
पेयजल, भोजन, साफ-सफाई और विद्युत व्यवस्था का लिया जायजा; शिक्षकों को बच्चों से अभिभावकों जैसा व्यवहार करने के दिए निर्देश
सीतापुर, 21 अगस्त 2026। जिलाधिकारी डाॅ. राजागणपति आर. ने शुक्रवार को विकासखंड ऐलिया के ग्राम हरधौरपुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय का औचक निरीक्षण कर विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा समस्याओं का जल्द निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद विभिन्न कक्षा-कक्षों में पहुंचकर विद्युत व्यवस्था सहित अन्य सुविधाओं को देखा। उन्होंने रसोईघर का निरीक्षण कर तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता परखी। रसोइयों को निर्देश दिए कि वे हमेशा निर्धारित यूनिफॉर्म में रहें तथा भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ रसोईघर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
जिलाधिकारी ने भोजनालय (डाइनिंग हॉल) में पहुंचकर साफ-सफाई की व्यवस्था भी देखी। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय की लाइब्रेरी का निरीक्षण कर शिक्षकों द्वारा बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।
बालिकाओं से भी की सीधे बातचीत
जिलाधिकारी ने बालिकाओं के कक्षा-कक्ष में पहुंचकर छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने बच्चों के साथ सहज वातावरण में संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका जल्द से जल्द निस्तारण कराया जाएगा।
शिक्षकों को अभिभावकों की तरह व्यवहार करने के निर्देश
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने विद्यालय के शिक्षकों के साथ बैठक कर विद्यालय की व्यवस्थाओं और बच्चों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों को कड़े निर्देश दिए कि सभी बच्चों के साथ अभिभावकों जैसा व्यवहार करें, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनका समाधान कराने का प्रयास करें।
उन्होंने शिक्षकों से यह भी कहा कि वे बच्चों के साथ बैठकर स्वयं भोजन करें, ताकि भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिलती रहे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई शिक्षक दिए गए निर्देशों का सही ढंग से पालन नहीं करता है तो प्रधानाचार्य तत्काल पत्राचार के माध्यम से जिलाधिकारी और संबंधित उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण से विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों में सक्रियता दिखाई दी। अब विद्यालय प्रशासन के सामने बच्चों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।
