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अक्रूर इंटर कॉलेज में लेंटर गिरने से तीन मजदूर घायल, एक की हालत गंभीर

January 29, 2026

अक्रूर इंटर कॉलेज में लेंटर गिरने से तीन मजदूर घायल, एक की हालत गंभीर

हाथरस, 29 जनवरी (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा)। शहर के बागला कॉलेज रोड स्थित अक्रूर इंटर कॉलेज परिसर में निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। भगवान भोलेनाथ मंदिर के बाहर लेंटर डालते समय शटरिंग और सरिया सहित लेंटर अचानक नीचे गिर गया, जिससे मलबे में दबकर तीन मजदूर घायल हो गए। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और क्षेत्र में हड़कंप फैल गया।
स्थानीय लोगों और अन्य मजदूरों की मदद से घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की पहचान भारत पुत्र रमेश चंद्र, योगेंद्र पुत्र मनोहर लाल निवासी अमरपुर घना थाना हाथरस गेट तथा अजय पुत्र सुनील निवासी नगला इमलिया थाना हाथरस जंक्शन के रूप में हुई है। इनमें भारत की हालत गंभीर होने पर उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही घायलों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद मौके से ठेकेदार और निर्माण कार्य का मालिक फरार हो गए। थाना कोतवाली हाथरस गेट पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

हाथरस में अलंकार अग्निहोत्री का ऐलान 1 फरवरी को भारत बंद, 7 को हाथरस से दिल्ली तक पैदल मार्च

पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बोले कानून वापस नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज
Alankar Agnihotri in Hathras

हाथरस में अलंकार अग्निहोत्री सवर्ण नेताओं से वार्ता करते हुए

वार्ता करते  पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री व  राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरिया

Published on 29.01.2026, Thursday, 10:21 PM, Report by Neeraj Chakrapani, Hathras, UP Samachar Sewa
हाथरस, 29 जनवरी (यूपी समाचार सेवा)। इस्तीफा दे चुके बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के साथ संयुक्त रूप से हाथरस में प्रेस वार्ता कर यूजीसी कानून के विरोध में 1 फरवरी को भारत बंद तथा 7 फरवरी को हाथरस से दिल्ली पीएमओ कार्यालय तक पैदल मार्च का एलान किया।
प्रेस वार्ता के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने सांसदों और विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि समय रहते इस कानून पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि केवल रोक लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे यूजीसी कानून को वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने सवर्ण समाज से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरिया ने कहा कि यह कानून सवर्ण समाज के भविष्य पर सीधा प्रहार है और इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कानून वापस नहीं लिया तो आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा।
इससे पूर्व जिले में पहुंचने पर राष्ट्रीय सवर्ण परिषद द्वारा निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।
अलंकार अग्निहोत्री ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी कानून पर रोक लगाए जाने को लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक कॉर्पोरेट कंपनियों के हित में काम कर रहे हैं और यह कानून देश को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने शहीद पार्क में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का धन्यवाद है जिसने इस कानून पर रोक लगाई और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। उन्होंने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन के तहत सवर्ण समाज को पहले से ही अपराधी मानकर नियम लागू किए गए, जिससे समाज के बच्चों का भविष्य संकट में पड़ सकता था।
उन्होंने कहा कि जब किसी भी जनप्रतिनिधि की ओर से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, तब उन्हें लगा कि सिस्टम के अंदर के व्यक्ति को बाहर आकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि अब जनता जाग चुकी है और यह कानून किसी भी कीमत पर लागू नहीं हो पाएगा।
प्रेस वार्ता में परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

आर्थिक सहयोग का एक नया युग

भारत -यूरोपियन यूनियन का ऐतिहासिक व्यापार समझौता

Published on 29.01.2026, Thursday, 10:05 PM, Article by Mratunjay Dixit, Lucknow, UP Samachar Sewa

मृत्युंजय दीक्षित
भारत और यूरोपियन यूनियन के मध्य 27 जनवरी 2026 को हुआ ससझौता एक व्यापक बदलाव वाला समझौता है। यह बहु प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता बिना किसी दबाव के, लम्बी सहज सरल वार्ताओं के उपरांत यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में सपंन्न हुआ। इस समझौते से भारत और यूरोप के के मध्य व्यापारिक संबंधों के प्रगाढ़ होने की प्रबल सम्भावना है।
भारत और यूरोपियन यूनियन के साथ हुआ यह समझौता वर्ष 2027 में लागू होगा और तब तक सभी 27 सदस्य देशों की संसद के द्वारा इसका पारण किया जाएगा। यह समझौता कई दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है इससे सर्वाधिक लाभ कृषि व किसानों को होगा क्योंकि डेयरी सेक्टर आदि इससे मुक्त रखा गया है। इससे कपड़ा, चमड़ा व फुटवियर, हस्तशिल्प फर्नीचर आदि क्षेत्रो के लिए नए अवसर खुलेंगे। इलेक्ट्रानिक उत्पादों पर टैरिफ 14 प्रतिशत से घटकर शून्य रह जाएगा जिस कारण विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से सहायता प्राप्त होगी। यूरोपीय बाजारों में आसान पहुंच से बिल्ड इन इंडिया आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी और भारत तेजी से निर्यात बढ़ाने में सक्षम होगा। रत्न आभूषणों पर भी टैरिफ शून्य हो जाएगा जिस कारण डिजाइन और शुद्धता आधारित आभूषण निर्यात में यूरोपीय बाज़ारों के साथ वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़त मजबूत होगी। टैरिफ में कटौती से यूरोपीय बाज़ारों मे पहुंच होगी लागत कम होगी जिससे प्लेन सोने और जड़े हुए आभूषणों की ईयू में मांग बढ़ेगी। यूरोपीय थोक विक्रेता एवं बड़े ब्रांड के साथ गहरे संबंध बनाने और नए आर्डर पाने के अवसर भी मिलेंगे। मुक्त व्यापार समझौता कृषि और समुद्री खाद्य उत्पादों का निर्यात बढ़ाने में सक्षम होगा। किसानों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की आय मे वृद्धि होगी। मछली पालन प्रोसेसिंग और लॉजिटिक्स क्षेत्र में नौकरियां बढेंगी। काली मिर्च और इलायची जैसे मसाले यूरोप में बेहतर पहुंच का लाभ उठा सकेंगे।समझौता लागू हो जाने के बाद फार्मा -मेडिकल उपकरणों से भी टैरिफ घटकर शून्य हो जाएगा ।
यह समझौता लागू हो जाने के बाद भारत के 17 राज्यों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इनमें पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना ,पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों को बड़ा लाभ होगा। उत्तर प्रदेश को भी इस समझौते का बड़ा लाभ मिलेगा। ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के कारण प्रदेश की ओद्यौगिक क्षमता कृषि उत्पादन और एसएमएमई सेक्टर को नई गति मिलने की सम्भावना है। अभी यूपी से होने वाले कुल निर्यात में यूरोपीय संघ की हिस्सेदारी 9 से 12 प्रतिशत है यानी अभी हर वर्ष 210 हजार करोड़ रु का निर्यात होता है जो आगामी पांच वर्ष में बढ़कर 40 हजार करोड़ रु होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मुक्त व्यापार समझौता लागू हो जाने के बाद भारतीयों के लिए यूरोपीय कारें सस्ती और सुलभ हो जाएंगी।
यह एफटीए मात्र एक रणनीतिक दस्तावेज नहीं अपितु भारत और यूरोपियन यूनियन के लिए बदलते वैश्विक व्यापार वातावरण में आगे बढ़ाने का अवसर देने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस समझौते के धरातल पर उतरने के कारण एक नई आर्थिक क्रांति का उदय होगा। यूरोपियन बाज़ारों में 93 प्रतिशत भारतीय निर्यात को बिना शुल्क प्रवेश प्राप्त होने जा रहा है यह कोई सामान्य बात नहीं है। यही कारण है कि प्रधानंमंत्री नरेंद्र मोदी ने ”मन की बात” में उद्यमियो को गुणवत्ता (क्वालिटी, क्वालिटी और क्वालिटी) का मूल मंत्र दिया है। अब भारतीय उद्यमियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादकता का स्तर उन्नत करना ही होगा।
मुक्त व्यापार समझौता लागू होने के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह हमारे किसानों तथा छोटे उद्योगों की यूरोपीय बाज़ारों तक पहुँच आसान बनाएगा । मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर पैदा करेगा। वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा। यह सिर्फ व्यापार समझौता नही है यह साझा समृद्धि का नया ब्लू प्रिंट है। बदलती वैश्विक व्यवस्था, बढती भू राजनैतिक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय तनावों के बीच भारत और यूरोपीय संघ की यह ऐतिहासिक साझोदारी वैश्विक स्थिरता को मजबूती प्रदान करेगी। स्वाभाविक है कुछ वैश्विक ताकतें इस समझौते से असहज हैं। अमेरिका के टैरिफ वार के बीच भारत ने दुनिया के दूसरे देशों को एक नई राह दिखाई है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) की सहमति ने भारत के लिए 27 देशों के बाजारों को खोल दिया है। यह समझौता अब तक का सबसे बड़ा और प्रभावी व्यापार समझौता बन गया है। यही कारण है कि इसे मदर ऑफ़ ऑल डील्स कहा जा रहा है।
प्रेषक – मृत्युंजय दीक्षित
फोन नं. – 9198571540

दुर्घटना में घायल एवं दिवंगत युवक के परिवार की हर संभव मदद की जाएगी -विधायक रामरतन


ललितपुर ML A

Published on 29.01.2026, Thursday, 09:57 PM, Report by Ajay Varya , Lalitpur, UP Samachar Sewa

ललितपुर, 29 जनवरी (उप्रससे अजय बरया)- सदर विधायक रामरतन कुशवाहा और लोकप्रिय जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत ने बरखेरा में दुर्घटना में दिवंगत शिवेंद्र सिंह और घायलों अनुज,शंकर यादव के परिवार में जाकर ढाढस बंधाया। सभी तरह की मदद का आश्वासन दिया तथा झांसी सांसद प्रतिनिधि मनीष दीक्षित से सभी समुचित चिकित्सीय सुविधाएं दिलाने और हर संभव सहयोग करने के लिए अनुरौध किया।
भाजपा और विधायक रामरतन कुशवाहा ने कहा कि की विधान सभा का हर वोटर हमारा परिवार है।पूरी भाजपा उनके साथ है। हम हर तरीके से न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे

Haridwar: श्रमजीवी पत्रकार यूनियन का रजत जयंती समारोह आयोजित

आज के दौर में पत्रकारिता बड़ी जिम्मेदारी-अरूण शर्मा
समाज को सही दिशा देने में पत्रकारों की बड़ी भूमिका-आदेश चौहान
पत्रकार समाज का आईना हैं-किरण जैसल

Published on 29.01.2026, Thursday, 09:51 PM, Report by Ramchandra Kannojia, Haridwar, UP Samachar Sewa
हरिद्वार, 29 जनवरी (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा)। उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन का रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया। प्रेस क्लब सभागार में आयोजित पत्रकार यूनियन के रजत जयंती समारोह में पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक सरोकारों और भविष्य की दिशा पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां शारदा की स्तुति के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध कथावाचक रविदेव शास्त्री ने की। मुख्य अतिथि के रूप में रानीपुर विधायक आदेश चौहान तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रजनीकांत शुक्ला ने किया। जिलाध्यक्ष संजय आर्य ने यूनियन के गठन से लेकर वर्तमान तक की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने सदैव जमीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों की आवाज़ को बुलंद किया है। कार्यक्रम संयोजक डा.हिमांशु द्विवेदी ने सभी अतिथियों, पत्रकार साथियों और गणमान्य नागरिकों का पटका पहनाकर स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा ने यूनियन के 25 वर्षों के संघर्ष, उपलब्धियों और पत्रकार हितों के लिए किए गए आंदोलनों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता एक बड़ी जिम्मेदारी है। जिसमें सत्य, निष्पक्षता और सामाजिक प्रतिबद्धता सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे मानकों और मर्यादाओं का पालन करते हुए निर्भीक और ईमानदार पत्रकारिता करें। उन्होंने बताया कि यूनियन लगातार पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान के लिए संघर्षरत है। मुख्य अतिथि विधायक आदेश चौहान ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और समाज को दिशा देने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विधायक आदेश चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य का गठन संभव हो पाया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास कार्यों की भी सराहना की। मेयर किरण जैसल ने समारोह में उपस्थित पत्रकारों को रजत जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकार समाज का आईना हैं और उनकी लेखनी समाज को जागरूक करने का कार्य करती है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी एवं प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु शंकर करौरी महादेव ने ऑडियो संदेश के माध्यम से यूनियन को 25 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं और पत्रकारों की भूमिका की सराहना की। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने सभी अतिथियों, पत्रकारों एवं आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समारोह पत्रकारिता के मूल्यों को सशक्त करने वाला रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्वामी रविदेव शास्त्री ने कहा कि बदलते समय में पत्रकारिता के सामने नई चुनौतियां हैं। लेकिन श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने सदैव सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दी है। इस अवसर पर जगदीश लाल पाहवा, डा.विशाल गर्ग, विजयपाल बघेल ग्रीन मैन, नितिन गौतम, लोकेंद्र अंतवाल, विजयपाल सिंह, प्रेस क्लब महामंत्री दीपक मिश्रा सहित शहर के अनेक प्रतिष्ठित नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं डा.हिमांशु द्विवेदी, अमित कुमार गुप्ता, मनोज कुमार खन्ना, राजकुमार पाल, संजय शर्मा, गगनदीप गोस्वामी, सुनील दत्त पांडे, रामचंद्र कनौजिया, दीपक नौटियाल, सुभाष कपिल, रोहित सिखोला, मनोज रावत, लव शर्मा, महेश पारिक, ऋषि सचदेवा, विपिन शर्मा, संदीप गोयल, संजय संतोषी, संजय रावल, जगदीश प्रेमी, अनिरुद्ध भाटी, संजय चौहान, सुनील शेट्टी, नरेंद्र ढीला, गौरव चक्रपाणि, देशप्रेमी, रामकुमार शर्मा, देवेश शर्मा, सुमित तिवारी, कुलदीप अग्रवाल, आशु शर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

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