लखनऊ, 21 अगस्त 2026,इटावा सफारी पार्क में प्रवासी पक्षियों का आगमन प्रतिवर्ष बढ़ रहा है। हरियाली और प्राकृतिक आवास के कारण रूस और कजाकिस्तान से पक्षी यहां पहुंचने शुरू हो गए हैं। ये संख्या हर साल बढ़ रही है।
पार्क के अंतर्गत जैवविविधता अत्यधिक होने के कारण यहाँ पर प्रवासी एवं अप्रवासी पक्षियों का आवागमन वर्ष भर होता रहता है। वर्तमान में सफारी क्षेत्र में गुलाबी मैना (Rosy Starling) का प्रवास चल रहा है। यहाँ हजारों की संख्या में गुलाबी मैना अपने कलरव से सफारी को गुलजार किये हुए हैं। ये पक्षी मुख्यतः कजाकिस्तान व रूस (मध्य एशिया) में पाए जाते है तथा जुलाई-अगस्त में भारत मे आ जाते हैं और लगभग 6 से 8 माह तक भारत के घास के मैदानों या समतली क्षेत्रों में खेतों के आस-पास पेड़ों पर रहते है। इटावा सफारी में इस वर्ष इनकी संख्या पिछले वर्ष की तुलना में बहुत ही अधिक है।
राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर आज दिनाँक 21.08.2026 को अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के 19 वरिष्ठ सदस्यों को श्री हरिशंकर पटेल समाजसेवी एवं डॉ श्रीकांत, योगाचार्य भारतीय योग संस्थान, इटावा यूनिट के सहयोग से सफारी का भ्रमण कराया गया। भ्रमण करने वाले लोगों में सेवानिवृत्त शिक्षक, व्यापारी, समाजसेवी एवं अन्य क्षेत्रों में अपना महती योगदान देने वाले लोग शामिल थे। पहली बार 80-90 वर्ष की आयु में सफारी पार्क भ्रमण का अनुभव प्राप्त करने के उपरांत सभी लोग अत्यंत प्रसन्न हुए। सफारी के रख रखाव एवं वन्य जीवों के स्वास्थ्य की प्रसंशा करते हुए सभी लोगों द्वारा इस सफारी के वृहद प्रचार प्रसार में योगदान देने की बात कही गई तथा कुछ लोगों द्वारा सफारी भ्रमण का अपना अनुभव साझा किया गया।
इसके अतिरिक्त सफारी के सभी वन्य जीवों के स्वास्थ्य का अनुश्रवण वन्य जीव चिकित्सकों द्वारा निरंतर किया जा रहा है। शेरनी राधिका जिसकी पूंछ को दूसरी शेरनी ने लगभग एक माह पूर्व काट लिया था और बाद में उसके पूंछ को विशेषज्ञों की टीम द्वारा काट कर अलग करना पड़ा था, की स्तिथि स्थिर बनी हुई है। वह बहुत ही अल्प मात्रा में अपना आहार ग्रहण कर रही है। उसकी नियमित रूप से निगरानी की जा रही है तथा विशेषज्ञों के सलाह के अनुसार उसका उपचार किया जा रहा है। मुरादाबाद से रेसक्यू कर 04 तेंदुए (02 शावक और 02 वयस्क) के सफारी पार्क में आ जाने के बाद अब यहाँ पर तेंदुओं की संख्या 31 हो गई है जबकि वर्तमान में 23 शेर इटावा सफारी में हैं जिसमें से 17 यहीं पर पैदा हुए हैं।
