ले रहे हैं जो भारत-नेपाल सीमा के थारू बाहुल्य पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, महाराजगंज एवं सिद्धार्थनगर जिलों में लगभग 300 स्थानों पर ये मेडिकल कैम्प आयोजित हो रहे हैं।

आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक जी ने कहा कि इस तरह से मेडिकल कॉलेज के लोगों को इन जनजातीय क्षेत्रों में जाना और सेवा का कार्य करना अनुकरणीय है। उन्होंने मेडिकल छात्रों से बात करते हुए कहा कि, अकेलापन किसी भी छात्र का सबसे बड़ा शत्रु है। सभी छात्रों को समूह में रहना चाहिए, चाहे वह पढ़ाई करना हो या कोई मनोरंजन। उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, मेडिकल संस्थाओं में जिस तरह से सफेद कोट आतंकवाद का नेटवर्क फैला रहा है उसे देखते हुए हमारे छात्र-छात्राओं को सतर्क रहने की जरूरत है और ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए नियमसम्मत एवं आवश्यक कदम उठाना चाहिए क्योंकि राष्ट्र की सुरक्षा के मुद्दे से किसी भी तरह से समझौता नहीं किया जा सकता।

इस मौके पर संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख स्वान्तरंजन जी ने कहा कि, यह स्वास्थ्य यात्रा एक अनुभव यात्रा भी है। वैसे तो विगत पाँच वर्षों से इस अभियान में शामिल डॉक्टरों ने इसमें सहभागी होकर काफी सेवा अनुभव लिया है लेकिन कुछ डॉक्टर पहली बार दुर्गम क्षेत्र में अनुभव लेंगे। जीवन में सेवा का जो यह अवसर गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा से मिला है। इसमें अपने मनोयोग पूर्ण सहभागिता से अपना जीवन धन्य कर सकते हैं। थारू जनजाति धार्मिक भाव की जनजाति है। उनके मतान्तरण के प्रयास होते रहे हैं लेकिन वे धर्मनिष्ठ अड़िग हैं। ऐसे में हमारी यात्रा उनकी सेवा के लिए ही है। अभी भी एक गाँव था जहाँ सड़क नहीं थी लेकिन पिछले साल यात्रा पहुँची तो पीपे का पुल बनाकर गाँव को जोड़ा गया। शहरी जीवन में तैयार होने वाले डॉक्टर गाँव में जाकर इसका अनुभव कर सकते हैं कि सीमा पर रहना कितना कठिन है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रान्त के मार्गदर्शन में प्रत्येक वर्ष ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा’ में संघ के अनुषांगिक संगठन नेशनल मेडिकोज आर्गेनाईजेशन, सेवा भारती, आरोग्य भारती, वनवासी कल्याण आश्रम, विश्व हिन्दू परिषद एवं सीमा जागरण मंच संयुक्त रूप से भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों के गाँव में रहने वाले जनजाति समुदाय के बीच स्वास्थ्य सम्बन्धी जन जागरण के दृष्टि से प्रत्येक वर्ष आयोजित होती है। इसकी शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रान्त के प्रान्त प्रचारक कौशल किशोर जी द्वारा सन 2019 में की गयी थी l इन जिलों के गाँवों में देशभर के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के डॉक्टर एवं मेडिकल छात्र दवा एवं जाँच सम्बन्धित व्यवस्थाओं के साथ पहुँचते हैं। ये चिकित्सक एवं मेडिकल छात्र वहीं स्थानीय निवासियों के घर रुकते हैं। जिनके रहने-खाने-सोने का प्रबन्ध वनवासी समुदाय के लोग ही करते हैं, इस यात्रा के अन्तर्गत 2 दिन तक गाँव में रहकर कैंप करना होता है जबकि अन्तिम दिन जिले स्तर पर एक वृहद मेगा कैंप आयोजित होता है जिसमें हर विधा के चिकित्सक मौजूद रहते हैं। स्वास्थ्य यात्रा के इन मेगा कैंपों में औसतन हर जिले में लगभग 20 से 25 हजार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है।

इस अवसर पर अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांतरंजन जी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, प्रान्त प्रचारक कौशल जी, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव, कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट लखनऊ के निदेशक प्रो. एम. एल. बी. भट्ट, डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. सी.एम. सिंह, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के कुलपति प्रो. अजय सिंह, नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव प्रो. अश्विनी टंडन, नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के प्रान्त अध्यक्ष प्रो. संदीप तिवारी, डॉ. श्रीकेश सिंह, डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. सुमित रूंगटा, डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. अर्चना शर्मा, डॉ. वी.के. श्रीवास्तव, डॉ. प्रद्युमन, डॉ. शिवम मिश्रा, विशेष सम्पर्क प्रमुख प्रशान्त भाटिया, डॉ. ललित श्रीवास्तव, डॉ. के.के. सिंह एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन न्यास के महासचिव डॉ. भूपेंद्र सिंह जी ने किया।

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