सरकार हमारी मांग नही सुनी तो तो आने वाला 2027 के चुनाव में हम अपनी मुट्ठी दिखाएंगे।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 10/08/2026
बलिया, सैकड़ों की संख्या में आशा कार्यकत्रियों नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची।और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर आशा कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार और योगी सरकार से अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के दौरान आशा कार्यकत्री शशि सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट से कहा कि, “इसे फाइल की टोकरी में मत डालिएगा। हमारी बात ऊपर तक पहुंचाइए।”
शशि सिंह ने बताया कि कोरोना काल में हम गांव-गांव घूमकर लोगों को आइसोलेट करते थे। डब्ल्यूएचओ ने कहा था और तब हम लोगों के ऊपर फूल बरसाए गए थे और कहा था कि आशाएं रीढ की हड्डी है करोना काल में इनके डॉक्टर और अधिकारी घर में सोते थे और आशाएं एक एक घर पहुंचकर कोरोना मरीजों को आई सुलेट कराती थी उस समय मोदी जी भी फूल बरसाए थे l लेकिन छः साल हो गए अब मोदी जी और योगी जी को आशाएं याद नहीं आ रही है और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को भी याद नहीं आती है योगी सरकार से मांग यह है कि हम लोगों का सम्मान जनक मानदेय दें।और राज्य कर्मचारी का दर्जा दें अब हमारा शोषण हो रहा है। टुकड़ों में प्रोत्साहन राशि मिलती है जो हमे मंजूर नहीं है हम 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं। प्रसव कराने के दौरान 3-3 दिन लग जाते हैं हम लोगों को खाना-पीना वहीं करना पड़ता है। सरकार कान में तेल डालकर सो रही है। सरकार से हमारी मांग कि हमारा मानदेय फिक्स किया जाए। नहीं तो आने वाला 2027 के चुनाव में हम अपनी मुट्ठी दिखाएंगे कि आशाओं की एक मुट्ठी क्या होती है।
