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दबंगों ने रोका रास्ता, दलित बस्ती में घुसा बाढ़ का पानी, संक्रामक बीमारियों का खतरा

August 22, 2026

दबंगों ने रोका रास्ता, दलित बस्ती में घुसा बाढ़ का पानी, संक्रामक बीमारियों का खतरा

उ प्र समाचार सेवा
मितौली खीरी: दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मितौली तहसील के कस्ता कस्बे में बरसाती जल निकासी न होने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। कस्बे के सभी तालाब ओवरफ्लो होकर जलमग्न हो चुके हैं, जिससे बाढ़ जैसा नजारा बन गया है। सबसे बदतर स्थिति कस्बे की दलित बस्ती और नहर के पास रह रहे परिवारों की है, जहाँ घरों के चारों तरफ कई फीट तक पानी भर गया है। ग्रामीण इस स्थिति से बेहद चिंतित और डरे हुए हैं।दबंगों के अवैध कब्जे ने बढ़ाई मुसीबत,स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिन रास्तों और सरकारी जमीनों से होकर पारंपरिक रूप से बरसाती पानी की निकासी होती थी, वहाँ गांव के कुछ दबंग लोगों ने अवैध रूप से मकान और दुकानें खड़ी कर ली हैं। इसके अलावा जल निकासी के लिए बनाई गई पक्की नालियों को भी दबंगों द्वारा पाट दिया गया है। इसके चलते पूरे कस्बे का पानी बाहर निकलने के बजाय रिहाइशी इलाकों की तरफ बैक मार रहा है।दलित बस्ती टापू में तब्दील, घरों में कैद हुए लोगनहर के समीप निवास कर रहे पासी समाज के लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया है। वहीं दलित बस्ती में रहने वाले हेमराज गौतम, सुशील कुमार गौतम, सुनील कुमार गौतम और स्वीपर (वाल्मीकि) वर्ग के लोगों के मकान चारों तरफ से पानी से घिर चुके हैं। लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं और उनका घरेलू सामान भी भीग कर खराब हो रहा है।संक्रामक बीमारियों का मंडराया खतरा,सड़कों और घरों के आसपास गंदे और बरसाती पानी के ठहरने से कस्बे में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि यदि जल्द ही पानी नहीं निकाला गया तो मलेरिया, डेंगू, डायरिया और त्वचा से जुड़ी संक्रामक बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है।एसडीएम मितौली से जल निकासी की गुहार,कस्बे के त्रस्त नागरिकों ने प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी जताते हुए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) मितौली से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द कस्ता कस्बे के जलभराव का मौका-मुआयना (आकलन) करे, दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटवाकर नालियों को साफ कराए और बरसाती जल की तत्काल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि लोगों को इस नारकीय जीवन से निजात मिल सके।