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नक्सलमुक्त बस्तर: अब विकास की राह पर

May 19, 2026

नक्सलमुक्त बस्तर: अब विकास की राह पर

Editorial 19.05.2026, Tuesday, by Sarvesh Kumar Singh, Editor UP Web News

नक्सलवाद मुक्त भारत एक सपना था। भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती। ये देश के सामने एक ऐसी समस्या थी, जिसके बारे में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने कहा था कि नक्सलवाद देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उसी नक्सलवाद को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तारीख तय करके समाप्त कर दिया है। उन्होंने अगस्त 2024 में घोषणा की थी कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे। यह कार्य तय समयसीमा से पहले ही पूरा हो गया। ऐसा देश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि तारीख निश्चित करके किसी ऐसी समस्या का समाधान हुआ हो जहां सशस्त्र संघर्ष चलता हो, लेकिन ऐसा भारत में हुआ है। इसका श्रेय जहां सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, वीरता और बलिदान को जाता है, वहीं कुशल रणनीति, योजना और दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाने के लिए अमित शाह को जाता है। अमित शाह ने देश से लाल आतंक को पोषित करने वाली माओवादी विचारधारा से वनवासियों को मुक्ति दिलाने के लिए मिशन मोड में काम किया। केंद्र और राज्य सरकारों का बेहतर समन्वय किया। योजनाओं को संबंधित तक पहुंचाया। सुरक्षा बलों को खुली छूट और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सूचना तंत्र को मजबूत किया। प्रतिफल दो साल से कम समय में लक्ष्य पूरा कर दिया, मिशन पूरा किया।

नक्सल आतंक से जो क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित थे। उनमें छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग सबसे प्रमुख रहा है। इस संभाग में 7 जिले है। गृह मंत्री अमित शाह ने अब इस क्षेत्र के समुचित विकास का बीड़ा उठाया है। क्योंकि जिन नक्सलवादियों ने हथियार डाले है। उनका पुनर्वास और उनके और परिवारों के रोजगार भी चाहिए। इन क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच नहीं थी। न तो राशन कार्ड थे, न मुफ्त मिलने वाला राशन मिल पता था और न ही 5 लाख की चिकित्सा सुविधा ही मिल रही थी। कारण था नक्सलवादी रोड़ा बने थे। वे स्कूल, अस्पताल,सड़क नहीं बनने दे रहे। अब बस्तर नक्सलमुक्त है तो ये सभी योजनाएं और सुविधाएं प्रदान की तैयारी की गई है। इसके लिए गृहमंत्री खुद बस्तर पहुंचे है। उन्होंने 18 और 19 मई को योजनाओं की शुरुआत कराई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ योजनाओं का उद्घाटन किया। जगदलपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र ने बस्तर में 200 सुरक्षा कैंप खोले थे। अब इनमें से एक तिहाई यानी कि 70 को सेवा डेरा में परिवर्तित किया जा रहा। ये डेरा वीर शहीद गुंडाधर के नाम से होंगे। इनमें केंद्र और राज्य की सभी 371 योजनाओं का लाभ मिलेगा। ये कमान सर्विस सेंटर के रूप में काम करेंगे। ये सेंटर गांव के हर दरवाजे तक योजना का लाभ पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि 5 साल में बस्तर की आय 6 हुआ बढ़ेगी। उन्होंने घोषणा की है कि हर आदिवासी महिला को एक गाय और एक भैंस दी जाएगी। डेयरी सेक्टर का नेटवर्क स्थापित करके आय बढ़ाएंगे। बैंक, एटीएम, पोस्ट ऑफिस खोले जा रहे है। सड़कें बनाई जा रही है। बस्तर को आतंक के अंतहीन समझे जाने वाले साए से निकालकर विकास की राह दिखाना निसंदेह उल्लेखनीय और सराहनीय कार्य है।

ठाकुरद्वारा के दोषी को नाबालिग से दुष्कर्म में दस साल की सजा

मंगलवार को पॉक्सोे कोर्ट ने लगाया 30 हजार जुर्माना
-ठाकुरद्वारा के शरीफनगर का निवासी

Post on 19.5.26
Tuesday, Moradabad
Rajesh Bhatia,Time 10.20 pm

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा

विशेष न्यायधीश पॉक्सोे कोर्ट ने नाबालिग के अपहरण -दुष्कर्म में दोषी को दस साल की सजा सुनाई है।अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। मामला नौ साल पुराना है।

मझोला के वादी की ओर से 7 जून, 2017 को ठाकुरद्वारा के शरीफनगर निवासी हरज्ञान उर्फ आदित्य के खिलाफ तहरीर दी गई।रिपोर्ट में कहा कि घटना वाले दिन उसकी नाबालिग पुत्री घर से गायब हो गई। उसकी तलाश की गई पर उसका पता न चला। किताबें आदि‍ की छानबीन में एक रजिस्टर में हरज्ञान का नाम व नंबर मिला।वादी ने रिपोर्ट में हरज्ञान द्वारा अपहरण की आशंका जताई गई।पुलिस ने अपहृत पीड़िता को बरामद कर पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराएं।आरोप है कि‍ हरज्ञान उसे बहला-फुसलाकर ले गया और दुष्कर्म किया।

केस की सुनवाई विशेष न्यायधीश पॉक्सो कोर्ट-1 रेशमा चौधरी की अदालत में हुई। विशेष लोक अभियोजक अभिषेक भटनागर व मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि अदालत में सुनवाई के दौरान पीडि़ता समेत पांच गवाह पेश हुए।अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद साक्ष्‍य के आधार पर हरज्ञान को दोषी करार दिया। दोषी को दस साल व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।

गुस्साई टीचर ने आपा खोया छात्र को पीटा,गला दबाया

अमानवीय व्यवहार—गला दबने से बच्चेे की हालत बिगड़ी,निजी अस्पताल में भर्ती

-कुंदरकी में गांधी नगर पब्लिक स्कूल में कक्षा छह का छात्र
-हालत देख आनन-फानन में गागन में निजी अस्पनताल के इमरजेंसी में भर्ती कराया
क्लास में शोर मचने पर बच्चे की पिटाई का आरोप
कुंदरकी थाने में दिया प्रार्थना पत्र
Post on 19.5.26
Tuesday, Moradabad
Rajesh Bhatia, Time 10.50 pm

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा

कुंदरकी के एक शिक्षण संस्था में मासूम छात्र की टीचर ने बेदर्दी से पिटाई कर दी।टीचर इतने पर भी अपना गुस्सा काबू न कर पाई। आरोप है कि टीचर ने मासूम का गले को पकड़कर
दबा दिया। जिससे बच्चे की हालत बिगड़ गई। बच्चे को अचेत देख स्कूल प्रबंधन भी घबरा गया। सूचना पर परिजन भी दौड़़े दौड़े अस्पताल पहुंचे।बच्चे‍ की हालत देख उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। व्यवहार से नाराज परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।

शहर में गांधीनगर पब्लिक स्कूल की दूसरी ब्रांच कुंदरकी के नानपुर गांव में है। मासूम को अमानवीय तरीके से पीटने का मामला नानपुर का है। स्कूल टीचर अर्पिता पर एक छठीं क्लास के बच्चे मोहम्मद अरशल की पिटाई का आरेाप है। बताया जाता है कि क्लास में शोरशराबे को टीचर बर्दाश्त नहीं कर पाई। बच्चों को डांटा। आरोप है कि उन्होंने इस छात्र अरशल को पकड़ लिया और शोर मचाने पर सजा देने के लिए पीटने लगी।छात्र ने खुद को बेकसूर बताया। बताते है कि शोर न मचाने पर सफाई दी। पर नाराज टीचर ने उसकी एक न सुनी और पिटाई करने लगीं। बच्चे ने अपने घरवालों से शिकायत करने को कहा तो टीचर आपा खो बैठी और गला दबा दिया। बच्चे को पीटने व गला दबने से वह अचेत अवस्था में आ गया।यह देख स्कूल स्टाफ भी सकपका गया। बच्चे को गंभीर हालत में गागन पर स्थित डॅा लाल सिंह हॉस्पिटल ले जाया गया।परिजन भी स्कूल से सूचना के बाद अस्प्ताल पहुंच गए। बच्चेे की हालत को देखते हुए उसे इमरजेंसी वार्ड में रखा गया।बच्चे का उपचार कराया गया।

*शिक्षक पिता का आरोप-* आजाद नगर निवासी मोहम्मद शहरनेब का कहना है कि जब वह अस्पताल पहुंचे तो अरशल गंभीर हालत में था। हालत को देखते हुए ड्रिप चढ़ी।दवाएं दी गई। पिटने से चोट आने के चलते उसका एक्सरे हुआ। एक्‍सरे में गले पर निशान आए है।
छात्र की मां हमजा का आरोप हैकि क्लास में शोर सुनकर टीचर पहुंची और इस बच्चे को पकड़ लिया और पीटा। गला दबाने से उसकी नस दब गई जिससे वह अचेत हो गया।

टीचर के खिलाफ थाने में तहरीर बेसिक विभाग में अध्यापक मो. शहरनेब ने बेटे की पिटाई को लेकर थाने में रिपोर्ट दर्ज के लिए तहरीर दी है।जिसमें टीचर पर अमानवीय तरीके से पीटने व गला दबाने का आरोप लगाया गया है।

*बच्चे की हालत सुधरी, परिजनों को राहत*

गागन पर स्थित निजी अस्पताल में कई घंटे की मशक्कत के बाद बच्चेा की हालत सामान्य हुई तो मां व पिता को राहत महसूस हुई।पिता का कहना है कि जरा सी लापरवाही से किसी की मासूम की जान जा सकती थी।
उन्होंने प्रिंसिपल से इसकी शिकायत भी की।बताया कि टीचर से लिखित में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

पांच साल में बस्तर की आय 6 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य है:अमित शाह

Amit Shah Home Minister

Posted on 19.05.2026 Time 10.55 PM

  • केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित किया
  • केंद्रीय गृह मंत्री ने सरेंडर नक्सलियों की साइकोलॉजिकल मैपिंग, स्किलिंग और शिक्षा पर जोर दिया; कहा जो विक्टिम थे, उनका सिस्टम में सम्मान के साथ जीने का पूरा हक है
  • बस्तर आने वाले 6 महीनों में सहकारी डेयरी के विशाल नेटवर्क के रूप में उभरेगा, प्रत्येक आदिवासी महिला को एक गाय एवं एक भैंस प्रदान की जाएगी
  • बस्तर में नक्सलवाद के उन्मूलन हेतु 200 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए थे, इनमें से एक-तिहाई कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर डेरा में परिवर्तित किया जाएगा
  • “सेवा डेरा” मॉडल के जरिए गांव के दरवाजे तक सरकार पहुंचाने की तैयारी, एक-एक सरकारी योजना का 100% सैचुरेशन ही विकसित बस्तर बनाएगा
  • नक्सलवाद की समाप्ति के बाद माओवादी भेष और नाम बदलकर पुनः प्रकट होंगे – किसी के बहकावे में न आएँ

रायपुर, 19 मई 2016, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में हमारी पार्टी की सरकार श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में बनी उस वक्त केन्द्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी पार्टी की सरकार थी। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2023 में यहां हमारी पार्टी की सरकार बनने के तुरंत बाद हमने बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए फिर से कवायद शुरू की। श्री शाह ने कहा कि 24 अगस्त, 2024 को सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक के बाद घोषणा की गई कि 31 मार्च 2026 को देश को हम नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों के पराक्रम, साहस और बलिदान के कारण 31 मार्च, 2026 की जो तिथि तय हुई थी, उससे पहले ही देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन हो चुका है।

उन्होंने कहा कि 19 मई 2026 की तिथि का भी बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि जब से नक्सलबाड़ी से नक्सलवाद फैलना शुरू हुआ, इसके पक्षधर बुद्धिजीवी लोग यह कहते थे कि नक्सलवाद इसलिए अस्तित्व में आया है कि कुछ क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि यह वास्तविकता नहीं थी क्योंकि देश के कई हिस्से ऐसे थे जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र से भी ज्यादा पिछड़े हुए थे, लेकिन वहां नक्सलवाद नहीं फैला और वो सभी क्षेत्र धीरे-धीरे विकास की ओर बढ़ गए। उन्होंने कहा कि लेकिन हमारा बस्तर और कई नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र विकसित नहीं हो सके।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 19 मई 2026 को उसी पूर्ववर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संपूर्ण विकास की परिकल्पना को लॉन्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कल ही ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ का उद्घाटन किया गया है। बस्तर के सात जिलों को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा यहां लगभग 200 सुरक्षा कैंप बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि आज जब बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है, तब हमने तय किया है कि प्रथम चरण में इन 200 कैंपों में से 70 कैंप (लगभग एक-तिहाई) को हम ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ में बदल देंगे। सरकार को गांव और सरकारी सुविधाओं को बस्तर के हर आदिवासी भाई-बहन के घर तक ले जाना ही वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा का काम है।

इस सेवा डेरा में बैंकिंग सुविधा होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, सारी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ भी जनता को मिलेगा। एक ही सेवा डेरे में विकास के सारे काम उपलब्ध हो जाएंगे और इसका उद्देश्य है कि 50 साल से विकास के महरूम रह गए नागरिकों को सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ मिले। श्री शाह ने कहा कि इस सेवा डेरा में प्राथमिक कृषि ऋण समिति (PACS) भी बनेगा, डेयरी भी बनेगी और यहां तक हर आदिवासी महिला अपने पशुओं का दूध पहुंचा सकेंगी। श्री शाह ने कहा कि इसी सेवा डेरा के माध्यम से हम बस्तर के हर आदिवासी को एक गाय और एक भैंस देने वाले हैं जिनके माध्यम से सहकारिता के तरीके से वह दूध की पूरे भारत में मार्केटिंग कर पाएंगे। आने वाले 6 माह में हम बस्तर संभाग में डेयरी का एक बड़ा नेटवर्क बनाने जा रहे हैं

श्री शाह ने कहा कि पहले यहां बंदूक के संगीन के साए थे, वहां अब विकास पहुंच जाएगा। अब तक नक्सलवादियों के कारण ये पूरा क्षेत्र विकास से महरूम रह गया था। न उन्हें राशन कार्ड मिला, न मुफ्त अनाज की योजना का फायदा मिला, न 5 लाख तक का स्वास्थ्य का बीमा मिला, न उनकी उपज को ₹3100 क्विंटल की दर से खरीदने की व्यवस्था की गई। रोजगार का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं था, न गांव में बिजली पहुंची, न पानी पहुंचा और न स्कूल बने। उन्होंने कहा कि ये सारी व्यवस्था सेवा डेरा के माध्यम से हम पूरे बस्तर में करने जा रहे हैं और शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा नक्सल प्रभावित बस्तर को नक्सल मुक्त विकसित बस्तर बनाने का एक बहुत बड़ा जरिया बनेगा। उन्होंने कहा कि यहां की वन उपज को कोऑपरेटिव तरीके से प्रोसेस कर इसका पूरा मुनाफा भी हम आदिवासियों तक पहुंचाएंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बस्तर के विकास के लिए कई काम किए हैं। हमने 20557 करोड़ रूपए की लागत से 12211 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा कर दिया है, कुल 13000 मोबाइल टावर की प्लानिंग की है, जिनमें से 5000 मोबाइल टावर देशभर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लग भी चुके हैं। 1804 बैंक शाखाएं खुली हैं, 1321 एटीएम खुल चुके हैं और 890 पोस्ट ऑफिस खोलने का काम भी समाप्त हो चुका है। 259 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले हैं, 46 आईटीआई और 49 स्किल डेवलपमेंट सेंटर खुल चुके हैं और 90000 से ज्यादा युवाओं और महिलाओं की स्किलिंग का काम हो चुका है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में नक्सल मुक्त हुए बस्तर सहित पूरे देश के आदिवासी क्षेत्रों के विकास की एक कार्ययोजना भारत सरकार ने बनाई है। इस योजना के तहत विकास की योजनाओं का संपूर्ण सैचुरेशन और सुरक्षा की संपूर्ण व्यवस्था, युवा और महिलाओं के भविष्योन्मुखी सशक्तिकरण का वैज्ञानिक कार्यक्रम और जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को बचाते हुए और आगे बढ़ाते हुए यहां की संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि हमने यहां बस्तर पंडुम की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने प्रेरणा दी थी कि आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए भी पुरुषार्थ किया जाए और योजना बनाई जाए। बस्तर पंडुम के अंतर्गत आदिवासी नृत्य, गीत, भाषा, वेशभूषा, व्यंजन आदि को एक बड़ा मंच दिया गया है। एक साल पहले 45000 लोगों ने बस्तर पंडुम में हिस्सा लेकर इन सभी गतिविधियों को आगे बढ़ाया है। इसी प्रकार दो बस्तर ओलंपिक आयोजित किए जा चुके हैं। पिछले बस्तर ओलंपिक में 3 लाख 94 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था जिसमें से एक दल पुनर्वास स्वीकार करने वाले हमारे पूर्व नक्सल भाइयों बहनों का भी था और सबसे अच्छा परफॉर्मेंस भी उन्होंने ही किया था। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी पूरे नक्सल मुक्त क्षेत्र के लिए संदेश देना चाहते हैं कि हिंसा किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकती। लोकतांत्रिक मूल्य, परस्पर सहयोग और विकास की अवधारणा ही व्यक्ति के विकास का आधार बन सकते हैं। हिंसा से किसी का विकास नहीं हो सकता, न व्यक्ति का, न गांव का और न क्षेत्र का। नक्सलवाद गरीबी के कारण फैला था, उस भ्रांति को दूर करने का काम शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा करेगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब ये क्षेत्र पूरा विकसित हो जाएगा, तब यहां से दुनियाभर में संदेश जाएगा कि यहां स्कूल इसलिए नहीं बने क्योंकि नक्सलियों ने स्कूल तोड़े थे, सड़कें इसलिए नहीं बनी क्योंकि नक्सलियों ने विघ्न डाला था, अस्पताल इसलिए नहीं चले क्योंकि नक्सलियों ने अस्पताल के कर्मियों को मार डाला था और और यहां बैंक इसलिए नहीं आए क्योंकि नक्सलियों ने बैंकों को लूटकर बंद कराने का काम किया था। श्री शाह ने कहा कि बस्तर का शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा का प्रयोग देशभर में हथियार लेकर विकास का रास्ता तराश रहे लोगों के सामने विकास का लोकतांत्रिक मॉडल प्रस्तुत करेगा।

श्री अमित शाह ने बस्तर के सभी नागरिकों को भारत सरकार और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से विश्वास दिलाते हुए कहा कि अब भय से जीने की जरूरत नहीं है, यहां नया सूर्योदय हो चुका है। उन्होंने कहा कि यहां के आदिवासी युवा और महिलाएं विश्वास के साथ आगे बढ़ें, भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि आज पूर्ववर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर विकसित क्षेत्र बनने जा रहा है तब बस्तर की जनता को आगाह रहना चाहिए क्योंकि बंदूक लेकर बस्तर को बर्बाद करने वाले माओवादी विचारधारा से प्रेरित लोग भेष बदलकर आएंगे, लेकिन आपको किसी के बहकावे में नहीं आना है। श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार दोनों जनता की चुनी हुई सरकार हैं और लोकतांत्रिक तरीके से पूरे बस्तर का विकास करेंगी।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर इस क्षेत्र को पूरे देश के सभी आदिवासी संभागों में सबसे विकसित संभाग बनाने के लिए कटिबद्ध है और आने वाले 5 साल में ही बस्तर पूरे देश के सभी आदिवासी संभागों में सबसे विकसित संभाग बनेगा और बस्तर की आय में 6 गुना वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि नक्सल मुक्त भारत का संपूर्ण यश अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सुरक्षाबलों के जवानों और उनके परिजनों को जाता है।

हींग फैक्ट्री में भीषण आग, लाखों का नुकसान

हाथरस। अलीगढ़ रोड स्थित नवीपुर मार्ग पर दीनबंधु हॉस्पिटल के पीछे बनी श्रीजी केमिकल्स हींग फैक्ट्री में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा उसकी चपेट में आ गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हादसे में फैक्ट्री में रखा कच्चा माल, मशीनरी और तैयार माल जलकर नष्ट हो गया। आग से करीब 10 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है।घटना सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। फैक्ट्री से उठती आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन केमिकल पदार्थ होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।घनी आबादी वाले क्षेत्र में फैक्ट्री होने के कारण लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है।

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