Posted on 18.07.2026 Time 07.46 PM Saturday, Ayodhya News, Shri Ram Mandir, Vishva Hindu Parishad VHP
त्रियुग नारायण तिवारी अयोध्या
अयोध्या 18 जुलाई 2026, राम विरोधियों की पोल खोलने के लिए विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कमर कस ली है इसके लिए आगामी 23 जुलाई को मणिरामदास की छावनी के चार धाम मंदिर में एक विशाल संत सम्मेलन का आयोजन किया गया है इस आयोजन की सफलता के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता अयोध्या के साधु संतों के हर मठ पर पहुंच रहे हैं और राम विरोधियों द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट , हिंदू और सनातनियों के खिलाफ किया जा रहे दुष्प्रचार के बाबत विस्तृत जानकारी दे रहे हैं तथा उन्हें संत सम्मेलन में आने का न्योता भी दे रहे हैं ।यह संत सम्मेलन उसी तर्ज पर आयोजित किया जा रहा है जैसा की राम मंदिर आंदोलन के समय संतो को चार धाम मंदिर में आमंत्रित करके संतों का मार्गदर्शन प्राप्त किया जा रहा था। सूत्र बताते हैं कि इस सम्मेलन में संतों द्वारा कई बड़े-बड़े निर्णय भी किए जाने वाले हैं तथा यह संत सम्मेलन भविष्य में पूरे प्रदेश में जगह-जगह पर बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। राम मंदिर के खिलाफ की जा रही साजिश और सनातन , हिंदू धर्म तथा राम मंदिर को बदनाम करने वालो की पोल भी खोली जाएगी ।सूत्रों ने यह भी बताया कि दिल्ली में हो रही विश्व हिंदू परिषद की बैठक काफी अहम बैठक मानी जा रही है जिसमें अनेक निर्णय भी किया जा सकते हैं। सूत्रों का दावा है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन को स्थाई महासचिव बनाया जा सकता है इसी के साथ ही ट्रस्ट के सभी पदाधिकारी को काम आवंटित किए जाएंगे तथा यह पद का आवंटन रोटेशन में किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि विश्व हिंदू परिषद ,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दोनों अयोध्या में हुई साजिश को लेकर बड़े पैमाने पर रणनीति तैयार कर रहे है सूत्रों का दावा है कि अयोध्या के सुप्रसिद्ध विद्वान संत महंत मिथिलेश नंदनी शरण तथा अयोध्या राजघराने के सुप्रसिद्ध साहित्यकार यतीद्र मोहन मित्र को ट्रस्ट में स्थान मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है ।मालूम हो कि अयोध्या में कैंसर हॉस्पिटल के लिए राजा अयोध्या द्वारा अपनी जमीन से 6 एकड़ भूमि कैंसर हॉस्पिटल के लिए दान देने की घोषणा कर रखी है ।अयोध्या में अन्य कई अवसरों पर राज परिवार द्वारा मंदिर आंदोलन में सहयोग प्रदान किया जा चुका है। सूत्र ने यह यह भी बताया है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और राम मंदिर को जोड़कर अयोध्या को बदनाम करने की साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा ।इसमें कई न्यूज़ चैनल और समाचार पत्रों का भी उल्लेख किया जाएगा। अयोध्या के साधु संत अयोध्या की बदनामी को लेकर काफी चिंतित हैं और वह राम मंदिर आंदोलन की तर्ज पर एक बड़ा आंदोलन राम विरोधियों की पोल खोलो अभियान के रूप में चलाने की रणनीति तैयार कर चुके हैं।

