गोरखपुर, 26 जून 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज बेतियाहाता, जनपद गोरखपुर में फोर्टिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सहयोग से निर्मित एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का शुभारम्भ किया। उन्होंने पूर्व मंत्री स्व0 श्री मार्कण्डेय चन्द की प्रतिमा का अनावरण तथा हॉस्पिटल परिसर का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं आज की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के रूप में भारत दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना संचालित कर रहा है। गुणवत्तायुक्त तथा निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को मिल सकें, इस दृष्टि से सरकार 05 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर हर गरीब को उपलब्ध करा रही है। वर्तमान में प्रदेश के 12 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रतिवर्ष 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से गरीबों के उपचार के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में विश्वसनीयता सबसे आवश्यक है। लोगों के विश्वास पर खरा उतरना हॉस्पिटल तथा डॉक्टर्स की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम स्वस्थ रहें। हमारे दैनिक कार्यक्रम ऐसे होने चाहिए, जिनमें स्वस्थ दिनचर्या को अपनाया जा सके। यदि विभिन्न परिस्थितियों के कारण कभी बीमारी आ भी जाए, तो उपचार का केन्द्र भी अच्छा होना चाहिए। आज एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के रूप में गोरखपुर में अच्छे उपचार केन्द्र की एक नई कड़ी जुड़ी है। यह हेल्थ केयर के बेहतरीन केन्द्र मे रूप में स्थापित होगा। स्व0 मार्कण्डेय चन्द की स्मृतियों को जीवन्त बनाते हुए यह हॉस्पिटल लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री जी ने स्व0 मार्कण्डेय चन्द की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि उनके दोनों पुत्रों श्री सी0पी0 चन्द व डॉ0 अरुण चन्द ने अपने पिताजी की स्मृति में यह सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल गोरखपुर के हृदयस्थल बेतियाहाता में बनाकर तैयार किया है। गुरुग्राम के फोर्टिस हॉस्पिटल के साथ मिलकर इसका संचालन किया जाएगा। हॉस्पिटल में बहुत अच्छी सुविधाएं हैं। यह बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं तथा इमरजेंसी सेवाओं के माध्यम से अनेक जरूरतमंदों की जान बचाने का केन्द्र बनेगा। अनेक लोगों को इसके माध्यम से रोजगार मिलेगा।
स्व0 मार्कण्डेय चन्द जमीन से जुडे़ नेता थे। उन्होंने शून्य से शिखर की यात्रा तय की। वह अपने सम्बन्धों को बहुत महत्व देते थे। अपने कैरियर को दांव पर लगाकर भी वह अपने सम्बन्धों का निर्वहन करते थे। उनके मन में सदैव गोरखपुर सहित दक्षिणांचल के कल्याण तथा विकास का भाव रहता था। उनका कार्यक्षेत्र कौड़ीराम, चिल्लूपार, धुरियापार तथा बांसगांव था। गोरखपुर से उनका विशेष लगाव था। स्व0 मार्कण्डेय चन्द गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त थे। विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने गोरक्षपीठ के प्रति निष्ठा नहीं छोड़ी। गोरक्षपीठ उनके लिए सर्वोपरि थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्व0 श्री मार्कण्डेय चन्द जी की स्मृति में आरोग्यता प्रदान करने के एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का निर्माण गोरखपुर में कराया गया है। हॉस्पिटल में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं यहां के लोगां को उपलब्ध होंगी। श्री सी0पी0 चन्द और डॉ0 अरुण चन्द ने बहुत मेहनत के साथ इस हॉस्पिटल का निर्माण कराया है। स्थानीय स्तर पर डॉक्टर्स की एक अच्छी टीम, फोर्टिस हॉस्पिटल की टीम साथ मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विगत वर्षों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। बिना किसी भेदभाव प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा तथा शासन की सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। सभी को सम्मान मिल रहा है। इन्हीं सुविधाओं के क्रम में सरकार हर जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर रही है। पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में केवल गोरखपुर में एक मात्र बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज था। वर्तमान में यह मेडिकल कॉलेज बहुत अच्छी सेवाएं प्रदान कर रहा है। आज गोरखपुर में एम्स भी संचालित हो गया है। वर्ष 2017 के पहले बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज स्वयं बीमार था। उस समय प्रदेश में मेडिकल हेल्थ तथा एजुकेशन की दिशा में कोई कार्य नहीं हुए थे।
वर्तमान में गोरखपुर के साथ ही, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, गोण्डा, बहराइच, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़, गाजीपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, चन्दौली में मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं। बलिया के लिए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किया गया है। इन मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर्स की बेहतरीन टीम तथा निःशुल्क उपचार की व्यवस्था है।
हम उत्तर प्रदेश में ‘एक जनपद एक मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में आगे बढे़ हैं। ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से प्रत्येक जनपद में एक यूनीक प्रोडक्ट को प्रोत्साहन जैसे कार्य किए गए हैं। हम ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना के माध्यम से हर जनपद के यूनीक व्यंजन को वैश्विक मान्यता दिलाने की ओर अग्रसर हुए हैं। यह योजनाएं प्रदेश के परसेप्शन को बदलने तथा यहां के नौजवानों को नई पहचान दिलाने में सहायक हो रही हैं।
अब लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश करना प्रारम्भ किया है। पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दिल्ली, मुम्बई तथा लखनऊ जैसे महानगरों में जाते थे, क्योंकि यहां इस प्रकार की सुविधाएं नहीं थीं। पहले गोरखपुर में एक भी आई0सी0यू0 नहीं था। डायलिसिस की सुविधा नहीं थी। अच्छे ब्लड बैंक नहीं थे। नेफ्रोलॉजिस्ट तथा टेक्निशियन्स नहीं थे। प्लेटलेट्स नहीं मिल पाती थी। वर्तमान में गोरखपुर में अनेक हॉस्पिटल्स में आई0सी0यू0 की अच्छी सुविधा मौजूद है। वर्ष 2007 में उन्होंने सबसे पहले गोरखनाथ हॉस्पिटल में 10 बेडेड आई0सी0यू0 की सुविधा प्रारम्भ की थी। वहां प्लेटलेट्स काउण्ट के लिए पहली ब्लड सेपरेटर मशीन भी मंगायी गयी थी। पहली डायलिसिस मशीन भी गोरखनाथ हॉस्पिटल में लगायी गयी थी। आज लगभग प्रत्येक हॉस्पिटल में यह सुविधाएं मौजूद हैं।
सांसद श्री रवि किशन शुक्ल, विधान परिषद सदस्य एवं अध्यक्ष एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल श्री सी0पी0 चन्द एवं प्रबन्ध निदेशक डॉ0 अरुण चन्द ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा हॉस्पिटल परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
