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डेमोग्राफिक चेंज पर हाई लेवल कमेटी गठित

May 26, 2026

डेमोग्राफिक चेंज पर हाई लेवल कमेटी गठित

Amit Shah Home Minister

https://x.com/AmitShah/status/2059216835590103418?s=20

  • भारत  सरकार ने ’High-Level Committee on Demographic Change’ का गठन किया
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 15 अगस्त 2025 को ‘High-powered Demography Mission’ की घोषणा की थी
  • केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, घुसपैठ और अन्य कारणों से Unnatural Demographic Change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है
  • जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में बनी इस कमिटी में जनगणना आयुक्त के साथ श्री दुर्गा शंकर मिश्रा (Retd IAS), श्री बालाजी श्रीवास्तव (Retd IPS) और डॉ. शमिका रवि समिति के सदस्य होंगे
  • Demographic Change हमारी संप्रभुता के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है
  • यह कमिटी, अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे demographic changes का व्यापक मूल्यांकन करेगी
  • समिति, धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के pattern का विश्लेषण करेगी तथा इसका सुनियोजित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी
  • समिति एक वर्ष के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, आवश्यकता होने पर समिति के कार्यकाल को छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है

Posted Date:- May 26, 2026, News Source PIB

नई दिल्ली, 26 मई 2026, भारत सरकार ने अवैध आप्रवास और अन्य असामान्य कारणों से उत्पन्न जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का अध्ययन करने और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से निपटने के उपायों पर सुझाव देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2025 को “High-powered Demography Mission” की घोषणा की थी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 11 सितंबर, 2025 को इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी थी।

समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) होंगे और जनगणना आयुक्त के अतिरिक्त 03 प्रतिष्ठित विशेषज्ञ, श्री दुर्गा शंकर मिश्रा (सेवानिवृत्त आईएएस), श्री बालाजी श्रीवास्तव, (सेवानिवृत्त आईपीएस) और डॉ. शमिका रवि, समिति के सदस्य होंगे। संयुक्त सचिव (Foreigners-I), गृह मंत्रालय, समिति के सदस्य सचिव होंगे। यह समिति एक वर्ष के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी और आवश्यकता होने पर गृह मंत्रालय द्वारा समिति के कार्यकाल को छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा “घुसपैठ और अन्य कारणों से Unnatural Demographic Change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘High-Level Committee on Demographic Change’ की घोषणा की थी। मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि सरकार ने इस कमिटी का गठन कर लिया है। जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में बनी इस कमिटी में जनगणना आयुक्त के साथ श्री दुर्गा शंकर मिश्रा (Retd IAS), श्री बालाजी श्रीवास्तव (Retd IPS) और डॉ. शमिका रवि समिति के सदस्य होंगे। संयुक्त सचिव (Foreigners-I), गृह मंत्रालय, इस समिति के सदस्य सचिव होंगे। Demographic Change हमारी संप्रभुता के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। यह कमिटी, अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे demographic changes का व्यापक मूल्यांकन करेगी और धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के pattern का विश्लेषण करेगी तथा इसका सुनियोजित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी।“

यह उच्चस्तरीय समिति अवैध आप्रवास और अन्य असामान्य कारणों से देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का वैज्ञानिक रूप से आकलन करेगी, उनके कारणों का विश्लेषण करेगी और उचित नीति, विधायी और प्रशासनिक उपायों की सिफारिश करेगी। समिति की प्रस्तावित संरचना और कार्यक्षेत्र (terms of Reference) इस प्रकार हैं-

(i)       अवैध आप्रवास सहित जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों पर व्यापक विचार करना।

(ii)      ऐसे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के संभावित कारणों का अध्ययन करना, जैसे सीमा पार गतिविधियाँ (अवैध आप्रवास सहित), आर्थिक अवसर और अन्य सामाजिक-पर्यावरणीय कारक।

(iii)     इन परिवर्तनों के पीछे अन्तर्निहित कारकों की पहचान करना, जिसमें अवैध आप्रवास, असामान्य बसावट पैटर्न और नियोजित प्रवास शामिल हैं।

(iv)     धार्मिक या सामाजिक समुदायों के स्तर पर संरचनात्मक जनसंख्या परिवर्तनों का विश्लेषण करना, विशेष रूप से समान रुझानों से अलग होने पर।

(v)      देश में पहले से ही रहने वाले अवैध आप्रवासियों की कानूनी, निष्पक्ष और समयबद्ध पहचान, हिरासत और निर्वासन के लिए एक सुव्यवस्थित और स्थायी परिचालन प्रणाली की सिफारिश करना।

(vi)     ऐसे रुझानों की निरंतर निगरानी के लिए सीमा प्रबंधनजनसंख्या स्थिरीकरण और पहचान प्रणालियों को मजबूत करने के लिए एक उपयुक्त संस्थागत तंत्र की सिफारिश करना।

(vii)    अवैध आप्रवास और परिणामी जनसांख्यिकीय असंतुलन से संबंधित मामलों में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचा प्रस्तावित करना।

(viii)   समिति जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों, जिनमें अवैध आप्रवास भी शामिल है, से निपटने के लिए किसी अन्य उपाय, जिसे वह उचित समझे, की सिफारिश कर सकती है।

यूपी में प्रशासक ग्राम प्रधान

Edit 26 may 2026 Time 11.48 AM, Tuesday ,By Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News

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UTTAR pRADESH

उत्तर प्रदेश में 2026 चुनावी वर्ष है। इसलिए सरकार हर फैसला चुनाव में मुद्दे को देखकर ले रही है। प्रदेश के चुनावों में ग्रामीण मतदाताओं की संख्या को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री ने पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव को 25 मई को स्वीकृति प्रदान कर दी। इसके बाद 27 मई से यूपी के 57 हजार 694 प्रधान प्रशासक बन जाएंगे। क्योंकि इनका वर्तमान कार्यकाल 26 मई 2026 तक है। ये व्यवस्था यूपी में पहली बार हुई है। इसके पहले भी चुनाव में विलंब हुआ है लेकिन कभी पूर्व प्रधानों को प्रशासक नहीं बनाया गया। यह निर्णय यूपी में पहली बार हुआ है। इस निर्णय के दो प्रभाव होंगे पहला तो ये कि जब 11 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्षों और 19 जुलाई को ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त होगा तो वे भी प्रशासक बनने की मांग करेंगे। दूसरा ये कि ग्राम प्रधानों की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीण इस फैसले से नाखुश होंगे। अब सरकार के इस फैसले की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि प्रधानों की लोकप्रियता उनके गांवों में कितनी है, और है भी नहीं।

सरकार ने प्रधानों को प्रशासक जरूर बना दिया है किंतु उनके अधिकार सीमित ही रहेंगे। वे कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। केवल रूटीन कार्य करने के ही अधिकार होंगे। विशेष और नीतिगत कार्यों के लिए उन्हें जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी। ऐसी स्थिति में ग्राम प्रधान क्या प्रशासक के रूप में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। ये आने वाले समय में पता चढ़लेगा। हालांकि वे पिछले लंबित कार्य और भुगतान अवश्य कर लेंगे।

इस व्यवस्था की मांग ग्राम प्रधान संगठनों और आल इंडिया पंचायती राज संगठन की ओर से ही की गई थी। जिसे सरकार ने मान लिया है। लेकिन क्या ये व्यवस्था पंचायती राज को सुदृढ़ करेगी या उसे कमजोर करेगी। वैसे उचित तो ये होता कि समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन छह माह पूर्व किया जाता और अब तक रिपोर्ट आ जाती तथा समय पर चुनाव होते। लेकिन ऐसा हुआ नहीं , अभी एक सप्ताह पूर्व समर्पित पिछड़ा वर आयोग गठित हुआ। ये 6 माह में रिपोर्ट देगा। तब चुनाव में आरक्षण तय होगा तथा चुनाव प्रक्रिया आरम्भ होगी। शायद सरकार की मंशा भी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पंचायत चुनाव नहीं कराने की रही हो।

पंचायतें ग्रामीण लोकतंत्र की रीढ़ है। इनके प्रति सरकारों को संवेदनशील रहना चाहिए। साथ ही पंचायत चुनाव में विलंब और नए प्रधानों के न होने से विकास कार्य प्रभावित होंगे। जैसे मनरेगा जो जुलाई से जी राम जी के रूप में कसम करेगा। अब इसका क्रियान्वयन काम चलाऊ प्रधानों के कारण प्रभावित हो सकता है। बजटीय कार्यों में स्वीकृति जिलाधिकारी से करानी होगी, जिसमें विलंब होगा। कुल मिलाकर इस व्यवस्था से ग्रामीण विकास की गति बाधित ही होगी।

उन्नाव: आगरा एक्सप्रेस वे पर बस पलटी, 6 की मृत्यु

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Posted on 26.05.2026 Tuesday, Time 08.48 AM
उन्नाव, 26 मई 2026, आगरा एक्सप्रेस वे पर आज सुबह दिल्ली से गोरखपुर जा रही डबल देकर स्लीपर बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इससे उसमें सवार 6 यात्रियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। दो दर्जन से अधिक यात्री घायल है।
जानकारी के अनुसार सुबह औरास थाना क्षेत्र में निम्भाखेड़ा गांव के पास डबल देकर बस डिवाइडर से टकरा कर पलट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने 24 घायल यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया। जबकि 6 की मृत्यु हो गई। हादसा चालक को झपकी आने के कारण हुआ।

May 25, 2026

युवक की संदिग्ध मौत ससुरालीजनों पर लगा जहर खिलाने का आरोप

Posted: 25-05-2026

Time: 09:00pm

Sitapur- Alok Kumar Bajpai

सीतापुर(उप्र समाचार सेवा)। हरगांव थाना क्षेत्र के  जगन्नाथपुर गांव निवासी रमन सिंह (22) की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार रमन को उनके ससुरालीजनों ने विषाक्त पदार्थ खिला दिया था। इसके बाद रमन की हालत बिगड़ी। उपचार के बावजूद रमन की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।गांव निवासी शारदा देवी का आरोप है कि उनके पुत्र रमन सिंह अपनी पत्नी वंदना सिंह को विदा कराने लखीमपुर के खीरी थाना क्षेत्र के घुसियाना गांव स्थित अपनी ससुराल गए थे। 9 मई की रात करीब 1 बजे घुसियाना गांव निवासी ससुर हरिपाल सिंह, साले गोलू सिंह और ओम प्रकाश सिंह ने रमन सिंह को जमकर पीटा और कोल्ड ड्रिंक में कोई विषाक्त पदार्थ मिलाकर पिला दिया। इसके बाद आरोपी रमन सिंह को बाइक पर बैठाकर हरगांव चीनी मिल के पास गंभीर हालत में छोड़कर भाग गए। स्थानीय लोगों कह सूचना पर शारदा देवी ने अपने पुत्र रमन को अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद परिजन रमन सिंह को घर ले आए। शनिवार को रमन की घर पर तबीयत बिगड़ी। इसके बाद रमन ने दम तोड़ दिया। निरीक्षक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। शारदा देवी ने बताया कि एक वर्ष पूर्व उनके पुत्र रमन का घुसियाना निवासी वंदना सिंह से विवाह हुआ था। विवाह के बाद से ही वंदना की रमन से नहीं बन रही थी। मई माह में ही वंदना अपने मायके गई थीं। 9 मई को रमन अपनी पत्नी को विदा कराने गए थे। तभी यह घटना हुई।

खाद की कालाबाजारी से परेशान किसानों ने किया प्रदर्शन

मैनपुरी 25 मई उप्रससे। एलाऊ क्षेत्र में खाद की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गांव तारापुर, औंग चौराहा, दिवलपुर, नगला बलसिंह, इलाबांस और विरतिया के किसानों ने खाद की महंगी बिक्री के विरोध में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
किसानों का कहना है कि सरकार भले ही खाद की पर्याप्त उपलब्धता के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल अलग है। इस समय क्षेत्र में मूंगफली और मक्का की फसल खेतों में खड़ी है, जिसके लिए यूरिया खाद की अत्यधिक आवश्यकता है। सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है क्षेत्र के निजी खाद विक्रेता यूरिया की एक बोरी 500 से 600 रुपये तक में बेच रहे हैं, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक छापों के डर से खाद विक्रेताओं ने दुकानों के बजाय अन्य स्थानों पर खाद का भंडारण कर रखा है और जरूरतमंद किसानों को मनमाने दामों पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि खाद की कालाबाजारी करके ऊंचे दामों पर बिक्री करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को उचित मूल्य पर समय से खाद उपलब्ध हो सके। इस मौके पर वेदप्रकाश शाक्य, दयाराम शाक्य, विकास कुमार, अमर सिंह, प्रेमबाबू, लवकुश, राजपाल, प्रदीप कुमार, अनोखेलाल, राकेश कुमार, राजाराम, सीताराम, बालकराम, दीन दयाल, किशनपाल, लालाराम, नेकसेलाल, दाताराम, लालमन, दुर्वेश कुमार, अमरपाल, लाखन सिंह सहित दर्जनों किसान मौजूद थे।
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