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प्रधानमंत्री की अपील को स्वीकारना समय की मांग

May 17, 2026

प्रधानमंत्री की अपील को स्वीकारना समय की मांग

Posted on 15.05.2026 Time 11.30 AM Friday

Article by Sarvesh Kumar Singh, Lucknow

सर्वेश कुमार सिंह

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से  संयममित उपभोग की अपील की है। यह अपील समय की मांग है। इसे स्वीकार करना हर भारतवासी का राष्ट्रहित में योगदान होगा। कारण बहुत स्पष्ट हैं किसी से कोई भी स्थिति छिपी हुई नहीं है। आज दुनिया का जो परिदृश्य बना हुआ है। उसमें  आसन्न संकट से बचने का एक मात्र उपाय संयमित उपभोग ही है।

प्रधानमंत्री ने 10 मई को हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में जनता से अपील की। कार्यक्रम हैदराबाद में अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र में आयोजित था, जहां उन्होंने 9400 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसके बाद भाजपा की रैली को भी सम्बोधित किया। यहीं श्री मोदी ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कोविड काल जैसी व्यवस्थाओँ को अपनाने की अपील की। श्री मोदी ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस का संयमित उपयोग किया जाए। इसके साथ ही श्री मोदी ने यह भी कहा कि कोविड काल में जैसे वर्क फ्राम होम की व्यवस्था की गई थी, वैसे ही इसे फिर से अपनाया जाना समय की मांग है। उन्होंने आनलाइन बैठकों, वीडियो कांफ्रेंसिंग को अपनाने की भी बात कही। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने किसानों से भी अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को रायायनिक खादों का उपयोग 50 प्रतिशत तक कम करना चाहिए। इसके लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना एक अच्छा उपाय है। सिंचाई के लिए डीजल पंप के स्थान पर सोलर पंप अपनाए जाएं। इससे डीजल की बचत होगी।

प्रधानमंत्री ने उसके एक ही दिन बाद इसी अपील को फिर दिल्ली में दोहराया। उन्होंने जो भी कहा वह राष्ट्रीय परिदृश्य,देश की अर्थव्यवस्था, भविष्य की चुनौतियों और आसन्न संकट की चेतावनियों को देखते हुए कहा है। क्योंकि हम 2047 तक विकसित भारत  का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि उच्च विकास दर बनी रहे। उच्च विकास दर तभी रह सकती है जब राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखा जाए।

पश्चिम एशिया संकट के कारण पूरी दुनिया गैस, पेट्रोल, डीजल, रायासयिक उर्वरकों के संकट का सामना कर रही है। कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। पश्चिम एशिया संकट से पहले जहां कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 70 डालर थी वह आज 126 डालर तक पहुंच गई है। लेकिन भारत सरकार ने घरेलू आपूति में दामों को नियंत्रित रखा है। इस कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों इंडियन आयल, भारत प्रेट्रोलियम, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। यह घाटा प्रतिदिन 1600 से 1700 करोड़ रुपये है। अभी तक ये कंपनियां कुल एक लाख करोड़ रुपये का घाटा उठा चुकी हैं। तेल कंपनियों का घाटा सीधे तौर पर हमारे देश की विदेशी मुद्रा के स्तर को  प्रभावित करता है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार कम होने की आशंका है, जोकि रणनीतिक रूप से उचित स्थिति नहीं होगी। भारत के पास वर्तमान में विदेशी मुद्रा का इतना भंडार है कि वह 11 महीने तक निर्बाध आयात कर सकता है। लेकिन इस स्थिति को सदैव स्थिर रखने की जरूरत होती है।

देश के मुद्रा भंडार को जो दूसरी सबसे बड़ी खरीद प्रभावित करती है वह सोना है। प्रधानमंत्री ने इसी लिए एक साल तक सोना न खरीदने की भी अपील की है ताकि भारत को विदेश से सोना आयात नहीं करना पड़े। क्योंकि मांग की पूति के लिए सोना आयात किया जाता है। इसे भी नियंत्रित रखना है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सहयोग की अपील की है। हालांकि इस अपील को भारत के विपक्ष ने स्वीकार करने के बजाय इस पर टीका टिप्पणी शुरु कर दी है। सबसे खराब टिप्पणी नेता विरोधी दल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने की है। उन्होंने कहा कि समझौतावादी पीएम के बस का देश चलाना नहीं है।

लेकिन, प्रधानमंत्री की अपील को देश की जनता स्वीकार कर रही है। जनता ने संयम दिखाना प्रारम्भ कर दिया है। राज्य सरकारों ने सकारात्मक रुख दिखाया है। अधिकांश राज्यों ने अपने मंत्रियों के काफिले छोटे कर दिये हैं। सप्ताह में एक दिन नो वेहिकल डे और दो दिन वर्क फ्राम होम की व्यवस्था लागू करने का फैसला ले लिया है। इससे पट्रोल, डीजल की बचत होगी।

आज दुनिया का परिदृश्य जिस तरह से बदल रहा है। भू राजनैतिक परिदृश्य में भी बदलाव हो रहे हैं। हमारे देश की सीमाओं पर हर समय तनाव बना हुआ है। आपरेश सिन्दूर के बाद चीन और पाकिस्तान का गठजोड़ उजागर हो चुका है। अमेरिका की छद्मनीति के चलते हम उस पर भरोसा नहीं कर सकते। इन हालातों में भारत की सुरक्षा  के लिए यह जरूरी है कि हम स्वयं सशक्त आर्थिक शक्ति, निजीं संसाधनों पर अधिक निर्भरता, विदेशी आयात की कम से कम जरूरतों पर निर्भर रहें। ताकि आसन्न चुनौतियों का सामना दृढ़ता से कर सकें। अतः प्रधानमंत्री की अपील को स्वीकार करना चाहिए।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Train Fire: राजधानी एक्सप्रेस की एसी बोगी में लगी आग

Posted on 17.05.2026 Time 08.52 AM

कोटा, 17 मई 2026, रेल मंडल में आज सुबह त्रिवेंद्रम से हजरत निजामुद्दीन जा रही राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लग गई। यह हादसा विक्रमगढ़ आलोट और लूनीरिचा स्टेशनों के बीच हुआ। आग से किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। कई यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर जान बचाई।

ट्रेन में आग की सूचना मिलते ही कोटा रेलवे स्टेशन पर हूटर बजाया गया। तत्काल मेडिकल टीम और बचाव राहत दल को मौके के लिए रवाना किया गया।
सूचना मिलते ही दुर्घटना राहत ट्रेन को भी रवाना कर दिया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

Kota, 17 May 2026: A fire broke out in the AC coach of Rajdhani Express going from Trivandrum to Hazrat Nizamuddin in the railway division this morning. The accident took place between Vikramgad Alot and Luniricha stations. There are no reports of any passengers being injured in the fire. Many passengers saved their lives by jumping off the train.

May 16, 2026

20 मई को मुरादाबाद समेत वेस्ट यूपी में अधिवक्ता करेंगे हड़ताल

-मेरठ में हुआ नोटिस के विरोध में हड़ताल पर हुआ निर्णय

-हाईकोर्ट बेंच गठन के लिए केन्द्री य संघर्ष समिति की बैठक में पारित हुए प्रस्ताव

Post on 12.5.26
Monday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा।

हाईकोर्ट के कारण बताओ नोटिस के विरोध में 20 मई को मुरादाबाद समेत‍ वेस्ट यूपी में अधिवक्ताल हड़ताल पर रहेंगे।शनिवार को मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर केन्द्रीत संघर्ष समिति की हुई बैठक में लिया गया। बैठक में मुरादाबाद में बार एसोसिएशन के अध्यरक्ष आनंद मोहन गुप्ता समेत अधिवक्ता भी शामिल हुए।
हाईकोर्ट बैंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उप्र के आह़वान पर शनिवार को मेरठ बार एसोसिएशन की ओर से सभा आयोजित की गई।बैठक में वेस्टश यूपी के सभी जिलों के बार संगठनों के पदाधिकारी व अधिवक्ताघओं ने हिस्साय लिया। बैठक से आए मुरादाबाद में दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि दिन-भर चली बैठक में आपसी विचारविमर्श के बाद विभिन्नव प्रस्तानव पारित हुए। बताया कि बैठक में हाईकोर्ट बेंच की स्थापपना मुख्य बिन्दु् रहा।कहाकि सालों से चली आरही वेस्टी यूपी के 22 जिलों में चली आ रही शनिवार को हड़ताल को और भी प्रभावी बनाया जाएगा। बार अध्यतक्ष ने बताया कि शोकसभा व अन्या हड़ताल को लेकर मिलने वाले नोटिस के विरोध में 20 मई को हड़ताल का निर्णय लिया गया है।
अध्यक्ष ने बैठक में कहा कि वेस्टि यूपी हाईकोर्ट की मांग जब तक पूरी नहीं होगी तब तक वेस्ट् यूपी अलग राज्य नहीं बन जाता।इसलिए हाईकोर्ट बैंच संग पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य के गठन की मांग करनी चाहिए। इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता के नेतृत्व में संयुक्त सचिव आवरण अग्रवाल,सदस्य पंकज शर्मा, गोपाल कृष्ण दिवेदी,रफीक अहमद, आसिफ हुसैन मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने नीदरलैंड में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया

Posted on 16.05.2026 Time 07.49 PM

एम्स्टर्डम 16 मई 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पांच देशों के दौरे के तहत आज नीदरलैंड के हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि सभा की गर्मजोशी और उत्साह ने उन्हें ऐसा महसूस कराया जैसे वे भारत में किसी उत्सव में भाग ले रहे हों। भारत और नीदरलैंड वैश्विक संकटों से निपटने के लिए भरोसेमंद, पारदर्शी और भविष्‍य के लिए तैयार आपूर्ति व्यवस्था बनाने पर मिलकर काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय कोविड महामारी, जारी संघर्षों और ऊर्जा संकट जैसी कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि इन चुनौतियों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वैश्विक विकास प्रभावित हो सकता है और बड़ी आबादी गरीबी की ओर बढ़ सकती है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 21वीं सदी में भारत अवसरों की धरती बनकर उभर रहा है, जो तकनीक और मानवीय मूल्यों दोनों के आधार पर आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने हेग को भारत-नीदरलैंड मित्रता का जीवंत प्रतीक बताया और कहा कि डच नेता भारतीय प्रवासी भारतीयों के योगदान की लगातार सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड के समाज और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है।

प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री का राजा विलेम-अलेक्जेंडर तथा महारानी मैक्सिमा से भी मुलाकात का कार्यक्रम है।

यह दौरा बहुत  महत्वपूर्ण है। इसमें भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौते के बाद भारत-यूरोपीय संघ के व्यापक संबंधों को आकार देने की संभावना है।

प्रधानमंत्री अपने प्रवास के दौरान वहां के प्रमुख व्यापारिक नेताओं से भी बातचीत करेंगे। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री की नीदरलैंड्स यात्रा का एक मुख्य आकर्षण होगा। इस सामुदायिक कार्यक्रम में भारत-नीदरलैंड संबंधों, प्रवासी भारतीयों की भूमिका और भारत की वैश्विक पहुंच पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।

इससे पहले, प्रधानमंत्री के नीदरलैंड पहुंचने पर, डच विदेश मंत्री ने उनका स्वागत किया। प्रवासी भारतीयों और डच सैनिकों द्वारा सांस्कृतिक और संगीतमय प्रस्तुतियों के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया।

विभिन्न आयु वर्ग, क्षेत्रों और धर्मों का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय समुदाय के सदस्य पारंपरिक नृत्य और संगीतमय प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत करने के लिए एकत्रित हुए।

उनके आगमन पर पूरा स्थल “मोदी-मोदी” और “वंदे मातरम” के नारों से गूंज उठा। प्रधानमंत्री ने नीदरलैंड में भारतीय समुदाय द्वारा किए गए शानदार स्वागत की कुछ झलकियाँ साझा कीं।

सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि स्वागत समारोह उल्लेखनीय था, जिसमें कथक, ओडिसी, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम नृत्य प्रस्तुतियां शामिल थीं, साथ ही गरबा नृत्य भी था।

पाकिस्तान तय करे उसे इतिहास या भूगोल में रहना है: जनरल द्विवेदी

General Upendra Duivedi

नई दिल्ली 16 मई 2026, सेना प्रमुख जनरल उपेन्‍द्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है‍ कि उसे आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ गतिविधियां चलाना बंद करना होगी।

नई दिल्ली में सेना संवाद कार्यक्रम में श्री द्विवेदी ने कहा कि यदि पाकिस्‍तान भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियां जारी रखता है तो उसे यह खुद तय करना होगा कि वह भूगोल और इतिहास का हिस्सा बना रहना चाहता है या नहीं। सेना प्रमुख की यह टिप्पणी भारत की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति को दर्शाती है।

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