मथुरा में सनसनीखेज फैसला: रिश्तों को शर्मसार करने वाले दरिंदे को फांसी
मथुरा, 5 मई 2026। जनपद की एक अदालत ने बेहद जघन्य अपराध में दोषी पाए गए युवक को मृत्युदंड सुनाते हुए सख्त संदेश दिया है। फरह थाना क्षेत्र में अपनी ही रिश्ते की बहन के साथ दुष्कर्म के प्रयास में असफल रहने पर उसे जिंदा जलाने वाले आरोपी उमेश को जिला जज विकास कुमार की अदालत ने मंगलवार को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में रखते हुए दोषी पर 1.30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
क्या था पूरा मामला?
यह दिल दहला देने वाली घटना 11 मार्च 2025 की है। हरियाणा के पलवल जनपद (थाना हसनपुर) निवासी उमेश, मथुरा के फरह क्षेत्र स्थित एक गांव में अपनी रिश्तेदारी में पहुंचा। आरोपी ने महिला का वेश धारण कर दुपट्टा ओढ़कर घर में प्रवेश किया।
घर में घुसते ही उसने महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने उस पर ज्वलनशील पेट्रोलियम पदार्थ डालकर आग लगा दी। महिला की चीख-पुकार सुनकर जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो आरोपी छत से कूदकर भागने की कोशिश में घायल हो गया।
अस्पताल में तोड़ा दम
गंभीर रूप से झुलसी महिला को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। वहीं घायल आरोपी को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से स्वस्थ होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
अदालत का कड़ा रुख
मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज किया था। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने प्रभावी पैरवी की। सभी गवाहों और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उमेश को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड सुनाया।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि इस प्रकार के जघन्य अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे अपराधियों के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है।

