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विहिप प्रांत कार्यालय का चंपत राय ने किया भूमिपूजन

May 14, 2026

विहिप प्रांत कार्यालय का चंपत राय ने किया भूमिपूजन

Posted on 14.05.2026, Thursday, Time 08.07 PM, Lucknow, Vishva Hindu Parishad VHP, Champatrai

बहुमंजिला आधुनिक कार्यालय बनेगा
लखनऊ, 14 मई 2026, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष एंव श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने लखनऊ में आज विहिप अवध प्रांत के नवीन प्रांतीय कार्यालय का भूमि पूजन किया। यह कार्यक्रम हुसैनगंज मेट्रो स्टेशन के पास, लालकुआं में आयोजित किया गया, जहाँ परिषद का आधुनिक बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा।
इस अवसर पर चपत राय ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण संघर्षों से लेकर प्राण प्रतिष्ठा में कार्यालय के योगदान के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही कहा कार्यालय संगठन के कार्य विस्तार का केंद्र बिंदु है और संगठन की साधना का मंदिर है कार्यालय केवल स्थान मात्र नहीं है बल्कि कार्यकर्ताओं के मिलन का भी केन्द्र है। इस स्थान पर विहिप का एक नया, बहुमंजिला प्रांतीय कार्यालय स्थापित किया जाएगा। यह कार्यक्रम अवध प्रांत में संगठन की गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
इस अवसर पर के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय अधिकारी रमेश पप्पा, अखिल भारतीय अधिकारी संजय,क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष, प्रांत प्रचारक कौशल, प्रांत विशेष संपर्क प्रमुख प्रशांत विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र , प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप,प्रांत मंत्री देवेंद्र, सह मंत्री अविनाश व विवेक, प्रांत प्रचार प्रमुख नृपेंद्र विक्रम विधि प्रकोष्ठ के क्षेत्र संयोजक बृजेंद्र प्रांत संयोजक संजय तथा विश्व संवाद केंद्र के प्रमुख डॉ उमेश शुक्ला, प्रांत प्रचारक प्रमुख यशोदा नंद, पीयूष चैहान एसआर ग्रुप के के डायरेक्टर एवं बीबीडी ग्रुप के डायरेक्टर विराज सागर, विहिप के सह मंत्री वीरेंद्र प्रताप, जिला संगठन मंत्री समरेंद्र, प्रांत सेवा प्रमुख धर्मेंद्र, मातृशक्ति प्रांत संयोजिका दीप्ति,दुर्गा वाहिनी सह संयोजिका किरन सहित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विहिप,और भाजपा के कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

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सनातन के अपमान का दुस्साहस 

Editorial

Editorial 14.05.2026, Thursday,Time 07.34 PM, by Sarvesh Kumar Singh, Editor From Lucknow 

सनातन के अपमान का फिर दुस्साहस हुआ है। वहीं जहां सितंबर 2023 में हुआ था। वही उदयनिधि स्टालिन जिसने तब कहा था। सनातन डेंगू और मलेरिया है। इसे खत्म करना होगा। थोड़ा विरोध, हल्ला गुल्ला हुआ। मामला शांत हो गया। अब फिर सनातन पर हमला। वही व्यक्ति उदयनिधि जब तमिलनाडु विधान सभा में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) विधायक दल का नेता चुना जाता है, और नेता विरोधी दल बनता है, तो पहले भाषण में ही सनातन को खत्म करने की बात कहता है। वह कहता है सनातन समाज को बांटता है। इसलिए इसे समाप्त करना जरूरी है।

जब तमिलनाडु विधान सभा में सनातन के अपमान का दुस्साहस होता है, तो विरोध का कोई स्वर सुनाई नहीं देता। यहां तक कि मुख्यमंत्री टी जोसेफ विजय भी कोई प्रतिक्रिया नहीं देते। न ही प्रतिकार और न ही रोकने की कोई कोशिश। ऐसा लगता है कि तमिलनाडु विधानसभा सनातन विरोध का केंद्र बन गई है। दो बार उदयनिधि दुस्साहस कर चुके है। ये पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और द्रमुक संस्थापक के करुणानिधि के पौत्र हैं। इस परिवार ने दीर्घ काल तक तमिलनाडु में सरकार चलाई है। ईसाई मतावलंबी होने के बावजूद इस परिवार को तमिल हिंदुओं का समर्थन मिलता रहा है। लेकिन इस परिवार के आचार,व्यवहार और सोच में सहिष्णुता और सर्वधर्म समभाव का पूर्णतः अभाव है। अगर ऐसा नहीं होता तो एमके स्टालिन अपने बेटे को रोकते, टोकते और भारत की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत की रक्षा की कोशिश करते मगर उन्होंने ऐसा कोई प्रयास नहीं किया। न अब जब 11 मई को उनके पुत्र ने सनातन का अपमान किया और न ही वर्ष 2023 में जब सनातन को डेंगू कहा गया।

भारत के सांस्कृतिक विकास क्रम में तमिल संस्कृति का अनूठा और अनुपम योगदान है। तमिल भाषा विश्व की प्राचीनतम भाषाओं में से एक है। इस गौरव से संपूर्ण भारत गौरवान्वित है। तमिल संस्कृति के महत्व को देखते हुए ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में काशी-तमिल संगमम आयोजन किए। ये आयोजन उतर और दक्षिण की सनातन संस्कृति का मिलन ही नहीं। भारत की एकरूपता का संदेश है। लेकिन पीएम मोदी की इस भावना को समझने के लिए स्टालिन परिवार तैयार नहीं है।

आज आवश्यकता है कि सनातन संस्कृति पर बढ़ रहे आक्रमणों और नियोजित, प्रायोजित अपमान का संगठित रूप से लोकतांत्रिक मर्यादाओं में रहकर प्रतिकार किया जाए, अन्यथा ये दुस्साहस बढ़ता जाएगा।

पंचतत्व में विलीन प्रतीक यादव, ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने दी मुखाग्नि

Posted on 14.05.2026, Time 05.30 PM , Thursday, Lucknow

लखनऊ, 14 मई 2026, मुलायम सिंह यादव के पुत्र और अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। भैंसाकुंड श्मसान घाट पर उनकी चिता को ससुर वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी।अपर्णा और उनकी बेटियां भी भैंसाकुंड पर मौजूद रहीं।

इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव, सांसद अवधेश प्रसाद समेत समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भरी संख्या में उपस्थित थे  अन्त्येष्टि के मौके पर यादव परिवार के सदस्य इटावा और सैफई से भी यहां पहुंचे। इसके पूर्व प्रतीक की शवयात्रा उनके विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास से खुले वाहन से भैंसाकुंड को रवाना हुई।

शवयात्रा में भारी जनसमूह उमड़ा। उनके मित्र, परिजन, सपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पैदल ही साथ चले।

Moradabad बेटी ने कराई डकैती, प्रेमी सहित पांच गिरफ्तार

शहर की चर्चित डकैती—
कारोबारी की बेटी ने ही घर में करा डाली 1.20 करोड़ की डकैती
आरोपी बेटी अरीबा निकली डकैती की सूत्रधार प्रेमी अरशद संग घटना को दिया अंजाम,तीन दिन में डकैती का खुलासा,
युवती समेत पांच गिरफ़तार,47 लाख रुपये की रकम बरामद
Post on 11.5.26
Thursday, Time 4.00 Pm
Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद, उप्र समाचार सेवा
पीतल कारोबारी के घर हुई सवा करोड़ की सनसनीखेज डकैती का गुरुवार को खुलासा हो गया। कारोबारी के घर करोड़ों की डकैती की असली सूत्रधार बेटी ही निकली। पुलिस ने कारोबारी की बेटी अरीबा समेत पांच लोगों को गिरफ़तार किया है। आरोपियों के पास से 47 लाख रुपये बरामद किए गए है। पुलिस का कहना है कि कारोबारी बेटी ने अपने प्रेमी अरशद संग सनसनीखेज घटना का अंजाम दिया।
गुरुवार को पुलिस लाइन में हुई प्रेस वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने डकैती की घटना का खुलासा किया।एसएसपी ने चौकाने वाला खुलासा किया।बताया कि पीतल कारोबारी की बेटी ने ही अपने प्रेमी व उसके साथियों के संग पूरी वारदात की साजिश की।
पुलिस ने बताया 11 मई 2026 की तड़के नागफनी के अकबर कंपाउंड में रहने वाले कारोबारी मो. इमरान के घर बदमाशों ने सनसनीखेज डकैती डाली थी।इस
दौरान नकाबपोश बदमाशों ने तमंचे दिखाकर परिवार को धमकाया। और 1.20 करोड़ की नकदी, छह तौले सोना समेत‍ अन्यक माल लेकर फरार हो गए।घटना से पूरे इलाके में भी दहशत फैल गई थी।नागफनी थाने पर डकैती की रिपोर्ट दर्ज की गई।

अंदर से डिजिटल लॉक खुलने से घर के भेदी पर अटकी शक की सुई डकैती की रकम से प्रेमी संग ऐश करना चाहती थी अरीबा

सनसनीखेज डकैती को लेकर पुलिस की पांच टीमों को लगाया गया। अंदर से डिजिटल लॉक खुलने के बाद पुलिस का पहला शक घर के भेदी पर गया। लिहाजा इसी लाइन पर पुलिस खोजबीन में जुट गई। तीन दिन की मशक्कचत के बाद गुरुवार को पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया। बताया कि डकैती की सूत्रधार कारोबारी की बेटी अरीबा ही निकली।
पुलिस के अनुसार प्रेम संबंधों के कारण बेटी अपने प्रेमी से शादी करना चाहती थी पर परिवार तैयार नहीं था।इसी के चलते नकदी और जेवरात लूटने की योजना बनाई गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि कारोबारी इमरान के घर पड़ी डकैती बेटी अरीबा ने डलवाई।पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अरशद वारसी ने बताया कि कारोबारी इमरान की बेटी से उसका 8-9 सालों से प्रेम संबंध था।परिवार दोनों की शादी के लिए तैयार नहीं था। दोनों अलग-अलग जाति से थे।इस दौरान बेटी ने प्रेमी को घर की आर्थिक स्थिति और नकदी की जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि लड़की ने घटना से एक महीने पहले घर की चाबियां भी प्रेमी को दे दी। और वारदात वाले दिन मुख्य दरवाजा खुलवाने में भी मदद की।घटना को
अंजाम देने के लिए अरशद ने कुलदीप से संपर्क साधा।कुलदीप,रवि कुमार व निक्की साथ हुए।बाद में निक्की ने अपने साथी आदित्य समेत अन्य लोगों को शामिल किया। सभी ने मिलकर योजनाबद्ध ढंग से रात में घर में घुसकर घटना को अंजाम दिया।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह समेत तमाम अधिकारी रहे।

अनोखा है गीता प्रेस का मुख्य द्वार, यहां एक साथ होते हैं अनेक तीर्थों के दर्शन

Posted on 14/05/2026 Time 12.57 P.M Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

गोरखपुर, 14 मई 2026 ( उप्र समाचार सेवा )
गीताप्रेस के मुख्य द्वार पर कई तीर्थों के दर्शन एक साथ हो जाते हैं। दुनिया में ऐसा कोई दूसरा द्वार नहीं है जिसमें एक साथ इतने तीर्थ के दर्शन हो सके। चारों दिशाओं से यह द्वार अनूठा दिखता है। वैसे तो गीता प्रेस की ख्याति उसकी पुस्तकों की वजह से पूरे विश्व में है, लेकिन जो लोग गीता प्रेस आते हैं वह इसके मुख्य द्वार के सामने शीश नवाना नहीं भूलते हैं।

गीता प्रेस के मुख्य द्वार पर हिंदू के साथ बौद्ध, जैन एवं सिख धर्मों के पूजा स्थलों का समावेश है। गीता प्रेस का प्रवेश द्वार भूमि से शिखर तक 13 मीटर ऊंचा है। इसकी चौड़ाई 12 मीटर है। यह द्वार खंडों में बनाया गया है। प्रथम खंड में भूमि पर स्थित खंभे हैं, जो दक्षिणभारत के सुप्रसिद्ध गुफा मंदिर, एलोरा के खंभों के आधार पर बने हैं। इसी खंड के ऊपर प्रेस का नाम तथा स्थापना काल हिंदी एवं अंग्रेजी में लिखा गया है।

दूसरा खंड द्वार का मुख्य खंड है। द्वार का मुख्य आकर्षण इस खंड पर बना संगमरमर से बनाया चार घोड़ों का रथ है, जिस पर भगवान श्रीकृष्ण एवं अर्जुन विराजमान हैं। इस रथ का वजन लगभग 15 कुंतल है। यह मूर्ति जयपुर से बनवाकर मंगाई गई थी। तीसरे खंड में चंद्रमा के चित्र के साथ तमाम मंदिरों के दर्शन होते हैं।

गीता प्रेस के मुख्य द्वार में अजंता जलगांव, एलोरा औरंगाबाद, दक्षिणेश्वर कोलकाता, काशी विश्वनाथ वाराणसी, द्वारिकाधीश मंदिर मथुरा, जगन्नाथ मंदिर पुरी उड़ीसा, लिंगराज मंदिर भुवनेश्वर, श्रीराम जानकी मंदिर जनकपुर, सूर्य मंदिर कोणार्कं, मीनाक्षी मंदिर मदुरा, स्वर्ण मंदिर अमृतसर, खजुराहो, सांची, आबू राजस्थान, महाकाल उज्जैन, केदारनाथ उत्तराखंड, बुद्ध गया बिहार के दर्शन लोगों को होते हैं।

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