
दुबे छपरा । गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच शुक्रवार सुबह बाढ़ का पानी धीरे-धीरे रिसाव करते हुए उदई छपरा के दलित बस्ती में फैलना शुरू हो गया। देखते ही देखते करीब 90 घरों के आसपास पानी पहुंच गया। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
बाढ़ के पानी की सूचना मिलते ही बैरिया तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार और नायब तहसीलदार अनिल यादव उदई छपरा पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए घरों के आसपास पहुंच रहे पानी की स्थिति देखी। तहसीलदार ने मौके पर मौजूद लेखपाल को प्रभावित परिवारों की सूची तत्काल तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।
इसके बाद अधिकारियों ने घाट के पास चल रहे कटानरोधी कार्य का भी निरीक्षण किया। तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि बाढ़ प्राकृतिक आपदा है, इसे पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसी भी व्यक्ति के जान-माल को नुकसान न पहुंचे। इसके लिए प्रशासन की ओर से हर स्तर पर तैयारी की गई है।
लगातार पांचवें दिन बढ़ा गंगा का जलस्तर
उधर, गंगा नदी के जलस्तर में लगातार पांचवें दिन भी बढ़ोतरी जारी रही। केंद्रीय जल आयोग के गायघाट गेज के अनुसार शुक्रवार शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 58.430 मीटर दर्ज किया गया। नदी खतरा बिंदु 57.615 मीटर को पार कर चुकी है और अब मीडियम फ्लड लेवल 58.615 मीटर की ओर तेजी से बढ़ रही है। जलस्तर करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
गंगा की लहरों और लगातार बढ़ते पानी को लेकर दुबेछपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, सुघरछपरा, रामगढ़, प्रसाद छपरा, बुधनचक, पांडेपुर, टेगरही और टीएस बंधे तक के ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीण लगातार नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ का खतरा बरकरार रहने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
