कर्मियों के दुख में बने साथी, तत्काल हस्तक्षेप कर गाड़ियां वापस लाने और किसी तरह की कार्रवाई न करने का दिया भरोसा
लखनऊ। एनेक्सी सचिवालय परिसर में सचिवालय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वाहनों को नगर निगम द्वारा उठाए जाने की कार्रवाई से कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी परेशान नजर आए और मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
मामले की जानकारी मिलते ही सचिवालय संघ के अध्यक्ष अर्जुन देव भारती तत्काल मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सचिवालय कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद वाहनों को वापस लाने की कार्रवाई शुरू कराई गई। साथ ही यह भी स्पष्ट कराया गया कि कर्मचारियों के वाहनों पर किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
हर मुश्किल में कर्मचारियों के साथ खड़ा संघ
सचिवालय संघ अध्यक्ष अर्जुन देव भारती ने कहा कि सचिवालय कर्मचारी दिन-रात शासन के कामकाज को गति देने में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनके सामने अचानक कोई परेशानी आती है तो संघ की जिम्मेदारी है कि वह उनके साथ खड़ा रहे।
कर्मचारियों ने भी अध्यक्ष के तत्काल मौके पर पहुंचने और समस्या का संज्ञान लेकर प्रभावी हस्तक्षेप करने की सराहना की। कर्मचारियों का कहना था कि नेतृत्व वही है जो परेशानी के समय सामने खड़ा हो और समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए।
कर्मियों के हितों से समझौता नहीं
सचिवालय संघ अध्यक्ष की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि कर्मचारियों की समस्याओं को केवल कागजी स्तर पर नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर मौके पर पहुंचकर समाधान कराया जाएगा।
कर्मचारियों के सुख-दुख में साथ, समस्या पर तुरंत सक्रियता और उनके सम्मान एवं हितों की रक्षा—इसी भूमिका को लेकर सचिवालय कर्मियों के बीच संघ अध्यक्ष अर्जुन देव भारती की पहल चर्चा में रही।
