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एटा में इंटर कॉलेज के क्लर्क की हत्या, प्रधानाचार्य की कार में मिला शव

June 29, 2026

एटा में इंटर कॉलेज के क्लर्क की हत्या, प्रधानाचार्य की कार में मिला शव

Posted on 29.06.2026 Monday Time 10.39 PM, Etah

एटा 29 जून उप्रससे। जनपद के जैथरा थाना क्षेत्र के ग्राम कसेला में माधवानंद इंटर कॉलेज के एक क्लर्क की हत्या कर दी गई है। शव प्रधानाचार्य की लखनऊ नंबर कार की डिग्गी से मिला।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने कसेला निवासी 35 वर्षीय राहुल पाण्डेय पुत्र रामतीर्थ पांडे का शव बरामद कर लिया है। मृतक के भाई की तहरीर पुलिस ने प्रधानाचार्य को गिरफ्तार करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
राहुल पांडेय रविवार होने के बावजूद सुबह 11 बजे कॉलेज कुछ काम से जाने के लिए घर से निकला। अपना बैग लेकर कॉलेज पहुंच गया। वहां जाने के बाद देर शाम तक राहुल घर नहीं पहुंचा। इस पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। शाम करीब 5 बजे परिजन जब गांव में स्थित कॉलेज पहुंचे तो वहां मैदान में ही राहुल का बैग मिला, लेकिन राहुल कहीं दिखाई नहीं दिया। हैरान परेशान परिवार वालों ने जैथरा थाने में सूचना दी तो पुलिस सक्रिय हो गई। तहरीर लेकर पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी। इसी बीच कासगंज अपनी कार से पहुंचने के बाद प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार पांडे ने एक युवक को फोन करके बात की। इसके बाद उसी युवक ने रविवार की रात करीब 11:30 बजे 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना के तुरंत बाद जनपद कासगंज की कोतवाली पटियाली की पुलिस ने कार को बरामद कर लिया और उसकी डिग्गी से राहुल का प्लास्टिक के बोरे में बंद शव भी बरामद कर लिया। राहुल के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। कार के साथ ही पुलिस ने प्रधानाचार्य को हिरासत में ले लिया है। राहुल शादीशुदा थे और परिवार में पत्नी प्रतिभा के अलावा ढाई साल की बेटी भी है।
इसकी जानकारी जैथरा पुलिस को भी दी गई। यहां सूचना मिलने के बाद पूरी बात परिजनों को बताई गई। इस पर परिजन कासगंज के पटियाली थाने में पहुंच गए। वहां शव को सोमवार की सुबह पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

वर्जन
जैथरा थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मामले की जांच करके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

June 28, 2026

धमियांपुर मंदिर का 2.64 करोड़ से होगा जीर्णोद्धार,कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह ने किया शिलान्यास

मैनपुरी/किशनी। क्षेत्र के धामेश्वर धाम धमियांपुर पर पर्यटन व संस्कृति विभाग के द्वारा धाम का जीर्णोद्धार और सत्संग हाल आदि के निर्माण कार्य का शिलान्यास पर्यटन मन्त्री जयवीर सिह ने विधिविधान से हवन पूजन के साथ किया साथ सारस सर्किट की स्थापना का भी शिलान्यास किया।
उन्होंने इस अवसर कहा कि पहले की सरकारो पटिया लगती कार्य नही होते थे लेकिन भाजपा सरकार मे शिलान्यास के समय ही उदघाटन की तारीख तय होती है यह अन्तर है जिस तरह से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आत्मनिर्भर भारत की कल्पना की है उस ओर हम बढ रहे है सपा सरकार मे मस्जिदों का कायाकल्प होता था आज मन्दिरों का जीर्णोद्धार हो रहा है यही तो सनातन है नये भारत का सकल्प है जनपद मे अब कुछ स्थान रह गये होगे जहां पर्यटन विभाग का रुपया ना लगा हो। जनपद का आडोटोरियम ऐसा आडोटोरियम बन रहा है जिसको लोग याद करेगे कि भाजपा सरकार मे ही यह क्षमता है जो विकास करा सकती है पूर्व मन्त्री/विधायक रामनरेश अग्निहोत्री ने कहा कि डबल इजन की सरकार है जो विधानसभा के अन्तिम गाव धमियापुर मे विकास के लिए सरकार ने अपना मुंह खोल दिया है चाहे सडक,अन्तेष्ट स्थल,लाइटे हो लगायी जा रही है इससे पूर्व के विधायक तो इस गाव मे आते भी नही थे। आज विकसित भारत की ओर भाजपा सरकार देश को ले जा रही है धामेश्वर धाम का दो करोड 64 लाख 34 हजार  और सारस सर्किट की स्थापना चार करोड 81 लाख 17 हजार से होगा। इससे पूर्व मन्त्री और विधायक ने भोलेनाथ पर जलाभिषेक कर आर्शीवाद लिया। आचार्य पुष्पेंद्र मिश्रा ने हबन पूजन के साथ शिलान्यास कराया। पूर्व प्रधान प्रदीप चौहान,शेखर चौहान,जिप सदस्य जीतू सिसौदिया, चेयरमैन प्रतिनिधि विनयप्रताप सिह ने माल्यार्पण, प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया। इस अवसर, जिलाध्यक्ष ममता राजपूत, अजब सिंह प्रधान, शिवदत्त भदौरिया, प्रदीप चौहान, उदय चौहान, सुमित चौहान, प्रदीप तिवारी, मनोज अग्निहोत्री, भल्लू चौहान, ओमजी दुबे, मदन मिश्रा, विमल दुबे, सुधीर चौहान, धर्मेंद्र भदौरिया, सजय चौहान, पकज भदौरिया, सुखदेव तोमर, प्रान्जुल शुक्ला, सुमित दीक्षित, शिवम शर्मा, राहुल यादव, आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महन्त नवलकिशोर दास महाराज व सचालन रमाशकर तिवारी ने किया।

प्रधानमंत्री को राष्‍ट्रपति के विशेष सम्‍मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्‍ल्‍यू हॉरिजन’ से सम्मानित किया गया

Posted Date:- Jun 28, 2026

सेशेल्स के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने एक विशेष समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को आज राष्ट्रपति के विशेष सम्मान – ‘गार्जियन ऑफ द ब्‍ल्‍यू हॉरिजन’ से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री को यह सम्मान उनके हरित नेतृत्व, विकासशील देशों के हितों को आगे बढ़ाने के प्रयासों और नीली अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, समुद्री संसाधनों के सतत प्रबंधन और लघु द्वीप विकासशील राज्यों की विकासात्मक आकांक्षाओं को बढ़ावा देने के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के लिए प्रदान किया गया है। यह पहली बार है जब यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया है।

प्रधानमंत्री ने यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध प्रतिबद्ध सभी देशों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उनकी विशेष मित्रता को और मजबूत करने में सहायक होगा। यह सम्मान प्रधानमंत्री की हरित ग्रह के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली), एक पेड़ मां के नाम, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस- को स्‍वीकार करता है। यह सम्मान प्रधानमंत्री को सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए दिए गए कई पुरस्कारों- एफएओ द्वारा दिया गया एग्रीकोला मेडल, सियोल शांति पुरस्कार और संयुक्त राष्ट्र का ‘चैंपियन ऑफ द अर्थ’ में से एक है।

यह सम्मान हिंद महासागर क्षेत्र में क्षमता विकास, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास की पहलों और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में भारत की बढ़ती भूमिका को सेशेल्स द्वारा दिए जाने वाले महत्व को दर्शाता है।

सरकार भारत में ग्रीन यूरिया उत्पादन का सपना साकार करने की रूपरेखा तैयार कर रही है

प्रविष्टि तिथि: 26 JUN 2026 2:13PM by PIB Delhi

नई दिल्ली। सरकार ने सतत कृषि, कार्बन तटस्थता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस संबंध में उर्वरक विभाग ने भारत के पीडीआईएल में ग्रीन यूरिया प्लांट लगाने के लिए उच्च-स्तरीय ‘प्री-एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (ईओआई) बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता डॉ. के.के. पाठक – संयुक्त सचिव (उर्वरक विभाग) ने की, जो पीडीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भी हैं।

इस सप्ताह की शुरुआत में, उर्वरक विभाग ने भारत में ग्रीन यूरिया प्लांट लगाने के लिए रुचि की अभिव्यक्ति (‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ -ईओआई) के लिए निमंत्रण जारी किया था। पीडीआईएल मुख्यालय, नोएडा में आयोजित प्री-ईओआई बैठक ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों के कई हितधारकों के लिए बेहतरीन मंच प्रदान किया। इनमें एनटीपीसी, भारतीय सौर ऊर्जा निगम, अमोनिया-यूरिया टेक्नोलॉजी सप्लायर्स, प्रमुख भारतीय उर्वरक कंपनियां और इलेक्ट्रोलाइज़र, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया बनाने वाली कंपनियां शामिल थीं। पूरी वैल्यू चेन से संभावित कंपनियों की बड़ी संख्या में ऑनलाइन और ऑफलाइन उपस्थिति इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इसमें शामिल सभी लोग इस पहल को निकट भविष्य में हकीकत बनाने के लिए कितने उत्सुक हैं।

नीति और परिचालन संबंधी मुख्य बातें

1. मंत्रालयों के बीच समन्वित सरकारी सहयोग: चर्चाओं में ग्रीन प्रोडक्शन को आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाने के लिए कई मंत्रालयों से मिलने वाले वित्तीय आवंटन पर ज़ोर दिया गया। बड़े स्तर पर फंडिंग की प्रतिबद्धताओं में ये शामिल हैं:

  • नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय: महत्वपूर्ण ग्रीन ऊर्जा अवसंरचना को तेज़ी से बढ़ाने और भारत की स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी को मज़बूत करने के लिए ₹19,744 करोड़।
  • उर्वरक विभाग: ग्रीन अमोनिया को राष्ट्रीय उर्वरक निर्माण शृंखला में आसानी से शामिल करने के लिए संस्थागत और बाज़ार-समानता ढांचा तैयार करने का काम सौंपा गया।

2. अलगअलग कीमत मैकेनिज़्म के ज़रिए निर्माताओं की सुरक्षा: लागत की चुनौतियों से निपटने और स्थानीय उर्वरक इकाइयों की सुरक्षा के लिए, मज़बूत ‘ऑफटेकर-साइड डिफरेंशियल प्राइसिंग मैकेनिज़्म’ (खरीददार-पक्ष की अलग-अलग कीमत व्यवस्था) की रूपरेखा तैयार की गई:

  • चुनौती: पारंपरिक ग्रे अमोनिया की तुलना में ग्रीन अमोनिया के उत्पादन में अभी ज़्यादा लागत आती है, जिससे बिना मदद के ग्रीन यूरिया प्रतिस्पर्धी नहीं रह पाता।
  • समाधान: भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) ने उत्पादकों से ग्रीन अमोनिया खरीदने के लिए निविदा पहले ही जारी कर दी हैं। इसे घरेलू उर्वरक कंपनियों को स्टैंडर्ड मार्केट-लिंक्ड ग्रे अमोनिया की कीमतों (Platts और Argus इंडेक्स के दो हफ़्ते के औसत, साथ ही सीमा शुल्क और स्थानीय परिवहन  लागत के आधार पर) पर सप्लाई किया जाएगा। ग्रीन यूरिया के लिए भी कुछ इसी तरह के सिस्टम पर विचार किया जा सकता है।

3. धीरेधीरे कम होने वाली मदद के साथ उत्पादकपक्ष के लिए प्रोत्साहन: निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए, एनजीएचएम (ग्रीन अमोनिया मोड 2A) के तहत प्रत्यक्ष वित्तीय प्रोत्साहन योजना का विवरण दिया गया। एसईसीआई द्वारा प्रबंधित पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी ई-रिवर्स नीलामी के ज़रिए कुल 7.24 लाख एमटी/वर्ष ग्रीन अमोनिया की खरीद का लक्ष्य तय किया जाएगा। परियोजना के स्पष्ट चरणों में मदद दी जाएगी:

  • विकास चरण: नई ग्रीनफील्ड परियोजनाओं या निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए।
  • परिचालन चरण: वाणिज्यिक आपूर्ति की तारीख से नकद प्रोत्साहन शुरू होंगे।
  • दीर्घावधि निश्चितता: एक बाध्यकारी निश्चित समझौते (GAPA/GASA) के ज़रिए 10 वर्ष की अवधि के लिए लाभ सुरक्षित किए जाते हैं, जिससे डेवलपर्स को बाज़ार में मज़बूत भरोसा मिलता है।

तकनीकी आधार: पुदिमाडाका 150 TPD पायलट प्लांट

बातचीत में तकनीकी प्रक्रियाओं पर भी ध्यान दिया गया, जिसमें आंध्र प्रदेश के पुदिमाडाका में स्थित 150 TPD ग्रीन यूरिया पायलट प्लांट को बेंचमार्क के तौर पर इस्तेमाल किया गया। इस प्लांट को एनईटीआरए (एनटीपीसी की अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ) ने विकसित किया है। यह सुविधा एडवांस्ड कार्बन कैप्चर और यूटिलाइज़ेशन (सीसीयूएस) सिस्टम को वॉटर इलेक्ट्रोलेसिस के साथ जोड़ने का उदाहरण पेश करती है। इससे कार्बोनेटेड फ्लाई ऐश, फूड-ग्रेड मटीरियल और सिंथेटिक फ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलता है।

यह पहल कार्बन-न्यूट्रल फर्टिलाइज़र प्रोडक्शन, तकनीकी आत्मनिर्भरता और भारतीय कृषि के लिए हरित भविष्य की दिशा में सोच-समझकर उठाया गया और अच्छी तरह से तैयार किया गया कदम है।

Hathras सीएम ने किया 548 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन

Posted on 28.06.2026 Time 06.30 PM Sunday, CM Yogi Adityanath

हाथरस, 28 जून 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज जनपद हाथरस में ₹548 करोड़ से अधिक लागत की 143 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक व आवास की चाबी, स्मार्टफोन एवं आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में विरासत और विकास का अद्भुत समन्वय ही ‘नए उत्तर प्रदेश’ की पहचान है। विकास की प्रक्रिया को निरंतर मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

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