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जातियों पर टिप्पणी से बचें नेता

May 18, 2026

जातियों पर टिप्पणी से बचें नेता

सम्पादकीय 18.05.2026, Time 07.36 PM, Monday, by Sarvesh Kumar Singh, Editor UP Web News, Lucknow

राजनीति अब समाज का अभिन्न अंग बन चुकी है। यह केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं रह गई है। मीडिया के बदलते स्वरूप में इसका जहां स्वरूप व्यापक हुआ है वहीं नेताओं की हर बात तत्काल डिजिटल माध्यमों से जनता तक पहुंच रही है। इसके दोनों पक्ष हैं लाभकारी भी है और हानिकर भी। सोशल मीडिया के युग में नेताओं के लिए जुबान पर नियंत्रण करना समय की मांग है। अन्यथा वे अपने बयानों के कारण अपनी ही पार्टी और अपना वयक्तिगत नुकसान भी कर रहे हैं। वैसे भी एक पुरानी कहावत है कि “मुंह से निकली बात परायी हो जाती है”, जुबान से निकलने के बाद इस पर बोलने वाला का कोई नियंत्रण नहीं रहता। फिर दूसरे लोग इसकी व्याख्या और प्रचार प्रसार अपने ढंग से करते हैं।

ताजा मामला समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी से जुड़ा है। ये दो कार्यक्रमों में जातियों पर टिप्पणी करके फंस गए हैं। इनकी देशभर में न केवल आलोचना हो रही है, बल्कि मामला एफआईआर तक पहुंच गया है। इन्होंने मई महीने में ही पहले ब्राह्मण समाज पर प्रतिकूल टिप्पणी की, इसके एक सप्ताह बाद ही जाटों और खुद की जाति गुर्जरों पर प्रतिकूल टिप्पणी कर दी। दोनों टिप्पणियां न केवल अशोभनीय हैं बल्कि मानहानि कारक हैं और बगैर किसी संदर्भ की गई थीं। लेकिन विवाद गर्मा गया है। अब उनके पुतले जलाये जा रहे हैं। इन अनियंत्रित बयानों का असर समाजवादी पार्टी की राजनीति पर भी पडना अवश्यमभावी है, हालांकि अभी तक पार्टी के शीर्ष नेतृत्व कोई संज्ञान नहीं लिया है। इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।

भाटी ने पहली टिप्पणी 5 मई को दिल्ली में जवाहर भवन में एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में ब्राह्मणों पर की। यह पुस्तक दो लेखकों डा.रफ रफ शकील अंसारी और जावेद अनवर लिखित है। इसका विषय है-“जाति और साम्प्रयादिकता के विषाणु” । पुस्तक विमोचन समारोह में राजकुमार भाटी के अलावा कई अन्य प्रमुख वयक्ति मौजूद थे। इनमें वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष, अभय कुमार दूबे, प्रो. रतन लाल, शीबा असलम, डा. हिलाल अहमद प्रमुख थे।

यहां राजकुमार भाटी ने जातियों में मुहावरे और दोहे बाले जाने की प्रवृत्ति की जिक्र किया और एक ऐसा दोहा सुना दिया जो ब्राह्मण समाज के लिए अपमान जनक था। दोहा इस प्रकार है-“ब्राह्मण भला न वेश्या, इनमें भला न कोय। और कोई कोई वेश्या तो भली, ब्राह्मण भला न कोय”। कार्यक्रम में जब यह दोहा सुनाया गया तो उपस्थित श्रोताओं और मंचस्थ विशिष्ट अतिथियों ने जोरदार ठहाका भी लगाया। खास बात यह भी रही कि मंच पर बैठे अभय कुमार दुबे और आशुतोष भी मौन साधे रहे।

दूसरा प्रकरण जाटों और गूर्जरों पर टिप्पणी से जुडा है। यह भी एक कार्यक्रम में ही हुआ। यह कार्यक्रम चौधरी चरण सिंह और चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्य तिथि मनाने के लिए 14 मई को अन्तराष्ट्रीय जाट महासभा द्वारा दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित किया गया था। इसमें भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत और हरियाणा के प्रमुख जाट नेता सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा भी मौजूद थे। यहां राजकुमार भाटी ने जाटों और गूर्जरों के बीच एक प्रथा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह तो सुना जाता है कि राजा महाराजाओं की कई-कई पत्नियां होती थीं, किन्तु एक पत्नी के कई-कई पति हों यह प्रथा जाटों और गूर्जरों में रही है। उन्होंने इसका संदर्भ महाभारत काल से जोडने की कोशिश की और बताया कि द्रोपदी के भी कई पति थे। यादव, जाट और गूर्जर महाभारत काल में एक ही जाति के थे। इस टिप्पणी से भी माहौल गर्मा गया। जाटों और गूर्जरों में भाटी के बयान से भारी नाराजगी है। उन्होंने इनके बयान को पूरी तरह से खारिज किया है और इसे समाज की महिलाओं का अपमान करने वाला बताया है। अब राजकुमार भाटी अपने दोनों बयानों के लिए सफाई दे रहे हैं। लेकिन, आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

राजकुमार भाटी की इस बयानबाजी से पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्मायी हुई है। खासकर जाट समाज में बहुत नाराजगी है। क्योंकि राकेश टिकैत खुद उस मंच पर उपस्थित थे, जहां जाटों की महिलाओं पर अभद्र और अशोभनीय टिप्पणी की गई थी। उनसे पूछा जा रहा है कि उन्होंने उसी समय इस बात का प्रतिवाद क्यों नहीं किया।

ऐसी ही एक टिप्पणी गत लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के गुजरात के राजकोट प्रत्याशी और पूर्व केन्द्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने 22 मार्च 2024 को एक जनसभा में की थी। य़हां उन्होंने राजा महाराजाओं और क्षत्रियों की नारियों पर अभद्र टिप्पणी कर दी थी। इससे उनके खिलाफ भी भारी आक्रोश पैदा हुआ था। उन्हें भी माफी मांगनी पडी थी।

अतः आश्यकता इस बात की है कि नेताओं को अपनी वाणी पर नियंत्रण और संयम रखना चाहिए। खासकर जाति और धर्म के मामले में टिप्पण करते समय, अन्यथा वे अपने और अपने दल की उन्नति करने के बजाय अवनति के कारक ही बनेंगे।

उपमुख्यमंत्री के आश्वासन पर ग्राम प्रधानों का धरना समाप्त

मांगों को लेकर ग्राम प्रधानों ने गांधी प्रतिमा पर दिया सांकेतिक धरना

लखनऊ । ग्राम पंचायत के कार्यकाल को लेकर अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संघ ने आज गांधी प्रतिमा पर सांकेतिक धरना दिया । प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने ग्राम प्रधानों को आश्वासन दिया कि मांगे जायज है , प्रयास करेंगे वह जल्द ही पूरी हो । आश्वासन के साथ ही बृजेश पाठक ने ग्राम प्रधानों को लड्डू खिलाकर धरना समाप्त कराया। इससे पूर्व प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर को उनके आवास पर ग्राम प्रधान संघ ने ज्ञापन सोपा।
अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संघ के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में सैकड़ो ग्राम प्रधानों ने आज हजरतगंज स्थित गांधी प्रथम पर सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि मध्य प्रदेश और अन्य राज्य सरकारों की भांति उत्तर प्रदेश सरकार भी सभी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के दिन से ग्राम प्रधानों को ही ग्राम पंचायत के संचालन का अधिकार दे । तभी ग्राम प्रधान राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ रहेंगे।

महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

कांग्रेसियों ने ई रिक्शा पर बाइक, गैस सि‍लेंडर रख जताया विरोध*

भूडा का चौराहा पर कांग्रेस का प्रदर्शन

Post on 18.5.26
Monday, Moradabad
Rajesh Bhatia,Time 5.00 PM

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा कांग्रेस ने पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की लगातार बढ़ोतरी का तीखा विरोध करते हुए प्रदर्शन किया।तेज गर्मी के बीच कांग्रेसियों ने अनोखा अंदाज में प्रदर्शन किया। ई रिक्शाह पर बाइक, रसोई गैस सिलिंडर को हवा में उठाकर जोरदार प्रदर्शन किया।
भूड़ा चौराहे पर सोमवार को जिला व शहर कांग्रेस पदा- धिकारी व तमाम कार्यकर्ता एकत्रित हुए। कांग्रेसियों ने विरोध के लिए अनोखा तरीका अपनाया।कांग्रेस नेता ई रिक्शाा पर मोटरसाइकिल रखकर हाथ में गैस सिलेंडर उठाकर महंगाई का विरोध जताया।
जिला अध्यैक्ष विनोद गुंबर व शहर अध्यक्ष हाजी जुनैद इकराम की अगुआई में गलशहीद क्षेत्र में प्रदर्शन में कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है।जिससे आम आदमी की कमर टूट गई है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन महंगा हुआहै। वहीं रसोई गैस की कीमतों ने घरेलू बजट बिगाड़ा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने प्रतीकात्‍मक रुप से ई-रिक्शा पर बाइक रखा,गैस सिलेंडर हवा में उठाकर उसके दामों पर तंज कसें। गैस सिलेंडर के बहाने घरेलू महिलाओं की परेशानियों के दर्द को भी सरकार के सामने रखा।
महानगर अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में नाकाम है। आम लोगों की आमदनी बढ़़ने की बजाय रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च बढ़ता जा रहा है। जिलाध्यनक्ष ने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज को सड़क से सदन तक उठाती रहेगी।कहा कि बढ़ती महंगाई का असर गरीब, मजदूर व मध्यम वर्गो पर ज्याादा पड़ा है।सरकार को चाहिए कि‍ लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाएं जाएं।
इस दौरान नजाकत ठेकेदार, फहीम मिर्जा,अफसर खां, राजा अली, बन्ने पहलवान, आजम खां, अनुराग शर्मा,पार्षद मोअज्ज,म अली, अजय सारस्व्त सोनी,अनूप दुबे,मुशाहिद चौधरी,श्या म बाबू वाल्मीाकि,अजय गोपाल रस्तोअगी,श्कीसल अहमद उर्फ अंडा आदि‍ रहे। प्रदर्शन के चलते यातायात कुछ देर के लिए प्रभावित रहा।

तम्बाकू पर कर घटाने की चंद्र बाबू नायडू की मांग

Chandra Babu Naidu

विजयवाडा, 18 में 2026, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल को पत्र लिखकर तंबाकू किसानों की समस्याओं का उल्लेख किया है। श्री नायडू ने पत्र में बताया कि सिगरेट पर संशोधित कर नीति के लागू होने के बाद फ्लू-क्योर वर्जीनिया तंबाकू की खेती करने वाले किसान बुरी तरह प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि सिगरेट पर जीएसटी 28 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत हो जाने के कारण उत्पाद शुल्क में भी वृद्धि हुई है।

श्री नायडू ने कहा कि जीएसटी, उत्पाद शुल्क और राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क के कारण कर का बोझ बढ़ा है और बाजार में सिगरेट की खरीद में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण निर्यातकों को भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। श्री नायडू ने सरकार से तंबाकू किसानों के हितों की रक्षा करने और बाजार को स्थिर करने के लिए कर संरचना और उत्पाद शुल्क नीति की समीक्षा करने का आग्रह किया है।

शनिवार तक यूपी में चलेगी लू, तापमान बढ़ना जारी

नई दिल्ली, 18 मई 2026, मौसम विभाग ने बताया है कि इस सप्ताह उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। शनिवार तक उत्तर प्रदेश में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी ऐसी ही स्थिति रहेगी। देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे तीन से पाँच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में तेज बारिश की संभावना है। लक्षद्वीप, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, दक्षिण कर्नाटक के आंतरिक क्षेत्र, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और कराईक्काल में भी ऐसी ही स्थिति रहेगी।

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