Web News

www.upwebnews.com

गुस्साई टीचर ने आपा खोया छात्र को पीटा,गला दबाया

May 19, 2026

गुस्साई टीचर ने आपा खोया छात्र को पीटा,गला दबाया

अमानवीय व्यवहार—गला दबने से बच्चेे की हालत बिगड़ी,निजी अस्पताल में भर्ती

-कुंदरकी में गांधी नगर पब्लिक स्कूल में कक्षा छह का छात्र
-हालत देख आनन-फानन में गागन में निजी अस्पनताल के इमरजेंसी में भर्ती कराया
क्लास में शोर मचने पर बच्चे की पिटाई का आरोप
कुंदरकी थाने में दिया प्रार्थना पत्र
Post on 19.5.26
Tuesday, Moradabad
Rajesh Bhatia, Time 10.50 pm

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा

कुंदरकी के एक शिक्षण संस्था में मासूम छात्र की टीचर ने बेदर्दी से पिटाई कर दी।टीचर इतने पर भी अपना गुस्सा काबू न कर पाई। आरोप है कि टीचर ने मासूम का गले को पकड़कर
दबा दिया। जिससे बच्चे की हालत बिगड़ गई। बच्चे को अचेत देख स्कूल प्रबंधन भी घबरा गया। सूचना पर परिजन भी दौड़़े दौड़े अस्पताल पहुंचे।बच्चे‍ की हालत देख उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। व्यवहार से नाराज परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।

शहर में गांधीनगर पब्लिक स्कूल की दूसरी ब्रांच कुंदरकी के नानपुर गांव में है। मासूम को अमानवीय तरीके से पीटने का मामला नानपुर का है। स्कूल टीचर अर्पिता पर एक छठीं क्लास के बच्चे मोहम्मद अरशल की पिटाई का आरेाप है। बताया जाता है कि क्लास में शोरशराबे को टीचर बर्दाश्त नहीं कर पाई। बच्चों को डांटा। आरोप है कि उन्होंने इस छात्र अरशल को पकड़ लिया और शोर मचाने पर सजा देने के लिए पीटने लगी।छात्र ने खुद को बेकसूर बताया। बताते है कि शोर न मचाने पर सफाई दी। पर नाराज टीचर ने उसकी एक न सुनी और पिटाई करने लगीं। बच्चे ने अपने घरवालों से शिकायत करने को कहा तो टीचर आपा खो बैठी और गला दबा दिया। बच्चे को पीटने व गला दबने से वह अचेत अवस्था में आ गया।यह देख स्कूल स्टाफ भी सकपका गया। बच्चे को गंभीर हालत में गागन पर स्थित डॅा लाल सिंह हॉस्पिटल ले जाया गया।परिजन भी स्कूल से सूचना के बाद अस्प्ताल पहुंच गए। बच्चेे की हालत को देखते हुए उसे इमरजेंसी वार्ड में रखा गया।बच्चे का उपचार कराया गया।

*शिक्षक पिता का आरोप-* आजाद नगर निवासी मोहम्मद शहरनेब का कहना है कि जब वह अस्पताल पहुंचे तो अरशल गंभीर हालत में था। हालत को देखते हुए ड्रिप चढ़ी।दवाएं दी गई। पिटने से चोट आने के चलते उसका एक्सरे हुआ। एक्‍सरे में गले पर निशान आए है।
छात्र की मां हमजा का आरोप हैकि क्लास में शोर सुनकर टीचर पहुंची और इस बच्चे को पकड़ लिया और पीटा। गला दबाने से उसकी नस दब गई जिससे वह अचेत हो गया।

टीचर के खिलाफ थाने में तहरीर बेसिक विभाग में अध्यापक मो. शहरनेब ने बेटे की पिटाई को लेकर थाने में रिपोर्ट दर्ज के लिए तहरीर दी है।जिसमें टीचर पर अमानवीय तरीके से पीटने व गला दबाने का आरोप लगाया गया है।

*बच्चे की हालत सुधरी, परिजनों को राहत*

गागन पर स्थित निजी अस्पताल में कई घंटे की मशक्कत के बाद बच्चेा की हालत सामान्य हुई तो मां व पिता को राहत महसूस हुई।पिता का कहना है कि जरा सी लापरवाही से किसी की मासूम की जान जा सकती थी।
उन्होंने प्रिंसिपल से इसकी शिकायत भी की।बताया कि टीचर से लिखित में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

पांच साल में बस्तर की आय 6 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य है:अमित शाह

Amit Shah Home Minister

Posted on 19.05.2026 Time 10.55 PM

  • केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित किया
  • केंद्रीय गृह मंत्री ने सरेंडर नक्सलियों की साइकोलॉजिकल मैपिंग, स्किलिंग और शिक्षा पर जोर दिया; कहा जो विक्टिम थे, उनका सिस्टम में सम्मान के साथ जीने का पूरा हक है
  • बस्तर आने वाले 6 महीनों में सहकारी डेयरी के विशाल नेटवर्क के रूप में उभरेगा, प्रत्येक आदिवासी महिला को एक गाय एवं एक भैंस प्रदान की जाएगी
  • बस्तर में नक्सलवाद के उन्मूलन हेतु 200 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए थे, इनमें से एक-तिहाई कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर डेरा में परिवर्तित किया जाएगा
  • “सेवा डेरा” मॉडल के जरिए गांव के दरवाजे तक सरकार पहुंचाने की तैयारी, एक-एक सरकारी योजना का 100% सैचुरेशन ही विकसित बस्तर बनाएगा
  • नक्सलवाद की समाप्ति के बाद माओवादी भेष और नाम बदलकर पुनः प्रकट होंगे – किसी के बहकावे में न आएँ

रायपुर, 19 मई 2016, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में हमारी पार्टी की सरकार श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में बनी उस वक्त केन्द्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी पार्टी की सरकार थी। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2023 में यहां हमारी पार्टी की सरकार बनने के तुरंत बाद हमने बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए फिर से कवायद शुरू की। श्री शाह ने कहा कि 24 अगस्त, 2024 को सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक के बाद घोषणा की गई कि 31 मार्च 2026 को देश को हम नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों के पराक्रम, साहस और बलिदान के कारण 31 मार्च, 2026 की जो तिथि तय हुई थी, उससे पहले ही देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन हो चुका है।

उन्होंने कहा कि 19 मई 2026 की तिथि का भी बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि जब से नक्सलबाड़ी से नक्सलवाद फैलना शुरू हुआ, इसके पक्षधर बुद्धिजीवी लोग यह कहते थे कि नक्सलवाद इसलिए अस्तित्व में आया है कि कुछ क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि यह वास्तविकता नहीं थी क्योंकि देश के कई हिस्से ऐसे थे जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र से भी ज्यादा पिछड़े हुए थे, लेकिन वहां नक्सलवाद नहीं फैला और वो सभी क्षेत्र धीरे-धीरे विकास की ओर बढ़ गए। उन्होंने कहा कि लेकिन हमारा बस्तर और कई नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र विकसित नहीं हो सके।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 19 मई 2026 को उसी पूर्ववर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संपूर्ण विकास की परिकल्पना को लॉन्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कल ही ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ का उद्घाटन किया गया है। बस्तर के सात जिलों को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा यहां लगभग 200 सुरक्षा कैंप बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि आज जब बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है, तब हमने तय किया है कि प्रथम चरण में इन 200 कैंपों में से 70 कैंप (लगभग एक-तिहाई) को हम ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ में बदल देंगे। सरकार को गांव और सरकारी सुविधाओं को बस्तर के हर आदिवासी भाई-बहन के घर तक ले जाना ही वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा का काम है।

इस सेवा डेरा में बैंकिंग सुविधा होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, सारी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ भी जनता को मिलेगा। एक ही सेवा डेरे में विकास के सारे काम उपलब्ध हो जाएंगे और इसका उद्देश्य है कि 50 साल से विकास के महरूम रह गए नागरिकों को सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ मिले। श्री शाह ने कहा कि इस सेवा डेरा में प्राथमिक कृषि ऋण समिति (PACS) भी बनेगा, डेयरी भी बनेगी और यहां तक हर आदिवासी महिला अपने पशुओं का दूध पहुंचा सकेंगी। श्री शाह ने कहा कि इसी सेवा डेरा के माध्यम से हम बस्तर के हर आदिवासी को एक गाय और एक भैंस देने वाले हैं जिनके माध्यम से सहकारिता के तरीके से वह दूध की पूरे भारत में मार्केटिंग कर पाएंगे। आने वाले 6 माह में हम बस्तर संभाग में डेयरी का एक बड़ा नेटवर्क बनाने जा रहे हैं

श्री शाह ने कहा कि पहले यहां बंदूक के संगीन के साए थे, वहां अब विकास पहुंच जाएगा। अब तक नक्सलवादियों के कारण ये पूरा क्षेत्र विकास से महरूम रह गया था। न उन्हें राशन कार्ड मिला, न मुफ्त अनाज की योजना का फायदा मिला, न 5 लाख तक का स्वास्थ्य का बीमा मिला, न उनकी उपज को ₹3100 क्विंटल की दर से खरीदने की व्यवस्था की गई। रोजगार का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं था, न गांव में बिजली पहुंची, न पानी पहुंचा और न स्कूल बने। उन्होंने कहा कि ये सारी व्यवस्था सेवा डेरा के माध्यम से हम पूरे बस्तर में करने जा रहे हैं और शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा नक्सल प्रभावित बस्तर को नक्सल मुक्त विकसित बस्तर बनाने का एक बहुत बड़ा जरिया बनेगा। उन्होंने कहा कि यहां की वन उपज को कोऑपरेटिव तरीके से प्रोसेस कर इसका पूरा मुनाफा भी हम आदिवासियों तक पहुंचाएंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बस्तर के विकास के लिए कई काम किए हैं। हमने 20557 करोड़ रूपए की लागत से 12211 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा कर दिया है, कुल 13000 मोबाइल टावर की प्लानिंग की है, जिनमें से 5000 मोबाइल टावर देशभर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लग भी चुके हैं। 1804 बैंक शाखाएं खुली हैं, 1321 एटीएम खुल चुके हैं और 890 पोस्ट ऑफिस खोलने का काम भी समाप्त हो चुका है। 259 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले हैं, 46 आईटीआई और 49 स्किल डेवलपमेंट सेंटर खुल चुके हैं और 90000 से ज्यादा युवाओं और महिलाओं की स्किलिंग का काम हो चुका है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में नक्सल मुक्त हुए बस्तर सहित पूरे देश के आदिवासी क्षेत्रों के विकास की एक कार्ययोजना भारत सरकार ने बनाई है। इस योजना के तहत विकास की योजनाओं का संपूर्ण सैचुरेशन और सुरक्षा की संपूर्ण व्यवस्था, युवा और महिलाओं के भविष्योन्मुखी सशक्तिकरण का वैज्ञानिक कार्यक्रम और जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को बचाते हुए और आगे बढ़ाते हुए यहां की संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि हमने यहां बस्तर पंडुम की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने प्रेरणा दी थी कि आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए भी पुरुषार्थ किया जाए और योजना बनाई जाए। बस्तर पंडुम के अंतर्गत आदिवासी नृत्य, गीत, भाषा, वेशभूषा, व्यंजन आदि को एक बड़ा मंच दिया गया है। एक साल पहले 45000 लोगों ने बस्तर पंडुम में हिस्सा लेकर इन सभी गतिविधियों को आगे बढ़ाया है। इसी प्रकार दो बस्तर ओलंपिक आयोजित किए जा चुके हैं। पिछले बस्तर ओलंपिक में 3 लाख 94 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था जिसमें से एक दल पुनर्वास स्वीकार करने वाले हमारे पूर्व नक्सल भाइयों बहनों का भी था और सबसे अच्छा परफॉर्मेंस भी उन्होंने ही किया था। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी पूरे नक्सल मुक्त क्षेत्र के लिए संदेश देना चाहते हैं कि हिंसा किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकती। लोकतांत्रिक मूल्य, परस्पर सहयोग और विकास की अवधारणा ही व्यक्ति के विकास का आधार बन सकते हैं। हिंसा से किसी का विकास नहीं हो सकता, न व्यक्ति का, न गांव का और न क्षेत्र का। नक्सलवाद गरीबी के कारण फैला था, उस भ्रांति को दूर करने का काम शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा करेगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब ये क्षेत्र पूरा विकसित हो जाएगा, तब यहां से दुनियाभर में संदेश जाएगा कि यहां स्कूल इसलिए नहीं बने क्योंकि नक्सलियों ने स्कूल तोड़े थे, सड़कें इसलिए नहीं बनी क्योंकि नक्सलियों ने विघ्न डाला था, अस्पताल इसलिए नहीं चले क्योंकि नक्सलियों ने अस्पताल के कर्मियों को मार डाला था और और यहां बैंक इसलिए नहीं आए क्योंकि नक्सलियों ने बैंकों को लूटकर बंद कराने का काम किया था। श्री शाह ने कहा कि बस्तर का शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा का प्रयोग देशभर में हथियार लेकर विकास का रास्ता तराश रहे लोगों के सामने विकास का लोकतांत्रिक मॉडल प्रस्तुत करेगा।

श्री अमित शाह ने बस्तर के सभी नागरिकों को भारत सरकार और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से विश्वास दिलाते हुए कहा कि अब भय से जीने की जरूरत नहीं है, यहां नया सूर्योदय हो चुका है। उन्होंने कहा कि यहां के आदिवासी युवा और महिलाएं विश्वास के साथ आगे बढ़ें, भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि आज पूर्ववर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर विकसित क्षेत्र बनने जा रहा है तब बस्तर की जनता को आगाह रहना चाहिए क्योंकि बंदूक लेकर बस्तर को बर्बाद करने वाले माओवादी विचारधारा से प्रेरित लोग भेष बदलकर आएंगे, लेकिन आपको किसी के बहकावे में नहीं आना है। श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार दोनों जनता की चुनी हुई सरकार हैं और लोकतांत्रिक तरीके से पूरे बस्तर का विकास करेंगी।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर इस क्षेत्र को पूरे देश के सभी आदिवासी संभागों में सबसे विकसित संभाग बनाने के लिए कटिबद्ध है और आने वाले 5 साल में ही बस्तर पूरे देश के सभी आदिवासी संभागों में सबसे विकसित संभाग बनेगा और बस्तर की आय में 6 गुना वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि नक्सल मुक्त भारत का संपूर्ण यश अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सुरक्षाबलों के जवानों और उनके परिजनों को जाता है।

हींग फैक्ट्री में भीषण आग, लाखों का नुकसान

हाथरस। अलीगढ़ रोड स्थित नवीपुर मार्ग पर दीनबंधु हॉस्पिटल के पीछे बनी श्रीजी केमिकल्स हींग फैक्ट्री में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा उसकी चपेट में आ गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हादसे में फैक्ट्री में रखा कच्चा माल, मशीनरी और तैयार माल जलकर नष्ट हो गया। आग से करीब 10 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है।घटना सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। फैक्ट्री से उठती आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन केमिकल पदार्थ होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।घनी आबादी वाले क्षेत्र में फैक्ट्री होने के कारण लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है।

रत्ना सिंह की आत्महत्या से गोरखपुर में आक्रोश, परिजनों ने की दोषियों के एनकाउंटर की मांग

Posted on 19/05/2026
Time 17:50 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर। 19 मई 2026 ( उप्र समाचार सेवा) लखनऊ के गोमती नगर विस्तार में रहने वाली और मूल रूप से गोरखपुर की बेटी रत्ना सिंह की मानसिक प्रताड़ना के कारण हुई आत्महत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बीती 12 मई को हुई इस दुखद घटना से न केवल पीड़ित परिवार सदमे में है, बल्कि पूरे गोरखपुर वासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
​आज गोरखपुर विश्वविद्यालय के समीप स्थित पंत पार्क के सामने एक भावुक और आक्रोशित माहौल देखने को मिला। यहाँ मृतका रत्ना सिंह के माता-पिता, भाई-बहन और बड़ी संख्या में शुभचिंतक व स्थानीय नागरिक एकत्रित हुए। सभी ने स्वर्गीय रत्ना सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

​शोकसभा के दौरान परिजनों और शुभचिंतकों का गुस्सा फूट पड़ा। इंसाफ की गुहार लगाते हुए पीड़ित परिवार ने सरकार से सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि रत्ना को मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उसे आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। रत्ना को तभी सच्ची श्रद्धांजलि और इंसाफ मिलेगा जब उसके दोषियों को उनके किए की कड़ी सजा मिलेगी। हमारी सरकार से मांग है कि दोषियों का एनकाउंटर किया जाए, ताकि भविष्य में कोई और बेटी इस तरह प्रताड़ना का शिकार न हो। ​

20 हजार की रिश्वत लेते मिश्रिख तहसीलदार के पेशकार और प्राइवेट कर्मी गिरफ्तार

सीतापुर(उ. प्र. समाचार सेवा)। मिश्रिख तहसील मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप से गूंज उठी, जब एंटी करप्शन टीम ने न्यायायिक तहसीलदार के पेशकार और एक प्राइवेट कर्मी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। तहसील परिसर में हुई इस कार्रवाई को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। टीम दोनों आरोपियों को पकड़कर सीधे अपने वाहन तक ले गई, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार दाखिल-खारिज के एक मामले में पीड़ित पक्ष से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरे मामले की गोपनीय जांच की और फिर तहसील परिसर में ही बेछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही रिश्वत की रकम आरोपियों तक पहुंची, टीम ने तत्काल दबिश देकर दोनों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में न्यायायिक तहसीलदार अतुल सेन सिंह के पेशकार अनीस अहमद और कोर्ट में कार्यरत प्राइवेट कर्मी रोहित सिंह शामिल हैं। बताया जा रहा है कि अनीस अहमद के पास नाजिर पद का अतिरिक्त प्रभार भी था।

कार्रवाई के बाद तहसील प्रशासन में खलबली मच गई है। एंटी करप्शन टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
बाक्स
तहसीलों में भ्रष्टाचार का जालः रिश्वतखोरी पर नहीं लग पा रहा लगाम सीतापुर जिले की तहसीलों में भ्रष्टाचार अब कोई छिपी हुई कहानी नहीं रह गई है, बल्कि खुलेआम चल रही व्यवस्था बनता जा रहा है। मिश्रिख तहसील में पेशकार और प्राइवेट कर्मी की रिश्वत लेते गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आम आदमी को अपने ही हक के काम के लिए “सिस्टम” को पैसा खिलाना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर तहसीलों में रिश्वतखोरी का यह खेल कब रुकेगा?

हैरानी की बात यह है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। अभी कुछ दिन पहले ही सिधौली तहसील में एसडीएम के पेशकार को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। वहीं बिसवां तहसील में भी एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया था, लेकिन भनक लगने से पूरा ऑपरेशन फेल हो गया था। अब मिश्रिख तहसील में हुई कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि तहसीलों में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं।

« Newer PostsOlder Posts »