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आर्ष गुरुकुल स्थापना दिवस: नवीन छात्रावास की सार्थक पहल – डाॅ०राकेश सक्सेना

April 26, 2026

आर्ष गुरुकुल स्थापना दिवस: नवीन छात्रावास की सार्थक पहल – डाॅ०राकेश सक्सेना

Rakesh Saxena

एटा 25 अप्रैल उप्रससे। गंगा-यमुना की अंतर्वेदी में स्थित एटा जनपद सदियों से ऐतिहासिक, पौराणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक व साहित्यिक गाथा को अपने अंदर समाहित किए हुए है। अनेक राजवंशों का उत्थान-पतन हो या मुगल काल के आरम्भिक वर्षों में वल्लभाचार्य, विट्ठलनाथ, गोकुलनाथ, महात्मा बुद्ध, दयानंद सरस्वती, स्वामी विरजानंद दण्डी का आगमन। प्रख्यात साहित्यकारों की जन्मस्थली हो या मराठों का प्रवेश आदि अनेक घटनाओं से इस जनपद की विशिष्ट पहचान रही है। सन् 1852 ई० के अंत में मि०एफ०ओ० मेनी डिप्टी कलेक्टर तथा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने पटियाली के स्थान पर एटा मुख्यालय को जिला बनाया था। इस मुख्यालय पर कैलाश मंदिर व आर्ष गुरुकुल मुख्य आकर्षण के केन्द्र बिन्दु हैं। संवत् 2005 सन् 1948 ई० में आर्य जगत के सुप्रसिद्ध विद्वान स्वामी ब्रह्मानंद दण्डी महाराज ने यहाँ पर ‘ चतुर्वेद ब्रह्म पारायण यज्ञ ‘ आयोजित किया था। यज्ञ के अवसर पर गुरुकुल की इस पुण्यभूमि पर तीन विशाल यज्ञशालाओं तथा 108 यज्ञकुण्डों का निर्माण कराया गया था और चौदह दिनों तक यज्ञ कर्म चलता रहा। वेदध्वनि अनवरत गूँजती रहे, भारतीय संस्कृति रक्षित रहे, इस भाव को साकार रूप देने के लिए स्वामी ब्रह्मानंद दण्डी महाराज ने वैशाख शुक्ल 2 संवत् 2005 ( 26 अप्रैल 1948ई० ) को इसी पुण्य भूमि पर आर्ष गुरुकुल की स्थापना कर दी थी।
‘ आर्ष ‘ शब्द ऋषि से व्युत्पन्न है , जिसका अर्थ है– ऋषियों से प्राप्त या ऋषियों द्वारा स्थापित। अत: आर्ष गुरुकुल का आशय ऐसी शिक्षा प्रणाली से है जो वेदों,उपनिषदों और ऋषि परम्परा पर आधारित हो। इस प्रकार यहाँ की शिक्षा वैदिक ज्ञान के प्रचार के साथ भारतीय संस्कृति का संरक्षण करते हुए नैतिक और चरित्रवान नागरिकों का निर्माण कर रही है। इसके विकास में आचार्यों और विद्वानों का अभूतपूर्व योगदान रहा है। इन आचार्यों ने वैदिक शिक्षा को जीवित रखा, छात्रों में संस्कारों का विकास तथा समाज में नैतिकता का संदेश दिया है। यहाँ का छात्र वेद, छन्द, ज्योतिष, निरुक्त का अध्ययन करके वैदिक धर्म का प्रचार करता है। इस संस्था में अध्ययनरत छात्र का जीवन जटा, शिखा धारण कर अत्यन्त अनुशासित और सादगीपूर्ण होता है। वे स्वयं दैनिक कार्य करते हैं, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता का विकास होता है।
आज जब पाश्चात्य शिक्षा प्रणाली का प्रभाव बढ़ रहा है तब इस गुरुकुल के वर्तमान प्रधान योगराज अरोड़ा के अथक श्रम व योगदान की सराहना करनी होगी, जिन्होंने महात्मा प्रभु आश्रित छात्रावास का निर्माण करवाकर 26 अप्रैल 2026 गुरुकुल स्थापना दिवस पर इसका विधिवत उद्घाटन कराने का निर्णय लिया है। गुरुकुल का हरा-भरा रमणीक वातावरण, व्यवस्थित छात्रावास, आचार्य, ब्रह्मचारी, आश्रम व्यवस्था गुरुकुल की संरचना को समयानुकूल ढालने का प्रशंसनीय रचनात्मक प्रयास है। आर्ष गुरुकुल जैसे संस्थानों की आज के समय में विशेष आवश्यकता है। भारतीय संस्कृति और वैदिक परम्परा के इस जीवंत केन्द्र को यदि इसी भाँति उचित संसाधन और समर्थन प्राप्त होता रहे तो भारतीय संस्कृति के संरक्षण में, युवाओं को नैतिक और जिम्मेदार नागरिक बनाने में आर्ष गुरुकुल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

April 25, 2026

एटा में रिफाइंड गोदाम में भीषण आग लगने से लाखों का नुकसान

फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू

एटा 25 अप्रैल उप्रससे। जनपद के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में शनिवार को एक रिफाइंड गोदाम में भीषण आग लग गई। यह गोदाम एफसीआई गोदाम के सामने स्थित है। आग लगने से गोदाम में रखा लाखों रुपये का रिफाइंड तेल जलकर खाक हो गया। आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन आग की भयावहता के कारण स्थानीय लोग उस पर काबू नहीं पा सके। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। घटना की जानकारी मिलने पर अग्निशमन अधिकारी प्रशांत राणा भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
गोदाम बनारसी दास पुत्र प्रमोद और प्रशांत जैन पुत्र प्रमोद का बताया जा रहा है, जिसमें रिफाइंड ऑयल भरा था। आग बुझाने वाले फायर कर्मियों में निशांत शर्मा, जितेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, मानसिंह और जुगनू सहित कई अन्य कर्मी शामिल रहे।

April 24, 2026

एटा में बारिश की मार से मंडी में गेहूं की आवक घटी

दामों में आया उछाल, सरकारी केंद्रों पर नहीं हो रही गेंहू की खरीद

एटा 24 अप्रैल उप्रससे। जनपद में मार्च माह में हुई लगातार बारिश व ओलावृष्टि का असर अब गेहूं की फसल के साथ-साथ मंडियों में साफ दिखाई देने लगा है। फसल में हुए नुकसान के कारण जिले की जिला कृषि उत्पादन मंडी समिति में गेहूं की आवक में करीब 25 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर बाजार भाव पर पड़ा है जिससे कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। सरकारी औपचारिकताओं से बचने के लिए किसान आढ़तियों को सीधा माल बेच रहे हैं।
करीब एक सप्ताह पहले तक गेहूं का भाव मंडी में लगभग 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा था जो अब बढ़कर 2550 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। व्यापारी राजीव गुप्ता का कहना है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हुए हैं। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि के कारण गेहूं की बालियां झड़ गईं जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा और मंडी में कम मात्रा में अनाज नहीं पहुंच पा रहा है। बताया कि आवक कम होने के चलते बाजार में गेहूं की उपलब्धता घटी है जबकि मांग बनी हुई है। यही कारण है कि दामों में तेजी आई है। अगर आवक में सुधार नहीं हुआ तो कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

वहीं सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके चलते किसान अब मंडियों में भी लगभग 2550 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर अपनी उपज बेचने लगे हैं। कई किसान बेहतर दाम मिलने की उम्मीद में अपने गेंहू को रोककर बैठे हैं। फिलहाल मंडियों में कम आवक और बढ़ते दामों का सिलसिला जारी है जिस पर किसानों और व्यापारियों दोनों की नजर बनी हुई है।
जिन्हैरा निवासी किसान पंकज कुमार ने बताया कि वह अपनी फसल क्रय क्रेंद्र पर बिक्री के लिए आए थे जहां समय लग रहा था। बताया कि आढ़तियों से बात की तो गेहूं का भाव 2550 बताया कहा कि जब यहां भाव अच्छा मिल रहा है तो केंद्र पर इंतजार करने से क्या फायदा है। वहीं प्रेमपाल ने बातया कि भाव बढ़ने की जानकारी नहीं थी क्रय केंद्र पर उपज न देकर आढ़तियों को बिक्री कर दी है कहा कि पैसों की आवश्यकता थी क्रय क्रेंद्र पर इंतजार करना पड़ता यहां पैसे नकद मिल गए। अब गेहूं के भाव बढ़ने से क्रय केंद्रों पर लक्ष्य पूरा कैसे होगा।

एटा में गर्मी से बचाव हेतु गोवंश की देखभाल को लेकर प्रशासन सतर्क

भ्रामक खबरों पर दिया जवाब

गौ आश्रय स्थलों पर चारा, पानी और कूलिंग की पूरी व्यवस्था- सीवीओ

एटा 24 अप्रैल उप्रससे। जनपद में संचालित गौ आश्रय स्थलों की स्थिति को लेकर प्रकाशित समाचारों के संदर्भ में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आर. पी. शर्मा ने स्पष्ट किया है कि गोवंश के संरक्षण और देखभाल के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और गोवंश को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आर पी शर्मा ने बताया कि जनपद में कुल 25 गौ आश्रय स्थल संचालित हैं, जहां संरक्षित गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा, साइलोज, पशु आहार तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। गर्मी से राहत दिलाने के लिए आश्रय स्थलों में कूलर, पंखे एवं शेड पर पर्दे लगाए गए हैं, जिससे गोवंश को लू और तेज धूप से बचाया जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि अलीगंज क्षेत्र के अस्थायी गौ आश्रय स्थल आलम नगर में 194 गोवंश संरक्षित हैं। यहां गोवंश के लिए हरे चारे की नियमित आपूर्ति की जा रही है। साथ ही चार कूलर और 12 पंखे लगाए गए हैं। सुरक्षा और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित हैं। साफ-सफाई, पानी और चारे की समुचित व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या समाचार पत्रों में दिखाई जा रही कुछ तस्वीरें पुरानी हैं और वर्तमान स्थिति को सही रूप में प्रस्तुत नहीं करतीं। इसी प्रकार जैनपुरा गौ आश्रय स्थल में 98 गोवंश संरक्षित हैं। यहां भी हरे चारे की व्यवस्था के तहत बरसीम की बुवाई कराई गई है, जिसे प्रतिदिन काटकर गोवंश को खिलाया जा रहा है। पानी के टैंकों में नियमित रूप से स्वच्छ पानी भरा जा रहा है। गर्मी से बचाव के लिए यहां चार कूलर और 20 पंखे लगाए गए हैं। इसके अलावा शेड पर पर्दे लगाकर लू से सुरक्षा की गई है तथा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी सक्रिय हैं। बीमार गोवंश के उपचार की भी समुचित व्यवस्था है और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। हाल ही में किए गए निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इसके अलावा उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शासन के निर्देशानुसार 100 से कम गोवंश वाले छोटे आश्रय स्थलों को बंद कर वहां के गोवंश को बड़े और बेहतर सुविधायुक्त आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जा रहा है, ताकि उनकी देखभाल और अधिक प्रभावी ढंग से हो सके। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आर पी शर्मा ने आमजन से अपील की है कि अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें तथा किसी भी समस्या की सूचना प्रशासन को दें, जिससे तत्काल समाधान किया जा सके।

एटा में बच्चों से भरी स्कूली वैन खाई में पलटी

चीख-पुकार सुन ग्रामीणों ने बच्चों को निकाला बाहर

एटा 24 अप्रैल उप्रससे। जनपद के अलीगंज बाईपास पर शुक्रवार दोपहर के बाद स्कूली बच्चों से भरी वैन खाई में गिर गई। हादसे में आधा दर्जन से अधिक बच्चे घायल हो गए, जबकि मौके पर स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को बाहर निकालकर उनकी जान बचाई। वैन में सवार 3 बच्चों को चोट आई है। वैन स्कूल से बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी।

वहां मौजूद लोगों ने बताया कि वैन पलटते ही बच्चों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। लोगों का कहना है कि यदि समय पर मदद न मिलती, तो हादसा भयंकर हो सकता था।

वैन में फंसे घायल बच्चे कराह रहे थे दर्द से

वैन में घायल बच्चे दर्द से कराह रहे थे, लेकिन मौके पर न तो एंबुलेंस पहुंची और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी। परिजन जब तक पहुंचे, तब तक कई बच्चों को अलग-अलग लोगों द्वारा निजी और आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका था, जिससे उनकी स्थिति को लेकर भ्रम बना रहा। चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस को भी घटना की सूचना समय पर नहीं मिल सकी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक चालक वैन को वहां से भगा ले गया था और घायल बच्चे भी उपचार के लिए जा चुके थे, जिससे प्रशासनिक तंत्र की सुस्ती उजागर हो गई।
बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वैन जीडी इंटरनेशनल स्कूल की थी। ऐसे में स्कूल प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या वाहन की फिटनेस, चालक की योग्यता और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि बार-बार ऐसे हादसे सामने आने के बावजूद न तो स्कूल प्रबंधन सतर्क हो रहा है और न ही प्रशासन प्रभावी कदम उठा रहा है। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। जबकि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

कस्बा इंचार्ज मनीष बालियान ने बताया कि थाना स्तर पर घटना की स्पष्ट सूचना नहीं थी और मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। उनका यह बयान भी प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

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