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ध्यान, साधना से आलोकित हुआ योगाश्रम

February 18, 2026

ध्यान, साधना से आलोकित हुआ योगाश्रम

 

#बसंत उत्सव–2026: दूसरे चरण के दूसरे दिन पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित देश विदेश के हजारों अभ्यासियों ने की ध्यान साधना
( संजीव गुप्त द्वारा )
#शाहजहांपुर।
#श्री रामचन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडिटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य में आयोजित बसंत उत्सव–2026 के दूसरे चरण के दूसरे दिन का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश विदेश से पधारे हजारों अभ्यासी एकात्म भाव से ध्यान में लीन होकर मानव कल्याण एवं विश्व शांति की मंगल कामना करते दिखाई दिए। सम्पूर्ण आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना के आलोक से आलोकित हो उठा।
इस अवसर पर श्री दाजी ने बाबूजी महाराज के वचनों का स्मरण कराते हुए कहा कि आत्मा अपनी जंजीरों से मुक्त होना चाहती है, और यही सर्वोच्च स्तर की महत्वाकांक्षा का स्वरूप है। हम वही बनना चाहते हैं, जो वास्तव में हम हैं, किंतु जिसे हम विस्मृत कर बैठे हैं। बाबूजी महाराज ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि हमारा लक्ष्य ईश्वर के साथ पूर्ण रूप से एकमय होना है और जब तक ध्येय की प्राप्ति न हो, तब तक विश्राम नहीं करना चाहिए। लक्ष्य के प्रति जागरूकता बनी रहे तो आलस्य स्वयं ही पराजित हो जाता है। ध्यान सत्र के उपरांत मिशन के अभ्यासी एवं ख्यातिलब्ध भजन गायक चरनप्रीत ने अपने मधुर स्वर और संगीत से “सजा दो घर गुलशन सा मेरे सरकार आए हैं” तथा “लालाजी की याद में हम सब खो जाएँ” जैसे भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा पंडाल भक्ति और अध्यात्म की रसधारा में सराबोर हो उठा।
#ध्यान सत्र में साधकों को ध्यान कराया गया। इस अवसर पर कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, माधोगोपाल अग्रवाल, एके. गर्ग, सुयश सिन्हा, राजीव श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार सिंह, शुभम सक्सेना, जोन प्रभारी सौमेंद्र त्यागी सहित अनेक साधकों का योगदान रहा।

#पूर्व राष्ट्रपति ने भेंट किया पुष्पगुच्छ
शाहजहांपुर।
श्री रामचन्द्र मिशन आश्रम में चल रहे बसन्त उत्सव में आज देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी अपने तीन दिन के प्रवास पर ध्यान साधना करने पहुंचे। रिलायंस में बने हैलीपैड में जब उनका हैलीकॉप्टर पहुंचा तो यहां जिला अधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह व पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने उनका स्वागत किया। यहां से पूर्व राष्ट्रपति भारी काफिले के साथ आश्रम पहुंचे। यहां पहुंचने पर उनका मिशन के सचिव उमा शंकर बाजपेई,संयुक्त सचिव अर्जुन अग्रवाल, श्री गोपाल अग्रवाल, केंद्र प्रभारी सर्वेश चंद्रा, राज गोपाल अग्रवाल आदि ने उनका स्वागत किया। पूर्व राष्ट्रपति श्री कोविंद ने आश्रम पहुंचकर पूज्य दाजी को पुष्पगुच्छ भेंटकर अभिनंदन किया।इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति श्री कोविंद ने गुरुवर दाजी से मुलाकात की और ध्यान किया

February 15, 2026

प्रयागराज माघ मेले में महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर उमड़ा सनातन की आस्था का सैलाब

Magh Mela Prayagraj

शिवरात्रि पर माघ मेला में स्नान के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब

प्रयागराज, 15 फरवरी। महाशिवरात्रि पर प्रयागराज में 4 बजे तक 36 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी*

*संगम तट पर उमड़ी युवा श्रद्धालुओं की भीड़ आस्था, सांस्कृतिक गौरव और सनातन पुनर्जागरण का उद्घोष है*

केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे

उप्र समाचार सेवा (UPSS), Posted दिनांक: 15 फरवरी 2026, Time 03.16 PM स्थान: वीरभद्र, ऋषिकेश (उत्तराखंड)

Kedarnath Dham Temple Opening Date

Kedarnath dham के कपाट खुलने की तिथि घोषित

वीरभद्र (ऋषिकेश), 15 फरवरी 2026,  केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, यात्रा तैयारियों की रफ्तार तेज हो गई है।
रुद्रप्रयाग जनपद में हिमालय की गोद में स्थित भगवान केदारनाथ  धाम Kedarnath Dham के कपाट इस वर्ष 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खोलने की तिथि की घोषणा महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना और पंचांग गणना के बाद की गई।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार कपाट वृष लग्न में खुलेंगे, जिसे शुभता और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से इसे आध्यात्मिक ऊर्जा और समृद्धि का संकेत भी समझा जाता है, जिससे भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

Kedarnath Dham Temple

केदार नाथ मंदिर

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यात्रा जल्दी प्रारंभ हो रही है। वर्ष 2025 में कपाट मई माह में खुले थे, जबकि इस बार अप्रैल में ही दर्शन का अवसर मिलेगा। इससे यात्रा अवधि बढ़ेगी और स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों तथा रोजगार से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

तिथि घोषित होते ही प्रशासन, पुलिस और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पैदल मार्गों से बर्फ हटाने, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, आपदा प्रबंधन दल की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा यात्रियों के लिए ठहरने की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों—देहरादून, हल्द्वानी, नैनीताल और अल्मोड़ा—में यात्रा को लेकर तैयारियाँ शुरू हो गई हैं और श्रद्धालु चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं। अब सभी की नजरें उस शुभ तिथि पर टिकी हैं जब बाबा केदार के कपाट पुनः खुलेंगे और भक्तों को दर्शन का अवसर मिलेगा।

Virbhadra महाशिवरात्रि पर वीरभद्र मंदिर में आस्था का सैलाब, प्राचीन मेले का शुभारंभ

Virbhadra Shiv Mandir

वीरभद्र ऋषिकेश शिव मंदिर

*उप्र समाचार सेवा (UPSS)
**दिनांक: 14 फरवरी 2026 | स्थान: वीरभद्र, ऋषिकेश (उत्तराखंड)**

ऋषिकेश स्थित पौराणिक वीरभद्र मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लगने वाले वार्षिक मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया। लगभग 1300 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर में दूर-दराज़ से श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

मेले के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य जनपदों और राज्यों से आए श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

### प्रशासन अलर्ट, एसडीएम ने किया निरीक्षण

मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए एसडीएम ऋषिकेश ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हों।

पुलिस और प्रशासन द्वारा भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी, स्वास्थ्य शिविर और खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि मेले का आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।

### आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम

वीरभद्र मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित करता है। मेले में स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और ग्रामीण बाजार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित यह मेला देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक परंपरा और लोक आस्था का जीवंत उदाहरण है, जहां श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

Posted on 15.02.2026 Sunday Time 09.30 AM Maha Shivaratri 

उत्तर प्रदेश समाचार सेवा और यूपी वेब न्यूज के सभी संवाददाताओं, पाठकों और विज्ञापनदाताओं को महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

सर्वेश कुमार सिंह 

निदेशक/संपादक

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