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सोशल मीडिया पर स्टंटबाजी पड़ी भारी, दो युवक पुलिस की गिरफ्त में

March 18, 2026

सोशल मीडिया पर स्टंटबाजी पड़ी भारी, दो युवक पुलिस की गिरफ्त में

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
18/03/2026

पीपीगंज पुलिस की कार्रवाई—मोटरसाइकिल सीज, आरोपियों पर निरोधात्मक कार्रवाई*

गोरखपुर। सोशल मीडिया पर बाइक स्टंट का वीडियो पोस्ट करना दो युवकों को महंगा पड़ गया। थाना पीपीगंज पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और स्टंट कर रहे दोनों युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए संबंधित मोटरसाइकिल को सीज कर दिया।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाने एवं अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष पीपीगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस पूरे प्रकरण में सक्रिय भूमिका निभाई।
पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें दो युवक सड़क पर मोटरसाइकिल से खतरनाक स्टंट करते नजर आ रहे थे। यह न केवल उनकी अपनी जान के लिए खतरा था, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा कर रहा था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और तकनीकी व स्थानीय जानकारी के आधार पर दोनों युवकों की पहचान कर ली।
पहचाने गए आरोपियों में दीपू दुबे पुत्र विक्रम प्रसाद दुबे निवासी ग्राम ताजडीह, पोस्ट जगतबेला थाना चिलुआताल जनपद गोरखपुर तथा अंश कुमार श्रीवास्तव पुत्र दिनेश कुमार श्रीवास्तव निवासी ग्राम राजाबारी थाना पीपीगंज जनपद गोरखपुर शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की है।
इसके साथ ही जिस मोटरसाइकिल से स्टंट किया जा रहा था, उसे भी पुलिस ने सीज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही और कानून उल्लंघन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़क पर स्टंट करना न सिर्फ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें। कानून का पालन करते हुए सुरक्षित तरीके से वाहन चलाना ही जिम्मेदार नागरिक होने की पहचान है।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक गौरव तिवारी, उपनिरीक्षक मनीष राज और कांस्टेबल गोविंद कुमार यादव की टीम शामिल रही, जिन्होंने तत्परता दिखाते हुए पूरे मामले का खुलासा किया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी

राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह: सड़क सुरक्षा के लिए बढ़ा जागरूकता अभियान

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
18/03/2026

शास्त्री चौराहे पर 500 से अधिक हेलमेट वितरित, ट्रैफिक नियमों के पालन की अपील*

गोरखपुर। राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के तहत सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शहर में जागरूकता अभियान को तेज किया गया है। इसी क्रम में गैलेंट ग्रुप की ओर से शास्त्री चौराहे पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों के बीच 500 से अधिक हेलमेट वितरित किए गए। कार्यक्रम में एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह और एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय मुख्य रूप से मौजूद रहे।
शहर के व्यस्ततम चौराहों में शामिल शास्त्री चौराहे पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य सड़क पर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी रोजाना तेज रफ्तार और भारी वाहनों के बीच घंटों ड्यूटी करते हैं, जिससे उनके सामने दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसे में उन्हें हेलमेट उपलब्ध कराना उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल आम नागरिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना जीवन बचाने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोट का सबसे बड़ा कारण सिर पर लगने वाली चोट होती है, जिसे हेलमेट पहनकर काफी हद तक टाला जा सकता है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों और सवारों से अपील की कि वे हेलमेट को अपनी आदत बनाएं और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
कार्यक्रम के दौरान शहरवासियों को भी जागरूक करते हुए ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की गई। लोगों से कहा गया कि वे तेज रफ्तार से बचें, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें और ट्रैफिक संकेतों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और अनुशासन ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे कारगर तरीका है।
गैलेंट ग्रुप के प्रतिनिधियों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के दौरान शहर के अन्य प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भी इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत करना और दुर्घटनाओं को कम करना है।
इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा और इसे सड़क सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि हेलमेट सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का जरूरी साधन है।

क्रिकेट का महाकुंभ, युवा खिलाड़ियों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
18/03/2026

*19 से 25 मार्च तक MCC हाई परफॉर्मेंस कैंप, वास-जाफर जैसे दिग्गज सिखाएंगे खेल के गुर*

गोरखपुर। शहर के क्रिकेट प्रेमियों और उभरते खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रकाश क्रिकेट स्टेडियम में 19 मार्च से शुरू हो रहा MCC हाई परफॉर्मेंस कैंप गोरखपुर के युवा क्रिकेटरों के लिए सुनहरा अवसर लेकर आया है। 25 मार्च तक चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाड़ी युवाओं को सीधे प्रशिक्षण देंगे, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने का बड़ा मंच मिलेगा।
इस हाई प्रोफाइल कैंप की सबसे बड़ी खासियत इसमें शामिल हो रहे दिग्गज कोच और खिलाड़ी हैं। श्रीलंका के पूर्व महान तेज गेंदबाज चामिंडा वास, भारत के अनुभवी बल्लेबाज वसीम जाफर, प्रख्यात कोच ज्वाला सिंह और विनायक सामंत जैसे बड़े नाम खिलाड़ियों को खेल की बारीकियां सिखाएंगे। जानकारी के अनुसार चामिंडा वास 20 मार्च को गोरखपुर पहुंचेंगे, जबकि अन्य कोच पहले से ही शहर में मौजूद हैं और तैयारियों में जुटे हुए हैं।
कैंप में मुंबई से आए विशेषज्ञ कोचों की टीम भी शामिल है, जिसमें धनंजय तेंडुलकर, निखिल बागल, अंकित पटेल और अभिषेक गाडव जैसे प्रशिक्षक खिलाड़ियों को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। आयोजन की कमान एमसीसी मैनेजमेंट के सुजीत सिंह, आनंद पाल सिंह और रतनदीप के हाथों में है, जो इस पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संचालित कर रहे हैं।
कैंप का समय प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसमें लगभग 50 से 60 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल हैं। खास बात यह है कि अंडर-14 वर्ग के खिलाड़ियों में इस कैंप को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
स्थानीय स्तर पर भी अनुभवी कोचों की टीम खिलाड़ियों को मार्गदर्शन दे रही है। इसमें दीपक यादव, अश्विन यादव, रमेश प्रजापति और पंकज शुक्ला के साथ-साथ प्रकाश स्टेडियम के कोच राकेश कुमार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय अनुभव का अनूठा संगम खिलाड़ियों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
कैंप में खिलाड़ियों को केवल मैदान पर अभ्यास ही नहीं कराया जाएगा, बल्कि उन्हें ज्वाला सिंह की विशेष कोचिंग मैनुअल भी दी जा रही है, जिससे वे भविष्य में भी अपने खेल को बेहतर बना सकें। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और विकेटकीपिंग के हर पहलू पर गहराई से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वसीम जाफर जहां बल्लेबाजी की तकनीक और मानसिक मजबूती पर काम कराएंगे, वहीं चामिंडा वास तेज गेंदबाजी की बारीकियां और रणनीति सिखाएंगे। विनायक सामंत विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी में सुधार के लिए विशेष सत्र लेंगे।
गोरखपुर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित हो रहे इस हाई परफॉर्मेंस कैंप को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खासा उत्साह है। यह कैंप न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने की दिशा में मजबूत आधार भी देगा।
कैंप के गोरखपुर हेड विनय सक्सेना ने बताया कि यह पहल भविष्य के क्रिकेट सितारों को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कैंप से खिलाड़ियों को बड़े मंच पर पहुंचने की प्रेरणा और मार्गदर्शन दोनों मिलेगा।
कुल मिलाकर, यह क्रिकेट कैंप गोरखपुर के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है, जहां से कई नई प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी और अपने सपनों को नई उड़ान देंगी।

मॉर्निंग वॉक के दौरान राजकुमार चौहान हत्याकांड का खुलासा

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
17/03/2026

मुख्य आरोपी राज चौहान व विपिन यादव गिरफ्तार, नामजद अन्य से भी गहन पूछताछ जारी*

गोरखपुर। पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार चौहान की हत्या के मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए बड़ा खुलासा किया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी राज चौहान और विपिन यादव को पुलिस ने सीसी कैमरे के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, परिजनों द्वारा नामजद किए गए अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर थाने पर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी दोषी को छोड़ा न जाए।
जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में प्रेस वार्ता कर इस मामले की ताजा स्थिति साझा की। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मंगलवार तड़के करीब 4:30 से 5:00 बजे सुबह हुई थी जब राजकुमार चौहान मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। उसी दौरान घात लगाए हमलावरों ने पहले उन पर गोली चलाने थी लेकिन निशाना चूक गया। इसके बाद हमलावरों ने उनका पीछा कर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल अवस्था में परिजन और स्थानीय लोग पुलिस की मदद से उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस तत्काल हरकत में आ गई।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हत्या पुरानी रंजिश का परिणाम है। मृतक के भतीजे और आरोपियों के बीच पहले से विवाद हुआ था, जो इस घटना का कारण बना। इसी विवाद के चलते राज चौहान और विपिन यादव ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे 8 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सके।
मामले में मृतक के परिजनों द्वारा कुल 8 लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी गई थी, जिसमें दीपक गौड़, धर्मदेव चौहान, लालजी यादव उर्फ गुड्डू यादव, धर्मपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडे, सतेंद्र चौधरी, टिल्लू और अभय पांडे समेत अन्य के नाम शामिल हैं। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें गिरफ्तार कर थाने पर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में चिलुआताल थाने में मुकदमा अपराध संख्या 181/2026 के तहत धारा 103(2), 61(2), 191(2), 191(3) और 303 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी आरोपी कानून के शिकंजे से बच न पाए।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि घटना के बाद परिजनों द्वारा सुरक्षा की मांग की गई थी, जिसे तत्काल प्रभाव से पूरा कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि परिजनों ने नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग की है, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी बच्चों की पढ़ाई जिस स्कूल में पढ़ रहे है आगे जारी रहेगा प्रशासन पूरी मदद करेगी और पूरे मामले में पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक उत्तरी ज्ञानेंद्र, सहायक पुलिस अधीक्षक अरुणकुमार एस और क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ रवि सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। एसएसपी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस हत्याकांड के खुलासे और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से जहां एक ओर पुलिस की सक्रियता सामने आई है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में फैले भय के माहौल को कम करने में भी मदद मिली है। हालांकि, अब सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर टिकी है, जिसमें अन्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होना बाकी है।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी को इस मामले में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

March 17, 2026

साइबर ठगों पर पुलिस की सख्ती, पीड़ित के ₹33,325 वापस दिलाए गए

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
17/03/2026

गोरखपुर। थाना राजघाट पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के एक मामले में पीड़ित को बड़ी राहत दिलाई है। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए ₹33,325 (तैतीस हजार तीन सौ पच्चीस रुपये) की ठगी गई रकम वापस कराई।

मामला उस समय सामने आया जब आवेदक ने बताया कि उसके एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर साइबर ठगों ने उसके साथ धोखाधड़ी कर ली और ₹33,325 ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई और थाना राजघाट को भी सूचना दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे साइबर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन व पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन में राजघाट थाना पुलिस और साइबर सेल टीम ने तेजी से कार्रवाई की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम से ऑनलाइन गोल्ड की खरीददारी की गई थी।

साइबर नोडल उपनिरीक्षक वैभव विश्वकर्मा ने संबंधित कंपनी के नोडल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर संदिग्ध ट्रांजैक्शन को समय रहते रुकवाया और डिलीवरी भी रोक दी गई। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित के खाते में पूरी रकम वापस करा दी गई।

इस सराहनीय कार्यवाही में प्रभारी निरीक्षक पंकज गुप्ता, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरविंद राय, उपनिरीक्षक वैभव विश्वकर्मा और कंप्यूटर ऑपरेटर हेड कांस्टेबल राम प्रकाश चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या लिंक के झांसे में न आएं और क्रेडिट कार्ड या बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत NCRP पोर्टल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

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