सुबह से शाम तक लाइन में खड़े होने के बाद भी नहीं मिली यूरिया
एटा 08 मई उप्रससे। जनपद में यूरिया खाद की किल्लत अब विकराल रूप लेती जा रही है। कृषि उत्पादन मंडी स्थित इफको खाद केंद्र पर शुक्रवार को हालात इतने बिगड़ गए कि सैकड़ों किसानों को सुबह से लेकर शाम तक लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल सकी। तेज धूप, उमस और अव्यवस्थित वितरण व्यवस्था के बीच किसान घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
कृषि उत्पादन मंडी समिति स्थित इफको खाद केंद्र पर आज शुक्रवार को सुबह 10 बजे से लाइन में लगे किसानों का सब्र तब टूट गया, जब अचानक खाद वितरण रोक दिया गया और केंद्र की खिड़की बंद कर दी गई। इसके बाद मौके पर हंगामे जैसे हालात बन गए। किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
किसानों का कहना था कि जिले में यूरिया खाद के लिए मारामारी मची हुई है। रोजाना किसान अपने खेत और परिवार छोड़कर खाद केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन व्यवस्था इतनी खराब है कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
लाइन में लगे किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन की फसलें खेतों में खड़ी हैं और उन्हें तत्काल यूरिया की जरूरत है। यदि समय पर खाद नहीं मिली तो फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। किसानों का दर्द साफ झलक रहा था। कई बुजुर्ग किसान धूप में जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, जबकि महिलाओं को भी घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा।
एक किसान ने नाराजगी जताते हुए कहा, “सुबह अंधेरा रहते घर से निकलते हैं, पूरे दिन लाइन में खड़े रहते हैं और शाम को बिना खाद लौटना पड़ता है। आखिर किसान खेती करे या खाद के लिए भटकते हुए मर जाए। कई बार बिना सूचना के वितरण रोक दिया जाता है। वितरण व्यवस्था पारदर्शी न होने के कारण अफरा-तफरी बनी रहती है। यदि जल्द पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध नहीं कराई गई तो इसका सीधा असर खेती और उत्पादन पर पड़ेगा।
किसानों को केंद्र पर नहीं है पानी और बैठने की व्यवस्था
इफको केंद्र पर हालात इतने खराब हो गए कि लंबी-लंबी लाइनें लग गई। धूप में खड़े किसानों के पास न पीने के पानी की व्यवस्था थी और न ही बैठने की कोई सुविधा। सरकार किसानों को अन्नदाता कहती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी हालत बेहद दयनीय है।
कृषि अधिकारी मनवीर सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। आखिर खाद वितरण क्यों प्रभावित हुआ, इसकी जानकारी कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।

