Posted on 27.05.2026 Time 08.16 PM
लखनऊ //- Maulana Javed Haider Zaidi ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर देशवासियों विशेषकर मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा है कि कुर्बानी केवल उन्हीं जानवरों की की जाए जिनकी अनुमति भारतीय संविधान और देश के कानून में प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस्लाम अमन, भाईचारे, इंसानियत और सामाजिक सौहार्द का पैगाम देता है, इसलिए किसी भी ऐसी कुर्बानी से बचना चाहिए जिससे किसी धर्म या समुदाय की भावनाएं आहत हों।
मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने अपने जारी बयान में कहा कि भारत गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी सम्मान और साझा संस्कृति का महान देश है, जहां सभी धर्मों के लोग सदियों से मिल-जुलकर रहते आए हैं। उन्होंने कहा कि गाय हिंदू समाज की आस्था, श्रद्धा और धार्मिक सम्मान का प्रतीक है, इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि वे उसकी तरफ “नज़र उठाकर भी न देखें” और देश में प्रेम, शांति तथा सामाजिक भाईचारे को मजबूत करने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा का वास्तविक संदेश त्याग, इंसानियत, सब्र और अल्लाह की राह में समर्पण है, न कि विवाद, तनाव या नफरत फैलाना। इस अवसर पर कानून का पालन करना तथा दूसरे धर्मों की भावनाओं का सम्मान करना हर भारतीय नागरिक की जिम्मेदारी है।
मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने मुस्लिम युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, विवादित या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री साझा करने से बचें तथा त्योहार को शांति, सादगी और जिम्मेदारी के साथ मनाएं।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए, ताकि देश में सामाजिक एकता, आपसी विश्वास और भाईचारे का संदेश और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि भारत की राष्ट्रीय एकता और साझा संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए सभी समुदायों को एक-दूसरे की आस्थाओं का सम्मान करना होगा।
अंत में मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने कहा कि बकरीद का पर्व प्रेम, त्याग, इंसानियत और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है तथा सभी नागरिकों को देशहित में संविधान और कानून के दायरे में रहकर त्योहार मनाना चाहिए।

