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युवक ने पेड़ से लटककर की आत्महत्या, परिजनों में मचा कोहराम

June 3, 2026

युवक ने पेड़ से लटककर की आत्महत्या, परिजनों में मचा कोहराम

हाथरस। गांव नया नगला में दोपहर एक करीब 25 वर्षीय युवक ने अपने ही खेत में खडे पेड़ पर कपडे़ से फांसी फंदे पर झूल गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में परिजन मौके पर पहुंचे और युवक को फंदे से नीचे उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सासनी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बुधवार को मिली जानकारी क अनुसार प्राप्त जानकारी के अनुसार, नया नगला निवासी मुनेश उम्र करीब पच्चीस वर्ष पुत्र गिर्राज सिंह मंगलवार को अपने खेतों की देखभाल करने गया था। बताते हैं कि दोपहर के समय उसने अज्ञात कारणों के चलते खेत पर खड़े एक पेड़ से पर किसी कपडे से फांसी का फंदा बनाया और उस पर लटक गया।  घटना की जानकारी जब आसपास के लोगों और परिजनों को हुई तो लोग खेतों की ओर दौड लिए, वहीं घटना की ग्रामीणों मिली सूचना को सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन खेतों पर पहुंचे और फंदे पर झूल रहे मुनेश को फंदे से उतारकर सीधे सीएचसी ले गये। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुनेश की मौत की खबर से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर इलाका पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं कोतवाली प्रभारी श्रीमती विपिन चैधरी ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है।

एडीजे को निरीक्षण के दौरान राजकीय संप्रेक्षण गृह में मिली खामियां 

मैनपुरी।  जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा गठित कमेटी के अध्यक्ष अपर जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार मिश्रा व सदस्य अपर जनपद न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम कुलदीप सिंह तृतीय एवं सदस्य मा० सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती नूतन चौहान द्वारा राजकीय संप्रेक्षण गृह फर्रूखाबाद का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधीक्षक विकास कुमार उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान संप्रेक्षण गृह में मैनपुरी के कुल 17 बच्चे उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान  समिति द्वारा संप्रेक्षण गृह का उपस्थित रजिस्टर, स्टाफ रजिस्टर आदि का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान पूर्व में किये गये निरीक्षण के समय दिये गये दिशा निर्देशों का अनुपालन होना नहीं पाया गया, बच्चों द्वारा बताया गया कि उनके खाने पीने की व्यवस्था उनके अनुसार नहीं की जा रही है साथ ही खेल के लिये जो दिशा निर्देश दिये गये थे उनमें कोई भी ऐसे परिवर्तन नहीं देखा गया। अत: समिति द्वारा पुन: निर्देशित किया गया कि खेल-कूद की उचित व्यवस्था की जाये। संप्रेक्षण गृह में सिर्फ एक काउंसलर नियुक्त है जिसके उपर काफी दबाब है साथ ही कोई भी मनोचिक्त्सिक की नियुक्ति नहीं की गयी है। निरीक्षण के दौरान मुख्य द्वार पर जो गार्ड मौजूद था उसके द्वारा सुरक्षा के प्रति ठीक तरह से निर्वहन नहीं किया जा रहा है जिसके सम्बन्ध में समिति द्वारा निर्देश दिये गये कि सुरक्षा के प्रति ध्यान रखा जाये जिससे भविष्य में कोई अप्रिये घटना न हो।

साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, छात्रों और शिक्षकों को दी गई सुरक्षा की जानकारी

Posted on 3/06/2026
Time 09:10 A.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

गोरखपुर। 3 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आम नागरिकों को डिजिटल ठगी से बचाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक (अपराध) के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘साइबर जागरूकता अभियान’ के तहत केंद्रीय विद्यालय पिपराइच में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान साइबर सेल अपराध शाखा की टीम ने NCC कैडेटों और विद्यालय के समस्त स्टाफ को साइबर सुरक्षा के गुर सिखाए।

कार्यक्रम के दौरान साइबर सेल की टीम ने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों पर विस्तार से चर्चा की। टीम ने मुख्य रूप से डिजिटल अरेस्ट, एफिके फ्रॉड (AFI Fraud), फेक न्यूज और म्यूल अकाउंट (अवैध लेनदेन के लिए बैंक खाते का उपयोग) जैसे विषयों पर जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि साइबर अपराधी आए दिन नई तकनीक का सहारा ले रहे हैं, ऐसे में सावधानी ही बचाव का एकमात्र तरीका है। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर घबराने के बजाय पीड़ित को तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

कार्यक्रम में साइबर सेल द्वारा सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए जिसमे बताया गया कि खुद को टेलीकॉम या पुलिस अधिकारी बताकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने की धमकी देने या केस में फंसाने का डर दिखाकर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें।
अपने सोशल मीडिया अकाउंट को प्रमोट करने या फॉलोअर्स बढ़ाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को अपनी यूजर आईडी या पासवर्ड कभी साझा न करें। किसी भी प्रलोभन में आकर अपना बैंक खाता किसी अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। अपराधी आपकी पहचान छुपाकर आपके खाते का उपयोग अपराध के लिए कर सकते हैं। किसी भी अवांछित लिंक (Unknown Link) पर क्लिक न करें। साथ ही, Twitter, Facebook, Instagram और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म पर बिना सत्यापन के किसी भी पोस्ट या खबर को फॉरवर्ड करने से बचें। सोशल मीडिया पर अश्लील या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने से बचें।

साइबर सेल ने सभी को सलाह दी है कि साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत सहायता के लिए निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग करें ।
हेल्पलाइन नंबर: 1930 पर कॉल करें। www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क करें।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने लोगों को गोरखपुर साइबर क्राइम सेल के व्हाट्सएप चैनल https://whatsapp.com/channel/0029VasEklv7Noa2uPqslj11 से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे साइबर सुरक्षा से संबंधित नवीनतम जानकारी और अलर्ट प्राप्त कर सकें।
उप्र समाचार सेवा भी सभी से अपील करता है कि “सावधान रहें, सुरक्षित रहें।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया गोरखपुर, आजमगढ़ व बस्ती की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ

Posted on 03/06/2026
Time 14:40 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

किसान तकनीक व अच्छी क्वालिटी के बीज अपनाएं, केमिकल-पेस्टिसाइड को न्यूनतम कर प्राकृतिक खेती पर जोर दें: मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 3 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों में खेती-किसानी के क्षेत्र में आए परिवर्तन के कारण अन्नदाता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। किसान समाज व राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ते हुए आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं। देश की सबसे अच्छी उर्वरा भूमि और सर्वाधिक सिंचित भूमि (86 फीसदी) यूपी में है। रबी-खरीफ व जायद की तीनों फसलों से किसानों को अच्छा दाम भी मिल रहा है। यह किसानों की मेहनत का परिणाम है कि यूपी का बीमारूपन दूर हुआ और राज्य समृद्ध बना। किसानों ने कृषि विकास दर को 8 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित गोरखपुर, आजमगढ़ व बस्ती की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत उपस्थित जन-समूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया और उन्हें ट्रैक्टर की चाबी व केसीसी प्रमाण पत्र प्रदान किए। संगोष्ठी का संचालन चारूशीला सिंह ने किया।
सीएम योगी ने कहा कि 12 वर्ष पहले किसान आत्महत्या पर मजबूर थे। 2005 से 2014 के बीच देश में अलग-अलग स्थानों पर अनगिनत किसानों ने आत्महत्या की थी। इसके पीछे भी त्रासदी थी, उनके लिए अच्छी क्वालिटी के बीज, उचित एमएसपी, आपदा से बचाव के उपयुक्त प्रबंध नहीं थे। लागत अधिक-उत्पादन कम था। यदि किसान ने मेहनत से अन्न उत्पादन किया भी तो उसके क्रय की उचित व्यवस्था नहीं थी।
सीएम ने कहा कि पहली बार कोई सरकार कह रही है कि जैसे हम अपने उत्तम स्वास्थ्य के लिए हेल्थ चेकअप करवाते हैं, ऐसे ही धरती माता के स्वास्थ्य का भी परीक्षण होना चाहिए। पीएम मोदी ने 2014 से अनिवार्य रूप से फ्री में सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना लागू हुईं। दलहन-तिलहन आयात में सरकार को लाखों-करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन किसानों को अच्छे बीज देकर दलहन-तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष अभियान प्रारंभ किया।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया गया, जिससे अन्नदाता किसान साहूकार के सामने हाथ नहीं फैलाए और न ही कर्ज से दबे। मंडी में व्यापक रिफॉर्म किया गया। प्रदेश में जब डबल इंजन सरकार आई तो उसने भी इसे मजबूती से बढ़ाया। किसानों के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए। 2017 में पहली कैबिनेट मीटिंग में कर्ज से दबे किसानों को राहत दी गई। फसल ऋण की विशेष योजना प्रारंभ की गई। प्रयास रहा कि किसानों को लागत का डेढ़ गुना दाम प्राप्त हो। जगह-जगह सरकारी क्रय केंद्र खोलकर उनकी उपज को खरीदा गया।

दशकों से लंबित परियोजनाएं पूरी हुईं

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को प्रारंभ करने के साथ बाणसागर, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बुंदेलखंड आदि से जुड़ी परियोजनाओं को पूरा कराया गया। 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई। सरकार निजी नलकूप में भी किसानों को फ्री बिजली देती है और इसके लिए 3000 करोड़ रुपये का भुगतान भी करती है।

यूपी ने खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को किया प्राप्त

सीएम ने कहा कि यूपी क्षेत्रफल में देश में चौथे स्थान पर है, इसके बावजूद खाद्यान्न, चीनी, एथेनॉल, आलू, सब्जी व दुग्ध का सर्वाधिक उत्पादन कर रहा है। सरकार के साथ किसानों की मेहनत का परिणाम सामने है। सरकार रबी, खरीफ के समय गोष्ठी के माध्यम से किसानों को बीज, तकनीक, शासन की योजनाओं के बारे में बताती है और उनके सुझावों/परेशानियों की जानकारी लेती है।

आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त करने का माध्यम बनेगा किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने का माध्यम बनेगा। सरकार का काम है कि किसान शोषण-अभाव से मुक्त हो, उसके सामने चुनौती न हो, उनके कार्यों में बाधाओं को हटाया जाए। उन्हें अच्छा बीज मिल सके, सुविधा संपन्न करने के साथ उन्हें मंडी से जोड़ा जाए और समय पर उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति की जाए। उत्तर प्रदेश में यह सब संभव हो पा रहा है। यूपी के पास देश की कुल कृषि योग्य भूमि में केवल 11 फीसदी भूमि है, लेकिन वह कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 फीसदी योगदान कर रहा है। यूपी की आबादी देश की कुल जनसंख्या का 16-17 फीसदी है। खाद्यान्न, सब्जी, औद्यानिक फसलों में यूपी देश को लीड कर रहा है, इसके बावजूद कई चुनौतियां भी हैं।

परिजनों को 24 घंटे में पांच लाख की सहायता

सीएम ने कहा कि यूपी में किसानों, सह किसानों (बटाईदारों) व उनके पारिवारिक सदस्यों को भी किसी हादसे की स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक बीमा दुर्घटना योजना का लाभ दिया गया है। इस पर सरकार हर वर्ष एक हजार करोड़ रुपये खर्च करती है। किसान अतिवृष्टि, अनावृष्टि, लू, आकाशीय बिजली, वन्यजीव संघर्ष का शिकार हुआ तो सरकार 24 घंटे के अंदर पांच लाख रुपये की सहायता परिवार को उपलब्ध कराती है।

लखनऊ में सीड पार्क, कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण जारी

सीएम योगी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के नाम पर लखनऊ में सीड पार्क तथा कुशीनगर में कृषि व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र उत्तम तकनीक व बीज की क्वालिटी के बारे में जानकारी के माध्यम बने हैं। इसके बाद भी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। जितना किसानों ने उत्पादन बढ़ाया है, इसमें अभी लगभग तीन गुना और वृद्धि कर सकते हैं। हमें बीज की क्वालिटी, तकनीक और समय पर खेतीबाड़ी-फसल चक्र को अपनाना पड़ेगा। इससे उत्पादन बढ़ेगा। किसान इस दिशा में कार्य प्रारंभ करें।

सीएम ने चुनौतियों पर भी चर्चा की

सीएम ने चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि उत्पादन का पहला चरण यह है कि किसानों को सही बीज प्राप्त हों। सीएम ने क्वालिटी पर जोर देते हुए कहा कि कितना भी उत्पादन कर लें, यदि उत्पाद एक्सपोर्ट के लायक नहीं तैयार किया गया तो उचित मुनाफा नहीं होगा। आम का यहां 40-50 रुपये दाम मिलेगा, जबकि यूरोप, अमेरिका समेत दुनिया के अन्य देशों में 800 से 1000 रुपये मिलता है। कार्गो का दाम डेढ़ सौ-200 रुपये होगा, फिर भी 600 रुपये प्रति किलो की बचत होगी। इसके लिए क्वालिटी जरूरी है। सरकार ने कार्गो के सेंटर विकसित किए हैं। सीएम ने अपील की कि खाद्यान्न, सब्जी, औद्यानिक फसल आदि में न्यूनतम केमिकल-पेस्टिसाइड का प्रयोग करें।

किसान को पता है कि कब क्या करना है

सीएम ने निर्यात के मानकों पर खरा उतरने पर जोर देते हुए प्राकृतिक खेती (गो आधारित खेती) पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे गोमाता की रक्षा भी होगी और केमिकल-पेस्टिसाइट से भी खेती का बचाव होगा। यह लागत को कम करने का भी माध्यम हो सकता है। किसान स्वयं वैज्ञानिक है। उसे पता है कि कब क्या करना है, बस तारतम्यता से जोड़ने की तैयारी करें। अतिवृष्टि व अनावृष्टि से बचने के लिए अभी से मौसम विभाग द्वारा दिए जाने वाले बुलेटिन के अनुरूप फसल चक्र को तैयार करें। यह कार्य बढ़ेंगे तो किसान की आमदनी भी बढ़ेगी।

सीएम ने सहफसली खेती पर भी दिया जोर

सीएम ने फसल के विविधीकरण की चर्चा करते हुए गन्ना, सब्जियों के साथ ही सहफसली खेती पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। पिछले वर्ष मैंने व कृषि मंत्री ने मध्य यूपी के कई जनपदों में जाकर देखा कि किसान ने जैसे ही गेहूं की फसल काटी, तत्काल मक्का की खेती प्रारंभ की। इससे उन्हें एक लाख रुपये प्रति एकड़ की बचत भी हो रही है।

पहले किसानों को नहीं मिलती थी सिंचाई, सुविधा और सुरक्षा

सीएम ने कहा कि पहले यूपी में सुरक्षा, सिंचाई, क्रय केंद्र समेत सरकारी सुविधाएं नहीं थीं तो किसान बमुश्किल एक से दो फसल करता था। अच्छे बीज नहीं मिल पाते थे। आज किसान तीन-तीन फसलें करके अच्छा मुनाफा कमा रहा है। बिना टैक्स बढ़ाए सरकार ने एमएसपी के माध्यम से अच्छा पैसा दिया। 2016-17 में 300 रुपये गन्ना भुगतान था, आज 400 रुपये प्रति कुंतल दिया जा रहा है। तकनीक, अच्छी क्वालिटी के बीज अपनाएं, केमिकल-पेस्टिसाइड को न्यूनतम कर प्राकृतिक खेती पर जोर दें तो बेहतर लाभ मिलेगा।

किसानों को सही दिशा देगी खरीफ गोष्ठी

सीएम ने गोष्ठी की उपयोगिता पर बल दिया और कहा कि आत्मनिर्भर व विकसित भारत के लिए विकसित खेती आज की आवश्यकता है। किसान तीन फसलों का व्यापक पैमाने पर उत्पादन करता है। फसल चक्र से जुड़ी चुनौतियों का कैसे मुकाबला कर सकते हैं, इस पर ध्यान देना होगा। इस बार मानसून औसत से कम बताया जा रहा है। इसके लिए रणनीति तय होनी चाहिए। यह गोष्ठी किसानों को सही दिशा देगी। सीएम ने कोरोना के दौरान भी किसानों की ताकत का जिक्र किया।

इस दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।

टीजीटी परीक्षा के दौरान धार्मिक चिन्हों को उतरवाने से नाराज दिखे परीक्षार्थी

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH

प्रतापगढ़, 03 जून 2026, खबर उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से है जहां टीजीटी परीक्षा के संचालन के दौरान वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल परीक्षा केंद्र सेंट जेवियर्स स्कूल चिलबिला प्रतापगढ़ में परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व प्रवेश गेट पर चेकिग के दौरान चेकिंग करने वाली महिलाएं बुरके में थी और परीक्षार्थियों के धार्मिक चिन्हों को उतरवा जा रहा था। जिससे नाराज परीक्षार्थी के परिजनों ने विरोध किया सूचना पर प्रतापगढ़ शहर कोतवाल सुभाष यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मामले को तत्काल प्रभाव से शांत कराया और पेपर देने वाले परीक्षार्थियों को गेट में प्रवेश दिया गया जब परीक्षा देकर परीक्षार्थी निकल रहे थे तो परीक्षार्थी काफी नाराज दिखे और उन्होंने बताया कि चूड़ी,कंगन,क्लेचर,जनेऊ,घड़ी,बिंदी समेत सभी सामान को उतरवा दिया गया। काफी नोंकझोंं के बाद जब पेपर देने के 2 मिनट बचे तो परीक्षा केंद्र द्वारा अनाउंस कराया गया कि किसी भी धार्मिक भावनाओं को आहत किए बगैर आपको परीक्षा का चेकिंग करना है और उनका एग्जाम दिलवाना है।

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