पुलिस पर कार्रवाई न करने और पीड़ित का ही चालान करने का आरोप
(एपी सिंह उप्र समाचार सेवा)
लखीमपुर खीरी।थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम लखनापुर से पुलिस की लापरवाही और दबंगों के हौसले बुलंद होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के निवासी रामजीवन पुत्र बलभद्र ने सीओ,पुलिस अधीक्षक,आईजी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के ही दबंगों पर घर में घुसकर जानलेवा हमला करने, लूटपाट करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा पीड़ित परिवार के सदस्य का ही शांतिभंग में चालान कर दिया।
शिकायत के अनुसार, विवाद की शुरुआत 24 जून को हुई थी जब पीड़ित का पुत्र साकेत सरकारी नलकूप पर नहाने गया था। वहां विपक्षी रामकिशोर के छोटे पुत्र के साथ मामूली कहासुनी होने पर दबंगों ने साकेत के कपड़े उतारकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। इसके बाद 25 जून की शाम को जब साकेत बकरी चराने गया, तो विपक्षी श्यामू, मुकेश और हिमांशु ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से उस पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
पीड़ित का कहना है कि जब वह अपने बेटे को बचाने घर पहुंचा, तो विपक्षियों ने अपने अन्य साथियों (धर्मेश, रामजीवन, रामकिशोर, दुर्गेश, मायाराम, तिलकराम आदि) और महिलाओं के साथ मिलकर पीड़ित के घर को घेर लिया। दबंगों ने जबरन दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया और पीड़ित, उसकी पत्नी व भतीजे विनय कुमार को बेरहमी से पीटा। हमले में विनय कुमार की पसली और हाथ की हड्डी टूट गई। मारपीट के दौरान दबंगों ने घर में रखा सैमसंग का टैबलेट, 20,000 हजार रूपये नगद और पीड़ित की पत्नी के कान के कुंडल सहित अन्य कीमती सामान लूट लिया और पूरे परिवार को जान से मारने व गांव से उजाड़ने की धमकी देकर भाग गए।
पुलिस पर मिलीभगत और एकतरफा कार्रवाई का आरोप
पीड़ित रामजीवन का आरोप है कि घटना के बाद घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरधान ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। वर्तमान में घायलों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।पीड़ित का आरोप है कि घटना की लिखित सूचना कई बार थाना फरधान में दी गई, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उल्टा विपक्षी पक्ष के प्रभाव में आकर पुलिस पीड़ित परिवार पर ही समझौते का दबाव बना रही है। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय पीड़ित के परिवार के सदस्य साकेत कुमार के खिलाफ शन्ति भंग के तहत एकतरफा चालान की कार्रवाई कर दी, जिसे बाद में जमानत पर रिहा कराया गया।
थाना पुलिस की इस कथित निष्क्रियता और पक्षपातपूर्ण रवैये से पीड़ित परिवार अत्यंत भयभीत और असुरक्षित महसूस कर रहा है।पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने, लूटे गए सामान की बरामदगी कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।

